सुपौल जिले में जिलाधिकारी सावन कुमार, भा0प्र0से0, की अध्यक्षता में लहटन चौधरी सभागार में जिला स्तरीय बैठक एवं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस उच्च स्तरीय बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी मानसून, बाढ़ एवं सुखाड़ की आशंका को देखते हुए सुरक्षात्मक एवं प्रशासनिक तैयारियों का जायजा लेना था। बैठक के दौरान बिहार मौसम सेवा केंद्र, कृषि, जल संसाधन, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण, पथ निर्माण, ग्रामीण कार्य, पशुपालन और स्वास्थ्य विभागों द्वारा बाढ़ पूर्व तैयारियों के संबंध में प्रस्तुतीकरण किया गया। जिलाधिकारी महोदय ने बाढ़ पूर्व की गई तैयारियों और शेष कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने नावों के निबंधन और एकरारनामा की प्रक्रिया को शीघ्र पूर्ण करने का निर्देश दिया, ताकि आवश्यकता पड़ने पर राहत एवं बचाव कार्यों में कोई कठिनाई न हो। इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी ने सभी बाढ़ शरणस्थलों पर आवास, भोजन, पेयजल, चापाकल, विद्युत व्यवस्था एवं आवागमन जैसी मूलभूत सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने जिले में उपलब्ध सभी संसाधनों के उचित रख-रखाव और बाढ़ से पहले उनकी जांच सुनिश्चित करने के साथ-साथ आवश्यकतानुसार अतिरिक्त संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग को सभी आवश्यक दवाओं की अद्यतन सूची तैयार रखने और पर्याप्त मात्रा में दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। साथ ही, संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए मेडिकल कैंपों की स्थापना, आवश्यक मानवबल की प्रतिनियुक्ति एवं अन्य व्यवस्थाएं समय रहते पूर्ण करने को कहा गया। पशुपालन विभाग को पशुओं हेतु चारा एवं अन्य आवश्यक सामग्रियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय विक्रेताओं से समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया गया। जल संसाधन विभाग ने अवगत कराया कि जिले में कुल 06 प्रमंडलों के अंतर्गत संचालित 40 कटाव निरोधी कार्यों में से 39 कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं। जिलाधिकारी ने शेष कार्यों को भी शीघ्र पूर्ण करने तथा सभी स्थलों का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने अपर समाहर्ता (आपदा) को विशेष रूप से सभी संवेदनशील स्थलों का निरीक्षण करने तथा आवश्यकतानुसार विभिन्न स्थलों पर कनीय अभियंताओं की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया। बैठक में जिला एवं अंचल स्तर पर संचालित नियंत्रण कक्षों को सुदृढ़ बनाए रखने, संचार तंत्र को सक्रिय रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त आपदा मित्रों के प्रशिक्षण हेतु विभागीय स्तर पर कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय स्थापित करते हुए बाढ़ पूर्व तैयारियों को समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूर्णतः तैयार रहने का निर्देश दिया। इस बैठक में उप विकास आयुक्त सुश्री सारा अशरफ, अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) मो. तारिक, अपर समाहर्ता श्री सच्चिदानंद सुमन, अनुमंडल पदाधिकारी श्री मनोहर साहू, प्रभारी पदाधिकारी (आपदा प्रबंधन) श्री मुकेश कुमार यादव, सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी श्री चंद्रभूषण कुमार सहित जल संसाधन, आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य और लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण जैसे संबंधित विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।
