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वन परिक्षेत्राधिकारी की लापरवाही या मिलीभगत? कुंदी में 2-3 एकड़ वन भूमि उजाड़ने का मामला गरमाया बलरामपुर//(शोएब सिद्दिकी)//बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत कुंदी में वन भूमि पर कथित अवैध कटाई और खुदाई का मामला अब गंभीर सवालों के घेरे में आ गया है। पूरे प्रकरण में वन परिक्षेत्राधिकारी वाड्रफनगर की भूमिका पर सीधे-सीधे उंगलियां उठ रही हैं, जिन्हें इस घटना के लिए जिम्मेदार माना जा रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक, करीब 2 से 3 एकड़ वन भूमि पर दिन-रात जेसीबी मशीनों से खुदाई की गई और बड़ी संख्या में पेड़ों को गिराया गया। हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी गतिविधि के बावजूद वन परिक्षेत्राधिकारी और उनकी टीम मौके पर नहीं पहुंची, जिससे उनकी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह पूरा खेल बिना विभागीय जानकारी के संभव नहीं है। ग्रामीणों ने साफ कहा— “यहां बिना सेटिंग के पत्ता भी नहीं हिलता, लेकिन इस बार तो पूरा जंगल ही साफ कर दिया गया।” इस बयान ने सीधे तौर पर वन परिक्षेत्राधिकारी की कार्यशैली और नीयत पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद भी वन परिक्षेत्राधिकारी की ओर से कोई त्वरित कार्रवाई नहीं की गई। न तो जेसीबी मशीनों को जब्त किया गया और न ही आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कदम उठाया गया। इससे यह संदेह और गहरा गया है कि कहीं न कहीं जिम्मेदार अधिकारी इस पूरे मामले में लापरवाही या मौन सहमति के दोषी हैं। ग्रामीणों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि यदि वन परिक्षेत्राधिकारी समय रहते कार्रवाई करते, तो जंगल को इस तरह उजड़ने से बचाया जा सकता था। अब लोग वन परिक्षेत्राधिकारी वाड्रफनगर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और उच्च स्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं। पर्यावरण के लिहाज से भी यह मामला बेहद संवेदनशील है। जंगल की अंधाधुंध कटाई न केवल प्राकृतिक संतुलन को बिगाड़ती है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी खतरा पैदा करती है। ऐसे में जिम्मेदार पद पर बैठे अधिकारी की निष्क्रियता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। फिलहाल, वन विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन वन परिक्षेत्राधिकारी की चुप्पी अब खुद एक बड़ा सवाल बन चुकी है— आखिर जंगल कटता रहा, मशीनें चलती रहीं और जिम्मेदार अधिकारी मौन क्यों रहे? वनमण्डलाधिकारी जंगलों के संरक्षण में सदैव तत्पर रहते हैं, अब देखने वाली बात यह होगी कि ऐसे निष्क्रिय वन परिक्षेत्राधिकारी पर वे किस प्रकार की कार्रवाई करते हैं और इस मामले में क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।

2 hrs ago
user_Shoaib Siddiqui
Shoaib Siddiqui
Local News Reporter बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
2 hrs ago
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वन परिक्षेत्राधिकारी की लापरवाही या मिलीभगत? कुंदी में 2-3 एकड़ वन भूमि उजाड़ने का मामला गरमाया बलरामपुर//(शोएब सिद्दिकी)//बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत कुंदी में वन भूमि पर कथित अवैध कटाई और खुदाई का मामला अब गंभीर सवालों के घेरे में आ गया है। पूरे प्रकरण में वन परिक्षेत्राधिकारी वाड्रफनगर की भूमिका पर सीधे-सीधे उंगलियां उठ रही हैं, जिन्हें इस घटना के लिए जिम्मेदार माना जा रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक, करीब 2 से 3 एकड़ वन भूमि पर दिन-रात जेसीबी मशीनों से खुदाई की गई और बड़ी संख्या में पेड़ों को गिराया गया। हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी गतिविधि के बावजूद वन परिक्षेत्राधिकारी और उनकी टीम मौके पर नहीं पहुंची, जिससे उनकी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह पूरा खेल बिना विभागीय जानकारी के संभव नहीं है। ग्रामीणों ने साफ कहा— “यहां बिना सेटिंग के पत्ता भी नहीं हिलता, लेकिन इस बार तो पूरा जंगल ही साफ कर दिया गया।” इस बयान ने सीधे तौर पर वन परिक्षेत्राधिकारी की कार्यशैली और नीयत पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद भी वन परिक्षेत्राधिकारी की ओर से कोई त्वरित कार्रवाई नहीं की गई। न तो जेसीबी मशीनों को जब्त

