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वैदिक मंत्रोच्चार के साथ प्रज्वलित हुई आस्था की ज्योति फाग गीतों पर झूम उठे शहरवासी कटंगी। शहर के बस स्टैंड परिसर में सोमवार मंगलवार की दरमियानी रात 12.50 बजे शुभ मुहूर्त में वैदिक परंपराओं के अनुरूप भव्य वैदिक होलिका दहन महोत्सव का आयोजन श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। वैदिक होलिका दहन महोत्सव समिति के तत्वावधान में ब्राह्मणजनों द्वारा मंत्रोच्चार के साथ होलिका दहन किया गया। पूरे वातावरण में वेद मंत्रों की गूंज, ढोल-मंजीरों की थाप और “होली है” के जयघोष से नगर गुंजायमान हो उठा। *रात 8 बजे से सजी फाग की महफिल* होलिका दहन से पूर्व रात 8 बजे से ही स्थानीय भजन एवं फाग मंडलियों ने संगीतमय कार्यक्रम की शुरुआत कर दी थी। पारंपरिक फाग गीतों के अलावा खाटू श्याम भजनो पर शहरवासी जमकर झूमे, नाचे और गुलाल उड़ाकर उत्सव को रंगों से सराबोर कर दिया। बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों की एक साथ सहभागिता ने आयोजन को सामूहिकता और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बना दिया। *गोबर के उपलों से पर्यावरण हितैषी होलिका* समिति से जुड़े संदीप शर्मा, विनीत मोर, सुनील डोंगरे, राकेश शर्मा और साकेत मिश्रा ने बताया कि यह आयोजन वर्ष 2026 में अपने 90वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। इसकी शुरुआत पर्यावरण संरक्षण और वैदिक परंपराओं के पुनर्जीवन के उद्देश्य से की गई थी। होलिका दहन में लकड़ी के स्थान पर गौशाला से प्राप्त गाय के गोबर से निर्मित उपलों (कंडों) का उपयोग किया गया, जिससे न केवल पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया बल्कि गौशाला को आर्थिक संबल भी मिला। *51 दुर्लभ जड़ी-बूटियों से विशेष हवन* आयोजन की खास बात यह रही 51 प्रकार की दुर्लभ जड़ी-बूटियों से निर्मित विशेष हवन सामग्री। ब्राह्मणों द्वारा वैदिक विधि-विधान से हवन सामग्री में देशी घी, गुग्गुल, कपूर एवं पारंपरिक औषधीय तत्व अर्पित किए गए। मान्यता है कि इससे वातावरण शुद्ध होता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। *युवा पीढ़ी को संस्कृति से जोड़ने का प्रयास* आयोजकों ने बताया कि समिति का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को भारतीय सनातन परंपराओं, संस्कृति और त्योहारों के वास्तविक स्वरूप से परिचित कराना है। वैदिक रीति से होलिका दहन कर समाज को एकजुट करना और सामूहिक उत्सव की परंपरा को जीवित रखना ही समिति का संकल्प है। पूरे कार्यक्रम के दौरान अनुविभागीय अधिकारी पुलिस विवेक कुमार शर्मा के निर्देशन में थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुशराम के नेतृत्व में सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। शहरवासियों ने एक स्वर में  इस ऐतिहासिक आयोजन की सराहना करते हुए इसे कटंगी की सांस्कृतिक पहचान बताया।

3 hrs ago
user_संदीप शर्मा
संदीप शर्मा
Local News Reporter कटंगी, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
3 hrs ago

