मध्य प्रदेश के रीवा जिले से एक बेहद दुखद और सनसनीखेज खबर सामने आई है, जहां रीवा के विश्वविद्यालय थाने में पदस्थ आरक्षक पीयूष मिश्रा की शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 को इलाज के दौरान मौत हो गई। दिवंगत आरक्षक मूल रूप से मऊगंज जिले के धवैया गांव के रहने वाले थे और रीवा में अपनी पुलिस सेवा दे रहे थे। इस अचानक हुई घटना से पुलिस विभाग और उनके परिवार में गहरा शोक व्याप्त है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना 22 अक्टूबर की शाम की है, जब आरक्षक पीयूष मिश्रा ने पुलिस लाइन स्थित अपने सरकारी आवास में किसी अज्ञात कारणों के चलते जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया था। कुछ देर बाद जब परिजनों ने उन्हें पूरी तरह से बेसुध हालत में देखा, तो उनके होश उड़ गए। परिजनों ने तुरंत इसकी सूचना वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को दी, जिसके बाद बिना कोई देर किए उन्हें तत्काल इलाज के लिए शहर के संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय पहुंचाया गया। अस्पताल में उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें तुरंत आईसीयू (ICU) में भर्ती कराया गया था, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज लगातार दो दिनों तक चला। डॉक्टरों ने उनकी जान बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए, लेकिन जहर का असर इतना ज्यादा था कि तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी हालत में सुधार नहीं हो सका। आखिरकार, शनिवार को इलाज के दौरान उनकी सांसें थम गईं और उनकी मौत हो गई। घटना के पीछे की असली वजह अभी तक पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हो पाई है। हालांकि, शुरुआती जांच और पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर इसके पीछे पारिवारिक कलह या घरेलू विवाद होने की आशंका जताई जा रही है। फिर भी, पुलिस प्रशासन या अधिकारियों की ओर से अभी तक इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस अब इस पूरे मामले के अन्य सभी पहलुओं और तथ्यों की बारीकी से जांच कर रही है ताकि यह पता चल सके कि उन्होंने यह खौफनाक कदम क्यों उठाया। मध्य प्रदेश के रीवा जिले से एक बेहद दुखद और सनसनीखेज खबर सामने आई है, जहां रीवा के विश्वविद्यालय थाने में पदस्थ आरक्षक पीयूष मिश्रा की शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 को इलाज के दौरान मौत हो गई। दिवंगत आरक्षक मूल रूप से मऊगंज जिले के धवैया गांव के रहने वाले थे और रीवा में अपनी पुलिस सेवा दे रहे थे। इस अचानक हुई घटना से पुलिस विभाग और उनके परिवार में गहरा शोक व्याप्त है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना 22 अक्टूबर की शाम की है, जब आरक्षक पीयूष मिश्रा ने पुलिस लाइन स्थित अपने सरकारी आवास में किसी अज्ञात कारणों के चलते जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया था। कुछ देर बाद जब परिजनों ने उन्हें पूरी तरह से बेसुध हालत में देखा, तो उनके होश उड़ गए। परिजनों ने तुरंत इसकी सूचना वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को दी, जिसके बाद बिना कोई देर किए उन्हें तत्काल इलाज के लिए शहर के संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय पहुंचाया गया। अस्पताल में उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें तुरंत आईसीयू (ICU) में भर्ती कराया गया था, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज लगातार दो दिनों तक चला। डॉक्टरों ने उनकी जान बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए, लेकिन जहर का असर इतना ज्यादा था कि तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी हालत में सुधार नहीं हो सका। आखिरकार, शनिवार को इलाज के दौरान उनकी सांसें थम गईं और उनकी मौत हो गई। घटना के पीछे की असली वजह अभी तक पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हो पाई है। हालांकि, शुरुआती जांच और पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर इसके पीछे पारिवारिक कलह या घरेलू विवाद होने की आशंका जताई जा रही है। फिर भी, पुलिस प्रशासन या अधिकारियों की ओर से अभी तक इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस अब इस पूरे मामले के अन्य सभी पहलुओं और तथ्यों की बारीकी से जांच कर रही है ताकि यह पता चल सके कि उन्होंने यह खौफनाक कदम क्यों उठाया।
