चंदौली जिले के नौगढ़ ब्लॉक की ग्राम पंचायत बरबसपुर में सड़क निर्माण कार्य में ठेकेदार की गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि PWD के ठेकेदार केदार सिंह ने सड़क के दोनों किनारों की मरम्मत तो की, लेकिन बीच के हिस्से को अधूरा छोड़ दिया, जिसके कारण पूरे रास्ते पर भारी जलभराव हो गया है। इस अधूरी सड़क के चलते ग्रामीणों को आवागमन में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, और स्कूली बच्चों व बुजुर्गों के लिए इस मार्ग से गुजरना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क 'तालाब' में बदल चुकी है। मोहम्मद इद्रीस, साहील मुन्ना लाल, संजय सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि सड़क के तालाब बन जाने से बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी हो रही है, जबकि मुस्ताक ने कहा कि बुजुर्गों का घर से निकलना भी मुश्किल हो गया है। राम प्रकाश के अनुसार, इस रास्ते पर पैदल चलना तो दूर, यहां से निकलना भी जोखिम भरा है। तबारक ने सड़क को 'गड्ढों का जाल' बताया और मुबारक ने आए दिन लोगों के चोटिल होने की जानकारी दी, साथ ही चेताया कि बरसात में स्थिति 'और भी नारकीय' हो जाती है। ग्रामीणों ने ठेकेदार द्वारा काम बीच में छोड़ने पर सवाल उठाए हैं और अधिकारियों पर सुनवाई न करने का आरोप भी लगाया है। इस मामले में क्षेत्र के संबंधित जूनियर इंजीनियर (JE) हर्ष सिंह ने बताया कि यह प्रकरण उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क का बीच का हिस्सा कुछ 'तकनीकी कारणों' से अधूरा रह गया था। JE ने आश्वासन दिया है कि ठेकेदार को जल्द ही काम पूरा करने के निर्देश दिए जाएंगे और जलभराव की समस्या का समाधान भी प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। हालांकि, ग्रामीण जिला प्रशासन से इस मामले का तत्काल संज्ञान लेने, संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करने और सड़क निर्माण कार्य को अविलंब पूरा कराने की कड़ी मांग कर रहे हैं।
चंदौली जिले के नौगढ़ ब्लॉक की ग्राम पंचायत बरबसपुर में सड़क निर्माण कार्य में ठेकेदार की गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि PWD के ठेकेदार केदार सिंह ने सड़क के दोनों किनारों की मरम्मत तो की, लेकिन बीच के हिस्से को अधूरा छोड़ दिया, जिसके कारण पूरे रास्ते पर भारी जलभराव हो गया है। इस अधूरी सड़क के चलते ग्रामीणों को आवागमन में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, और स्कूली बच्चों व बुजुर्गों के लिए इस मार्ग से गुजरना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क 'तालाब' में बदल चुकी है। मोहम्मद इद्रीस, साहील मुन्ना लाल, संजय सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि सड़क के तालाब बन जाने से बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी हो रही है, जबकि मुस्ताक ने कहा कि बुजुर्गों का घर से निकलना भी मुश्किल हो गया है। राम प्रकाश के अनुसार, इस रास्ते पर पैदल चलना तो दूर, यहां से निकलना भी जोखिम भरा है। तबारक ने सड़क को 'गड्ढों का जाल' बताया और मुबारक ने आए दिन लोगों के चोटिल होने की जानकारी दी, साथ ही चेताया कि बरसात में स्थिति 'और भी नारकीय' हो जाती है। ग्रामीणों ने ठेकेदार द्वारा काम बीच में छोड़ने पर सवाल उठाए हैं और अधिकारियों पर सुनवाई न करने का आरोप भी लगाया है। इस मामले में क्षेत्र के संबंधित जूनियर इंजीनियर (JE) हर्ष सिंह ने बताया कि यह प्रकरण उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क का बीच का हिस्सा कुछ 'तकनीकी कारणों' से अधूरा रह गया था। JE ने आश्वासन दिया है कि ठेकेदार को जल्द ही काम पूरा करने के निर्देश दिए जाएंगे और जलभराव की समस्या का समाधान भी प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। हालांकि, ग्रामीण जिला प्रशासन से इस मामले का तत्काल संज्ञान लेने, संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करने और सड़क निर्माण कार्य को अविलंब पूरा कराने की कड़ी मांग कर रहे हैं।