वैदिक मंत्रोच्चार के साथ प्रज्वलित हुई आस्था की ज्योति फाग गीतों पर झूम उठे शहरवासी कटंगी। शहर के बस स्टैंड परिसर में सोमवार मंगलवार की दरमियानी रात 12.50 बजे शुभ मुहूर्त में वैदिक परंपराओं के अनुरूप भव्य वैदिक होलिका दहन महोत्सव का आयोजन श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। वैदिक होलिका दहन महोत्सव समिति के तत्वावधान में ब्राह्मणजनों द्वारा मंत्रोच्चार के साथ होलिका दहन किया गया। पूरे वातावरण में वेद मंत्रों की गूंज, ढोल-मंजीरों की थाप और “होली है” के जयघोष से नगर गुंजायमान हो उठा। *रात 8 बजे से सजी फाग की महफिल* होलिका दहन से पूर्व रात 8 बजे से ही स्थानीय भजन एवं फाग मंडलियों ने संगीतमय कार्यक्रम की शुरुआत कर दी थी। पारंपरिक फाग गीतों के अलावा खाटू श्याम भजनो पर शहरवासी जमकर झूमे, नाचे और गुलाल उड़ाकर उत्सव को रंगों से सराबोर कर दिया। बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों की एक साथ सहभागिता ने आयोजन को सामूहिकता और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बना दिया। *गोबर के उपलों से पर्यावरण हितैषी होलिका* समिति से जुड़े संदीप शर्मा, विनीत मोर, सुनील डोंगरे, राकेश शर्मा और साकेत मिश्रा ने बताया कि यह आयोजन वर्ष 2026 में अपने 90वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। इसकी शुरुआत पर्यावरण संरक्षण और वैदिक परंपराओं के पुनर्जीवन के उद्देश्य से की गई थी। होलिका दहन में लकड़ी के स्थान पर गौशाला से प्राप्त गाय के गोबर से निर्मित उपलों (कंडों) का उपयोग किया गया, जिससे न केवल पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया बल्कि गौशाला को आर्थिक संबल भी मिला। *51 दुर्लभ जड़ी-बूटियों से विशेष हवन* आयोजन की खास बात यह रही 51 प्रकार की दुर्लभ जड़ी-बूटियों से निर्मित विशेष हवन सामग्री। ब्राह्मणों द्वारा वैदिक विधि-विधान से हवन सामग्री में देशी घी, गुग्गुल, कपूर एवं पारंपरिक औषधीय तत्व अर्पित किए गए। मान्यता है कि इससे वातावरण शुद्ध होता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। *युवा पीढ़ी को संस्कृति से जोड़ने का प्रयास* आयोजकों ने बताया कि समिति का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को भारतीय सनातन परंपराओं, संस्कृति और त्योहारों के वास्तविक स्वरूप से परिचित कराना है। वैदिक रीति से होलिका दहन कर समाज को एकजुट करना और सामूहिक उत्सव की परंपरा को जीवित रखना ही समिति का संकल्प है। पूरे कार्यक्रम के दौरान अनुविभागीय अधिकारी पुलिस विवेक कुमार शर्मा के निर्देशन में थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुशराम के नेतृत्व में सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। शहरवासियों ने एक स्वर में  इस ऐतिहासिक आयोजन की सराहना करते हुए इसे कटंगी की सांस्कृतिक पहचान बताया।

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  • तहसील क्षेत्र के ग्राम लिंगापौनार में एक कुम्हार के कच्चे मकान में अज्ञात कारण से भीषण आग लग गई। आगजनी की इस घटना में परिवार को करीब 2 लाख रुपए तक का प्रारंभिक नुकसान होने का अनुमान लगाया गया है। घटना 03 मार्च मंगलवार की शाम करीब साढ़े 05 बजे की है। मिली जानकारी अनुसार लिंगापौनार निवासी दिनेश पिता मनीराम सोनवाने के कच्चे मकान में अचानक से आग भड़क गई।
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    तहसील क्षेत्र के ग्राम लिंगापौनार में एक कुम्हार के कच्चे मकान में अज्ञात कारण से भीषण आग लग गई। आगजनी की इस घटना में परिवार को करीब 2 लाख रुपए तक का प्रारंभिक नुकसान होने का अनुमान लगाया गया है। घटना 03 मार्च मंगलवार की शाम करीब साढ़े 05 बजे की है। मिली जानकारी अनुसार लिंगापौनार निवासी दिनेश पिता मनीराम सोनवाने के कच्चे मकान में अचानक से आग भड़क गई।
