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छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले अंतर्गत हसौद थाने में पदस्थ आरक्षक जय लहरें ने कथित रूप से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। आरक्षक का शव थाना भवन की ही ऊपरी मंजिल में फांसी के फंदे पर लटका हुआ मिला। इस घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारियों में हड़कंप मच गया और अधिकारियों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी। घटना के बाद पुलिस आरक्षक को तत्काल PHC हसौद लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है और पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच में जुटी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आगे की जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
Bhupendra lahare
छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले अंतर्गत हसौद थाने में पदस्थ आरक्षक जय लहरें ने कथित रूप से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। आरक्षक का शव थाना भवन की ही ऊपरी मंजिल में फांसी के फंदे पर लटका हुआ मिला। इस घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारियों में हड़कंप मच गया और अधिकारियों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी। घटना के बाद पुलिस आरक्षक को तत्काल PHC हसौद लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है और पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच में जुटी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आगे की जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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- सक्ती के रजगा में रथयात्रा के आयोजन के साथ जगन्नाथ प्रभु मंदिर में विराजित हो गए हैं। इस अवसर पर अधिवक्ता चितरंजय ने कहा कि यह रथयात्रा अघरिया समाज की संस्कृति एवं परंपरा का प्रतीक है।1
- बिलासपुर में थाने में सुनवाई न होने पर एक पीड़ित व्यक्ति अपने 7 बच्चों को साथ लेकर आधी रात को ही सीधे एसएसपी कार्यालय फरियाद लेकर पहुंच गया। पीड़ित का आरोप है कि उसके साथ मारपीट की गई थी, लेकिन थाने में उसकी शिकायत दर्ज नहीं की गई। एसएसपी दफ्तर पहुंचकर पीड़ित ने अधिकारियों के सामने अपनी पीड़ा रखते हुए न्याय की गुहार लगाई। उसने कहा, "मैं गरीब हूँ, मेरे साथ मारपीट की गई है और मेरे 7 बच्चे हैं, साहब आप मुझे न्याय दिलाएं।"1
- छत्तीसगढ़ के सारंगढ़ जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश की वजह से आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। बारिश के कारण लात नाला में अचानक आए भारी उफान की वजह से 70 वर्षीय बुजुर्ग नाले के बीचों-बीच फंस गए। तेज बहाव के बीच जान बचाने के लिए बुजुर्ग पूरे रात भर एक पेड़ के सहारे नाले के मझधार में ही अटके रहे। सुबह घटना की जानकारी मिलने पर गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंची और बचाव अभियान शुरू किया। गोताखोरों की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बुजुर्ग बालमुकुंद बरिहा को सफलतापूर्वक और सुरक्षित बाहर निकाल लिया है।1
- छत्तीसगढ़ के बोदरी में कांग्रेस द्वारा एक अनूठा और विशेष प्रदर्शन किया गया, जिसमें महिलाओं ने अपने सिर पर मटकी रखकर रैली निकाली। 'पाप का घड़ा भर गया' का संदेश देते हुए महिलाओं ने इस रैली के ज़रिए अपना विरोध प्रकट किया।1
- रायगढ़ में राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट पर है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) के निर्देश पर अवैध अप्रवासियों की पहचान और धरपकड़ के लिए एक विशेष सघन जांच अभियान चलाया गया है। राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पुलिस की ओर से यह विशेष चेकिंग कार्रवाई की गई।1
- सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले के सरिया तहसील अंतर्गत कटंगपाली में सरकारी कोटवारी भूमि पर नियम विरुद्ध फ्लाईएश डंपिंग कराने पर संबंधित कोटवार की सेवा समाप्त (बर्खास्त) कर दी गई है। मीडिया में प्रकाशित खबर पर अपना पक्ष रखते हुए सरिया तहसीलदार कोमल प्रसाद साहू ने बताया कि बर्खास्त कोटवार का अपील प्रकरण फिलहाल उच्चतर कोर्ट में विचाराधीन है। तहसीलदार ने विभागीय कार्य की जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि सरिया तहसील के अधीन ग्राम बोन्दा, कटंगपाली और खोखेपुर में कोटवारों की नियुक्ति नियमानुसार कोटवार भर्ती नियमों के आधार पर की गई है। ग्राम बोन्दा में कोटवार की नियुक्ति उनके पूर्वजों के आधार पर हुई है, जहाँ उनके पिता हलधर, दादा चमरा और परदादा कुलधर पहले भी कोटवार रह चुके हैं। तहसीलदार ने यह भी कहा कि यदि किसी प्रकरण में किसी व्यक्ति को आपत्ति है, तो वह नियमानुसार उसके विरुद्ध अपील कर सकता है।1
- छत्तीसगढ़ विधानसभा में जांजगीर विधायक ब्यास कश्यप ने कोटवारी सेवा भूमि की खरीदी-बिक्री को लेकर सवाल उठाया है। उन्होंने जांजगीर-चांपा में कोटवारी सेवा भूमि का सौदा करने वाले कोटवारों और भू-माफियाओं के खिलाफ सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की।1
- छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के हसौद थाने में पदस्थ आरक्षक जय लहरे ने कथित रूप से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आरक्षक का शव थाना भवन की ही ऊपरी मंजिल में फांसी के फंदे पर लटका मिला। इस घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारियों में हड़कंप मच गया और पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। घटना के बाद पुलिस आरक्षक को तत्काल पीएचसी हसौद लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है और पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आगे की जांच के बाद ही मौत के कारणों की स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।1