मध्य प्रदेश के रीवा जिले से एक बेहद दुखद और सनसनीखेज खबर सामने आई है, जहां रीवा के विश्वविद्यालय थाने में पदस्थ आरक्षक पीयूष मिश्रा की शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 को इलाज के दौरान मौत हो गई। दिवंगत आरक्षक मूल रूप से मऊगंज जिले के धवैया गांव के रहने वाले थे और रीवा में अपनी पुलिस सेवा दे रहे थे। इस अचानक हुई घटना से पुलिस विभाग और उनके परिवार में गहरा शोक व्याप्त है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना 22 अक्टूबर की शाम की है, जब आरक्षक पीयूष मिश्रा ने पुलिस लाइन स्थित अपने सरकारी आवास में किसी अज्ञात कारणों के चलते जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया था। कुछ देर बाद जब परिजनों ने उन्हें पूरी तरह से बेसुध हालत में देखा, तो उनके होश उड़ गए। परिजनों ने तुरंत इसकी सूचना वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को दी, जिसके बाद बिना कोई देर किए उन्हें तत्काल इलाज के लिए शहर के संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय पहुंचाया गया। अस्पताल में उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें तुरंत आईसीयू (ICU) में भर्ती कराया गया था, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज लगातार दो दिनों तक चला। डॉक्टरों ने उनकी जान बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए, लेकिन जहर का असर इतना ज्यादा था कि तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी हालत में सुधार नहीं हो सका। आखिरकार, शनिवार को इलाज के दौरान उनकी सांसें थम गईं और उनकी मौत हो गई। घटना के पीछे की असली वजह अभी तक पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हो पाई है। हालांकि, शुरुआती जांच और पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर इसके पीछे पारिवारिक कलह या घरेलू विवाद होने की आशंका जताई जा रही है। फिर भी, पुलिस प्रशासन या अधिकारियों की ओर से अभी तक इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस अब इस पूरे मामले के अन्य सभी पहलुओं और तथ्यों की बारीकी से जांच कर रही है ताकि यह पता चल सके कि उन्होंने यह खौफनाक कदम क्यों उठाया। मध्य प्रदेश के रीवा जिले से एक बेहद दुखद और सनसनीखेज खबर सामने आई है, जहां रीवा के विश्वविद्यालय थाने में पदस्थ आरक्षक पीयूष मिश्रा की शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 को इलाज के दौरान मौत हो गई। दिवंगत आरक्षक मूल रूप से मऊगंज जिले के धवैया गांव के रहने वाले थे और रीवा में अपनी पुलिस सेवा दे रहे थे। इस अचानक हुई घटना से पुलिस विभाग और उनके परिवार में गहरा शोक व्याप्त है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना 22 अक्टूबर की शाम की है, जब आरक्षक पीयूष मिश्रा ने पुलिस लाइन स्थित अपने सरकारी आवास में किसी अज्ञात कारणों के चलते जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया था। कुछ देर बाद जब परिजनों ने उन्हें पूरी तरह से बेसुध हालत में देखा, तो उनके होश उड़ गए। परिजनों ने तुरंत इसकी सूचना वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को दी, जिसके बाद बिना कोई देर किए उन्हें तत्काल इलाज के लिए शहर के संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय पहुंचाया गया। अस्पताल में उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें तुरंत आईसीयू (ICU) में भर्ती कराया गया था, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज लगातार दो दिनों तक चला। डॉक्टरों ने उनकी जान बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए, लेकिन जहर का असर इतना ज्यादा था कि तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी हालत में सुधार नहीं हो सका। आखिरकार, शनिवार को इलाज के दौरान उनकी सांसें थम गईं और उनकी मौत हो गई। घटना के पीछे की असली वजह अभी तक पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हो पाई है। हालांकि, शुरुआती जांच और पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर इसके पीछे पारिवारिक कलह या घरेलू विवाद होने की आशंका जताई जा रही है। फिर भी, पुलिस प्रशासन या अधिकारियों की ओर से अभी तक इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस अब इस पूरे मामले के अन्य सभी पहलुओं और तथ्यों की बारीकी से जांच कर रही है ताकि यह पता चल सके कि उन्होंने यह खौफनाक कदम क्यों उठाया।
