सुल्तानपुर जिले के चांदा थाना क्षेत्र के आनापुर नारायणगंज (देवलहा) गांव में महुआ के पेड़ से गिरने के कारण एक किसान की दुखद मृत्यु हो गई है। इस हादसे के बाद मृतक के परिवार में मातम छा गया है, वहीं पूरे गांव में भी शोक का माहौल है। जानकारी के अनुसार, मंगलवार देर शाम 62 वर्षीय रामदीन पुत्र सुखई अपने घर के सामने स्थित बगीचे में महुआ के पेड़ पर चढ़कर पत्तियां तोड़ रहे थे। इसी दौरान अचानक उनका पैर फिसल गया और वे पेड़ से नीचे गिर गए। ऊंचाई से गिरने के कारण उन्हें गंभीर आंतरिक चोटें आईं, जिसके फलस्वरूप वे मौके पर ही अचेत हो गए। घटना की खबर मिलते ही परिजन और ग्रामीण उन्हें तुरंत एक निजी वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लंभुआ ले गए। वहां मौजूद चिकित्सकों ने प्राथमिक जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों ने बताया कि गिरने से लगी गंभीर चोटों के कारण उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। बुधवार सुबह परिजनों और ग्राम प्रधान ने इस घटना की सूचना चांदा थाना पुलिस को दी। पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक पंचनामा की कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस इस मामले में आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है। मृतक रामदीन खेती-बाड़ी के साथ मजदूरी करके अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। उनके परिवार में एक बेटा संतोष कुमार है, जो मजदूरी करता है, जबकि उनकी चारों बेटियों का विवाह हो चुका है। रामदीन की इस असमय मृत्यु से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। ग्रामीणों ने भी इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए शोकाकुल परिवार को सांत्वना दी है।
सुल्तानपुर जिले के चांदा थाना क्षेत्र के आनापुर नारायणगंज (देवलहा) गांव में महुआ के पेड़ से गिरने के कारण एक किसान की दुखद मृत्यु हो गई है। इस हादसे के बाद मृतक के परिवार में मातम छा गया है, वहीं पूरे गांव में भी शोक का माहौल है। जानकारी के अनुसार, मंगलवार देर शाम 62 वर्षीय रामदीन पुत्र सुखई अपने घर के सामने स्थित बगीचे में महुआ के
पेड़ पर चढ़कर पत्तियां तोड़ रहे थे। इसी दौरान अचानक उनका पैर फिसल गया और वे पेड़ से नीचे गिर गए। ऊंचाई से गिरने के कारण उन्हें गंभीर आंतरिक चोटें आईं, जिसके फलस्वरूप वे मौके पर ही अचेत हो गए। घटना की खबर मिलते ही परिजन और ग्रामीण उन्हें तुरंत एक निजी वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लंभुआ ले गए। वहां मौजूद चिकित्सकों ने प्राथमिक जांच के बाद
उन्हें मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों ने बताया कि गिरने से लगी गंभीर चोटों के कारण उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। बुधवार सुबह परिजनों और ग्राम प्रधान ने इस घटना की सूचना चांदा थाना पुलिस को दी। पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक पंचनामा की कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस इस मामले में आगे की विधिक कार्रवाई कर
रही है। मृतक रामदीन खेती-बाड़ी के साथ मजदूरी करके अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। उनके परिवार में एक बेटा संतोष कुमार है, जो मजदूरी करता है, जबकि उनकी चारों बेटियों का विवाह हो चुका है। रामदीन की इस असमय मृत्यु से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। ग्रामीणों ने भी इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए शोकाकुल परिवार को सांत्वना दी है।
- प्रतापगढ़ के कंधई थाना क्षेत्र स्थित कोनी गांव में दो पक्षों के बीच भूमि विवाद को लेकर हुई मारपीट की घटना में एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई है। इस मारपीट में घायल हुए प्रवेश पटेल को उपचार के लिए प्रयागराज ले जाया गया था, जहाँ इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। पुलिस ने प्राप्त तहरीर के आधार पर कंधई थाने में सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया था। स्थानीय पुलिस ने अब तक तीन अभियुक्तों को हिरासत में ले लिया है और मामले में अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है।1
- उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में तहसील दिवस के दौरान एक दरोगा जी का वीडियो वायरल हो गया है। इस वीडियो में दरोगा जी अपनी टोपी में मोबाइल छिपाकर उसे देखते हुए नजर आ रहे हैं। बताया गया है कि किसी व्यक्ति ने यह वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है।1
- सुल्तानपुर जिले में 8 जुलाई 2026 को सुबह से हो रही मूसलाधार बारिश ने लोगों को पिछले एक पखवाड़े से जारी भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत प्रदान की है। इस झमाझम बारिश के बाद जिले का मौसम सुहाना हो गया है।1
- उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन की तैयारियों के बीच सड़क निर्माण को लेकर स्थानीय लोगों में तीखी चर्चा है। स्थानीय नागरिक सवाल उठा रहे हैं कि यदि विशिष्ट व्यक्तियों के आगमन को देखते हुए वीआईपी मार्गों पर रातों-रात सड़क निर्माण और मरम्मत का कार्य कराया जा सकता है, तो आम जनता की वर्षों से जर्जर पड़ी सड़कों का निर्माण भी प्राथमिकता के आधार पर क्यों नहीं कराया जाता? प्रतापगढ़ के निवासियों ने प्रशासन से स्पष्ट मांग की है कि विकास कार्यों को केवल वीआईपी दौरों तक ही सीमित न रखा जाए। उनका कहना है कि आम जनता की सुविधा के लिए भी खराब सड़कों की शीघ्र मरम्मत और निर्माण कार्य को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।1
