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मूल टेक्स्ट में एक गांव के प्रति गहरे प्रेम और प्रशंसा का भाव व्यक्त किया गया है। इसमें कहा गया है कि गांव 'बहुत प्यारा' है और व्यक्ति उससे इतना प्रभावित है कि वह वहीं रह गया है। यह पंक्ति गांव के आकर्षण और उसके प्रति एक मजबूत भावनात्मक लगाव को दर्शाती है।
Mulayam Singh
मूल टेक्स्ट में एक गांव के प्रति गहरे प्रेम और प्रशंसा का भाव व्यक्त किया गया है। इसमें कहा गया है कि गांव 'बहुत प्यारा' है और व्यक्ति उससे इतना प्रभावित है कि वह वहीं रह गया है। यह पंक्ति गांव के आकर्षण और उसके प्रति एक मजबूत भावनात्मक लगाव को दर्शाती है।
More news from Kaimur (Bhabua) and nearby areas
- मूल टेक्स्ट में एक गांव के प्रति गहरे प्रेम और प्रशंसा का भाव व्यक्त किया गया है। इसमें कहा गया है कि गांव 'बहुत प्यारा' है और व्यक्ति उससे इतना प्रभावित है कि वह वहीं रह गया है। यह पंक्ति गांव के आकर्षण और उसके प्रति एक मजबूत भावनात्मक लगाव को दर्शाती है।1
- कबीर परमेश्वर के 629वें प्रकट दिवस के अवसर पर यह दृढ़ता से बताया गया है कि उनका जन्म न तो माता के गर्भ से हुआ और न ही उन्होंने सामान्य शिशु की तरह जन्म लिया, बल्कि वे बालक रूप में सशरीर प्रकट हुए थे। जैसा कि कहा गया है, उन्हें काशी नगर में जल कमल पर एक जुलाहे ने पाया था। इस दिव्य सत्य के प्रमाण स्वरूप, ऋग्वेद के मण्डल 10, सूक्त 4, मंत्र 3 में स्पष्ट उल्लेख है कि परमात्मा का जन्म नहीं होता, वह स्वयं सशरीर प्रकट होता है, और वही परमेश्वर कबीर जी हैं। इसी पावन शुभ अवसर पर, 629वां कबीर साहेब प्रकट दिवस संत रामपाल जी महाराज की पावन उपस्थिति में 27, 28 और 29 जून को मनाया जा रहा है। इन तिथियों पर, विशेष रूप से 27, 28, 29 जून 2026 को, विश्व के सबसे बड़े निःशुल्क खुले भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। इस विशाल आयोजन में आप सभी को परिवार सहित सतलोक आश्रम सोजत, पाली, राजस्थान में सादर आमंत्रित किया गया है। अधिक जानकारी के लिए संपर्क नंबर 8882914946 और 8882914947 दिए गए हैं।1
- कैमूर जिले की सभी पंचायतों में रविवार, 28 जून 2026 को 'पंचायत विकास दिवस' का भव्य और उत्साहपूर्ण आयोजन किया गया। इस विशेष अवसर पर जिलेभर के कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और आम नागरिकों की उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिली, जो इस आयोजन का मुख्य आकर्षण रही। इन शिविरों के दौरान पंचायतों के समग्र एवं सतत विकास के लिए चलाई जा रही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। साथ ही, मौके पर उपस्थित आमजन की समस्याओं को सुनकर उनके त्वरित और गुणवत्तापूर्ण समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। मोहनियां प्रखंड अंतर्गत उसरी पंचायत में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में माननीय प्रभारी मंत्री श्री संजय सिंह 'टाइगर' मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने ग्रामीणों के साथ सीधा संवाद करते हुए पंचायतों के समेकित विकास, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जनभागीदारी को सशक्त बनाने पर विशेष बल दिया। प्रभारी मंत्री संजय सिंह 'टाइगर' ने इस अवसर पर कहा कि, "सरकार की प्राथमिकता समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँचाना है, और हमारी पंचायतें इस लक्ष्य को हासिल करने की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं।" इस मुख्य कार्यक्रम में माननीय विधायकगण, स्थानीय जनप्रतिनिधि, जिला पदाधिकारी कैमूर नितिन कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक शिखर चौधरी एवं जिला प्रशासन के वरीय अधिकारियों ने भी अपनी सहभागिता दर्ज कराई, जहाँ अधिकारियों ने विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति को लेकर ग्रामीणों से सीधा फीडबैक भी प्राप्त किया। इसी क्रम में, कुदरा प्रखंड के ससना पंचायत में आयोजित 'पंचायत विकास शिविर' में प्रभारी सचिव श्री दिवेश सेहरा महोदय ने हिस्सा लिया। उन्होंने ग्रामीणों से रूबरू होकर उनकी समस्याओं और सुझावों को अत्यंत गंभीरता से सुना। प्रभारी सचिव ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि जनता की हर समस्या का निष्पादन पूरी गुणवत्ता और निर्धारित समय सीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाए। जिलेभर में आयोजित इस 'पंचायत विकास दिवस' ने न केवल प्रशासन और आम जनता के बीच संवाद को और अधिक सशक्त किया, बल्कि ग्रामीण विकास के प्रति सामूहिक संकल्प को एक नई ऊर्जा भी प्रदान की। ग्रामीणों की भारी संख्या में उपस्थिति ने इस पूरे आयोजन को बेहद सफल और ऐतिहासिक बना दिया।3
