प्रतापगढ़ नगर परिषद पर मनरेगा मास्टर कर्मियों के शोषण के आरोप महिलाओं ने जताई नाराजगी नगर परिषद पर मनरेगा मस्टरोल कर्मियों के शोषण के आरोप, महिलाओं ने जताई नाराज़गी प्रतापगढ़। प्रतापगढ़ नगर परिषद पर मनरेगा मस्टरोल कर्मियों के साथ शोषण किए जाने के आरोप सामने आए हैं। जानकारी के अनुसार कर्मियों, विशेषकर महिलाओं को शहर से करीब 3 किलोमीटर दूर स्थित कांजी गोशाला तक पैदल जाना पड़ रहा है, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि गोशाला में महिलाओं से कठिन एवं अतिरिक्त कार्य करवाया जा रहा है। पहले नाले, बगीचे आदि की सफाई करवाई गई और अब आरोप है कि मजदूरों का कार्य भी मस्टरोल कर्मियों से ही लिया जा रहा है, जो नियमों के विरुद्ध बताया जा रहा है। कुछ महिलाओं ने गोपनीय रूप से अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि उन्हें कार्य के दौरान पर्याप्त सुविधा नहीं मिल रही है और उनसे उनकी क्षमता से अधिक काम लिया जा रहा है। महिलाओं ने यह भी कहा कि पूर्व में कार्य परिस्थितियां बेहतर थीं, जबकि वर्तमान में उन्हें अधिक कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। इस पूरे मामले में संबंधित अधिकारियों से प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह श्रम नियमों और मनरेगा के प्रावधानों का उल्लंघन हो सकता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की जाए, ताकि श्रमिकों के साथ न्याय हो सके।
प्रतापगढ़ नगर परिषद पर मनरेगा मास्टर कर्मियों के शोषण के आरोप महिलाओं ने जताई नाराजगी नगर परिषद पर मनरेगा मस्टरोल कर्मियों के शोषण के आरोप, महिलाओं ने जताई नाराज़गी प्रतापगढ़। प्रतापगढ़ नगर परिषद पर मनरेगा मस्टरोल कर्मियों के साथ शोषण किए जाने के आरोप सामने आए हैं। जानकारी के अनुसार कर्मियों, विशेषकर महिलाओं को शहर से करीब 3 किलोमीटर दूर स्थित कांजी गोशाला तक पैदल जाना पड़ रहा है, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि गोशाला में महिलाओं से कठिन एवं अतिरिक्त कार्य करवाया जा रहा है। पहले नाले, बगीचे आदि की सफाई करवाई गई और अब आरोप है कि मजदूरों का कार्य भी मस्टरोल कर्मियों से ही लिया जा रहा है, जो
नियमों के विरुद्ध बताया जा रहा है। कुछ महिलाओं ने गोपनीय रूप से अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि उन्हें कार्य के दौरान पर्याप्त सुविधा नहीं मिल रही है और उनसे उनकी क्षमता से अधिक काम लिया जा रहा है। महिलाओं ने यह भी कहा कि पूर्व में कार्य परिस्थितियां बेहतर थीं, जबकि वर्तमान में उन्हें अधिक कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। इस पूरे मामले में संबंधित अधिकारियों से प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह श्रम नियमों और मनरेगा के प्रावधानों का उल्लंघन हो सकता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की जाए, ताकि श्रमिकों के साथ न्याय हो सके।