सुपौल जिले में जिलाधिकारी सावन कुमार, भा0प्र0से0, की अध्यक्षता में लहटन चौधरी सभागार में जिला स्तरीय बैठक एवं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस उच्च स्तरीय बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी मानसून, बाढ़ एवं सुखाड़ की आशंका को देखते हुए सुरक्षात्मक एवं प्रशासनिक तैयारियों का जायजा लेना था। बैठक के दौरान बिहार मौसम सेवा केंद्र, कृषि, जल संसाधन, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण, पथ निर्माण, ग्रामीण कार्य, पशुपालन और स्वास्थ्य विभागों द्वारा बाढ़ पूर्व तैयारियों के संबंध में प्रस्तुतीकरण किया गया। जिलाधिकारी महोदय ने बाढ़ पूर्व की गई तैयारियों और शेष कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने नावों के निबंधन और एकरारनामा की प्रक्रिया को शीघ्र पूर्ण करने का निर्देश दिया, ताकि आवश्यकता पड़ने पर राहत एवं बचाव कार्यों में कोई कठिनाई न हो। इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी ने सभी बाढ़ शरणस्थलों पर आवास, भोजन, पेयजल, चापाकल, विद्युत व्यवस्था एवं आवागमन जैसी मूलभूत सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने जिले
में उपलब्ध सभी संसाधनों के उचित रख-रखाव और बाढ़ से पहले उनकी जांच सुनिश्चित करने के साथ-साथ आवश्यकतानुसार अतिरिक्त संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग को सभी आवश्यक दवाओं की अद्यतन सूची तैयार रखने और पर्याप्त मात्रा में दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। साथ ही, संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए मेडिकल कैंपों की स्थापना, आवश्यक मानवबल की प्रतिनियुक्ति एवं अन्य व्यवस्थाएं समय रहते पूर्ण करने को कहा गया। पशुपालन विभाग को पशुओं हेतु चारा एवं अन्य आवश्यक सामग्रियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय विक्रेताओं से समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया गया। जल संसाधन विभाग ने अवगत कराया कि जिले में कुल 06 प्रमंडलों के अंतर्गत संचालित 40 कटाव निरोधी कार्यों में से 39 कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं। जिलाधिकारी ने शेष कार्यों को भी शीघ्र पूर्ण करने तथा सभी स्थलों का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने अपर समाहर्ता (आपदा) को
विशेष रूप से सभी संवेदनशील स्थलों का निरीक्षण करने तथा आवश्यकतानुसार विभिन्न स्थलों पर कनीय अभियंताओं की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया। बैठक में जिला एवं अंचल स्तर पर संचालित नियंत्रण कक्षों को सुदृढ़ बनाए रखने, संचार तंत्र को सक्रिय रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त आपदा मित्रों के प्रशिक्षण हेतु विभागीय स्तर पर कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय स्थापित करते हुए बाढ़ पूर्व तैयारियों को समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूर्णतः तैयार रहने का निर्देश दिया। इस बैठक में उप विकास आयुक्त सुश्री सारा अशरफ, अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) मो. तारिक, अपर समाहर्ता श्री सच्चिदानंद सुमन, अनुमंडल पदाधिकारी श्री मनोहर साहू, प्रभारी पदाधिकारी (आपदा प्रबंधन) श्री मुकेश कुमार यादव, सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी श्री चंद्रभूषण कुमार सहित जल संसाधन, आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य और लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण जैसे संबंधित विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।
- सुपौल जिले में जिलाधिकारी सावन कुमार, भा0प्र0से0, की अध्यक्षता में लहटन चौधरी सभागार में जिला स्तरीय बैठक एवं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस उच्च स्तरीय बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी मानसून, बाढ़ एवं सुखाड़ की आशंका को देखते हुए सुरक्षात्मक एवं प्रशासनिक तैयारियों का जायजा लेना था। बैठक के दौरान बिहार मौसम सेवा केंद्र, कृषि, जल संसाधन, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण, पथ निर्माण, ग्रामीण कार्य, पशुपालन और स्वास्थ्य विभागों द्वारा बाढ़ पूर्व तैयारियों के संबंध में प्रस्तुतीकरण किया गया। जिलाधिकारी महोदय ने बाढ़ पूर्व की गई तैयारियों और शेष कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने नावों के निबंधन और एकरारनामा की प्रक्रिया को शीघ्र पूर्ण करने का निर्देश दिया, ताकि आवश्यकता पड़ने पर राहत एवं बचाव कार्यों में कोई कठिनाई न हो। इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी ने सभी बाढ़ शरणस्थलों पर आवास, भोजन, पेयजल, चापाकल, विद्युत व्यवस्था