सोनभद्र के ओबरा थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए शादी का झांसा देकर दुष्कर्म, गर्भपात कराने और एससी/एसटी एक्ट के तहत वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सोनभद्र श्री अभिषेक वर्मा के निर्देश पर और अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) श्री अनिल कुमार तथा क्षेत्राधिकारी ओबरा श्री प्रभात राय के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक ओबरा श्री सदानन्द राय के कुशल नेतृत्व में की गई। दर्ज शिकायत के अनुसार, पीड़िता की पहचान सोशल मीडिया के माध्यम से अभियुक्त सुनील कुमार मौर्या से हुई थी। अभियुक्त ने विवाह का आश्वासन देकर कई वर्षों तक उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। जब पीड़िता गर्भवती हुई, तो अभियुक्त उसे नोएडा ले गया और शादी का वादा करके गर्भपात कराने का दबाव डाला। पीड़िता की जानकारी के बिना उसे गर्भपात संबंधी दवा देकर 27.05.2026 को एक निजी अस्पताल में गर्भपात करा दिया गया। बाद में जब पीड़िता ने विवाह की बात की, तो अभियुक्त और उसके परिजनों ने कथित तौर पर उसके साथ मारपीट, अभद्रता की और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर उसे अपमानित किया। इस तहरीर के आधार पर ओबरा थाने में मु0अ0सं0-132/2026, धारा 69, 89, 115(2), 352 बीएनएस तथा धारा 3(2)(v), 3(1)(द), 3(1)(ध) एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। अभियुक्त की तलाश में ओबरा पुलिस लगातार प्रयासरत थी। मुखबिर से मिली सूचना पर, पुलिस ने 28.06.2026 को सुबह करीब 06:10 बजे शारदा मंदिर, ओबरा के पास से अभियुक्त सुनील कुमार मौर्या को गिरफ्तार किया और नियमानुसार माननीय न्यायालय भेज दिया। गिरफ्तार अभियुक्त सुनील कुमार मौर्या (उम्र लगभग 24 वर्ष) पुत्र राजेश मौर्या, ग्राम परही (मधुपुर), थाना रॉबर्ट्सगंज, जनपद सोनभद्र का निवासी है। इस गिरफ्तारी को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक सदानन्द राय, आरक्षी प्रवीण कुमार राय और रिक्रूट आरक्षी सुल्तान शामिल थे। सोनभद्र पुलिस का कहना है कि अपराध और अपराधियों के विरुद्ध उनकी प्रभावी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
सोनभद्र के ओबरा थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए शादी का झांसा देकर दुष्कर्म, गर्भपात कराने और एससी/एसटी एक्ट के तहत वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सोनभद्र श्री अभिषेक वर्मा के निर्देश पर और अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) श्री अनिल कुमार तथा क्षेत्राधिकारी ओबरा श्री प्रभात राय के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक ओबरा श्री सदानन्द राय के कुशल नेतृत्व में की गई। दर्ज शिकायत के अनुसार, पीड़िता की पहचान सोशल मीडिया के माध्यम से अभियुक्त सुनील कुमार मौर्या से हुई थी। अभियुक्त ने विवाह का आश्वासन देकर कई वर्षों तक उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। जब पीड़िता गर्भवती हुई, तो अभियुक्त उसे नोएडा ले गया और शादी का वादा करके गर्भपात कराने का दबाव डाला। पीड़िता की जानकारी के बिना उसे गर्भपात संबंधी दवा देकर 27.05.2026 को एक निजी अस्पताल में गर्भपात करा दिया गया। बाद में जब पीड़िता ने विवाह की बात की, तो अभियुक्त और उसके परिजनों ने कथित तौर पर उसके साथ मारपीट, अभद्रता की और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर उसे अपमानित किया। इस तहरीर के आधार पर ओबरा थाने में मु0अ0सं0-132/2026, धारा 69, 89, 115(2), 352 बीएनएस तथा धारा 3(2)(v), 3(1)(द), 3(1)(ध) एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। अभियुक्त की तलाश में ओबरा पुलिस लगातार प्रयासरत थी। मुखबिर से मिली सूचना पर, पुलिस ने 28.06.2026 को सुबह करीब 06:10 बजे शारदा मंदिर, ओबरा के पास से अभियुक्त सुनील कुमार मौर्या को गिरफ्तार किया और नियमानुसार माननीय न्यायालय भेज दिया। गिरफ्तार अभियुक्त सुनील कुमार मौर्या (उम्र लगभग 24 वर्ष) पुत्र राजेश मौर्या, ग्राम परही (मधुपुर), थाना रॉबर्ट्सगंज, जनपद सोनभद्र का निवासी है। इस गिरफ्तारी को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक सदानन्द राय, आरक्षी प्रवीण कुमार राय और रिक्रूट आरक्षी सुल्तान शामिल थे। सोनभद्र पुलिस का कहना है कि अपराध और अपराधियों के विरुद्ध उनकी प्रभावी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