- सतना–देवेंद्र नगर एवं रीवा–चुरहट रेल लाइनों का शुभारंभ, विंध्य क्षेत्र को मिलेगी बेहतर रेल कनेक्टिविटी *सतना–देवेंद्र नगर एवं रीवा–चुरहट रेल लाइनों का शुभारंभ, विंध्य क्षेत्र को मिलेगी बेहतर रेल कनेक्टिविटी* *देवेंद्र नगर–चुरहट रेल सेवा को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना* **रीवा ** मध्यप्रदेश में रेल संपर्क को मजबूत करने की दिशा में सतना–देवेंद्र नगर एवं रीवा–चुरहट रेल लाइनों का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर माननीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव के साथ वर्चुअल माध्यम से जुड़कर कार्यक्रम में सहभागिता की गई। साथ ही देवेंद्र नगर–चुरहट रेल सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इन रेल सेवाओं के प्रारंभ होने से विंध्य क्षेत्र में रेल संपर्क को मजबूती मिलने तथा यात्रियों को आवागमन की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होने की उम्मीद है। इससे क्षेत्र के लोगों को रेल परिवहन के नए विकल्प मिलेंगे और विभिन्न स्थानों के बीच संपर्क सुगम बनाने में मदद मिलेगी। प्रदेश में रेल नेटवर्क का निरंतर विस्तार होने से न केवल यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधाएं मिल रही हैं, बल्कि व्यापार, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की संभावनाएं बढ़ रही हैं। विंध्य क्षेत्र के लिए रेल संपर्क का विस्तार विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।1
- रीवा ब्रेकिंग | आरक्षक पीयूष मिश्रा की इलाज के दौरान मौत। रीवा से इस वक्त की बड़ी खबर है। विश्वविद्यालय थाना में पदस्थ आरक्षक पीयूष मिश्रा की संजय गांधी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई है। जानकारी के मुताबिक, एक दिन पहले आरक्षक ने कथित तौर पर जहरीला पदार्थ निगल लिया था। इसके बाद उन्हें उपचार के लिए संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। प्रारंभिक जानकारी में पारिवारिक कारणों की आशंका जताई जा रही है, हालांकि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा।1
- *मैहर में भव्य सनातन संवाद, पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पहुंचे *मैहर में भव्य सनातन संवाद, पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पहुंचे4
- मैहर में छाया सनातन संवाद का उत्साह, बागेश्वर धाम सरकार के आगमन से भक्तिमय हुआ माहौल मैहर में छाया सनातन संवाद का उत्साह, बागेश्वर धाम सरकार के आगमन से भक्तिमय हुआ माहौल द हिन्द 24 न्यूज़ | अनिल साहू, जिला चीफ मैहर। मां शारदा की पावन नगरी मैहर में 23 अक्टूबर को केजेएस सीमेंट प्लांट परिसर में आयोजित सनातन संवाद को लेकर श्रद्धालुओं और सनातन धर्मावलंबियों में खासा उत्साह देखने को मिला। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी के आगमन से क्षेत्र का माहौल आध्यात्मिक और भक्तिमय हो उठा। सनातन संस्कृति, भारतीय परंपराओं और धार्मिक मूल्यों के संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम को लेकर लोगों में विशेष उत्सुकता रही। कार्यक्रम के माध्यम से सनातन धर्म की महत्ता, सामाजिक एकता, संस्कारों और आध्यात्मिक चेतना का संदेश दिया गया। मां शारदा की नगरी मैहर में संत-महात्माओं का आगमन श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का विषय रहा है। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी के आगमन से श्रद्धालुओं में हर्ष और उत्साह का माहौल बना। सनातन संवाद जैसे आयोजन भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना का संदेश सनातन संवाद का मुख्य उद्देश्य धार्मिक आस्था के साथ-साथ समाज में सद्भाव, संस्कार और सांस्कृतिक चेतना को बढ़ावा देना है। ऐसे आयोजन लोगों को अपनी परंपराओं से जुड़ने तथा भारतीय संस्कृति के मूल्यों को समझने की प्रेरणा देते हैं। मैहर की पावन धरती पर आयोजित इस कार्यक्रम ने सनातन संस्कृति के प्रति लोगों की आस्था और उत्साह को एक नई पहचान दी। द हिन्द 24 न्यूज़ अनिल साहू, जिला चीफ1