- सोनभद्र के ओबरा थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए शादी का झांसा देकर दुष्कर्म, गर्भपात कराने और एससी/एसटी एक्ट के तहत वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सोनभद्र श्री अभिषेक वर्मा के निर्देश पर और अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) श्री अनिल कुमार तथा क्षेत्राधिकारी ओबरा श्री प्रभात राय के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक ओबरा श्री सदानन्द राय के कुशल नेतृत्व में की गई। दर्ज शिकायत के अनुसार, पीड़िता की पहचान सोशल मीडिया के माध्यम से अभियुक्त सुनील कुमार मौर्या से हुई थी। अभियुक्त ने विवाह का आश्वासन देकर कई वर्षों तक उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। जब पीड़िता गर्भवती हुई, तो अभियुक्त उसे नोएडा ले गया और शादी का वादा करके गर्भपात कराने का दबाव डाला। पीड़िता की जानकारी के बिना उसे गर्भपात संबंधी दवा देकर 27.05.2026 को एक निजी अस्पताल में गर्भपात करा दिया गया। बाद में जब पीड़िता ने विवाह की बात की, तो अभियुक्त और उसके परिजनों ने कथित तौर पर उसके साथ मारपीट, अभद्रता की और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर उसे अपमानित किया। इस तहरीर के आधार पर ओबरा थाने में मु0अ0सं0-132/2026, धारा 69, 89, 115(2), 352 बीएनएस तथा धारा 3(2)(v), 3(1)(द), 3(1)(ध) एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। अभियुक्त की तलाश में ओबरा पुलिस लगातार प्रयासरत थी। मुखबिर से मिली सूचना पर, पुलिस ने 28.06.2026 को सुबह करीब 06:10 बजे शारदा मंदिर, ओबरा के पास से अभियुक्त सुनील कुमार मौर्या को गिरफ्तार किया और नियमानुसार माननीय न्यायालय भेज दिया। गिरफ्तार अभियुक्त सुनील कुमार मौर्या (उम्र लगभग 24 वर्ष) पुत्र राजेश मौर्या, ग्राम परही (मधुपुर), थाना रॉबर्ट्सगंज, जनपद सोनभद्र का निवासी है। इस गिरफ्तारी को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक सदानन्द राय, आरक्षी प्रवीण कुमार राय और रिक्रूट आरक्षी सुल्तान शामिल थे। सोनभद्र पुलिस का कहना है कि अपराध और अपराधियों के विरुद्ध उनकी प्रभावी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।1
- वर्तमान समय और सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए एक भावपूर्ण उद्घोष सामने आया है। इस उद्घोष के माध्यम से यह पीड़ा व्यक्त की जा रही है कि यह कैसा जमाना और कैसी सरकार है, जहाँ बेरोजगारों को नौकरी नहीं मिल रही है। यह स्थिति उन लोगों में गहरी चिंता और असमंजस पैदा कर रही है जो काम की तलाश में हैं, और वे स्वयं से यह पूछ रहे हैं कि ऐसी परिस्थितियों में उन्हें आखिर क्या करना चाहिए।1
- राजस्थान से जुड़े केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भगीरथ चौधरी खीरे की खेती के लिए ₹99.60 लाख की सरकारी सब्सिडी मिलने के बाद विवादों में घिर गए हैं। इंडियन एक्सप्रेस की पड़ताल ने इस मामले से जुड़े कई सवाल उठाए हैं, जिससे एक बड़ा खुलासा हुआ है। इस मामले में ₹99.60 लाख की सब्सिडी का पूरा मामला, इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में किए गए दावे, और मंत्री भगीरथ चौधरी के जवाब पर फोकस है। मंत्री ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उन्होंने सभी नियमों का पालन किया है और कोई अनियमितता नहीं हुई है। पड़ताल में यह सवाल भी उठाया गया है कि क्या यह हितों के टकराव का मामला है।1
- सोनभद्र जनपद के जुगैल वन रेंज अंतर्गत सेमिया गांव के छितीरपुरवा टोला स्थित एक चेकडैम में शनिवार को लोगों में उस समय कौतूहल फैल गया, जब एक साथ करीब 35 मगरमच्छों के शिशु दिखाई दिए। यह दुर्लभ दृश्य देखने के लिए मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट गई। जानकारी के अनुसार, चेकडैम में पानी का स्तर कम होने के बाद मगरमच्छों के बच्चों की आवाजें सुनाई देने लगीं। आवाज सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने देखा कि चेकडैम के किनारे बड़ी संख्या में मगरमच्छों के नवजात शिशु मौजूद थे, जिसके बाद यह खबर पूरे क्षेत्र में फैल गई और मौके पर लोगों का जमावड़ा लग गया। ग्रामीणों द्वारा सूचना दिए जाने पर वन विभाग की टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। स्थानीय मल्लाहों के सहयोग से सभी शिशु मगरमच्छों का बेहद सावधानी और सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू किया गया। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सभी मगरमच्छ शिशुओं को उनके प्राकृतिक आवास को ध्यान में रखते हुए सोन नदी के गहरे जलाशय में सुरक्षित छोड़ दिया गया है, ताकि वे प्राकृतिक वातावरण में सुरक्षित रूप से विकसित हो सकें। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि कहीं मगरमच्छ या उसके शिशु दिखाई दें तो उनसे दूरी बनाए रखें और तत्काल वन विभाग को सूचना दें। विभाग ने वन्यजीवों के संरक्षण में आमजन के सहयोग को अत्यंत आवश्यक बताया है।2