- सोनभद्र के ओबरा थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए शादी का झांसा देकर दुष्कर्म, गर्भपात कराने और एससी/एसटी एक्ट के तहत वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सोनभद्र श्री अभिषेक वर्मा के निर्देश पर और अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) श्री अनिल कुमार तथा क्षेत्राधिकारी ओबरा श्री प्रभात राय के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक ओबरा श्री सदानन्द राय के कुशल नेतृत्व में की गई। दर्ज शिकायत के अनुसार, पीड़िता की पहचान सोशल मीडिया के माध्यम से अभियुक्त सुनील कुमार मौर्या से हुई थी। अभियुक्त ने विवाह का आश्वासन देकर कई वर्षों तक उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। जब पीड़िता गर्भवती हुई, तो अभियुक्त उसे नोएडा ले गया और शादी का वादा करके गर्भपात कराने का दबाव डाला। पीड़िता की जानकारी के बिना उसे गर्भपात संबंधी दवा देकर 27.05.2026 को एक निजी अस्पताल में गर्भपात करा दिया गया। बाद में जब पीड़िता ने विवाह की बात की, तो अभियुक्त और उसके परिजनों ने कथित तौर पर उसके साथ मारपीट, अभद्रता की और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर उसे अपमानित किया। इस तहरीर के आधार पर ओबरा थाने में मु0अ0सं0-132/2026, धारा 69, 89, 115(2), 352 बीएनएस तथा धारा 3(2)(v), 3(1)(द), 3(1)(ध) एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। अभियुक्त की तलाश में ओबरा पुलिस लगातार प्रयासरत थी। मुखबिर से मिली सूचना पर, पुलिस ने 28.06.2026 को सुबह करीब 06:10 बजे शारदा मंदिर, ओबरा के पास से अभियुक्त सुनील कुमार मौर्या को गिरफ्तार किया और नियमानुसार माननीय न्यायालय भेज दिया। गिरफ्तार अभियुक्त सुनील कुमार मौर्या (उम्र लगभग 24 वर्ष) पुत्र राजेश मौर्या, ग्राम परही (मधुपुर), थाना रॉबर्ट्सगंज, जनपद सोनभद्र का निवासी है। इस गिरफ्तारी को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक सदानन्द राय, आरक्षी प्रवीण कुमार राय और रिक्रूट आरक्षी सुल्तान शामिल थे। सोनभद्र पुलिस का कहना है कि अपराध और अपराधियों के विरुद्ध उनकी प्रभावी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।1
- सोनभद्र जनपद के जुगैल वन रेंज अंतर्गत सेमिया गांव के छितीरपुरवा टोला स्थित एक चेकडैम में शनिवार को लोगों में उस समय कौतूहल फैल गया, जब एक साथ करीब 35 मगरमच्छों के शिशु दिखाई दिए। यह दुर्लभ दृश्य देखने के लिए मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट गई। जानकारी के अनुसार, चेकडैम में पानी का स्तर कम होने के बाद मगरमच्छों के बच्चों की आवाजें सुनाई देने लगीं। आवाज सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने देखा कि चेकडैम के किनारे बड़ी संख्या में मगरमच्छों के नवजात शिशु मौजूद थे, जिसके बाद यह खबर पूरे क्षेत्र में फैल गई और मौके पर लोगों का जमावड़ा लग गया। ग्रामीणों द्वारा सूचना दिए जाने पर वन विभाग की टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। स्थानीय मल्लाहों के सहयोग से सभी शिशु मगरमच्छों का बेहद सावधानी और सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू किया गया। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सभी मगरमच्छ शिशुओं को उनके प्राकृतिक आवास को ध्यान में रखते हुए सोन नदी के गहरे जलाशय में सुरक्षित छोड़ दिया गया है, ताकि वे प्राकृतिक वातावरण में सुरक्षित रूप से विकसित हो सकें। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि कहीं मगरमच्छ या उसके शिशु दिखाई दें तो उनसे दूरी बनाए रखें और तत्काल वन विभाग को सूचना दें। विभाग ने वन्यजीवों के संरक्षण में आमजन के सहयोग को अत्यंत आवश्यक बताया है।2