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रतापगढ़ दौरे के दौरान सदर विधायक राजेंद्र मौर्य का जलवा देखने को मिला, जहाँ मुख्यमंत्री की तरफ से मिली वाहवाही पर सियासी गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म हो गया। अपने सरल स्वभाव और कार्यशैली के कारण राजेंद्र मौर्य आम जनता के बीच बेहद लोकप्रिय हैं, और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी अपने विधायक के काम से काफी प्रभावित नज़र आए। राजेंद्र मौर्य ने विधायक के तौर पर विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए लगातार लखनऊ में डटकर प्रयास किए, जिसकी बदौलत सदर क्षेत्र में कई जर्जर सड़कों का कायाकल्प हुआ और सरकार की कई बड़ी परियोजनाओं को धरातल पर लाने में सफलता मिली। अपने जनपद के दौरे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंच से विधायक राजेंद्र मौर्य की कई बार तारीफ करते हुए उनकी सराहना की, जिसके गहरे राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट रूप से यह दर्शाया कि जनहित में कार्य करने वाले सदर विधायक उनके कितने करीब हैं।1
- उन्नाव, उत्तर प्रदेश में 'मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना' का भव्य शुभारंभ कर दिया गया है, जिसे शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्र निर्माता की भूमिका निभाने वाले शिक्षकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए सरकार का एक बेहद संवेदनशील और ऐतिहासिक कदम बताया जा रहा है। इस योजना के लागू होने से अब जिले के हजारों शिक्षकों और उनके परिवारों को बीमारी के समय इलाज के खर्च की चिंता से मुक्ति मिल जाएगी, जिससे उन्हें अस्पताल में भर्ती होने पर जेब से पैसे खर्च करने की जरूरत नहीं होगी। योजना की मुख्य विशेषताओं में संबद्ध (Empaneled) सरकारी और निजी अस्पतालों में ₹5 लाख तक का पूरी तरह से मुफ्त और कैशलेस इलाज शामिल है। इसका सीधा उद्देश्य शिक्षकों के जीवन को सुगम बनाना और उन्हें स्वास्थ्य सुरक्षा की गारंटी देना है। इस योजना के तहत अब शिक्षकों को मेडिकल बिलों के भुगतान के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने की भाग-दौड़ से मुक्ति मिलेगी, क्योंकि 'कैशलेस कार्ड' दिखाते ही उनका इलाज शुरू हो जाएगा। इस शुभारंभ के मौके पर उन्नाव के शिक्षक संगठनों और स्थानीय शिक्षकों ने अपनी खुशी जाहिर की है। शिक्षकों का कहना है कि यह लंबे समय से चली आ रही स्वास्थ्य सुरक्षा की मांग थी, जिसे सरकार ने पूरा कर उनका मान बढ़ाया है। शिक्षकों ने इसे केवल एक योजना नहीं, बल्कि गुरुओं के प्रति सरकार का सम्मान बताया, जिसके कारण अब वे बिना किसी आर्थिक या मानसिक तनाव के पूरी ऊर्जा के साथ बच्चों का भविष्य संवार सकेंगे। शिक्षकों को नए साल के तोहफे के रूप में इस 'मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना' का शंखनाद उन्नाव में हुआ है।1
- नई दिल्ली से, राज्यसभा उप नेता और सांसद श्री प्रमोद तिवारी ने चंपत राय के एक पत्र पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि उनके मन में जो आशंका थी, वह सही साबित हुई है। प्रमोद तिवारी ने चंपत राय की इस हिम्मत पर सवाल उठाया कि उन्होंने लिखित रूप में कहा है कि वे एसआईटी की रिपोर्ट आने के बाद ही बोलेंगे। तिवारी ने सीधे चंपत राय से पूछा कि क्या उन्हें एसआईटी रिपोर्ट पहले से ही मालूम है और क्या वह जानते हैं कि रिपोर्ट आने के बाद वे बोलने लायक रहेंगे या जेल के अंदर होंगे। उनके अनुसार, इसका सीधा मतलब यह है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार में भगवान राम को लूटने वालों को कोई सजा नहीं मिलेगी। प्रमोद तिवारी ने जनता और राम भक्तों से तैयार रहने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि उन लोगों को सजा देने के लिए तैयार रहना होगा, जिन्होंने भगवान राम को लूटा है, और उन लोगों को भी सजा देने के लिए, जो लूटने वालों को बचा रहे हैं।1
- सीरिया की राजधानी दमिश्क मंगलवार को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के आधिकारिक दौरे के दौरान दो जोरदार धमाकों से दहल गई। ये विस्फोट मैक्रों के फोर सीजंस होटल से महज़ 125 मीटर की दूरी पर हुए, जिससे इलाके में तत्काल अफरा-तफरी मच गई और सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे क्षेत्र को तुरंत घेरकर सील कर दिया। सीरियाई मीडिया के अनुसार, इन धमाकों में 18 लोग घायल हुए हैं, जिनमें 4 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में घटनास्थल से धुएं का गुबार और आग की लपटें उठती दिखाई दीं, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने आसपास की सड़कों को बंद कर जांच शुरू कर दी। फ्रांस के राष्ट्रपति कार्यालय एलिसी पैलेस ने पुष्टि की है कि राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों पूरी तरह सुरक्षित हैं। घटना के बाद मैक्रों ने एक संदेश जारी कर कहा कि सीरिया के लोगों की शांति, सुरक्षा और सभी समुदायों को साथ लेकर आगे बढ़ने की आकांक्षा को कोई नहीं रोक सकता, और उनका आधिकारिक दौरा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेगा। धमाकों के कारणों की जांच की जा रही है और फिलहाल किसी भी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। सुरक्षा एजेंसियां घटनास्थल से साक्ष्य जुटाकर विस्फोट के पीछे की साजिश का पता लगाने में जुटी हुई हैं।1