- नगर परिषद पर मनरेगा मस्टरोल कर्मियों के शोषण के आरोप, महिलाओं ने जताई नाराज़गी प्रतापगढ़। प्रतापगढ़ नगर परिषद पर मनरेगा मस्टरोल कर्मियों के साथ शोषण किए जाने के आरोप सामने आए हैं। जानकारी के अनुसार कर्मियों, विशेषकर महिलाओं को शहर से करीब 3 किलोमीटर दूर स्थित कांजी गोशाला तक पैदल जाना पड़ रहा है, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि गोशाला में महिलाओं से कठिन एवं अतिरिक्त कार्य करवाया जा रहा है। पहले नाले, बगीचे आदि की सफाई करवाई गई और अब आरोप है कि मजदूरों का कार्य भी मस्टरोल कर्मियों से ही लिया जा रहा है, जो नियमों के विरुद्ध बताया जा रहा है। कुछ महिलाओं ने गोपनीय रूप से अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि उन्हें कार्य के दौरान पर्याप्त सुविधा नहीं मिल रही है और उनसे उनकी क्षमता से अधिक काम लिया जा रहा है। महिलाओं ने यह भी कहा कि पूर्व में कार्य परिस्थितियां बेहतर थीं, जबकि वर्तमान में उन्हें अधिक कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। इस पूरे मामले में संबंधित अधिकारियों से प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह श्रम नियमों और मनरेगा के प्रावधानों का उल्लंघन हो सकता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की जाए, ताकि श्रमिकों के साथ न्याय हो सके।2
- Post by Mangal Dev rathore1
- मंदसौर। विश्व टीबी दिवस के अवसर पर मंदसौर शहर स्थित कुशाभाऊ ठाकरे ऑडिटोरियम में सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिले की 205 ग्राम पंचायतों को क्षय रोग (टीबी) से मुक्त घोषित करते हुए सरपंच, सचिवों एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं का सम्मान किया गया। कार्यक्रम में कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग, विधायक विपिन जैन, पूर्व विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती रमादेवी बंशीलाल गुर्जर, मेडिकल कॉलेज डीन, सीएमएचओ गोविन्द चौहान सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, पत्रकार एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती रमादेवी बंशीलाल गुर्जर, विधायक विपिन जैन एवं कलेक्टर श्रीमती अदिति गर्ग द्वारा टीबी मुक्त भारत प्रचार रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। कार्यक्रम का संचालन सतीश शर्मा गरोठ द्वारा किया गया।4
- छोटी सादडी कामयाबी कभी किसी चीज की मोहताज नहीं होती मन लगन हो तो कोई भी कार्य असंभव नहीं दिखता साधनों के अभाव में भी इन्होंने विद्यालय में मैं लगाकर पढ़ाई की और घर पर भी अच्छे पढ़ाई कर 10वीं के रिजल्ट में प्राप्त किया घर में भी खुशी का माहौल है मिलने वालों को भी बहुत खुशी हुई पूर्व जिला परिषद सदस्य घनश्याम अंजना ने घर जाकर बधाई दी4
- प्रतापगढ़ में अनुसूचित जनजाति के किसानों के लिए प्रशिक्षण और आदान वितरण कार्यक्रम आयोजित बन्शीलाल धाकड़ राजपुरा प्रतापगढ़, कृषि विज्ञान केंद्र, पर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद-राष्ट्रीय समेकित नाशीजीव प्रबंधन अनुसंधान केन्द्र, नई दिल्ली द्वारा अनुसूचित जनजाति उपयोजना (TSP) के तहत 23 मार्च 2026 को किसान प्रशिक्षण और आदान वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रभारी डॉ. बी. एल. रोत ने बताया कि इस कार्यक्रम का मूल उद्देश्य क्षेत्र के अनुसूचित जनजाति समुदाय के किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों के बारे में शिक्षित करना और उन्हें आवश्यक कृषि आदान प्रदान कर उनकी