    user_Dev Anand
    Dev Anand
    कटंगी, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • फाग गीतों पर झूम उठे शहरवासी कटंगी। शहर के बस स्टैंड परिसर में सोमवार मंगलवार की दरमियानी रात 12.50 बजे शुभ मुहूर्त में वैदिक परंपराओं के अनुरूप भव्य वैदिक होलिका दहन महोत्सव का आयोजन श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। वैदिक होलिका दहन महोत्सव समिति के तत्वावधान में ब्राह्मणजनों द्वारा मंत्रोच्चार के साथ होलिका दहन किया गया। पूरे वातावरण में वेद मंत्रों की गूंज, ढोल-मंजीरों की थाप और “होली है” के जयघोष से नगर गुंजायमान हो उठा। *रात 8 बजे से सजी फाग की महफिल* होलिका दहन से पूर्व रात 8 बजे से ही स्थानीय भजन एवं फाग मंडलियों ने संगीतमय कार्यक्रम की शुरुआत कर दी थी। पारंपरिक फाग गीतों के अलावा खाटू श्याम भजनो पर शहरवासी जमकर झूमे, नाचे और गुलाल उड़ाकर उत्सव को रंगों से सराबोर कर दिया। बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों की एक साथ सहभागिता ने आयोजन को सामूहिकता और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बना दिया। *गोबर के उपलों से पर्यावरण हितैषी होलिका* समिति से जुड़े संदीप शर्मा, विनीत मोर, सुनील डोंगरे, राकेश शर्मा और साकेत मिश्रा ने बताया कि यह आयोजन वर्ष 2026 में अपने 90वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। इसकी शुरुआत पर्यावरण संरक्षण और वैदिक परंपराओं के पुनर्जीवन के उद्देश्य से की गई थी। होलिका दहन में लकड़ी के स्थान पर गौशाला से प्राप्त गाय के गोबर से निर्मित उपलों (कंडों) का उपयोग किया गया, जिससे न केवल पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया बल्कि गौशाला को आर्थिक संबल भी मिला। *51 दुर्लभ जड़ी-बूटियों से विशेष हवन* आयोजन की खास बात यह रही 51 प्रकार की दुर्लभ जड़ी-बूटियों से निर्मित विशेष हवन सामग्री। ब्राह्मणों द्वारा वैदिक विधि-विधान से हवन सामग्री में देशी घी, गुग्गुल, कपूर एवं पारंपरिक औषधीय तत्व अर्पित किए गए। मान्यता है कि इससे वातावरण शुद्ध होता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। *युवा पीढ़ी को संस्कृति से जोड़ने का प्रयास* आयोजकों ने बताया कि समिति का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को भारतीय सनातन परंपराओं, संस्कृति और त्योहारों के वास्तविक स्वरूप से परिचित कराना है। वैदिक रीति से होलिका दहन कर समाज को एकजुट करना और सामूहिक उत्सव की परंपरा को जीवित रखना ही समिति का संकल्प है। पूरे कार्यक्रम के दौरान अनुविभागीय अधिकारी पुलिस विवेक कुमार शर्मा के निर्देशन में थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुशराम के नेतृत्व में सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। शहरवासियों ने एक स्वर में  इस ऐतिहासिक आयोजन की सराहना करते हुए इसे कटंगी की सांस्कृतिक पहचान बताया।
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    फाग गीतों पर झूम उठे शहरवासी
कटंगी।
शहर के बस स्टैंड परिसर में सोमवार मंगलवार की दरमियानी रात 12.50 बजे शुभ मुहूर्त में वैदिक परंपराओं के अनुरूप भव्य वैदिक होलिका दहन महोत्सव का आयोजन श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। वैदिक होलिका दहन महोत्सव समिति के तत्वावधान में ब्राह्मणजनों द्वारा मंत्रोच्चार के साथ होलिका दहन किया गया। पूरे वातावरण में वेद मंत्रों की गूंज, ढोल-मंजीरों की थाप और “होली है” के जयघोष से नगर गुंजायमान हो उठा।