- 🚩 मैहर में बनेगा ‘बागेश्वर बाला शक्तिमठ मैहर’, पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने की संतान संवाद मंच की घोषणा मैहर, मध्य प्रदेश। मां शारदा की पावन नगरी मैहर में ‘बागेश्वर बाला शक्तिमठ मैहर’ को लेकर चर्चा तेज हो गई है। पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा संतान संवाद मंच की घोषणा किए जाने की खबर सामने आई है। इस घोषणा से जुड़ी विस्तृत जानकारी, शक्तिमठ की स्थापना की योजना और संतान संवाद मंच के उद्देश्य को लेकर आधिकारिक जानकारी की प्रतीक्षा है। ✍️ शिव सिंह राजपूत दहिया भारत समाचार लाइव न्यूज़ #Maihar #BageshwarDham #DhirendraKrishnaShastri #MaaSharda #ShivSinghRajputDahiya #भारतसमाचारलाइव 🚩 मैहर में बनेगा ‘बागेश्वर बाला शक्तिमठ मैहर’, पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने की संतान संवाद मंच की घोषणा मैहर, मध्य प्रदेश। मां शारदा की पावन नगरी मैहर में ‘बागेश्वर बाला शक्तिमठ मैहर’ को लेकर चर्चा तेज हो गई है। पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा संतान संवाद मंच की घोषणा किए जाने की खबर सामने आई है। इस घोषणा से जुड़ी विस्तृत जानकारी, शक्तिमठ की स्थापना की योजना और संतान संवाद मंच के उद्देश्य को लेकर आधिकारिक जानकारी की प्रतीक्षा है। ✍️ शिव सिंह राजपूत दहिया भारत समाचार लाइव न्यूज़ #Maihar #BageshwarDham #DhirendraKrishnaShastri #MaaSharda #ShivSinghRajputDahiya #भारतसमाचारलाइव1
- ek chand hi tha meri begunahi ka Lekin Adalat ne Faisala Amavasya ke Din Rakha ek chand hi tha meri begunahi ka Lekin Adalat ne Faisala Amavasya ke Din Rakha1
- ब्रेकिंग न्यूज़ | मथुरा, उत्तर प्रदेश कृष्णा नगर चौराहे पर दर्दनाक हादसा, प्राइवेट बस की टक्कर से महिला की मौत, परिजनों का फूटा गुस्सा! मथुरा में सड़क हादसे के बाद भारी हंगामा, शव सड़क पर रखकर लगाया जाम, डीएम और एसएसपी का काफिला भी फंसा! संवाददाता अतुल सिंह नमस्कार! आप देख रहे हैं आवाज़ जनता की 46 न्यूज़ चैनल। उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले से इस वक्त एक बड़ी और दुखद खबर सामने आई है। जहां कृष्णा नगर पुलिस चौकी से महज चंद कदमों की दूरी पर, मोहन हलवाई के सामने शुक्रवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। जानकारी के मुताबिक, कृष्णा नगर चौराहे पर एक प्राइवेट बस की टक्कर से बाइक सवार 40 वर्षीय महिला की मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना के बाद मृतक महिला के परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित परिजनों ने महिला का शव कृष्णा नगर चौराहे पर रखकर सड़क जाम कर दी। देखते ही देखते चौराहे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो गई। हैरान करने वाली बात यह रही कि जाम के चलते जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक यानी एसएसपी का काफिला भी फंस गया। अब इस दर्दनाक हादसे के बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं। आखिर व्यस्त चौराहों पर सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कितने प्रभावी इंतजाम हैं? और ऐसे हादसों पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन क्या कदम उठाएगा? फिलहाल इस घटना ने एक परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है ब्रेकिंग न्यूज़ | मथुरा, उत्तर प्रदेश कृष्णा नगर चौराहे पर दर्दनाक हादसा, प्राइवेट बस की टक्कर से महिला की मौत, परिजनों का फूटा गुस्सा! मथुरा में सड़क हादसे के बाद भारी हंगामा, शव सड़क पर रखकर लगाया जाम, डीएम और एसएसपी का काफिला भी फंसा! संवाददाता अतुल सिंह नमस्कार! आप देख रहे हैं आवाज़ जनता की 46 न्यूज़ चैनल। उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले से इस वक्त एक बड़ी और दुखद खबर सामने आई है। जहां कृष्णा नगर पुलिस चौकी से महज चंद कदमों की दूरी पर, मोहन हलवाई के सामने शुक्रवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। जानकारी के मुताबिक, कृष्णा नगर चौराहे पर एक प्राइवेट बस की टक्कर से बाइक सवार 40 वर्षीय महिला की मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना के बाद मृतक महिला के परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित परिजनों ने महिला का शव कृष्णा नगर चौराहे पर रखकर सड़क जाम कर दी। देखते ही देखते चौराहे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो गई। हैरान करने वाली बात यह रही कि जाम के चलते जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक यानी एसएसपी का काफिला भी फंस गया। अब इस दर्दनाक हादसे के बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं। आखिर व्यस्त चौराहों पर सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कितने प्रभावी इंतजाम हैं? और ऐसे हादसों पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन क्या कदम उठाएगा? फिलहाल इस घटना ने एक परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है1