- मूल टेक्स्ट में एक गांव के प्रति गहरे प्रेम और प्रशंसा का भाव व्यक्त किया गया है। इसमें कहा गया है कि गांव 'बहुत प्यारा' है और व्यक्ति उससे इतना प्रभावित है कि वह वहीं रह गया है। यह पंक्ति गांव के आकर्षण और उसके प्रति एक मजबूत भावनात्मक लगाव को दर्शाती है।1
- कबीर परमेश्वर के 629वें प्रकट दिवस के अवसर पर यह दृढ़ता से बताया गया है कि उनका जन्म न तो माता के गर्भ से हुआ और न ही उन्होंने सामान्य शिशु की तरह जन्म लिया, बल्कि वे बालक रूप में सशरीर प्रकट हुए थे। जैसा कि कहा गया है, उन्हें काशी नगर में जल कमल पर एक जुलाहे ने पाया था। इस दिव्य सत्य के प्रमाण स्वरूप, ऋग्वेद के मण्डल 10, सूक्त 4, मंत्र 3 में स्पष्ट उल्लेख है कि परमात्मा का जन्म नहीं होता, वह स्वयं सशरीर प्रकट होता है, और वही परमेश्वर कबीर जी हैं। इसी पावन शुभ अवसर पर, 629वां कबीर साहेब प्रकट दिवस संत रामपाल जी महाराज की पावन उपस्थिति में 27, 28 और 29 जून को मनाया जा रहा है। इन तिथियों पर, विशेष रूप से 27, 28, 29 जून 2026 को, विश्व के सबसे बड़े निःशुल्क खुले भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। इस विशाल आयोजन में आप सभी को परिवार सहित सतलोक आश्रम सोजत, पाली, राजस्थान में सादर आमंत्रित किया गया है। अधिक जानकारी के लिए संपर्क नंबर 8882914946 और 8882914947 दिए गए हैं।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर आज सोनम वांगचुक अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। उन्होंने CJP के आंदोलन को समर्थन देते हुए शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग की है। यह आंदोलन NEET विवाद और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर लगातार तेज होता जा रहा है। इस बढ़ते विरोध के बीच यह सवाल उठ रहा है कि क्या सरकार इस आंदोलन की आवाज सुनेगी और क्या शिक्षा मंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए?1
- चंदौली जिले के नौगढ़ ब्लॉक की ग्राम पंचायत बरबसपुर में सड़क निर्माण कार्य में ठेकेदार की गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि PWD के ठेकेदार केदार सिंह ने सड़क के दोनों किनारों की मरम्मत तो की, लेकिन बीच के हिस्से को अधूरा छोड़ दिया, जिसके कारण पूरे रास्ते पर भारी जलभराव हो गया है। इस अधूरी सड़क के चलते ग्रामीणों को आवागमन में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, और स्कूली बच्चों व बुजुर्गों के लिए इस मार्ग से गुजरना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क 'तालाब' में बदल चुकी है। मोहम्मद इद्रीस, साहील मुन्ना लाल, संजय सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि सड़क के तालाब बन जाने से बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी हो रही है, जबकि मुस्ताक ने कहा कि बुजुर्गों का घर से निकलना भी मुश्किल हो गया है। राम प्रकाश के अनुसार, इस रास्ते पर पैदल चलना तो दूर, यहां से निकलना भी जोखिम भरा है। तबारक ने सड़क को 'गड्ढों का जाल' बताया और मुबारक ने आए दिन लोगों के चोटिल होने की जानकारी दी, साथ ही चेताया कि बरसात में स्थिति 'और भी नारकीय' हो जाती है। ग्रामीणों ने ठेकेदार द्वारा काम बीच में छोड़ने पर सवाल उठाए हैं और अधिकारियों पर सुनवाई न करने का आरोप भी लगाया है। इस मामले में क्षेत्र के संबंधित जूनियर इंजीनियर (JE) हर्ष सिंह ने बताया कि यह प्रकरण उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क का बीच का हिस्सा कुछ 'तकनीकी कारणों' से अधूरा रह गया था। JE ने आश्वासन दिया है कि ठेकेदार को जल्द ही काम पूरा करने के निर्देश दिए जाएंगे और जलभराव की समस्या का समाधान भी प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। हालांकि, ग्रामीण जिला प्रशासन से इस मामले का तत्काल संज्ञान लेने, संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करने और सड़क निर्माण कार्य को अविलंब पूरा कराने की कड़ी मांग कर रहे हैं।1