प्रयागराज के बारा तहसील के छिड़ी गांव की निवासी एक अनुसूचित जाति महिला, माला देवी ने तहसील प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि 20 जून को संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायत करने के बावजूद उनकी सुनवाई नहीं हुई और प्रशासन ने बिना किसी पूर्व नोटिस या सुनवाई के उनके घर को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। माला देवी के अनुसार, उनका परिवार कई पीढ़ियों से उसी भूमि पर निवास कर रहा था, जिसे अवैध तरीके से गिराया गया है। इस कार्रवाई को अवैध बताते हुए, माला देवी ने मामले की गहन जांच कराने, उन्हें उचित मुआवजा देने और इस घटना के लिए जिम्मेदार दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। हालांकि, इस मामले में प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान या पक्ष सामने नहीं आया है। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब प्रयागराज में खेल मैदान पर दबंगों द्वारा किए गए अवैध कब्जे को ध्वस्त करने की कार्रवाई की गई है, जिसके बाद उप जिलाधिकारी (एसडीएम) ने अवैध कब्जेदारियों के खिलाफ सख्त चेतावनी भी जारी की है।
प्रयागराज के बारा तहसील के छिड़ी गांव की निवासी एक अनुसूचित जाति महिला, माला देवी ने तहसील प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि 20 जून को संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायत करने के बावजूद उनकी सुनवाई नहीं हुई और प्रशासन ने बिना किसी पूर्व नोटिस या सुनवाई के उनके घर को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। माला देवी के अनुसार, उनका परिवार कई पीढ़ियों से उसी भूमि पर निवास कर रहा था, जिसे अवैध तरीके से गिराया गया है। इस कार्रवाई को अवैध बताते हुए, माला देवी ने मामले की गहन जांच कराने, उन्हें उचित मुआवजा देने और इस घटना के लिए जिम्मेदार दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। हालांकि, इस मामले में प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान या पक्ष सामने नहीं आया है। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब प्रयागराज में खेल मैदान पर दबंगों द्वारा किए गए अवैध कब्जे को ध्वस्त करने की कार्रवाई की गई है, जिसके बाद उप जिलाधिकारी (एसडीएम) ने अवैध कब्जेदारियों के खिलाफ सख्त चेतावनी भी जारी की है।
- प्रयागराज के बारा तहसील के छिड़ी गांव की निवासी एक अनुसूचित जाति महिला, माला देवी ने तहसील प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि 20 जून को संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायत करने के बावजूद उनकी सुनवाई नहीं हुई और प्रशासन ने बिना किसी पूर्व नोटिस या सुनवाई के उनके घर को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। माला देवी के अनुसार, उनका परिवार कई पीढ़ियों से उसी भूमि पर निवास कर रहा था, जिसे अवैध तरीके से गिराया गया है। इस कार्रवाई को अवैध बताते हुए, माला देवी ने मामले की गहन जांच कराने, उन्हें उचित मुआवजा देने और इस घटना के लिए जिम्मेदार दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। हालांकि, इस मामले में प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान या पक्ष सामने नहीं आया है। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब प्रयागराज में खेल मैदान पर दबंगों द्वारा किए गए अवैध कब्जे को ध्वस्त करने की कार्रवाई की गई है, जिसके बाद उप जिलाधिकारी (एसडीएम) ने अवैध कब्जेदारियों के खिलाफ सख्त चेतावनी भी जारी की है।1
- मिर्जापुर के विंध्याचल स्थित मां विंध्यवासिनी धाम में एक पत्रकार के साथ कथित मारपीट की घटना से जिले के पत्रकारों में गहरा आक्रोश है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है, जिससे निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। जानकारी के अनुसार, स्थानीय पत्रकार रामलाल साहनी अपनी वैवाहिक वर्षगांठ के उपलक्ष्य में मां विंध्यवासिनी के दर्शन के लिए मंदिर पहुंचे थे। आरोप है कि मंदिर परिसर में ड्यूटी पर तैनात एक पुलिसकर्मी ने उन्हें निकास द्वार से प्रवेश करने से रोक दिया, जिसके बाद उन्होंने दूसरे मार्ग से दर्शन किए। कुछ समय बाद, पत्रकार ने देखा कि वही पुलिसकर्मी अपने परिचितों को उसी निकास द्वार से दर्शन के लिए भेज रहा था। पत्रकार ने कथित तौर पर इस घटना का वीडियो बनाना शुरू किया, जिस पर नाराज पुलिसकर्मी ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और मारपीट की, जिससे पत्रकार घायल हो गए। घायल पत्रकार रामलाल साहनी ने दोषी पुलिसकर्मी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, जिले के विभिन्न पत्रकार संगठनों और अन्य पत्रकारों ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए निष्पक्ष जांच और दोषी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है। पत्रकारों ने चिंता व्यक्त की है कि यदि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ से जुड़े लोगों के साथ ऐसी घटनाएं होती हैं, तो यह गंभीर विषय है। उन्होंने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच कराने का आग्रह किया है। इस घटना से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से वायरल हो रहा है। समाचार लिखे जाने तक पुलिस विभाग की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। फिलहाल, मामले की जांच जारी है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की संभावित कार्रवाई का इंतजार है।1
- प्रयागराज में एक लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगा है। इस गंभीर आरोप पर कार्रवाई की मांग को लेकर लड़की के परिजन स्थानीय थाने पहुंचे हैं।1
- प्रयागराज के गंगानगर में हुई एक घटना के संबंध में डीसीपी कुलदीप गुनावत ने बयान जारी किया है।1
- आज दिनांक 22 जून 2026 को फाफामऊ थाना क्षेत्र के अंतर्गत बेला कछार के पास एक घटना हुई। इस घटना के संबंध में पुलिस उपायुक्त गंगानगर द्वारा एक बाइट जारी की गई है।1
- प्रयागराज में औद्योगिक क्षेत्र थाना अंतर्गत रामपुर इलाके में दबंगों ने एक घर पर हमला कर दिया। इस दौरान दबंगों ने घर के पूरे परिवार के साथ मारपीट की और महिलाओं के सिर फोड़कर उन्हें लहूलुहान कर दिया। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो रही थी। जब दबंगों ने देखा कि उनकी करतूत सीसीटीवी में रिकॉर्ड हो रही है, तो उन्होंने कैमरे को भी तोड़ डाला।1
- उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक कोचिंग सेंटर में भीषण आग लगने से एक दर्दनाक हादसा हो गया। आग लगते ही कोचिंग के अंदर छात्रों के बीच चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। जान बचाने की कोशिश में कई छात्र इमारत से बाहर निकलने के लिए बिजली के तारों और अन्य सहारों का इस्तेमाल करते नजर आए। इस भयानक अग्निकांड में कुल 8 बच्चों की दुखद मौत हो गई।1