एवं आवागमन जैसी मूलभूत सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने जिले में उपलब्ध सभी संसाधनों के उचित रख-रखाव और बाढ़ से पहले उनकी जांच सुनिश्चित करने के साथ-साथ आवश्यकतानुसार अतिरिक्त संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग को सभी आवश्यक दवाओं की अद्यतन सूची तैयार रखने और पर्याप्त मात्रा में दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। साथ ही, संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए मेडिकल कैंपों की स्थापना, आवश्यक मानवबल की प्रतिनियुक्ति एवं अन्य व्यवस्थाएं समय रहते पूर्ण करने को कहा गया। पशुपालन विभाग को पशुओं हेतु चारा एवं अन्य आवश्यक सामग्रियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय विक्रेताओं से समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया गया। जल संसाधन विभाग ने अवगत कराया कि जिले में कुल 06 प्रमंडलों के अंतर्गत संचालित 40 कटाव निरोधी कार्यों में से 39 कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं। जिलाधिकारी ने शेष कार्यों को भी शीघ्र पूर्ण करने तथा सभी स्थलों का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने अपर समाहर्ता (आपदा) को विशेष रूप से सभी संवेदनशील स्थलों का निरीक्षण करने तथा आवश्यकतानुसार विभिन्न स्थलों पर कनीय अभियंताओं की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया। बैठक में जिला एवं अंचल स्तर पर संचालित नियंत्रण कक्षों को सुदृढ़ बनाए रखने, संचार तंत्र को सक्रिय रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त आपदा मित्रों के प्रशिक्षण हेतु विभागीय स्तर पर कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय स्थापित करते हुए बाढ़ पूर्व तैयारियों को समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूर्णतः तैयार रहने का निर्देश दिया। इस बैठक में उप विकास आयुक्त सुश्री सारा अशरफ, अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) मो. तारिक, अपर समाहर्ता श्री सच्चिदानंद सुमन, अनुमंडल पदाधिकारी श्री मनोहर साहू, प्रभारी पदाधिकारी (आपदा प्रबंधन) श्री मुकेश कुमार यादव, सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी श्री चंद्रभूषण कुमार सहित जल संसाधन, आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य और लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण जैसे संबंधित विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।3
- नोहट्टा क्षेत्र में उच्च शिक्षा की व्यवस्था की माँग को लेकर स्थानीय युवाओं, बुद्धिजीवियों और नागरिकों का आक्रोश अब सड़कों पर दिखाई दे रहा है। बीते दिन नोहट्टा में ही डिग्री कॉलेज की स्थापना की माँग को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसके बाद देर शाम इलाके में एक विशाल मशाल जुलूस निकाला गया। इस दौरान पूरा नोहट्टा बाजार "नोहट्टा में ही बने डिग्री कॉलेज" और "हमारी माँग पूरी करो" जैसे गगनभेदी नारों से गूँज उठा। मशाल जुलूस से पहले हुई बैठक में वक्ताओं ने बताया कि नोहट्टा क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए मीलों दूर जाना पड़ता है, जिससे खासकर लड़कियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे तो पैसों की कमी के कारण आगे की पढ़ाई छोड़ने पर मजबूर हैं। वक्ताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नोहट्टा के हक को किसी भी कीमत पर दबाया नहीं जाएगा। बैठक समाप्त होते ही दर्जनों युवा और स्थानीय लोग हाथों में जलती मशालें लेकर नोहट्टा के मुख्य मार्गों से गुजरे, जहाँ उनका उत्साह देखने लायक था। बाजार के दुकानदारों और आम राहगीरों ने भी इस मुहिम का जोरदार समर्थन किया। आंदोलनकारियों ने संकल्प लिया है कि यह सिर्फ एक जुलूस नहीं, बल्कि नोहट्टा के भविष्य की लड़ाई है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से अपनी जायज माँग सुनने का आग्रह करते हुए चेतावनी दी कि जब तक नोहट्टा में कॉलेज की स्थापना सुनिश्चित नहीं हो जाती, आंदोलन थमेगा नहीं और यदि जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो यह आंदोलन और उग्र रूप लेगा।1
