Shuru
Apke Nagar Ki App…
एक युवक की मौत पर गंभीर सवाल उठने के बाद, उसके दफन किए जाने के ठीक 23 दिन बाद शव को कब्र खोदकर बाहर निकाला गया है। यह कार्रवाई हत्या के शक में की गई है, जिसके उपरांत पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है।
Rahul Ratna
एक युवक की मौत पर गंभीर सवाल उठने के बाद, उसके दफन किए जाने के ठीक 23 दिन बाद शव को कब्र खोदकर बाहर निकाला गया है। यह कार्रवाई हत्या के शक में की गई है, जिसके उपरांत पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- बलरामपुर जनपद के विकास खंड तुलसीपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत मोहनपुर दयालीडीह में स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनाया गया सामुदायिक शौचालय अब भ्रष्टाचार और लापरवाही की मिसाल बन गया है। सरकारी अभिलेखों में इसके संचालन, मरम्मत और सुविधाओं के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोल रही है। जानकारी के अनुसार, वर्ष 2021-22 में इस सामुदायिक शौचालय के निर्माण और मरम्मत के नाम पर लगभग 9 लाख रुपये खर्च किए जाने के बावजूद, इसकी स्थिति बेहद दयनीय है। मौके पर टूटी हुई फर्श, उखड़े हुए टाइल्स, खराब फ्लश सिस्टम, टूटे वाश बेसिन और जलापूर्ति पूरी तरह गायब मिली। शौचालय परिसर में गंदगी का अंबार लगा है, जिससे ग्रामीणों को सुविधा मिलने के बजाय केवल परेशानी ही हो रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि यह सामुदायिक शौचालय केवल कागजों में ही संचालित हो रहा है। जिम्मेदार अधिकारी निरीक्षण और रखरखाव के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति कर रहे हैं, जबकि धरातल पर सुविधाओं का अभाव है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार खुले में शौच मुक्त अभियान को सफल बनाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन स्थानीय स्तर पर व्याप्त भ्रष्टाचार के कारण ये महत्वपूर्ण योजनाएं दम तोड़ रही हैं। यह बड़ा सवाल खड़ा करता है कि लाखों रुपये खर्च होने के बाद भी सुविधाएं कहाँ गईं? क्या अधिकारियों ने बिना जांच के ही भुगतान कर दिया, या फिर विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन की बंदरबांट हुई? ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर कार्रवाई और शौचालय को तत्काल प्रभाव से चालू कराने की मांग की है।4
- उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में दफन एक युवक के शव को बाहर निकाला गया है। बताया गया है कि इस मामले में अब युवक के शव का दोबारा पोस्टमार्टम किया जाएगा।1
- बिजली कटौती से परेशान जनता के सवालों का जवाब देते हुए विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने व्यवस्था में सुधार न होने का कारण बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिजली व्यवस्था में सुधार इसलिए नहीं हो पा रहा है, क्योंकि लगभग 80 प्रतिशत बिजली बिलों का भुगतान नहीं किया जाता है। मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने यह भी कहा कि लोग बिजली कटौती संबंधी शिकायत लेकर जाने में भी शर्म महसूस करते हैं।1
- श्रावस्ती जनपद के इकौना थाना क्षेत्र के अंतर्गत कटघर स्थित हनुमान मंदिर में ज्येष्ठ माह के चौथे बड़े मंगलवार के अवसर पर एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इस भव्य भंडारे का आयोजन अटल बिहारी पाण्डेय जी द्वारा किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में विधायक पंडित राम फिरान जी उपस्थित रहे।1
- श्रावस्ती जिले में ‘‘मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना’’ के अंतर्गत कलेक्ट्रेट स्थित तथागत हाल में कुल 77 जोड़ों का विवाह सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया। इस कार्यक्रम का शुभारम्भ जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग, मुख्य विकास अधिकारी शाहिद अहमद और उपजिलाधिकारी प्रवीण यादव ने द्वीप प्रज्वलित कर और कलश की पूजा करके किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी ने नवविवाहित वर-वधुओं को प्रमाण पत्र और उपहार भेंट कर उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए आशीर्वाद प्रदान किया। कार्यक्रम में सभी सामाजिक/धार्मिक मान्यताओं और परम्पराओं का सम्मान करते हुए सर्वधर्म-समभाव और सामाजिक समरसता के साथ वैवाहिक कार्यक्रम संपन्न