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राउरकेला पुलिस की बड़ी कार्रवाई: जंगली जानवरों का मांस बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़ || राउरकेला (ओड़िशा): वन्यजीव संरक्षण को लेकर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत आज Rourkela पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जंगली जानवरों का शिकार कर मांस का अवैध व्यापार करने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि शहर और आसपास के क्षेत्रों में जंगली जानवरों को मारकर उनका मांस ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा है। सूचना के आधार पर छापेमारी की गई, जहां से भारी मात्रा में जंगली मांस, काटने के उपकरण और अन्य संदिग्ध सामग्री बरामद की गई। कार्रवाई के दौरान कई आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह लंबे समय से जंगल क्षेत्रों में जंगली सूअर (बारह सुकर) समेत अन्य वन्यजीवों का शिकार कर मांस की आपूर्ति कर रहा था। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ Wildlife Protection Act 1972 के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है। साथ ही वन विभाग की टीम भी मामले की विस्तृत जांच में जुट गई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीवों के अवैध शिकार और व्यापार के खिलाफ आगे भी सख्त अभियान जारी रहेगा और इसमें संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। स्थानीय लोगों ने पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि इससे अवैध शिकार पर रोक लगाने में मदद मिलेगी और जंगलों की जैव विविधता सुरक्षित रहेगी।

9 hrs ago
user_Saranda News25
Saranda News25
पत्रकार मनोहरपुर, पश्चिम सिंहभूम, झारखंड•
9 hrs ago

राउरकेला पुलिस की बड़ी कार्रवाई: जंगली जानवरों का मांस बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़ || राउरकेला (ओड़िशा): वन्यजीव संरक्षण को लेकर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत आज Rourkela पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जंगली जानवरों का शिकार कर मांस का अवैध व्यापार करने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि शहर और आसपास के क्षेत्रों में जंगली जानवरों को मारकर उनका मांस ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा है। सूचना के आधार पर छापेमारी की गई, जहां से भारी मात्रा में जंगली मांस, काटने के उपकरण और अन्य संदिग्ध सामग्री बरामद की गई। कार्रवाई के दौरान कई आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह लंबे समय से जंगल क्षेत्रों में जंगली सूअर (बारह सुकर) समेत अन्य वन्यजीवों का शिकार कर मांस की आपूर्ति कर रहा था। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ Wildlife Protection Act 1972 के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है। साथ ही वन विभाग की टीम भी मामले की विस्तृत जांच में जुट गई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीवों के अवैध शिकार और व्यापार के खिलाफ आगे भी सख्त अभियान जारी रहेगा और इसमें संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। स्थानीय लोगों ने पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि इससे अवैध शिकार पर रोक लगाने में मदद मिलेगी और जंगलों की जैव विविधता सुरक्षित रहेगी।