किया गया और न ही आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कदम उठाया गया। इससे यह संदेह और गहरा गया है कि कहीं न कहीं जिम्मेदार अधिकारी इस पूरे मामले में लापरवाही या मौन सहमति के दोषी हैं। ग्रामीणों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि यदि वन परिक्षेत्राधिकारी समय रहते कार्रवाई करते, तो जंगल को इस तरह उजड़ने से बचाया जा सकता था। अब लोग वन परिक्षेत्राधिकारी वाड्रफनगर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और उच्च स्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं। पर्यावरण के लिहाज से भी यह मामला बेहद संवेदनशील है। जंगल की अंधाधुंध कटाई न केवल प्राकृतिक संतुलन को बिगाड़ती है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी खतरा पैदा करती है। ऐसे में जिम्मेदार पद पर बैठे अधिकारी की निष्क्रियता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। फिलहाल, वन विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन वन परिक्षेत्राधिकारी की चुप्पी अब खुद एक बड़ा सवाल बन चुकी है— आखिर जंगल कटता रहा, मशीनें चलती रहीं और जिम्मेदार अधिकारी मौन क्यों रहे? वनमण्डलाधिकारी जंगलों के संरक्षण में सदैव तत्पर रहते हैं, अब देखने वाली बात यह होगी कि ऐसे निष्क्रिय वन परिक्षेत्राधिकारी पर वे किस प्रकार की कार्रवाई करते हैं और इस मामले में क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।

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  • बलरामपुर जिले में इन दोनों एक और दो की सीखें दुकानदार लेने से इनकार करते हैं वही छोटा के बदला ग्राहकों को चूना लगाया जाता है
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    बलरामपुर जिले में इन दोनों एक और दो की सीखें दुकानदार लेने से इनकार करते हैं वही छोटा के बदला ग्राहकों को चूना लगाया जाता है
    user_Ali Khan
    Ali Khan
    बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    25 min ago
  • बलरामपुर//(शोएब सिद्दिकी)//बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत कुंदी में वन भूमि पर कथित अवैध कटाई और खुदाई का मामला अब गंभीर सवालों के घेरे में आ गया है। पूरे प्रकरण में वन परिक्षेत्राधिकारी वाड्रफनगर की भूमिका पर सीधे-सीधे उंगलियां उठ रही हैं, जिन्हें इस घटना के लिए जिम्मेदार माना जा रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक, करीब 2 से 3 एकड़ वन भूमि पर दिन-रात जेसीबी मशीनों से खुदाई की गई और बड़ी संख्या में पेड़ों को गिराया गया। हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी गतिविधि के बावजूद वन परिक्षेत्राधिकारी और उनकी टीम मौके पर नहीं पहुंची, जिससे उनकी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह पूरा खेल बिना विभागीय जानकारी के संभव नहीं है। ग्रामीणों ने साफ कहा— “यहां बिना सेटिंग के पत्ता भी नहीं हिलता, लेकिन इस बार तो पूरा जंगल ही साफ कर दिया गया।” इस बयान ने सीधे तौर पर वन परिक्षेत्राधिकारी की कार्यशैली और नीयत पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद भी वन परिक्षेत्राधिकारी की ओर से कोई त्वरित कार्रवाई नहीं की गई। न तो जेसीबी मशीनों को जब्त किया गया और न ही आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कदम उठाया गया। इससे यह संदेह और गहरा गया है कि कहीं न कहीं जिम्मेदार अधिकारी इस पूरे मामले में लापरवाही या मौन सहमति के दोषी हैं। ग्रामीणों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि यदि वन परिक्षेत्राधिकारी समय रहते कार्रवाई करते, तो जंगल को इस तरह उजड़ने से बचाया जा सकता था। अब लोग वन परिक्षेत्राधिकारी वाड्रफनगर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और उच्च स्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं। पर्यावरण के लिहाज से भी यह मामला बेहद संवेदनशील है। जंगल की अंधाधुंध कटाई न केवल