प्रयागराज में एक महिला ने दो लोगों पर अपनी कंपनी के ट्रक और मशीनें फर्जी एग्रीमेंट के आधार पर हड़पने का आरोप लगाया है। महिला का कहना है कि जब उसने अपनी गाड़ियां वापस मांगीं, तो उसे और उसके 6 वर्षीय बेटे को जान से मारने की धमकी दी गई। नैनी औद्योगिक क्षेत्र निवासी इस महिला के पति का निधन 5 जून 2024 को हो गया था। उनके पति का सड़क निर्माण का व्यवसाय था, जिसकी फर्म का नाम मेसर्स प्रभा इंजीनियरिंग कंस्ट्रक्शन है। महिला के अनुसार, उनके पति की बीमारी के दौरान सोनू फागना और उनके पिता धनराज फागना उनसे मिलने आए थे और कंपनी के नाम पर कुछ गाड़ियां मांगी थीं। पति की गंभीर बीमारी और बाद में मृत्यु के कारण उस समय कोई एग्रीमेंट नहीं हो पाया था। पति की मृत्यु के बाद, 19 जुलाई 2024 को सोनू और धनराज फागना कुछ ड्राइवरों के साथ महिला के साइट ऑफिस पहुंचे। उन्होंने महिला की जानकारी के बिना, कर्मचारियों से पति के साथ अपने संबंधों का हवाला देते हुए ट्रक, मशीनें, उनसे जुड़े बिल और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट ले लिए। जब महिला को इस बारे में पता चला, तो उन्होंने धनराज फागना से फोन पर बात की, लेकिन कथित तौर पर न तो कोई एग्रीमेंट पेपर दिया गया और न ही कोई किराया मिला। महिला ने बताया कि सभी ट्रक और मशीनें लोन पर ली गई हैं, और उनका लोन भी बाकी है। महिला का आरोप है कि जब उसने गाड़ियां वापस मांगीं, तो उसे और उसके बेटे को जान से मारने की धमकी दी जा रही है। उसका मानना है कि आरोपी इन ट्रकों और मशीनों को हड़पना चाहते हैं। इस मामले में एसीपी करछना सुनील कुमार सिंह ने बताया कि पूरा मामला फर्जी है। उनके अनुसार, वाहन को किराए पर दिया गया था और इसके बाद दोनों लोगों के बीच कुछ लेनदेन का मामला था। पुलिस ने उस वाहन को बरामद कर लिया है और मामले में मुकदमा भी दर्ज किया गया है।
प्रयागराज में एक महिला ने दो लोगों पर अपनी कंपनी के ट्रक और मशीनें फर्जी एग्रीमेंट के आधार पर हड़पने का आरोप लगाया है। महिला का कहना है कि जब उसने अपनी गाड़ियां वापस मांगीं, तो उसे और उसके 6 वर्षीय बेटे को जान से मारने की धमकी दी गई। नैनी औद्योगिक क्षेत्र निवासी इस महिला के पति का निधन 5 जून 2024 को हो गया था। उनके पति का सड़क निर्माण का व्यवसाय था, जिसकी फर्म का नाम मेसर्स प्रभा इंजीनियरिंग कंस्ट्रक्शन है। महिला के अनुसार, उनके पति की बीमारी के दौरान सोनू फागना और उनके पिता धनराज फागना उनसे मिलने आए थे और कंपनी के नाम पर कुछ गाड़ियां मांगी थीं। पति की गंभीर बीमारी और बाद में मृत्यु के कारण उस समय कोई एग्रीमेंट नहीं हो पाया था। पति की मृत्यु के बाद, 19 जुलाई 2024 को सोनू और धनराज फागना कुछ ड्राइवरों के साथ महिला के साइट ऑफिस पहुंचे। उन्होंने महिला की जानकारी के बिना, कर्मचारियों से पति के साथ अपने संबंधों का हवाला देते हुए ट्रक, मशीनें, उनसे जुड़े बिल और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट ले लिए। जब महिला को इस बारे में पता चला, तो उन्होंने धनराज फागना से फोन पर बात की, लेकिन कथित तौर पर न तो कोई एग्रीमेंट पेपर दिया गया और न ही कोई किराया मिला। महिला ने बताया कि सभी ट्रक और मशीनें लोन पर ली गई हैं, और उनका लोन भी बाकी है। महिला का आरोप है कि जब उसने गाड़ियां वापस मांगीं, तो उसे और उसके बेटे को जान से मारने की धमकी दी जा रही है। उसका मानना है कि आरोपी इन ट्रकों और मशीनों को हड़पना चाहते हैं। इस मामले में एसीपी करछना सुनील कुमार सिंह ने बताया कि पूरा मामला फर्जी है। उनके अनुसार, वाहन को किराए पर दिया गया था और इसके बाद दोनों लोगों के बीच कुछ लेनदेन का मामला था। पुलिस ने उस वाहन को बरामद कर लिया है और मामले में मुकदमा भी दर्ज किया गया है।