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  • राउरकेला (ओड़िशा): वन्यजीव संरक्षण को लेकर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत आज Rourkela पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जंगली जानवरों का शिकार कर मांस का अवैध व्यापार करने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि शहर और आसपास के क्षेत्रों में जंगली जानवरों को मारकर उनका मांस ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा है। सूचना के आधार पर छापेमारी की गई, जहां से भारी मात्रा में जंगली मांस, काटने के उपकरण और अन्य संदिग्ध सामग्री बरामद की गई। कार्रवाई के दौरान कई आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह लंबे समय से जंगल क्षेत्रों में जंगली सूअर (बारह सुकर) समेत अन्य वन्यजीवों का शिकार कर मांस की आपूर्ति कर रहा था। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ Wildlife Protection Act 1972 के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है। साथ ही वन विभाग की टीम भी मामले की विस्तृत जांच में जुट गई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीवों के अवैध शिकार और व्यापार के खिलाफ आगे भी सख्त अभियान जारी रहेगा और इसमें संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। स्थानीय लोगों ने पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि इससे अवैध शिकार पर रोक लगाने में मदद मिलेगी और जंगलों की जैव विविधता सुरक्षित रहेगी।
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    राउरकेला (ओड़िशा): वन्यजीव संरक्षण को लेकर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत आज Rourkela पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जंगली जानवरों का शिकार कर मांस का अवैध व्यापार करने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है।
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि शहर और आसपास के क्षेत्रों में जंगली जानवरों को मारकर उनका मांस ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा है। सूचना के आधार पर छापेमारी की गई, जहां से भारी मात्रा में जंगली मांस, काटने के उपकरण और अन्य संदिग्ध सामग्री बरामद की गई।
कार्रवाई के दौरान कई आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह लंबे समय से जंगल क्षेत्रों में जंगली सूअर (बारह सुकर) समेत अन्य वन्यजीवों का शिकार कर मांस की आपूर्ति कर रहा था।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ Wildlife Protection Act 1972 के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है। साथ ही वन विभाग की टीम भी मामले की विस्तृत जांच में जुट गई है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीवों के अवैध शिकार और व्यापार के खिलाफ आगे भी सख्त अभियान जारी रहेगा और इसमें संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
स्थानीय लोगों ने पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि इससे अवैध शिकार पर रोक लगाने में मदद मिलेगी और जंगलों की जैव विविधता सुरक्षित रहेगी।
    user_Saranda News25
    Saranda News25
    पत्रकार मनोहरपुर, पश्चिम सिंहभूम, झारखंड•
    9 hrs ago
  • हक और हुकूक की लड़ाई: मानकी-मुंडा व्यवस्था को अक्षुण्ण रखने का संकल्प, कोल्हान रक्षा संघ ने फूंका आंदोलन का शंखनाद। जगन्नाथपुर (पश्चिमी सिंहभूम): झारखंड के कोल्हान क्षेत्र की ऐतिहासिक स्वायत्तता और पारंपरिक स्वशासन प्रणाली को बचाने की मांग अब तेज़ हो गई है। जगन्नाथपुर प्रखंड अंतर्गत कोल्हान रक्षा संघ के बैनर तले आयोजित एक विशाल रैली ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। सैकड़ों की संख्या में जुटे ग्रामीणों और आदिवासियों ने अपनी सांस्कृतिक