हुए। जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में योजना को गरीबों के लिए एक ऐतिहासिक कदम और वरदान बताया। उन्होंने कहा कि यह योजना ऐसे गरीब परिवारों के लिए है जो अपनी निर्धनता के कारण बेटियों का विवाह करने में कठिनाई महसूस करते थे, और अब सरकार उनके खर्च पर विवाह संपन्न करा रही है। योजना के तहत, प्रत्येक लाभार्थी जोड़े को कुल एक लाख रुपये की धनराशि प्रदान की जाती है, जिसमें से 60 हजार रुपये सीधे उनके खाते में हस्तांतरित किए जाते हैं। इसके अतिरिक्त, 25 हजार रुपये के उपहार दिए जाते हैं, जबकि 15 हजार रुपये खाना, टेंट और अन्य व्यवस्थाओं पर व्यय होते हैं। मुख्य विकास अधिकारी ने भी इस योजना को गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों के लिए वरदान बताते हुए कहा कि अब उन्हें अपनी बेटियों की शादी के लिए चिंतित होने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। उन्होंने यह भी बताया कि इस योजना की जिम्मेदारी नोडल विभाग, यानी समाज कल्याण विभाग को सौंपी गई है, जिसके माध्यम से पात्रों का चयन कर लाभार्थियों को लाभ पहुंचाया जा रहा है। इस सामूहिक विवाह कार्यक्रम में विकास खण्ड इकौना से 14, गिलौला से 12, हरिहरपुररानी से 15, जमुनहा से 08 और सिरसिया से 17 जोड़े शामिल थे। इसके अतिरिक्त, नगर पालिका भिनगा से 08 और नगर पंचायत इकौना से 03 जोड़ों ने भी विवाह किया। इन 77 जोड़ों में अल्पसंख्यक वर्ग के 24, अन्य पिछड़ा वर्ग के 24, अनुसूचित जाति के 15, अनुसूचित जनजाति के 02 और सामान्य वर्ग के 12 जोड़े सम्मिलित थे। जिला समाज कल्याण अधिकारी डॉ. अमरनाथ यति ने इस अवसर पर उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और गणमान्य व्यक्तियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में उप निदेशक समाज कल्याण जी. राम प्रजापति, परियोजना निदेशक अश्वनी कुमार, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी अजय कुमार यादव, जिला बचत अधिकारी रामप्रसाद, जिला प्रोबेशन अधिकारी मो. मुमताज, सभी खण्ड विकास अधिकारीगण सहित अन्य संबंधित अधिकारी/कर्मचारी और वर-वधुओं के परिवारीजन उपस्थित रहे।1
- इकौना-बलरामपुर मार्ग पर दिन भर छुट्टा जानवरों की भरमार रहती है, जिसके कारण आए दिन राहगीर चोटिल होते रहते हैं। इन दुर्घटनाओं का शिकार गौवंश भी लगातार बन रहे हैं। यह स्थिति विशेष रूप से इकौना बाईपास और इकौना कस्बे में देखी जाती है, जहाँ प्रतिदिन कोई न कोई हादसा होता ही रहता है। सड़कों पर पूरे समय इन जानवरों के घूमने से दुर्घटना की आशंका हमेशा बनी रहती है।1
- बलरामपुर जिले में एक खूंखार कुत्ता आतंक मचा रहा है, जिसके खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। यह कुत्ता लगातार अन्य कुत्तों, झगड़ों और जानवरों पर हमला कर रहा है, जिससे लोगों को डर है कि वह किसी भी समय बच्चे या इंसान को अपना शिकार बना सकता है। नागरिकों ने प्रशासन से जल्द से जल्द इस खूंखार कुत्ते को पकड़ने का आग्रह किया है ताकि किसी भी व्यक्ति की मृत्यु को रोका जा सके।6
- मंडलायुक्त ने मंगलवार को बलरामपुर पहुंचकर विभिन्न निर्माणाधीन परियोजनाओं का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विशेष रूप से विश्वविद्यालय के निर्माण कार्य और रिंग रोड परियोजना की प्रगति की समीक्षा की। समीक्षा के बाद, मंडलायुक्त ने अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को कड़े निर्देश दिए कि बारिश का मौसम शुरू होने से पहले सभी आवश्यक कार्यों को हर हाल में पूरा कर लिया जाए। निरीक्षण के दौरान, मंडलायुक्त ने कार्यों की धीमी प्रगति पर अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मंडलायुक्त ने निर्माण की गुणवत्ता बनाए रखने के साथ-साथ यह भी निर्देश दिया कि सभी कार्यों को निर्धारित समयसीमा के भीतर ही पूरा किया जाए। संबंधित अधिकारियों से कार्यों की वर्तमान स्थिति की जानकारी लेते हुए, उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जिन स्थानों पर कार्य अधूरा है, वहाँ अतिरिक्त संसाधन लगाकर काम में तेजी लाई जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कार्य में लापरवाही पाई गई, तो संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्था के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक अधिकारी, लोक निर्माण विभाग के अधिकारी और कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।1