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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर एक बड़ा हमला बोला है, जिसमें उन्होंने समाजवादी पार्टी के समय की व्यवस्था पर तीखे सवाल उठाए। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाजवादी पार्टी के शासनकाल के दौरान लोग बिजली के तारों पर कपड़े सुखाया करते थे, जो उस समय की बिजली व्यवस्था की खराब स्थिति को दर्शाता है। अपने इस हमले में, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानून व्यवस्था से लेकर बिजली व्यवस्था तक के मुद्दों पर समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा है।

19 hrs ago
user_नवोदय वार्ता
नवोदय वार्ता
Local News Reporter मऊ, मऊ, उत्तर प्रदेश•
19 hrs ago

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर एक बड़ा हमला बोला है, जिसमें उन्होंने समाजवादी पार्टी के समय की व्यवस्था पर तीखे सवाल उठाए। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाजवादी पार्टी के शासनकाल के दौरान लोग बिजली के तारों पर कपड़े सुखाया करते थे, जो उस समय की बिजली व्यवस्था की खराब स्थिति को दर्शाता है। अपने इस हमले में, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानून व्यवस्था से लेकर बिजली व्यवस्था तक के मुद्दों पर समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा है।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • गाजीपुर के चर्चित महुआबाग ग़ज़ल होटल मामले में मऊ के विधायक अब्बास अंसारी बुधवार को एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश नहीं हुए। कोर्ट ने उन्हें पहले इस मामले में तलब किया था, लेकिन तय तारीख पर उनके अधिवक्ता ने वकालतनामा दाखिल करते हुए कुछ ज़रूरी दस्तावेज़ पेश करने के लिए समय मांगा। अदालत ने अनुरोध स्वीकार करते हुए उन्हें राहत दी और अब इस मामले की अगली सुनवाई 6 जून को निर्धारित की गई है। यह मामला गाजीपुर के कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित महुआबाग के ग़ज़ल होटल की संपत्ति से जुड़ा है। प्रशासन पहले ही इस होटल को 16(1) की कार्रवाई के तहत सीज कर चुका है। इसी बीच, गाजीपुर निवासी मोती सेठ ने अदालत में दावा किया है कि ग़ज़ल होटल की संपत्ति उनकी है, जिसके बाद से यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है। एडीजीसी अखिलेश सिंह के अनुसार, अब्बास अंसारी की बुधवार को पेशी तय थी, लेकिन अधिवक्ता के अनुरोध पर उन्हें आवश्यक दस्तावेज़ दाखिल करने का समय दिया गया। यह एक हाईप्रोफाइल मामला है, और अब सभी की नज़रें 6 जून को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं।
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    गाजीपुर के चर्चित महुआबाग ग़ज़ल होटल मामले में मऊ के विधायक अब्बास अंसारी बुधवार को एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश नहीं हुए। कोर्ट ने उन्हें पहले इस मामले में तलब किया था, लेकिन तय तारीख पर उनके अधिवक्ता ने वकालतनामा दाखिल करते हुए कुछ ज़रूरी दस्तावेज़ पेश करने के लिए समय मांगा। अदालत ने अनुरोध स्वीकार करते हुए उन्हें राहत दी और अब इस मामले की अगली सुनवाई 6 जून को निर्धारित की गई है।

यह मामला गाजीपुर के कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित महुआबाग के ग़ज़ल होटल की संपत्ति से जुड़ा है। प्रशासन पहले ही इस होटल को 16(1) की कार्रवाई के तहत सीज कर चुका है। इसी बीच, गाजीपुर निवासी मोती सेठ ने अदालत में दावा किया है कि ग़ज़ल होटल की संपत्ति उनकी है, जिसके बाद से यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है। एडीजीसी अखिलेश सिंह के अनुसार, अब्बास अंसारी की बुधवार को पेशी तय थी, लेकिन अधिवक्ता के अनुरोध पर उन्हें आवश्यक दस्तावेज़ दाखिल करने का समय दिया गया।