विरासत और विल्किंसन रूल (1837) को पूर्णतः लागू करने की मांग को लेकर बुलंद आवाज़ उठाई। ऐतिहासिक पहचान पर आर-पार की जंग हाथों में बैनर और जुबां पर 'कोल्हान एकता जिंदाबाद' के नारों के साथ प्रदर्शनकारियों ने साफ किया कि वे अपनी पारंपरिक प्रशासनिक व्यवस्था से कोई समझौता नहीं करेंगे। प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि 1833 में थॉमस विल्किंसन द्वारा बनाए गए 31 नियम आज भी कोल्हान की विशेष पहचान का आधार हैं, जिन्हें नजरअंदाज किया जा रहा है। प्रमुख मांगें और चिंताएं: मानकी-मुंडा की शक्ति: ग्रामीणों ने मांग की कि वंशानुगत मानकी-मुंडा शासन प्रणाली को और अधिक संवैधानिक मजबूती दी जाए ताकि वे न्यायिक और प्रशासनिक निर्णय स्वतंत्र रूप से ले सकें। सरकारी हस्तक्षेप का विरोध: आंदोलनकारियों का कहना है कि स्थानीय शासन में बाहरी हस्तक्षेप उनकी सदियों पुरानी व्यवस्था को कमजोर कर रहा है। अस्तित्व की रक्षा: वक्ताओं ने कहा कि यह केवल नियमों की लड़ाई नहीं, बल्कि कोल्हान के अस्तित्व और जल-जंगल-जमीन की रक्षा का महासंग्राम है। प्रशासन की बढ़ी धड़कनें क्षेत्र में बढ़ती हलचल को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है। जानकारों का कहना है कि यदि जगन्नाथपुर और आसपास के क्षेत्रों में उठी इस मांग का समय रहते संवाद के जरिए समाधान नहीं निकाला गया, तो कोल्हान में एक बड़ा जनांदोलन खड़ा होना तय है। बड़ी बात: "कोल्हान की धरती पर अब अपनी परंपराओं को बचाने की जिद ने एक बड़े आंदोलन का रूप ले लिया है।"
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    हक और हुकूक की लड़ाई: मानकी-मुंडा व्यवस्था को अक्षुण्ण रखने का संकल्प, कोल्हान रक्षा संघ ने फूंका आंदोलन का शंखनाद।
जगन्नाथपुर (पश्चिमी सिंहभूम):
झारखंड के कोल्हान क्षेत्र की ऐतिहासिक स्वायत्तता और पारंपरिक स्वशासन प्रणाली को बचाने की मांग अब तेज़ हो गई है। जगन्नाथपुर प्रखंड अंतर्गत कोल्हान रक्षा संघ के बैनर तले आयोजित एक विशाल रैली ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। सैकड़ों की संख्या में जुटे ग्रामीणों और आदिवासियों ने अपनी सांस्कृतिक विरासत और विल्किंसन रूल (1837) को पूर्णतः लागू करने की मांग को लेकर बुलंद आवाज़ उठाई।
ऐतिहासिक पहचान पर आर-पार की जंग
हाथों में बैनर और जुबां पर 'कोल्हान एकता जिंदाबाद' के नारों के साथ प्रदर्शनकारियों ने साफ किया कि वे अपनी पारंपरिक प्रशासनिक व्यवस्था से कोई समझौता नहीं करेंगे। प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि 1833 में थॉमस विल्किंसन द्वारा बनाए गए 31 नियम आज भी कोल्हान की विशेष पहचान का आधार हैं, जिन्हें नजरअंदाज किया जा रहा है।
प्रमुख मांगें और चिंताएं:
मानकी-मुंडा की शक्ति: ग्रामीणों ने मांग की कि वंशानुगत मानकी-मुंडा शासन प्रणाली को और अधिक संवैधानिक मजबूती दी जाए ताकि वे न्यायिक और प्रशासनिक निर्णय स्वतंत्र रूप से ले सकें।
सरकारी हस्तक्षेप का विरोध: आंदोलनकारियों का कहना है कि स्थानीय शासन में बाहरी हस्तक्षेप उनकी सदियों पुरानी व्यवस्था को कमजोर कर रहा है।
अस्तित्व की रक्षा: वक्ताओं ने कहा कि यह केवल नियमों की लड़ाई नहीं, बल्कि कोल्हान के अस्तित्व और जल-जंगल-जमीन की रक्षा का महासंग्राम है।
प्रशासन की बढ़ी धड़कनें
क्षेत्र में बढ़ती हलचल को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है। जानकारों का कहना है कि यदि जगन्नाथपुर और आसपास के क्षेत्रों में उठी इस मांग का समय रहते संवाद के जरिए समाधान नहीं निकाला गया, तो कोल्हान में एक बड़ा जनांदोलन खड़ा होना तय है।