प्राकृतिक संतुलन को बिगाड़ती है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी खतरा पैदा करती है। ऐसे में जिम्मेदार पद पर बैठे अधिकारी की निष्क्रियता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। फिलहाल, वन विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन वन परिक्षेत्राधिकारी की चुप्पी अब खुद एक बड़ा सवाल बन चुकी है— आखिर जंगल कटता रहा, मशीनें चलती रहीं और जिम्मेदार अधिकारी मौन क्यों रहे? वनमण्डलाधिकारी जंगलों के संरक्षण में सदैव तत्पर रहते हैं, अब देखने वाली बात यह होगी कि ऐसे निष्क्रिय वन परिक्षेत्राधिकारी पर वे किस प्रकार की कार्रवाई करते हैं और इस मामले में क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।
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    बलरामपुर//(शोएब सिद्दिकी)//बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत कुंदी में वन भूमि पर कथित अवैध कटाई और खुदाई का मामला अब गंभीर सवालों के घेरे में आ गया है। पूरे प्रकरण में वन परिक्षेत्राधिकारी वाड्रफनगर की भूमिका पर सीधे-सीधे उंगलियां उठ रही हैं, जिन्हें इस घटना के लिए जिम्मेदार माना जा रहा है।
ग्रामीणों के मुताबिक, करीब 2 से 3 एकड़ वन भूमि पर दिन-रात जेसीबी मशीनों से खुदाई की गई और बड़ी संख्या में पेड़ों को गिराया गया। हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी गतिविधि के बावजूद वन परिक्षेत्राधिकारी और उनकी टीम मौके पर नहीं पहुंची, जिससे उनकी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह पूरा खेल बिना विभागीय जानकारी के संभव नहीं है। ग्रामीणों ने साफ कहा— “यहां बिना सेटिंग के पत्ता भी नहीं हिलता, लेकिन इस बार तो पूरा जंगल ही साफ कर दिया गया।” इस बयान ने सीधे तौर पर वन परिक्षेत्राधिकारी की कार्यशैली और नीयत पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद भी वन परिक्षेत्राधिकारी की ओर से कोई त्वरित कार्रवाई नहीं की गई। न तो जेसीबी मशीनों को जब्त किया गया और न ही आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कदम उठाया गया। इससे यह संदेह और गहरा गया है कि कहीं न कहीं जिम्मेदार अधिकारी इस पूरे मामले में लापरवाही या मौन सहमति के दोषी हैं।
ग्रामीणों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि यदि वन परिक्षेत्राधिकारी समय रहते कार्रवाई करते, तो जंगल को इस तरह उजड़ने से बचाया जा सकता था। अब लोग वन परिक्षेत्राधिकारी वाड्रफनगर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और उच्च स्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं।
पर्यावरण के लिहाज से भी यह मामला बेहद संवेदनशील है। जंगल की अंधाधुंध कटाई न केवल प्राकृतिक संतुलन को बिगाड़ती है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी खतरा पैदा करती है। ऐसे में जिम्मेदार पद पर बैठे अधिकारी की निष्क्रियता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
फिलहाल, वन विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन वन परिक्षेत्राधिकारी की चुप्पी अब खुद एक बड़ा सवाल बन चुकी है— आखिर जंगल कटता रहा, मशीनें चलती रहीं और जिम्मेदार अधिकारी मौन क्यों रहे?
वनमण्डलाधिकारी जंगलों के संरक्षण में सदैव तत्पर रहते हैं, अब देखने वाली बात यह होगी कि ऐसे निष्क्रिय वन परिक्षेत्राधिकारी पर वे किस प्रकार की कार्रवाई करते हैं और इस मामले में क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।
    user_Shoaib Siddiqui
    Shoaib Siddiqui
    Local News Reporter बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    2 hrs ago
  • वैन चोरी करने के मामले में पुलिस ने की कार्यवाही आरोपी को किया गिरफ्तार
    1
    वैन चोरी करने के मामले में पुलिस ने की कार्यवाही आरोपी को किया गिरफ्तार
    user_Ghanshyam soni
    Ghanshyam soni
    बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    4 hrs ago
  • Post by Ratan Choudhry
    1
    Post by Ratan Choudhry
    user_Ratan Choudhry
    Ratan Choudhry
    बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    18 hrs ago