यह एक हाईप्रोफाइल मामला है, और अब सभी की नज़रें 6 जून को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं।
    user_Anubha tiwari
    Anubha tiwari
    गाजीपुर, गाजीपुर, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • पुलिस प्रशासन सिकंदरपुर में ईद-उल-अजहा (बकरीद) पर्व को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। इसी उद्देश्य से बुधवार को एडिशनल एसपी दिनेश कुमार शुक्ला और सीओ रजनीश कुमार यादव के नेतृत्व में सिकंदरपुर पुलिस बल ने फ्लैग मार्च निकाला। इस मार्च का मुख्य लक्ष्य आम जनता के बीच सुरक्षा की भावना मजबूत करना और नगर में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखना था। फ्लैग मार्च के दौरान, एसडीएम ऋषिकांत राजवंशी, एसओ मूलचंद चौरसिया और चौकी प्रभारी गिरिजेश सिंह सहित काफी संख्या में पुलिस जवानों और अधिकारियों ने विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण किया और सुरक्षा तैयारियों का जायजा लिया। यह मार्च बस स्टैंड चौराहा से शुरू होकर नगर के विभिन्न संवेदनशील और प्रमुख मार्गों से गुजरा, जिसमें मुहल्ला गंधी, भिखपुरा, बडढा और डोमनपुरा जैसे क्षेत्र शामिल थे। इस अवसर पर, एडिशनल एसपी और सीओ सिकंदरपुर ने स्थानीय लोगों से त्योहार को शांति और सौहार्द के साथ मनाने की अपील की। उन्होंने नागरिकों से किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करने का अनुरोध भी किया।
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    पुलिस प्रशासन सिकंदरपुर में ईद-उल-अजहा (बकरीद) पर्व को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। इसी उद्देश्य से बुधवार को एडिशनल एसपी दिनेश कुमार शुक्ला और सीओ रजनीश कुमार यादव के नेतृत्व में सिकंदरपुर पुलिस बल ने फ्लैग मार्च निकाला। इस मार्च का मुख्य लक्ष्य आम जनता के बीच सुरक्षा की भावना मजबूत करना और नगर में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखना था।

फ्लैग मार्च के दौरान, एसडीएम ऋषिकांत राजवंशी, एसओ मूलचंद चौरसिया और चौकी प्रभारी गिरिजेश सिंह सहित काफी संख्या में पुलिस जवानों और अधिकारियों ने विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण किया और सुरक्षा तैयारियों का जायजा लिया। यह मार्च बस स्टैंड चौराहा से शुरू होकर नगर के विभिन्न संवेदनशील और प्रमुख मार्गों से गुजरा, जिसमें मुहल्ला गंधी, भिखपुरा, बडढा और डोमनपुरा जैसे क्षेत्र शामिल थे।