*रात 8 बजे से सजी फाग की महफिल*
होलिका दहन से पूर्व रात 8 बजे से ही स्थानीय भजन एवं फाग मंडलियों ने संगीतमय कार्यक्रम की शुरुआत कर दी थी। पारंपरिक फाग गीतों के अलावा खाटू श्याम भजनो पर शहरवासी जमकर झूमे, नाचे और गुलाल उड़ाकर उत्सव को रंगों से सराबोर कर दिया। बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों की एक साथ सहभागिता ने आयोजन को सामूहिकता और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बना दिया।
*गोबर के उपलों से पर्यावरण हितैषी होलिका*
समिति से जुड़े संदीप शर्मा, विनीत मोर, सुनील डोंगरे, राकेश शर्मा और साकेत मिश्रा ने बताया कि यह आयोजन वर्ष 2026 में अपने 90वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। इसकी शुरुआत पर्यावरण संरक्षण और वैदिक परंपराओं के पुनर्जीवन के उद्देश्य से की गई थी। होलिका दहन में लकड़ी के स्थान पर गौशाला से प्राप्त गाय के गोबर से निर्मित उपलों (कंडों) का उपयोग किया गया, जिससे न केवल पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया बल्कि गौशाला को आर्थिक संबल भी मिला।
*51 दुर्लभ जड़ी-बूटियों से विशेष हवन*
आयोजन की खास बात यह रही 51 प्रकार की दुर्लभ जड़ी-बूटियों से निर्मित विशेष हवन सामग्री। ब्राह्मणों द्वारा वैदिक विधि-विधान से हवन सामग्री में देशी घी, गुग्गुल, कपूर एवं पारंपरिक औषधीय तत्व अर्पित किए गए। मान्यता है कि इससे वातावरण शुद्ध होता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
*युवा पीढ़ी को संस्कृति से जोड़ने का प्रयास*
आयोजकों ने बताया कि समिति का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को भारतीय सनातन परंपराओं, संस्कृति और त्योहारों के वास्तविक स्वरूप से परिचित कराना है। वैदिक रीति से होलिका दहन कर समाज को एकजुट करना और सामूहिक उत्सव की परंपरा को जीवित रखना ही समिति का संकल्प है। पूरे कार्यक्रम के दौरान अनुविभागीय अधिकारी पुलिस विवेक कुमार शर्मा के निर्देशन में थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुशराम के नेतृत्व में सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। शहरवासियों ने एक स्वर में  इस ऐतिहासिक आयोजन की सराहना करते हुए इसे कटंगी की सांस्कृतिक पहचान बताया।
    user_संदीप शर्मा
    संदीप शर्मा
    Local News Reporter कटंगी, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • #holi
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    #holi
    user_Aniruddhacharya ji
    Aniruddhacharya ji
    Graphic designer Balaghat, Madhya Pradesh•
    4 hrs ago
  • नदी से अवैध रेत भरते ग्रामीणों ने पकड़ा ट्रैक्टर-ट्रॉली चार घंटे बाद पहुंचे वन अमला, विभाग की भूमिका पर उठे सवाल सिवनी/खंडासा : कुरई वन सामान्य परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत खांडसा के उतरिया वन सामान्य क्षेत्र की नदी में अवैध रूप से रेत भरते एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को ग्रामीणों ने रंगे हाथों पकड़ लिया। पकड़ा गया वाहन क्रमांक MP 50 AA 0480 बताया गया है, जिसे चालक पवन पिता धूप सिंह (उम्र लगभग 41 वर्ष), निवासी नयेगांव चला रहा था। ग्रामीणों के अनुसार उतरिया नदी से रेत का अवैध उत्खनन लंबे समय से चल रहा है। गुरुवार को जब चालक ट्रॉली में रेत भर रहा था, तब ग्रामीणों ने उसे पकड़कर वाहन सहित ग्राम पंचायत कार्यालय में खड़ा कर दिया। इसके बाद पंचनामा कार्रवाई करते हुए संबंधित विभाग को सूचना दी गई। ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद करीब चार घंटे तक कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। बाद में डिप्टी रेंजर व वनरक्षक मौके पर पहुंचे। इस देरी को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश देखा गया। ग्राम पंचायत सरपंच सहित पंचगणों का कहना है कि संबंधित विभाग की मौन स्वीकृति से अवैध रेत का कारोबार धड़ल्ले से संचालित हो रहा है। इनका कहना है वन सामान्य परिक्षेत्र के वन एवं राजस्व क्षेत्र के कक्ष क्रमांक आरएफ 344 उतरिया नदी से रेत भरते वाहन को पकड़कर राजसात करने की कार्रवाई की जा रही है। — अशोक कुमार इक्का, डिप्टी रेंजर
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    नदी से अवैध रेत भरते ग्रामीणों ने पकड़ा ट्रैक्टर-ट्रॉली
चार घंटे बाद पहुंचे वन अमला, विभाग की भूमिका पर उठे सवाल
सिवनी/खंडासा :  कुरई वन सामान्य परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत खांडसा के उतरिया वन सामान्य क्षेत्र की नदी में अवैध रूप से रेत भरते एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को ग्रामीणों ने रंगे हाथों पकड़ लिया। पकड़ा गया वाहन क्रमांक MP 50 AA 0480 बताया गया है, जिसे चालक पवन पिता धूप सिंह (उम्र लगभग 41 वर्ष), निवासी नयेगांव चला रहा था।
ग्रामीणों के अनुसार उतरिया नदी से रेत का अवैध उत्खनन लंबे समय से चल रहा है। गुरुवार को जब चालक ट्रॉली में रेत भर रहा था, तब ग्रामीणों ने उसे पकड़कर वाहन सहित ग्राम पंचायत कार्यालय में खड़ा कर दिया। इसके बाद पंचनामा कार्रवाई करते हुए संबंधित विभाग को सूचना दी गई।
ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद करीब चार घंटे तक कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। बाद में डिप्टी रेंजर व वनरक्षक मौके पर पहुंचे। इस देरी को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश देखा गया। ग्राम पंचायत सरपंच सहित पंचगणों का कहना है कि संबंधित विभाग की मौन स्वीकृति से अवैध रेत का कारोबार धड़ल्ले से संचालित हो रहा है।
इनका कहना है
वन सामान्य परिक्षेत्र के वन एवं राजस्व क्षेत्र के कक्ष क्रमांक आरएफ 344 उतरिया नदी से रेत भरते वाहन को पकड़कर राजसात करने की कार्रवाई की जा रही है।
— अशोक कुमार इक्का, डिप्टी रेंजर
    user_सरवन वर्मा पत्रकार
    सरवन वर्मा पत्रकार
    Journalist कुरई, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • राष्ट्रपति दफ्तर पर हमला ईरान पर US-इजराइली हमले बढ़ते जा रहे हैं। इजराइली एयरफोर्स ने ईरान के राष्ट्रपति दफ्तर समेत कई महत्वपूर्ण स्थानों पर हमले का दावा किया है। इजराइली सेना (IDF) ने पुष्टि की है कि उन्होंने तेहरान स्थिति लीडरशिप कंपाउंड और SNSC की इमारतों पर बम बरसाए हैं। इसके अलावा हिजबुल्लाह के 100 से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया गया है।
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    राष्ट्रपति दफ्तर पर हमला
ईरान पर US-इजराइली हमले बढ़ते जा रहे हैं। इजराइली एयरफोर्स ने ईरान के राष्ट्रपति दफ्तर समेत कई महत्वपूर्ण स्थानों पर हमले का दावा किया है। इजराइली सेना (IDF) ने पुष्टि की है कि उन्होंने तेहरान स्थिति लीडरशिप कंपाउंड और SNSC की इमारतों पर बम बरसाए हैं। इसके अलावा हिजबुल्लाह के 100 से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया गया है।