- मध्य प्रदेश के रीवा जिले से एक बेहद दुखद और सनसनीखेज खबर सामने आई है, जहां रीवा के विश्वविद्यालय थाने में पदस्थ आरक्षक पीयूष मिश्रा की शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 को इलाज के दौरान मौत हो गई। दिवंगत आरक्षक मूल रूप से मऊगंज जिले के धवैया गांव के रहने वाले थे और रीवा में अपनी पुलिस सेवा दे रहे थे। इस अचानक हुई घटना से पुलिस विभाग और उनके परिवार में गहरा शोक व्याप्त है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना 22 अक्टूबर की शाम की है, जब आरक्षक पीयूष मिश्रा ने पुलिस लाइन स्थित अपने सरकारी आवास में किसी अज्ञात कारणों के चलते जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया था। कुछ देर बाद जब परिजनों ने उन्हें पूरी तरह से बेसुध हालत में देखा, तो उनके होश उड़ गए। परिजनों ने तुरंत इसकी सूचना वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को दी, जिसके बाद बिना कोई देर किए उन्हें तत्काल इलाज के लिए शहर के संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय पहुंचाया गया। अस्पताल में उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें तुरंत आईसीयू (ICU) में भर्ती कराया गया था, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज लगातार दो दिनों तक चला। डॉक्टरों ने उनकी जान बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए, लेकिन जहर का असर इतना ज्यादा था कि तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी हालत में सुधार नहीं हो सका। आखिरकार, शनिवार को इलाज के दौरान उनकी सांसें थम गईं और उनकी मौत हो गई। घटना के पीछे की असली वजह अभी तक पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हो पाई है। हालांकि, शुरुआती जांच और पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर इसके पीछे पारिवारिक कलह या घरेलू विवाद होने की आशंका जताई जा रही है। फिर भी, पुलिस प्रशासन या अधिकारियों की ओर से अभी तक इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस अब इस पूरे मामले के अन्य सभी पहलुओं और तथ्यों की बारीकी से जांच कर रही है ताकि यह पता चल सके कि उन्होंने यह खौफनाक कदम क्यों उठाया। मध्य प्रदेश के रीवा जिले से एक बेहद दुखद और सनसनीखेज खबर सामने आई है, जहां रीवा के विश्वविद्यालय थाने में पदस्थ आरक्षक पीयूष मिश्रा की शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 को इलाज के दौरान मौत हो गई। दिवंगत आरक्षक मूल रूप से मऊगंज जिले के धवैया गांव के रहने वाले थे और रीवा में अपनी पुलिस सेवा दे रहे थे। इस अचानक हुई घटना से पुलिस विभाग और उनके परिवार में गहरा शोक व्याप्त है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना 22 अक्टूबर की शाम की है, जब आरक्षक पीयूष मिश्रा ने पुलिस लाइन स्थित अपने सरकारी आवास में किसी अज्ञात कारणों के चलते जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया था। कुछ देर बाद जब परिजनों ने उन्हें पूरी तरह से बेसुध हालत में देखा, तो उनके होश उड़ गए। परिजनों ने तुरंत इसकी सूचना वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को दी, जिसके बाद बिना कोई देर किए उन्हें तत्काल इलाज के लिए शहर के संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय पहुंचाया गया। अस्पताल में उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें तुरंत आईसीयू (ICU) में भर्ती कराया गया था, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज लगातार दो दिनों तक चला। डॉक्टरों ने उनकी जान बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए, लेकिन जहर का असर इतना ज्यादा था कि तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी हालत में सुधार नहीं हो सका। आखिरकार, शनिवार को इलाज के दौरान उनकी सांसें थम गईं और उनकी मौत हो गई। घटना के पीछे की असली वजह अभी तक पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हो पाई है। हालांकि, शुरुआती जांच और पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर इसके पीछे पारिवारिक कलह या घरेलू विवाद होने की आशंका जताई जा रही है। फिर भी, पुलिस प्रशासन या अधिकारियों की ओर से अभी तक इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस अब इस पूरे मामले के अन्य सभी पहलुओं और तथ्यों की बारीकी से जांच कर रही है ताकि यह पता चल सके कि उन्होंने यह खौफनाक कदम क्यों उठाया।1