बड़ी बात: "कोल्हान की धरती पर अब अपनी परंपराओं को बचाने की जिद ने एक बड़े आंदोलन का रूप ले लिया है।"
    user_Khandait G
    Khandait G
    Reporter झिंकपानी, पश्चिम सिंहभूम, झारखंड•
    14 hrs ago
  • Post by NUNU RAM MAHATO
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    Post by NUNU RAM MAHATO
    user_NUNU RAM MAHATO
    NUNU RAM MAHATO
    Local News Reporter Gobindpur(Rajnagar), Saraikela Kharsawan•
    7 hrs ago
  • शुरू ऐप न्यूज़ चैनल मैं आपका स्वागत है, मैं रवि गुप्ता प्रेस रिपोर्टर आप देख सकते हैं ,कि नगर पंचायत अध्यक्ष पद के प्रत्याशी शन्द कुमार आचार्य (टूलू) नाना , अपने समर्थकों के साथ प्रचार प्रसार पर निकले हैं उनके समर्थक गर्म जोशी से उनके प्रचार पर लगे हुए हैं, जिनमें महिलाएं -पुरुष प्रचार कर रहे हैं। उनका चुनाव चिन्ह बेंच 🛋️ छाप है, क्रमांक संख्या - 5 है।
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    शुरू ऐप न्यूज़ चैनल मैं आपका स्वागत है, मैं रवि गुप्ता प्रेस रिपोर्टर आप देख सकते हैं ,कि नगर पंचायत अध्यक्ष पद के प्रत्याशी शन्द कुमार आचार्य (टूलू) नाना , अपने समर्थकों के साथ प्रचार प्रसार पर निकले हैं उनके समर्थक गर्म जोशी से उनके प्रचार पर लगे हुए हैं, जिनमें महिलाएं -पुरुष प्रचार कर रहे हैं। उनका चुनाव चिन्ह बेंच 🛋️ छाप है, क्रमांक संख्या - 5 है।
    user_Ravi Gupta
    Ravi Gupta
    सरायकेला, सरायकेला खरसावां, झारखंड•
    11 hrs ago
  • *मनरेगा सामाजिक अंकेक्षन में भारी लापरवाही* सिसई (गुमला)। सिसई प्रखंड के भदौली पंचायत में इन दिनों मनरेगा से संबंधित वित्तीय वर्ष 2024 - 25 में हुए कार्यों का भारी लापरवाही के साथ सामाजिक अंकेक्षन का कार्य किया जा रहा है। पंचायत में बिना एंट्री पॉइंट जनप्रतिनिधियों के साथ बिना बैठक कर के कार्य किया जा रहा है। ऑडिट टीम के द्वारा बताया गया कि पंचायत सचिव विनोद भगत और रोजगार सेवक अजय पात्रिक लकड़ा कार्य में सहयोग नहीं कर रहे हैं, जिसके कारण परेशानी हो रहा है। दिन मंगलवार को पंचायत के राजस्व ग्राम सकरौली में ग्राम प्रधान सुमन पहान की अध्यक्षता में तीन वार्ड सदस्यों की अनुपस्थिति में ग्राम सभा का बैठक किया गया। प्रचार प्रसार नहीं होने के कारण चार टोला में से मात्र 12 से 14 ग्रामीण ही उपस्थित रहे । वहीं ग्रामीणों के बैठने के लिए कोई व्यवस्था भी नहीं किया गया था जिसके कारण ग्रामीण जमीन पर बैठने को विवश थे। यह देखकर सकरौली वार्ड सदस्य कृष्णा कुमार साहु भड़क उठे और उन्होंने कहा कि हर समय ग्रामीणों को अंधकार में रखकर हस्ताक्षर लेकर सिर्फ कोरम पूरा किया जाता हैं। जिसके कारण योग्य लाभुक को योजना का लाभ नहीं मिल पाता है। राजस्व ग्राम सकरौली के अंतर्गत सकरौली खास, उरांव टोली सकरौली, सकरौली कुंबाटोली एवं छापर डीपा आता है। चार वार्ड को मिलाकर लगभग 2000 की आबादी है जिसमें से सिर्फ 12 से 14 ग्रामीणों के बीच ग्राम सभा का बैठक करा कर कोरम पूरा किया गया। इस विषय में जब भदौली पंचायत के रोजगार सेवक से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि ग्रामसभा के बैठक की सूचना सभी ग्रामीणों को दिया गया था वहीं ग्राम प्रधान के द्वारा बैठक को लेकर घंट भी बजवाया गया था। बावजूद ग्रामीण बैठक में नहीं आये। जबकि ग्रामीणों का कहना है कि हमलोगों को इस बैठक के विषय में पूर्व में किसी के द्वारा कोई सूचना नहीं मिली थी। जानकारी ना होने के कारण हमलोग बैठक में शामिल नहीं हो सके।
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    *मनरेगा सामाजिक अंकेक्षन में भारी लापरवाही*