इस अवसर पर, एडिशनल एसपी और सीओ सिकंदरपुर ने स्थानीय लोगों से त्योहार को शांति और सौहार्द के साथ मनाने की अपील की। उन्होंने नागरिकों से किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करने का अनुरोध भी किया।
    user_गंगा 24 ख़बर
    गंगा 24 ख़बर
    Mobile Phone Shop सिकंदरपुर, बलिया, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • प्रदेश की बिजली व्यवस्था की रीढ़ कहे जाने वाले संविदा लाइनमैन आज भी असुरक्षित माहौल और बदहाल व्यवस्था में काम करने को मजबूर हैं। गाँव से लेकर शहर तक बिजली आपूर्ति बहाल रखने की अहम जिम्मेदारी इन्हीं कर्मियों के कंधों पर होती है, लेकिन सुविधाओं के नाम पर उन्हें सिर्फ जोखिम, अत्यधिक दबाव और उपेक्षा ही मिलती है। ये संविदा लाइनमैन भीषण गर्मी, बारिश, आँधी या रात के अंधेरे जैसी हर विपरीत परिस्थिति में बिजली के फॉल्ट ठीक करने के लिए खंभों पर चढ़कर अपनी जान जोखिम में डालते हैं। कई बार उन्हें करंट लगने से गंभीर हादसों का सामना करना पड़ता है। इसके बावजूद, उन्हें न तो पर्याप्त सुरक्षा उपकरण मुहैया कराए जाते हैं और न ही स्थायी सुरक्षा के इंतज़ाम किए जाते हैं। जानकारी के अनुसार, अधिकांश लाइनमैनों को मात्र 9 से 10 हजार रुपये का मासिक मानदेय मिलता है, और उनकी ड्यूटी का कोई निश्चित समय नहीं होता। जब तक क्षेत्र का फॉल्ट ठीक नहीं हो जाता, उन्हें लगातार काम करना पड़ता है, कई बार तो पूरी रात बिजली बहाल करने में बीत जाती है। संविदा कर्मियों का कहना है कि विभागीय संसाधनों की कमी, अधिकारियों का दबाव और जनता की नाराजगी का सबसे अधिक प्रभाव उन्हीं पर पड़ता है, क्योंकि बिजली कटौती होने पर सबसे पहले उन्हें ही लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोग भी मानते हैं कि प्रदेश की बिजली व्यवस्था काफी हद तक इन संविदा कर्मियों पर निर्भर है; यदि ये कर्मचारी अपनी जान जोखिम में डालकर काम न करें, तो ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह प्रभावित हो सकती है। इन सबके बावजूद, दुर्घटना होने पर कई मामलों में उन्हें न तो पर्याप्त मुआवजा मिलता है और न ही उनके परिवार को उचित सहायता। क्षेत्र के लोगों और संविदा कर्मियों ने सरकार से यह माँग की है कि उन्हें आवश्यक सुरक्षा उपकरण, स्वास्थ्य एवं दुर्घटना बीमा, एक सम्मानजनक वेतन और स्थायीकरण जैसी सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँ। उनका तर्क है कि जो कर्मचारी प्रतिदिन अपनी जान खतरे में डालकर जनता को रोशनी दे रहे हैं, उन्हें भी सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन का अधिकार मिलना चाहिए। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इन फ्रंटलाइन कर्मियों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया गया, तो इसका सीधा नकारात्मक असर प्रदेश की विद्युत व्यवस्था पर पड़ सकता है। ऐसे में, यह एक बड़ा सवाल बना हुआ है कि क्या बिजली व्यवस्था की धुरी माने जाने वाले इन संविदा लाइनमैनों को वास्तव में वह सुरक्षा और सम्मान मिलेगा, जिसके वे हकदार हैं।
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    प्रदेश की बिजली व्यवस्था की रीढ़ कहे जाने वाले संविदा लाइनमैन आज भी असुरक्षित माहौल और बदहाल व्यवस्था में काम करने को मजबूर हैं। गाँव से लेकर शहर तक बिजली आपूर्ति बहाल रखने की अहम जिम्मेदारी इन्हीं कर्मियों के कंधों पर होती है, लेकिन सुविधाओं के नाम पर उन्हें सिर्फ जोखिम, अत्यधिक दबाव और उपेक्षा ही मिलती है।

ये संविदा लाइनमैन भीषण गर्मी, बारिश, आँधी या रात के अंधेरे जैसी हर विपरीत परिस्थिति में बिजली के फॉल्ट ठीक करने के लिए खंभों पर चढ़कर अपनी जान जोखिम में डालते हैं। कई बार उन्हें करंट लगने से गंभीर हादसों का सामना करना पड़ता है। इसके बावजूद, उन्हें न तो पर्याप्त सुरक्षा उपकरण मुहैया कराए जाते हैं और न ही स्थायी सुरक्षा के इंतज़ाम किए जाते हैं। जानकारी के अनुसार, अधिकांश लाइनमैनों को मात्र 9 से 10 हजार रुपये का मासिक मानदेय मिलता है, और उनकी ड्यूटी का कोई निश्चित समय नहीं होता। जब तक क्षेत्र का फॉल्ट ठीक नहीं हो जाता, उन्हें लगातार काम करना पड़ता है, कई बार तो पूरी रात बिजली बहाल करने में बीत जाती है।