- सहरसा जिला व्यापार संघ के अध्यक्ष अर्जुन चौधरी ने अपनी बात रखी है। उनसे यह सुनने का आग्रह किया गया है कि वे क्या कह रहे हैं। हालाँकि, उनके बयान का विवरण मूल पोस्ट में उपलब्ध नहीं है।1
- राकेश रौशन को एक युवा नेता के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जो 'नया सोच' रखते हैं और भावी जिलापरिषद उम्मीदवार हैं। उन्हें 'युवा जिलापरिषद' के तौर पर भी दर्शाया गया है। यह जानकारी दी गई है कि राकेश रौशन पिपरा विधानसभा क्षेत्र संख्या 42 से पूर्व प्रत्याशी रह चुके हैं।1
- नंदकिशोर बाबू द्वारा प्रस्तुत नारदी भजन, जिसका शीर्षक 'जब सिया चलले' है, जारी किया गया है। इच्छुक व्यक्ति नंदकिशोर बाबू से उनके मोबाइल नंबर 8298196677 पर संपर्क कर सकते हैं।1
- रौशन आनंद की रिहाई की मांग को लेकर मधेपुरा में एक विशाल कैंडल मार्च निकाला गया।1
- विधायक गौतम कृष्णा के निर्देश पर नोहट्टा प्रखंड की मोहनपुर पंचायत में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की मासिक बैठक आयोजित की गई, जहाँ पार्टी को मजबूत करने और वर्तमान राजनीतिक हालात पर चर्चा हुई। इस बैठक का मुख्य केंद्रबिंदु राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के खिलाफ हो रही कार्रवाइयाँ तथा बिहार में व्याप्त गरीबी और भ्रष्टाचार के मुद्दे रहे। बैठक को संबोधित करते हुए राजद नेता शाहीद हुसैन उर्फ सद्दाम ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ताधारी सरकार लालू प्रसाद यादव पर अत्याचार कर रही है और विपक्ष की आवाज दबाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है, जिसे राजद कार्यकर्ता बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेंगे। सद्दाम हुसैन ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि यह सरकार पूरी तरह से निकम्मी और विफल साबित हुई है, जिसके कारण बिहार में गरीबी और भ्रष्टाचार अपने चरम पर है। उन्होंने मौजूदा सरकार पर आम जनता को महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुख्य मुद्दों से भटकाकर अपनी नाकामियों को छिपाने की राजनीति करने का आरोप लगाया। इस अवसर पर मौजूद वरिष्ठ नेताओं, पंचायत अध्यक्षों और भारी संख्या में राजद कार्यकर्ताओं ने पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुँचाने तथा भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन करने का संकल्प लिया।1
- मधेपुरा के मुरलीगंज थाना क्षेत्र के खारी गांव स्थित एक आवासीय स्कूल में रविवार सुबह 6 साल के छात्र आनंद प्रेम की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। छात्र का शव शौचालय के पास पाइप से बंधा हुआ मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान पोखराम परमानंदपुर वार्ड-10 निवासी रामानंद यादव के पुत्र आनंद प्रेम (6) के रूप में हुई है, जो पिछले करीब छह महीने से खारी स्थित आवासीय जेडी पब्लिक स्कूल में यूकेजी का छात्र था। घटना के बाद से स्कूल संचालक फरार बताया जा रहा है। घटना की जानकारी मिलने पर आनंद प्रेम के परिजनों में कोहराम मच गया। मृतक की दादी ने आरोप लगाया कि उनके पोते की हत्या कर शव को स्कूल के शौचालय के पास पाइप से बांध दिया गया था। उन्होंने यह भी बताया कि घटना के बाद स्कूल संचालक ने पहले शव को घर पहुंचा दिया था, जिसके बाद परिजन शव को लेकर वापस स्कूल पहुंचे। स्कूल में पढ़ने वाले दो छात्रों, मनीष कुमार और आकाश कुमार ने बताया कि रात करीब 12 बजे दो अज्ञात व्यक्ति स्कूल परिसर में आए थे, जिन्होंने आनंद प्रेम के गले में रस्सी बांधी और उसे शौचालय के पास छोड़कर स्कूल के पीछे की ओर से भाग गए। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। जेडी पब्लिक स्कूल, जो पिछले लगभग पांच साल से संचालित हो रहा है, का संचालक सुनील कुमार घटना के बाद से फरार बताया जा रहा है। सूचना मिलते ही मुरलीगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। प्रशिक्षु डीएसपी सह मुरलीगंज थानाध्यक्ष नूरुल हक ने बताया कि पुलिस सभी पहलुओं पर गंभीरता से जांच कर रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए मधेपुरा सदर अस्पताल भेज दिया गया है, और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।4