सिसई (गुमला)। सिसई प्रखंड के भदौली पंचायत में इन दिनों मनरेगा से संबंधित वित्तीय वर्ष 2024 - 25 में हुए कार्यों का भारी लापरवाही के साथ सामाजिक अंकेक्षन का कार्य किया जा रहा है। 
पंचायत में बिना एंट्री पॉइंट जनप्रतिनिधियों के साथ बिना बैठक कर के कार्य किया जा रहा है। ऑडिट टीम के द्वारा बताया गया कि पंचायत सचिव विनोद भगत और रोजगार सेवक अजय पात्रिक लकड़ा कार्य में सहयोग नहीं कर रहे हैं, जिसके कारण परेशानी हो रहा है। 
दिन मंगलवार को पंचायत के राजस्व ग्राम सकरौली में ग्राम प्रधान सुमन पहान की अध्यक्षता में तीन वार्ड सदस्यों की अनुपस्थिति में ग्राम सभा का बैठक किया गया। प्रचार प्रसार नहीं होने के कारण चार टोला में से मात्र 12 से 14 ग्रामीण ही उपस्थित रहे । वहीं ग्रामीणों के बैठने के लिए कोई व्यवस्था भी नहीं किया गया था जिसके कारण ग्रामीण जमीन पर बैठने को विवश थे। यह देखकर सकरौली वार्ड सदस्य कृष्णा कुमार साहु भड़क उठे और उन्होंने कहा कि हर समय ग्रामीणों को अंधकार में रखकर हस्ताक्षर लेकर सिर्फ कोरम पूरा किया जाता हैं। जिसके कारण योग्य लाभुक को योजना का लाभ नहीं मिल पाता है। 
राजस्व ग्राम सकरौली के अंतर्गत सकरौली खास, उरांव टोली सकरौली, सकरौली कुंबाटोली एवं छापर डीपा आता है। चार वार्ड को मिलाकर लगभग 2000 की आबादी है जिसमें से सिर्फ 12 से 14 ग्रामीणों के बीच ग्राम सभा का बैठक करा कर कोरम पूरा किया गया।
इस विषय में जब भदौली पंचायत के रोजगार सेवक से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि ग्रामसभा के बैठक की सूचना सभी ग्रामीणों को दिया गया था वहीं ग्राम प्रधान के द्वारा बैठक को लेकर घंट भी बजवाया गया था। बावजूद ग्रामीण बैठक में नहीं आये। जबकि ग्रामीणों का कहना है कि हमलोगों को इस बैठक के विषय में पूर्व में किसी के द्वारा कोई सूचना नहीं मिली थी।  जानकारी ना होने के कारण हमलोग बैठक में शामिल नहीं हो सके।
    user_उदय कुशवाहा
    उदय कुशवाहा
    सिसई, गुमला, झारखंड•
    9 hrs ago
  • सिसई (गुमला)। सिसई प्रखंड के भदौली पंचायत में इन दिनों मनरेगा से संबंधित वित्तीय वर्ष 2024 - 25 में हुए कार्यों का भारी लापरवाही के साथ सामाजिक अंकेक्षन का कार्य किया जा रहा है। पंचायत में बिना एंट्री पॉइंट जनप्रतिनिधियों के साथ बिना बैठक कर के कार्य किया जा रहा है। ऑडिट टीम के द्वारा बताया गया कि पंचायत सचिव विनोद भगत और रोजगार सेवक अजय पात्रिक लकड़ा कार्य में सहयोग नहीं कर रहे हैं, जिसके कारण परेशानी हो रहा है। दिन मंगलवार को पंचायत के राजस्व ग्राम सकरौली में ग्राम प्रधान सुमन पहान की अध्यक्षता में तीन वार्ड सदस्यों की अनुपस्थिति में ग्राम सभा का बैठक किया गया। प्रचार प्रसार नहीं होने के कारण चार टोला में से मात्र 12 से 14 ग्रामीण ही उपस्थित रहे । वहीं ग्रामीणों के बैठने के लिए कोई व्यवस्था भी नहीं किया गया था जिसके कारण ग्रामीण जमीन पर बैठने को विवश थे। यह देखकर सकरौली वार्ड सदस्य कृष्णा कुमार साहु भड़क उठे और उन्होंने कहा कि हर समय ग्रामीणों को अंधकार में रखकर हस्ताक्षर लेकर सिर्फ कोरम पूरा किया जाता हैं। जिसके कारण योग्य लाभुक को योजना का लाभ नहीं मिल पाता है। राजस्व ग्राम सकरौली के अंतर्गत सकरौली खास, उरांव टोली सकरौली, सकरौली कुंबाटोली एवं छापर डीपा आता है। चार वार्ड को मिलाकर लगभग 2000 की आबादी है जिसमें से सिर्फ 12 से 14 ग्रामीणों के बीच ग्राम सभा का बैठक करा कर कोरम पूरा किया गया। इस विषय में जब भदौली पंचायत के रोजगार सेवक से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि ग्रामसभा के बैठक की सूचना सभी ग्रामीणों को दिया गया था वहीं ग्राम प्रधान के द्वारा बैठक को लेकर घंट भी बजवाया गया था। बावजूद ग्रामीण बैठक में नहीं आये। जबकि ग्रामीणों का कहना है कि हमलोगों को इस बैठक के विषय में पूर्व में किसी के द्वारा कोई सूचना नहीं मिली थी। जानकारी ना होने के कारण हमलोग बैठक में शामिल नहीं हो सके। इस प्रकार के कार्य प्रणाली संबंधित अधिकारी, कर्मचारी के घोर लापरवाही को दर्शाता है और कई सवालों को जन्म देता है।