संविदा कर्मियों का कहना है कि विभागीय संसाधनों की कमी, अधिकारियों का दबाव और जनता की नाराजगी का सबसे अधिक प्रभाव उन्हीं पर पड़ता है, क्योंकि बिजली कटौती होने पर सबसे पहले उन्हें ही लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोग भी मानते हैं कि प्रदेश की बिजली व्यवस्था काफी हद तक इन संविदा कर्मियों पर निर्भर है; यदि ये कर्मचारी अपनी जान जोखिम में डालकर काम न करें, तो ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह प्रभावित हो सकती है। इन सबके बावजूद, दुर्घटना होने पर कई मामलों में उन्हें न तो पर्याप्त मुआवजा मिलता है और न ही उनके परिवार को उचित सहायता।

क्षेत्र के लोगों और संविदा कर्मियों ने सरकार से यह माँग की है कि उन्हें आवश्यक सुरक्षा उपकरण, स्वास्थ्य एवं दुर्घटना बीमा, एक सम्मानजनक वेतन और स्थायीकरण जैसी सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँ। उनका तर्क है कि जो कर्मचारी प्रतिदिन अपनी जान खतरे में डालकर जनता को रोशनी दे रहे हैं, उन्हें भी सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन का अधिकार मिलना चाहिए। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इन फ्रंटलाइन कर्मियों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया गया, तो इसका सीधा नकारात्मक असर प्रदेश की विद्युत व्यवस्था पर पड़ सकता है। ऐसे में, यह एक बड़ा सवाल बना हुआ है कि क्या बिजली व्यवस्था की धुरी माने जाने वाले इन संविदा लाइनमैनों को वास्तव में वह सुरक्षा और सम्मान मिलेगा, जिसके वे हकदार हैं।
    user_SHATRUGHAN DEVPURIA
    SHATRUGHAN DEVPURIA
    पत्रकार Azamgarh, Uttar Pradesh•
    7 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (TGT) परीक्षा 03 और 04 जून 2026 को आजमगढ़ जनपद में होगी। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने इस महत्वपूर्ण परीक्षा को पूरी तरह से नकलविहीन, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। यह परीक्षा प्रतिदिन दो पालियों में आयोजित की जाएगी; पहली पाली सुबह 09:30 बजे से 11:30 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 02:30 बजे से 04:30 बजे तक चलेगी। आजमगढ़ जनपद में कुल 14 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहाँ 22,236 अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल होंगे। आगामी टीजीटी परीक्षा के सफल संचालन के लिए जनपद का प्रशासन पूरी तरह से सतर्क और अलर्ट है।
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    उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (TGT) परीक्षा 03 और 04 जून 2026 को आजमगढ़ जनपद में होगी। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने इस महत्वपूर्ण परीक्षा को पूरी तरह से नकलविहीन, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं।

यह परीक्षा प्रतिदिन दो पालियों में आयोजित की जाएगी; पहली पाली सुबह 09:30 बजे से 11:30 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 02:30 बजे से 04:30 बजे तक चलेगी। आजमगढ़ जनपद में कुल 14 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहाँ 22,236 अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल होंगे। आगामी टीजीटी परीक्षा के सफल संचालन के लिए जनपद का प्रशासन पूरी तरह से सतर्क और अलर्ट है।
    user_Arun Pandey
    Arun Pandey
    आजमगढ़, आजमगढ़, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित टीजीटी परीक्षा 03 और 04 जून को आजमगढ़ जनपद के 14 परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में संपन्न होगी। इस महत्वपूर्ण परीक्षा में कुल 22,236 अभ्यर्थी शामिल होंगे। परीक्षा को नकलविहीन और पारदर्शी ढंग से आयोजित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी रविंद्र कुमार की अध्यक्षता में एक बैठक का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी ने बैठक में सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे, बिजली आपूर्ति, जनरेटर सुविधा, पेयजल, ओआरएस (ORS) और पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अभ्यर्थियों की सुविधा का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है, जिसके तहत रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन और प्रमुख चौराहों पर रूट चार्ट और दिशा-सूचक बोर्ड लगाए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में धारा-163 लागू रहेगी और मोबाइल फोन तथा आईटी गैजेट्स का उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। प्रत्येक केंद्र पर सेक्टर और स्टैटिक मजिस्ट्रेट के साथ पर्याप्त पुलिस बल भी तैनात किया जाएगा।
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    उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित टीजीटी परीक्षा 03 और 04 जून को आजमगढ़ जनपद के 14 परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में संपन्न होगी। इस महत्वपूर्ण परीक्षा में कुल 22,236 अभ्यर्थी शामिल होंगे।