- प्रयागराज में एक महिला ने दो लोगों पर अपनी कंपनी के ट्रक और मशीनें फर्जी एग्रीमेंट के आधार पर हड़पने का आरोप लगाया है। महिला का कहना है कि जब उसने अपनी गाड़ियां वापस मांगीं, तो उसे और उसके 6 वर्षीय बेटे को जान से मारने की धमकी दी गई। नैनी औद्योगिक क्षेत्र निवासी इस महिला के पति का निधन 5 जून 2024 को हो गया था। उनके पति का सड़क निर्माण का व्यवसाय था, जिसकी फर्म का नाम मेसर्स प्रभा इंजीनियरिंग कंस्ट्रक्शन है। महिला के अनुसार, उनके पति की बीमारी के दौरान सोनू फागना और उनके पिता धनराज फागना उनसे मिलने आए थे और कंपनी के नाम पर कुछ गाड़ियां मांगी थीं। पति की गंभीर बीमारी और बाद में मृत्यु के कारण उस समय कोई एग्रीमेंट नहीं हो पाया था। पति की मृत्यु के बाद, 19 जुलाई 2024 को सोनू और धनराज फागना कुछ ड्राइवरों के साथ महिला के साइट ऑफिस पहुंचे। उन्होंने महिला की जानकारी के बिना, कर्मचारियों से पति के साथ अपने संबंधों का हवाला देते हुए ट्रक, मशीनें, उनसे जुड़े बिल और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट ले लिए। जब महिला को इस बारे में पता चला, तो उन्होंने धनराज फागना से फोन पर बात की, लेकिन कथित तौर पर न तो कोई एग्रीमेंट पेपर दिया गया और न ही कोई किराया मिला। महिला ने बताया कि सभी ट्रक और मशीनें लोन पर ली गई हैं, और उनका लोन भी बाकी है। महिला का आरोप है कि जब उसने गाड़ियां वापस मांगीं, तो उसे और उसके बेटे को जान से मारने की धमकी दी जा रही है। उसका मानना है कि आरोपी इन ट्रकों और मशीनों को हड़पना चाहते हैं। इस मामले में एसीपी करछना सुनील कुमार सिंह ने बताया कि पूरा मामला फर्जी है। उनके अनुसार, वाहन को किराए पर दिया गया था और इसके बाद दोनों लोगों के बीच कुछ लेनदेन का मामला था। पुलिस ने उस वाहन को बरामद कर लिया है और मामले में मुकदमा भी दर्ज किया गया है।1
- प्रयागराज में मनोज मुसाफिर ने 2027 के चुनावों को लेकर एक खुला चैलेंज जारी किया है, जिसमें उन्होंने घोषणा की है कि बनिया समाज इस बार न तो भाजपा की सरकार का, न सपा की सरकार का और न ही बसपा सरकार का समर्थन करेगा। मुसाफिर ने स्पष्ट किया कि 2027 में बनिया समाज अपनी ताकत दिखाते हुए नोटा का बटन दबाएगा। इसी बीच, मनोज मुसाफिर ने बीजेपी नेता संगम गुप्ता पर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यदि बेटा नालायक निकल जाए तो उसे छोड़ देना चाहिए, अन्यथा वह दीमक की तरह खोखला कर देगा। मुसाफिर की यह टिप्पणी लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई है, विशेष रूप से मेजा में हुए एक हत्याकांड के संदर्भ में, जिसके लिए सख्त कार्रवाई, बुलडोजर से जुड़ी संभावित कार्रवाई, और दोषियों को फांसी दिए जाने की मांग की जा रही है। इस घटनाक्रम के बीच, सुहेलदेव राजभर भी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार को आश्वासन दिया है कि वह उन्हें लेकर “योगी जी” के पास जाएंगे और उनसे मुलाकात करवाएंगे। यह पूरा मामला और इससे जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे यह लोगों में गहरी चर्चा का विषय बन गया है।1
- प्रयागराज में पुलिस ने दुष्कर्म के एक आरोपी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्यवाही पूरामुफ्ती पुलिस द्वारा की गई है, जिसे एक बड़ी कार्यवाही के रूप में देखा जा रहा है।1
- प्रयागराज के बारा तहसील के छिड़ी गांव की निवासी एक अनुसूचित जाति महिला, माला देवी ने तहसील प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि 20 जून को संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायत करने के बावजूद उनकी सुनवाई नहीं हुई और प्रशासन ने बिना किसी पूर्व नोटिस या सुनवाई के उनके घर को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। माला देवी के अनुसार, उनका परिवार कई पीढ़ियों से उसी भूमि पर निवास कर रहा था, जिसे अवैध तरीके से गिराया गया है। इस कार्रवाई को अवैध बताते हुए, माला देवी ने मामले की गहन जांच कराने, उन्हें उचित मुआवजा देने और इस घटना के लिए जिम्मेदार दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। हालांकि, इस मामले में प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान या पक्ष सामने नहीं आया है। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब प्रयागराज में खेल मैदान पर दबंगों द्वारा किए गए अवैध कब्जे को ध्वस्त करने की कार्रवाई की गई है, जिसके बाद उप जिलाधिकारी (एसडीएम) ने अवैध कब्जेदारियों के खिलाफ सख्त चेतावनी भी जारी की है।1