  • Post by Mr Dayashankar Yadav
    1
    Post by Mr Dayashankar Yadav
    user_Mr Dayashankar Yadav
    Mr Dayashankar Yadav
    Local News Reporter शंकरगढ़, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    23 hrs ago
  • Post by Hemant Kumar
    1
    Post by Hemant Kumar
    user_Hemant Kumar
    Hemant Kumar
    चिनिया, गढ़वा, झारखंड•
    13 hrs ago
  • Post by Sunil singh
    1
    Post by Sunil singh
    user_Sunil singh
    Sunil singh
    रंका, गढ़वा, झारखंड•
    22 hrs ago
  • ⏺️ प्रथम तिमाही में 537 शराबी, 2023 बिना हेल्मेट, 1659 सीट बेल्ट समेत कुल 7970 पर कार्यवाही। ⏺️ बलरामपुर पुलिस ने सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण हेतु प्रथम तिमाही में की ताबड़तोड़ कार्यवाही धरे गये 537 शराबी चालक । पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा, रेंज सरगुजा के निर्देषन में इकाई में सड़क दुर्घटना पर प्रभावी अंकुष लगाने व दुर्घटना दर में कमी लाने के उद्देष्य से पुलिस अधीक्षक जिला बलरामपुर रामानुजगंज श्री वैभव बैंकर (भा.पु.से.) एवं श्री विष्व दीपक त्रिपाठी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्षन पर जिला बलरापमुर-रामानुगंज अंतर्गत सड़क दुर्घटनाओं को कम करने लगातार जन जागरूकता के साथ ही प्रवर्तन की कार्यवाही के तारतम्य में जिला पुलिस बलरामपुर-रामानुजगंज नें प्रथम तिमाही माह (जनवरी से मार्च 2026 तक) में लगातार अभियान चलाकर शराब सेवन कर वाहन चलाने पर कुल 537 प्रकरण, बिना हेलमेट पर 2023 प्रकरण व बिना सीट बेल्ट लगाये वाहन चलाने वाले 1659 प्रकरण समेत कुल 7970 प्रकरण में 29,89,900/- (रूपये उन्तीस लाख नवासी हजार, नौ सौ) की चालानी कार्यवाही की गई है। बलरामपुर पुलिस आम नागरिको से अपील करती है कि दोपहिया वाहन में तीन सवारी न बैठाने, नाबालिक को वाहन न चलाने दे, बिना लायसेंस वाहन न चलाये, नषे की हालत में वाहन न चलावे, सीट बेल्ट का उपयोग करें। बिना हेलमेट वाहन न चलावे, तेज रफ्तार से वाहन न चलाये। क्षमता से अधिक सवारी/माल न ढोना एवं वाहन संबंधी सभी प्रकार के दस्तावेजों को हमेशा वाहन के साथ रखे एवं एक जिम्मेदार नागरिक का कर्तव्य निभाये।
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    ⏺️ प्रथम तिमाही में 537 शराबी, 2023 बिना हेल्मेट, 1659 सीट बेल्ट समेत कुल 7970 पर कार्यवाही।
⏺️ बलरामपुर पुलिस ने सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण हेतु प्रथम तिमाही में की ताबड़तोड़ कार्यवाही धरे गये 537 शराबी चालक ।
पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा, रेंज सरगुजा के निर्देषन में इकाई में सड़क दुर्घटना पर प्रभावी अंकुष लगाने व दुर्घटना दर में कमी लाने के उद्देष्य से पुलिस अधीक्षक जिला बलरामपुर रामानुजगंज श्री वैभव बैंकर (भा.पु.से.) एवं श्री विष्व दीपक त्रिपाठी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्षन पर जिला बलरापमुर-रामानुगंज अंतर्गत सड़क दुर्घटनाओं को कम करने लगातार जन जागरूकता के साथ ही प्रवर्तन की कार्यवाही के तारतम्य में जिला पुलिस बलरामपुर-रामानुजगंज नें प्रथम तिमाही माह (जनवरी से मार्च 2026 तक) में लगातार अभियान चलाकर शराब सेवन कर वाहन चलाने पर कुल 537 प्रकरण, बिना हेलमेट पर 2023 प्रकरण व बिना सीट बेल्ट लगाये वाहन चलाने वाले 1659 प्रकरण समेत कुल 7970 प्रकरण में 29,89,900/- (रूपये उन्तीस लाख नवासी हजार, नौ सौ) की चालानी कार्यवाही की गई है।  
बलरामपुर पुलिस आम नागरिको से अपील करती है कि दोपहिया वाहन में तीन सवारी न बैठाने, नाबालिक को वाहन न चलाने दे, बिना लायसेंस वाहन न चलाये, नषे की हालत में वाहन न चलावे, सीट बेल्ट का उपयोग करें। बिना हेलमेट वाहन न चलावे, तेज रफ्तार से वाहन न चलाये। क्षमता से अधिक सवारी/माल न ढोना एवं वाहन संबंधी सभी प्रकार के दस्तावेजों को हमेशा वाहन के साथ रखे एवं एक जिम्मेदार नागरिक का कर्तव्य निभाये।
    user_Shoaib Siddiqui
    Shoaib Siddiqui
    Local News Reporter बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    3 hrs ago
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