    user_रजत रंजन गुप्ता
    रजत रंजन गुप्ता
    Seoni Nagar, Madhya Pradesh•
    5 hrs ago
  • Post by BRMG SEONI
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    Post by BRMG SEONI
    user_BRMG SEONI
    BRMG SEONI
    सिवनी, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    22 hrs ago
  • नगर मुख्यालय स्थित लांजी-सालेटेकरी रोड़ पर कोटेश्वर मंदिर चौक में मुख्य मार्ग के किनारे लगे हुये पेड़ में अचानक भयंकर आग लग गई, जिसके धुएं का गुबार दूर तक दिखाई देने पर मौके पर जमा लोगों के द्वारा उक्ताशय की सूचना नगर परिषद फायर बिग्रेड को दी गई, सूचना पाते ही फायर बिग्रेड द्वारा तत्काल मौका स्थल पर पंहुचकर पेड़ में लगी आग पर काबू पाया गया। समय रहते आग पर काबू पा लिया गया वरना बड़ा नुकसान हो सकता था, बता दें कि जहां यह आग लगी थी उससे ही सटा हुआ वन विभाग का डिपो भी है, ऐसे में दमकल वाहन की तत्परता के चलते एक बड़ा हादसा टल गया। हालांकि आग लगने का कारणों का पता फिलहाल नहीं चल पाया है।
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    नगर मुख्यालय स्थित लांजी-सालेटेकरी रोड़ पर कोटेश्वर मंदिर चौक में मुख्य मार्ग के किनारे लगे हुये पेड़ में अचानक भयंकर आग लग गई, जिसके धुएं का गुबार दूर तक दिखाई देने पर मौके पर जमा लोगों के द्वारा उक्ताशय की सूचना नगर परिषद फायर बिग्रेड को दी गई, सूचना पाते ही फायर बिग्रेड द्वारा तत्काल मौका स्थल पर पंहुचकर पेड़ में लगी आग पर काबू पाया गया। समय रहते आग पर काबू पा लिया गया वरना बड़ा नुकसान हो सकता था, बता दें कि जहां यह आग लगी थी उससे ही सटा हुआ वन विभाग का डिपो भी है, ऐसे में दमकल वाहन की तत्परता के चलते एक बड़ा हादसा टल गया। हालांकि आग लगने का कारणों का पता फिलहाल नहीं चल पाया है।
    user_Ramanuj Tidke
    Ramanuj Tidke
    Local News Reporter लांजी, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक और उल्लास, उमंग, हंसी-ठिठोली का पर्व होली को लेकर शहर और गांवों में उत्साह चरम पर है। शहर से लेकर कई ग्रामीण अंचलों में सोमवार की देर रात होलिका दहन के साथ होली के त्योहार की शुरुआत हो गई। किंतु मंगलवार को रंग नहीं खेला गया। 3 मार्च को चंद्र ग्रहण भी लग रहा है। चंद्रग्रहण के दौरान सुबह 09 बजे सूतक काल प्रभावी हो गया है, जिसमें धार्मिक कार्य वर्जित माने जाते हैं। इसलिए आज मंगलवार की सुबह कहीं भी रंग-गुलाब नहीं खेला गया।
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    बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक और उल्लास, उमंग, हंसी-ठिठोली का पर्व होली को लेकर शहर और गांवों में उत्साह चरम पर है। शहर से लेकर कई ग्रामीण अंचलों में सोमवार की देर रात होलिका दहन के साथ होली के त्योहार की शुरुआत हो गई। किंतु मंगलवार को रंग नहीं खेला गया। 3 मार्च को चंद्र ग्रहण भी लग रहा है। चंद्रग्रहण के दौरान सुबह 09 बजे सूतक काल प्रभावी हो गया है, जिसमें धार्मिक कार्य वर्जित माने जाते हैं। इसलिए आज मंगलवार की सुबह कहीं भी रंग-गुलाब नहीं खेला गया।
    user_Dev Anand
    Dev Anand
    कटंगी, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
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