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    सिसई (गुमला)। सिसई प्रखंड के भदौली पंचायत में इन दिनों मनरेगा से संबंधित वित्तीय वर्ष 2024 - 25 में हुए कार्यों का भारी लापरवाही के साथ सामाजिक अंकेक्षन का कार्य किया जा रहा है। 
पंचायत में बिना एंट्री पॉइंट जनप्रतिनिधियों के साथ बिना बैठक कर के कार्य किया जा रहा है। ऑडिट टीम के द्वारा बताया गया कि पंचायत सचिव विनोद भगत और रोजगार सेवक अजय पात्रिक लकड़ा कार्य में सहयोग नहीं कर रहे हैं, जिसके कारण परेशानी हो रहा है। 
दिन मंगलवार को पंचायत के राजस्व ग्राम सकरौली में ग्राम प्रधान सुमन पहान की अध्यक्षता में तीन वार्ड सदस्यों की अनुपस्थिति में ग्राम सभा का बैठक किया गया। प्रचार प्रसार नहीं होने के कारण चार टोला में से मात्र 12 से 14 ग्रामीण ही उपस्थित रहे । वहीं ग्रामीणों के बैठने के लिए कोई व्यवस्था भी नहीं किया गया था जिसके कारण ग्रामीण जमीन पर बैठने को विवश थे। यह देखकर सकरौली वार्ड सदस्य कृष्णा कुमार साहु भड़क उठे और उन्होंने कहा कि हर समय ग्रामीणों को अंधकार में रखकर हस्ताक्षर लेकर सिर्फ कोरम पूरा किया जाता हैं। जिसके कारण योग्य लाभुक को योजना का लाभ नहीं मिल पाता है। 
राजस्व ग्राम सकरौली के अंतर्गत सकरौली खास, उरांव टोली सकरौली, सकरौली कुंबाटोली एवं छापर डीपा आता है। चार वार्ड को मिलाकर लगभग 2000 की आबादी है जिसमें से सिर्फ 12 से 14 ग्रामीणों के बीच ग्राम सभा का बैठक करा कर कोरम पूरा किया गया।
इस विषय में जब भदौली पंचायत के रोजगार सेवक से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि ग्रामसभा के बैठक की सूचना सभी ग्रामीणों को दिया गया था वहीं ग्राम प्रधान के द्वारा बैठक को लेकर घंट भी बजवाया गया था। बावजूद ग्रामीण बैठक में नहीं आये। जबकि ग्रामीणों का कहना है कि हमलोगों को इस बैठक के विषय में पूर्व में किसी के द्वारा कोई सूचना नहीं मिली थी।  जानकारी ना होने के कारण हमलोग बैठक में शामिल नहीं हो सके। 
इस प्रकार के कार्य प्रणाली संबंधित अधिकारी, कर्मचारी के घोर लापरवाही को दर्शाता है और कई सवालों को जन्म देता है।
    user_SHAMBHU. S. CHAUHAN
    SHAMBHU. S. CHAUHAN
    Business Networking Company सिसई, गुमला, झारखंड•
    10 hrs ago
  • Post by Gautam Raftaar media
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    Post by Gautam Raftaar media
    user_Gautam Raftaar media
    Gautam Raftaar media
    बुंडू, रांची, झारखंड•
    13 hrs ago
  • नगर पंचायत चुनाव अध्यक्ष पद के प्रत्याशी सुमित कुमार चौधरी प्रचार प्रसार में भारतीय जनता पार्टी के लोग उनके समर्थन में एक सभा का आयोजन पाठागार में हुआ
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    नगर पंचायत चुनाव अध्यक्ष पद के प्रत्याशी सुमित कुमार चौधरी प्रचार प्रसार में भारतीय जनता पार्टी के लोग उनके समर्थन में एक सभा का आयोजन पाठागार में हुआ
    user_Ravi Gupta
    Ravi Gupta
    सरायकेला, सरायकेला खरसावां, झारखंड•
    12 hrs ago
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