परीक्षा को नकलविहीन और पारदर्शी ढंग से आयोजित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी रविंद्र कुमार की अध्यक्षता में एक बैठक का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी ने बैठक में सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे, बिजली आपूर्ति, जनरेटर सुविधा, पेयजल, ओआरएस (ORS) और पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

अभ्यर्थियों की सुविधा का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है, जिसके तहत रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन और प्रमुख चौराहों पर रूट चार्ट और दिशा-सूचक बोर्ड लगाए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में धारा-163 लागू रहेगी और मोबाइल फोन तथा आईटी गैजेट्स का उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। प्रत्येक केंद्र पर सेक्टर और स्टैटिक मजिस्ट्रेट के साथ पर्याप्त पुलिस बल भी तैनात किया जाएगा।
    user_शैलेन्द्र पत्रकार
    शैलेन्द्र पत्रकार
    आजमगढ़, आजमगढ़, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • आजमगढ़ जिले की मार्टिनगंज तहसील एक बार फिर कथित रिश्वतखोरी के आरोपों को लेकर सुर्खियों में है। तहसील में तैनात कानूनगो रामबचन यादव का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है, हालांकि इस वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। इस मामले को लेकर तहसील परिसर और क्षेत्रीय लोगों के बीच तरह-तरह की बातें चल रही हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि भूमि, खतौनी, दाखिल-खारिज सहित अन्य राजस्व संबंधी कार्यों के लिए बिना लेन-देन के फाइलों का समय पर निस्तारण नहीं किया जाता। यह भी चर्चा है कि मामला सामने आने के बाद सख्त कार्रवाई करने के बजाय, कथित तौर पर 'पैसे वापस कर मामला शांत' करने का प्रयास किया गया। गौरतलब है कि मार्टिनगंज तहसील पहले भी विवादों में रही है। इससे पूर्व कानूनगो जयप्रकाश यादव को एंटी करप्शन टीम ने रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था, वहीं कानूनगो जुल्फेकार अहमद का एक कथित वीडियो भी चर्चा का विषय बना था। इसके अतिरिक्त, लेखपाल वैभव आनंद सिंह पर भी गंभीर आरोप लग चुके हैं। लगातार सामने आ रहे इन मामलों के बाद अब पूरे राजस्व तंत्र की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। क्षेत्रीय लोगों ने इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि ऐसे मामलों का निपटारा केवल समझौते और पैसे की वापसी तक ही सीमित रहेगा, तो भ्रष्टाचार पर प्रभावी रोक लगाना बेहद मुश्किल होगा।
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    आजमगढ़ जिले की मार्टिनगंज तहसील एक बार फिर कथित रिश्वतखोरी के आरोपों को लेकर सुर्खियों में है। तहसील में तैनात कानूनगो रामबचन यादव का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है, हालांकि इस वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। इस मामले को लेकर तहसील परिसर और क्षेत्रीय लोगों के बीच तरह-तरह की बातें चल रही हैं।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि भूमि, खतौनी, दाखिल-खारिज सहित अन्य राजस्व संबंधी कार्यों के लिए बिना लेन-देन के फाइलों का समय पर निस्तारण नहीं किया जाता। यह भी चर्चा है कि मामला सामने आने के बाद सख्त कार्रवाई करने के बजाय, कथित तौर पर 'पैसे वापस कर मामला शांत' करने का प्रयास किया गया।

गौरतलब है कि मार्टिनगंज तहसील पहले भी विवादों में रही है। इससे पूर्व कानूनगो जयप्रकाश यादव को एंटी करप्शन टीम ने रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था, वहीं कानूनगो जुल्फेकार अहमद का एक कथित वीडियो भी चर्चा का विषय बना था। इसके अतिरिक्त, लेखपाल वैभव आनंद सिंह पर भी गंभीर आरोप लग चुके हैं। लगातार सामने आ रहे इन मामलों के बाद अब पूरे राजस्व तंत्र की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।