आजीविका में सुधार करना है | प्रधान वैज्ञानिक, राष्ट्रीय समेकित नाशीजीव प्रबंधन अनुसंधान केन्द्र, नई दिल्ली डॉ. पी. एन. मीना ने कृषकों को सब्जियों, फसलों एवं फलों में कीट-रोग प्रबंधन के जैविक तरीके बताते हुए आई पी एम को अपनाने हेतु प्रेरित किया | डॉ. आर के डामोर ने किसानों को योजना से प्राप्त कृषि आदान जैसे नेपसेक् स्प्रेयर, ट्रिपाल, सब्जी केरेट, कोठी, वर्मी बैड, हैंड हो, फावडा, दराती व सोलर टॉर्च का सदुपयोग करने हेतु प्रेरित किया| कार्यक्रम में ब्लॉक धरियावाद व सुहागपुरा के 200 कृषकों को लाभान्वित किया गया| विशेषज्ञों ने किसानों को बेहतर समेकित फसल प्रबंधन, कीट और रोग प्रबंधन सहित विभिन्न विषयों पर महत्वपूर्ण जानकारी दी| कार्यक्रम के दौरान, किसानों को कृषि कार्य में उपयोग होने वाले विभिन्न आदानों का वितरण भी किया गया. इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम किसानों के ज्ञान और कौशल को बढ़ाने में मदद करते हैं, जिससे कृषि उत्पादकता और आय में वृद्धि होती है. अधिकारियों ने बताया कि यह पहल किसानों को सशक्त बनाने और स्थायी कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है| कार्यक्रम का संचालन डॉ आर के डामोर व धन्यवाद श्री अजय कुमार सेन ने किया |1
- नीमच। केंट थाने के टीआई नीलेश अवस्थी का हाल ही में नीमच केंट से मनासा थाना में तबादला हो गया है। इस तबादले के बाद आज अवस्थी ने केंट थाने से अनोखी विदाई ली। वे घोड़े पर सवार होकर फूलों की माला पहने मनासा के लिए रवाना हुए। यह विदाई चर्चा का विषय बनी हुई है, क्योंकि आमतौर पर पुलिस अधिकारियों का तबादला होने पर वे साधारण तरीके से ही विदा होते हैं। अवस्थी का इस तरह घोड़े पर सवार होकर विदा होना लोगों को आश्चर्यचकित कर रहा है। कुछ लोगों का मानना है कि अवस्थी ने यह विदाई इसलिए चुनी ताकि वे यादगार बन सकें। वहीं कुछ लोग इसे दिखावा मान रहे हैं।लेकिन वजह जो भी हो, अवस्थी की यह विदाई निश्चित रूप से नीमच में चर्चा का विषय बनी हुई है।1
- पालोदा एमजीजीएस की कीर्ति पारवानी ने बनाए 99.38 प्रतिशत, गुरुजनों ने दिया सम्मान मां को थायराइड माइग्रेन और स्टोन की शिकायत, भाई भी छोटा, काम करते हुए लगातार 6 घंटे की पढ़ाई भास्कर न्यूज | गनोड़ा। कहते हैं मुश्किलों को पार करके ही सफलता हाथ लगती है। कड़ी मेहनत लगन और दिल में कामयाब होने की तमन्ना हो तो हर सफर आसान हो जाता है। कुछ ऐसा ही हुआ है पालोदा की कीर्ति पारवानी के साथ जिसने कक्षा दसवीं के परिणाम में जिले में टॉप रहकर न केवल अपना नाम रोशन किया बल्कि विद्यालय परिवार एवं गांव का नाम भी रोशन किया है। कीर्ति पालोदा के एमजीजीएस विद्यालय की छात्रा है तथा पढ़ाई में काफी तेज भी है। विद्यालय के गुरुजनों जिनमें सोविला माथुर, नवीन चंद्र त्रिवेदी, ईश्वर भट्ट आदि ने बताया कि कीर्ति विद्यालय में अनुशासित बालिका रही है तथा पढ़ाई के समय एकाग्रता के साथ पढ़ाई किया करती थी। कीर्ति को विश्वास था कि वह अच्छे प्रतिशत लाएगी। अपने आत्मविश्वास एवं कड़ी मेहनत के कारण कीर्ति ने सफलता हासिल की तथा 99.38% अंक हासिल करके पूरे गांव का नाम रोशन किया है। अपने विद्यालय की छात्रा की सफलता पर विद्यालय के गुरुजनों, पालोदा के पीइईओ हितेश सुथार, जिला परिषद सदस्य देवेंद्र भाई त्रिवेदी,सरपंच शंकर लाल खराड़ी, उप सरपंच राजेंद्र पंचाल आदि ने कीर्ति के घर पर जाकर उसे मिठाई खिलाकर तथा फूलमाला पहनकर बधाई दी। कीर्ति ने विज्ञान, सामाजिक विज्ञान तथा संस्कृत जैसे विषय में 100 में से 100 नंबर लाकर सभी को चौंकाया। मां की तबीयत और भाई की जिम्मेदारी, फिर भी नहीं हारी कीर्ति पालोदा की रहने वाली कीर्ति पारवानी के परिवार में चार सदस्य हैं जिनमें पिता रूपेश पारवानी विदेश में नौकरी करते हैं जबकि मां हिना व्यास घर पर रहती है। कीर्ति का 2 साल का छोटा भाई माहिर पारवानी भी मां एवं बहन के साथ घर पर ही। मां हिना ने बताया कि कीर्ति पर कई जिम्मेदारियों का बोझ था लेकिन फिर भी कीर्ति ने हिम्मत नहीं हारी। मां हिना ने बताया कि उसे थायराइड, स्टोन तथा माइग्रेन जैसी बीमारियां है जिसकी वजह से घर का काम भी ठीक ढंग से नहीं कर पाती थी। ऐसे में घर के काम में भी कीर्ति हाथ बटाया करती थी। घर के कामों को निपटकर कीर्ति लगातार घर पर 6 घंटे पढ़ाई करती थी।इस बीच अपने छोटे भाई माहिर को भी संभालने की जिम्मेदारी कीर्ति पर ही थी। अपनी सफलता में कीर्ति को कई बाधाओं को पार करना पड़ा लेकिन कीर्ति ने हिम्मत नहीं हारी और लगातार कठिन परिश्रम के कारण पहले पायदान पर रहकर इतिहास रचा है। कीर्ति बड़ी होकर यूपीएससी की परीक्षा देना चाहती है तथा प्रशासनिक अधिकारी बनना चाहती है।4
- प्रतापगढ़ धमोतर पंचायत समिति भवन में अनियमितताओं का खुलासा, गुणवत्तापूर्ण कार्य के निर्देश धमोतर। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के अतिरिक्त मुख्य अभियंता मुकेश महेश्वरी ने मंगलवार को धमोतर पंचायत समिति का निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्य कार्यकारी अधिकारी धनदान देथावथ ने उनका स्वागत किया। निरीक्षण के समय विकास अधिकारी सत्य प्रकाश विजयवर्गीय, सहायक अभियंता रमेश कुमार मेघवाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त मुख्य अभियंता ने क्षेत्र में लंबे समय से बंद पड़े निर्माण कार्यों की समीक्षा की और सभी अधूरे कार्यों को शीघ्र शुरू कर निर्धारित समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने और जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने पर विशेष जोर दिया। पंचायत समिति धमोतर की बिल्डिंग के निरीक्षण में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। भवन में जगह-जगह दरारें, छत में खराब निर्माण तथा तकनीकी खामियां पाई गईं। जांच में यह भी सामने आया कि भवन का निर्माण निर्धारित मापदंडों के अनुसार नहीं किया गया है। यह निर्माण कार्य पिछले चार वर्षों से अधिक समय से अधूरा पड़ा हुआ है, जिसे जैन कंस्ट्रक्शन द्वारा किया जा रहा था। गौरतलब है कि इस अधूरे निर्माण कार्य के बावजूद एक करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान किया जा चुका है। इस पर अधिकारियों ने नाराजगी जताते हुए संबंधित एजेंसी और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। महेश्वरी ने बताया कि धमोतर के साथ-साथ सुहागपुर एवं दलोट पंचायत समितियों का भी निरीक्षण कर विकास कार्यों की समीक्षा की जा रही है, ताकि क्षेत्र में विकास कार्यों को गति दी जा सके।4