- कैमूर पुलिस अधीक्षक ने सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो और फोटो के मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए कुदरा थाना के थानाध्यक्ष नंदु कुमार को निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय पुलिस केंद्र, भभुआ निर्धारित किया गया है। वायरल वीडियो और फोटो में कुदरा थाना क्षेत्र के यार्ड में जब्त बालू लदे ट्रक से ट्रैक्टर द्वारा बालू का उठाव किए जाने और वीडियो बनाने वाले व्यक्ति का मोबाइल छीनकर उसे डिलीट कराने का आरोप थानाध्यक्ष पर लगाया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने अंचल पुलिस निरीक्षक, मोहनिया और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ), मोहनिया को जांच के निर्देश दिए थे। एसडीपीओ द्वारा सौंपी गई जांच रिपोर्ट में थानाध्यक्ष नंदु कुमार का आचरण विधि के प्रतिकूल और संदिग्ध पाया गया। इसी प्रतिवेदन के आधार पर पुलिस अधीक्षक ने नंदु कुमार को तत्काल प्रभाव से सामान्य जीवन-यापन भत्ता पर निलंबित कर दिया। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि कैमूर पुलिस आम जनता के साथ शालीन व्यवहार और विधि-सम्मत कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है, तथा किसी भी स्तर पर अनुशासनहीनता या संदिग्ध आचरण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।1
- वर्तमान समय और सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए एक भावपूर्ण उद्घोष सामने आया है। इस उद्घोष के माध्यम से यह पीड़ा व्यक्त की जा रही है कि यह कैसा जमाना और कैसी सरकार है, जहाँ बेरोजगारों को नौकरी नहीं मिल रही है। यह स्थिति उन लोगों में गहरी चिंता और असमंजस पैदा कर रही है जो काम की तलाश में हैं, और वे स्वयं से यह पूछ रहे हैं कि ऐसी परिस्थितियों में उन्हें आखिर क्या करना चाहिए।1
- राजस्थान से जुड़े केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भगीरथ चौधरी खीरे की खेती के लिए ₹99.60 लाख की सरकारी सब्सिडी मिलने के बाद विवादों में घिर गए हैं। इंडियन एक्सप्रेस की पड़ताल ने इस मामले से जुड़े कई सवाल उठाए हैं, जिससे एक बड़ा खुलासा हुआ है। इस मामले में ₹99.60 लाख की सब्सिडी का पूरा मामला, इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में किए गए दावे, और मंत्री भगीरथ चौधरी के जवाब पर फोकस है। मंत्री ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उन्होंने सभी नियमों का पालन किया है और कोई अनियमितता नहीं हुई है। पड़ताल में यह सवाल भी उठाया गया है कि क्या यह हितों के टकराव का मामला है।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर आज सोनम वांगचुक अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। उन्होंने CJP के आंदोलन को समर्थन देते हुए शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग की है। यह आंदोलन NEET विवाद और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर लगातार तेज होता जा रहा है। इस बढ़ते विरोध के बीच यह सवाल उठ रहा है कि क्या सरकार इस आंदोलन की आवाज सुनेगी और क्या शिक्षा मंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए?1
- चंदौली जिले के नौगढ़ ब्लॉक की ग्राम पंचायत बरबसपुर में सड़क निर्माण कार्य में ठेकेदार की गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि PWD के ठेकेदार केदार सिंह ने सड़क के दोनों किनारों की मरम्मत तो की, लेकिन बीच के हिस्से को अधूरा छोड़ दिया, जिसके कारण पूरे रास्ते पर भारी जलभराव हो गया है। इस अधूरी सड़क के चलते ग्रामीणों को आवागमन में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, और स्कूली बच्चों व बुजुर्गों के लिए इस मार्ग से गुजरना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क 'तालाब' में बदल चुकी है। मोहम्मद इद्रीस, साहील मुन्ना लाल, संजय सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि सड़क के तालाब बन जाने से बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी हो रही है, जबकि मुस्ताक ने कहा कि बुजुर्गों का घर से निकलना भी मुश्किल हो गया है। राम प्रकाश के अनुसार, इस रास्ते पर पैदल चलना तो दूर, यहां से निकलना भी जोखिम भरा है। तबारक ने सड़क को 'गड्ढों का जाल' बताया और मुबारक ने आए दिन लोगों के चोटिल होने की जानकारी दी, साथ ही चेताया कि बरसात में स्थिति 'और भी नारकीय' हो जाती है। ग्रामीणों ने ठेकेदार द्वारा काम बीच में छोड़ने पर सवाल उठाए हैं और अधिकारियों पर सुनवाई न करने का आरोप भी लगाया है। इस मामले में क्षेत्र के संबंधित जूनियर इंजीनियर (JE) हर्ष सिंह ने बताया कि यह प्रकरण उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क का बीच का हिस्सा कुछ 'तकनीकी कारणों' से अधूरा रह गया था। JE ने आश्वासन दिया है कि ठेकेदार को जल्द ही काम पूरा करने के निर्देश दिए जाएंगे और जलभराव की समस्या का समाधान भी प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। हालांकि, ग्रामीण जिला प्रशासन से इस मामले का तत्काल संज्ञान लेने, संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करने और सड़क निर्माण कार्य को अविलंब पूरा कराने की कड़ी मांग कर रहे हैं।1