क्षेत्रीय लोगों ने इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि ऐसे मामलों का निपटारा केवल समझौते और पैसे की वापसी तक ही सीमित रहेगा, तो भ्रष्टाचार पर प्रभावी रोक लगाना बेहद मुश्किल होगा।
    user_VOD LIVE NEWS
    VOD LIVE NEWS
    Media house Sagri, Azamgarh•
    11 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के बिल्थरारोड स्थित उभांव रोड पर आदित्य पैलेस के निकट 'राहुल नर्सिंग होम मैटरनिटी सेंटर' का भव्य शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख आलोक सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस नए नर्सिंग होम में ओपीडी, डिलीवरी, ऑपरेशन और जनरल सर्जरी जैसी आवश्यक चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध होंगी, जहाँ डॉ. ऋषि राज और डॉ. प्रशुन केसरी अपनी सेवाएँ प्रदान करेंगे। नर्सिंग होम के डायरेक्टर राहुल कुमार ने बताया कि उनका मुख्य उद्देश्य क्षेत्र के निवासियों को उच्च गुणवत्ता वाली और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ मुहैया कराना है।
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    उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के बिल्थरारोड स्थित उभांव रोड पर आदित्य पैलेस के निकट 'राहुल नर्सिंग होम मैटरनिटी सेंटर' का भव्य शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख आलोक सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

इस नए नर्सिंग होम में ओपीडी, डिलीवरी, ऑपरेशन और जनरल सर्जरी जैसी आवश्यक चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध होंगी, जहाँ डॉ. ऋषि राज और डॉ. प्रशुन केसरी अपनी सेवाएँ प्रदान करेंगे। नर्सिंग होम के डायरेक्टर राहुल कुमार ने बताया कि उनका मुख्य उद्देश्य क्षेत्र के निवासियों को उच्च गुणवत्ता वाली और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ मुहैया कराना है।
    user_धीरज कुमार गुप्ता / पत्रकार
    धीरज कुमार गुप्ता / पत्रकार
    Food Manufacturing Company Belthara Road, Ballia•
    11 hrs ago
  • आजमगढ़ के हरबंशपुर स्थित चिल्ड्रेन कॉलेज में पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान के अंतर्गत एक जिला प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष ध्रुव कुमार सिंह और पूर्व विधानसभा प्रत्याशी अखिलेश मिश्रा गुड्डू की उपस्थिति रही। प्रशिक्षण शिविर के दौरान एक आर्केस्ट्रा कार्यक्रम भी कराया गया, जिसका वीडियो इस समय सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है और जमकर वायरल हो रहा है।
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    आजमगढ़ के हरबंशपुर स्थित चिल्ड्रेन कॉलेज में पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान के अंतर्गत एक जिला प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष ध्रुव कुमार सिंह और पूर्व विधानसभा प्रत्याशी अखिलेश मिश्रा गुड्डू की उपस्थिति रही। प्रशिक्षण शिविर के दौरान एक आर्केस्ट्रा कार्यक्रम भी कराया गया, जिसका वीडियो इस समय सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है और जमकर वायरल हो रहा है।
    user_ΒᖇΙJΣSΗ ΨΛᗪΛᐯ
    ΒᖇΙJΣSΗ ΨΛᗪΛᐯ
    Voice of people आजमगढ़, आजमगढ़, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
  • बक्सर के किला मैदान में महायज्ञ महर्षि विश्वामित्र सामूहिक विवाह महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस महोत्सव को बक्सर वासियों द्वारा किया जा रहा एक 'बहुत ही नेक काम' बताया गया है, जिसके लिए बक्सर की जनता की प्रशंसा की गई है।
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    बक्सर के किला मैदान में महायज्ञ महर्षि विश्वामित्र सामूहिक विवाह महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस महोत्सव को बक्सर वासियों द्वारा किया जा रहा एक 'बहुत ही नेक काम' बताया गया है, जिसके लिए बक्सर की जनता की प्रशंसा की गई है।
    user_Tatkal News Bihar 24
    Tatkal News Bihar 24
    Local News Reporter बक्सर, बक्सर, बिहार•
    16 hrs ago
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