- लखनऊ में हुए दर्दनाक अग्निकांड मामले में जांच और कार्रवाई दोनों तेज कर दी गई हैं। इस हादसे में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जिसकी सच्चाई सामने लाने के लिए एसआईटी (SIT) और फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर अपनी जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में कई गंभीर लापरवाहियां उजागर हुई हैं, जिनमें यह मुख्य है कि जिस इमारत में आग लगी, वह अवैध रूप से संचालित हो रही थी। वर्ष 2016 में इस इमारत को गिराने का आदेश भी दिया गया था, लेकिन बाद में उस आदेश को रद्द कर दिया गया था। इसके अलावा, इमारत में आग से बचाव के लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं थे, कोई आपातकालीन निकास नहीं था, और छत का दरवाजा भी बंद पाया गया, जिससे कई लोग समय रहते बाहर नहीं निकल पाए। इस संबंध में, एलडीए (LDA) ने बिल्डिंग मालिक को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। हादसे के बाद पुलिस ने अब तक 6 एफआईआर (FIR) दर्ज की हैं और बिल्डिंग मालिक सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है। कई अधिकारियों पर भी कार्रवाई की गई है। इस बीच, जान गंवाने वाले सभी लोगों के शव पोस्टमॉर्टम के बाद उनके परिजनों को सौंप दिए गए हैं। पोस्टमॉर्टम हाउस में एक भावुक दृश्य भी देखने को मिला, जब पश्चिम बंगाल की रहने वाली अनामिका का शव देखकर उनकी मां बेहोश हो गईं।1
- लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड के मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देशों के बाद जांच प्रक्रिया में तेजी लाई गई है। इस अग्निकांड की गहन पड़ताल के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है, जिसने बुधवार को किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) पहुंचकर जांच शुरू की। SIT टीम ने अस्पताल में भर्ती घायलों की स्थिति की जानकारी ली और घटना से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों को इकट्ठा किया। जांच दल विशेष रूप से अग्निकांड के कारणों, सुरक्षा मानकों में बरती गई लापरवाही और जिम्मेदार व्यक्तियों की भूमिका की गहराई से पड़ताल कर रहा है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इस मामले में निष्पक्ष और समयबद्ध जांच करने के निर्देश दिए हैं, साथ ही दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने को भी कहा है। प्रशासन की ओर से बताया गया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- प्रयागराज में औद्योगिक क्षेत्र थाना अंतर्गत रामपुर इलाके में दबंगों ने एक घर पर हमला कर दिया। इस दौरान दबंगों ने घर के पूरे परिवार के साथ मारपीट की और महिलाओं के सिर फोड़कर उन्हें लहूलुहान कर दिया। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो रही थी। जब दबंगों ने देखा कि उनकी करतूत सीसीटीवी में रिकॉर्ड हो रही है, तो उन्होंने कैमरे को भी तोड़ डाला।1
- उत्तर प्रदेश के लखनऊ में हुए अलीगंज अग्निकांड में सीतापुर के आदित्य श्रीवास्तव की दुखद मौत हो गई है। यह खबर सामने आते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। इस अग्निकांड में अपने भाई की मौत की खबर सुनते ही आदित्य की बहन फूट-फूट कर रोने लगीं। उनकी यह हृदय विदारक प्रतिक्रिया उन पलों को बयां करती है, और लखनऊ अग्निकांड का यह वीडियो ऐसा है जिसे देख कलेजा चीर उठेगा।1