- सोनभद्र के विकास खंड दुद्धी के अंतर्गत ग्राम पंचायत घिवही में सरकारी धन के कथित दुरुपयोग और विकास कार्यों में अनियमितताओं को लेकर ग्रामीणों में गहरी नाराजगी है। शिकायतकर्ता गोवर्धन सिंह कुशवाहा और अन्य ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान, प्रधान प्रतिनिधि तथा ग्राम विकास अधिकारी (सेक्रेटरी) पर आरोप लगाया है कि विभिन्न विकास कार्यों में कागजों पर भुगतान दिखाकर धरातल पर कोई कार्य नहीं कराया गया है। ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों के अनुसार, घिवही स्थित रेघड़ा शिव मंदिर परिसर के मुख्य द्वार के पास एक चापाकल लगाने के लिए लगभग 20 से 25 फीट तक बोरिंग कराई गई थी। यह बोर सफल नहीं हुआ और इसे बाद में ध्वस्त कर दिया गया। इसके बावजूद, कागजों में लगभग 95 हजार रुपये की निकासी दर्शाई गई है। शिकायतकर्ता का कहना है कि मंदिर परिसर में केवल लगभग 10 हजार रुपये की लागत का एक समरसेबल लगाया गया है, जबकि शेष धनराशि के उपयोग को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि इसी तरह कई अन्य विकास कार्यों में भी कागजों पर कार्य पूरा दिखाकर सरकारी धन का भुगतान कर लिया गया है, लेकिन मौके पर कोई कार्य दिखाई नहीं देता। इस संबंध में, जब एक पत्रकार ने ग्राम प्रधान प्रतिनिधि से मोबाइल फोन पर बात की, तो उन्होंने बताया कि लगभग 80 से 90 फीट तक बोरिंग कराई गई थी, लेकिन पानी नहीं मिलने के कारण कार्य सफल नहीं हो सका। उनके मुताबिक, उक्त धनराशि का उपयोग बाद में समरसेबल और अन्य आवश्यक विकास कार्यों में कर दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि रेघड़ा शिव मंदिर पर प्रतिदिन दर्जनों श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के दर्शन के लिए आते हैं, लेकिन पेयजल की उचित व्यवस्था न होने से उन्हें कठिनाई का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है, ताकि सरकारी धन का सही उपयोग सुनिश्चित हो सके और यदि कोई दोषी पाया जाए तो संबंधित अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।1
- नई दिल्ली में एक राष्ट्रीय समारोह का आयोजन किया गया, जहाँ उत्कृष्ट शैक्षिक योगदान के लिए एक व्यक्ति/संस्था को सम्मानित किया गया है। इस सम्मान के बाद सोनभद्र में खुशी की लहर दौड़ गई है।1
- सोनभद्र जिले के दुद्धी विकासखंड में स्थित केवाल ग्राम पंचायत के प्राथमिक विद्यालय में आयोजित टीकाकरण अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि आशा कार्यकर्ता द्वारा छोटे बच्चों को जिस वैक्सीन बॉक्स से टीके लगाए जा रहे थे, उस बॉक्स में कचरा भी मौजूद था। इस गंभीर लापरवाही को देखकर अभिभावकों में तत्काल आक्रोश फैल गया, जिसके बाद उन्होंने मौके पर ही अपना विरोध दर्ज कराया। ग्रामीणों ने दृढ़ता से कहा है कि बच्चों के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और स्वास्थ्य विभाग की इस घोर लापरवाही ने मासूम बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है। यह टीकाकरण कार्यक्रम दुद्धी उप स्वास्थ्य केंद्र द्वारा आयोजित किया गया था। मामले की जानकारी मिलने पर संबंधित चिकित्साधिकारी, डॉ. शाह आलम ने जांच कराने का आश्वासन दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में किसी भी कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है, तो नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों ने एक बार फिर मांग की है कि टीकाकरण जैसी संवेदनशील स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता और स्वच्छता के सभी निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो सके। अब सभी की निगाहें स्वास्थ्य विभाग की विस्तृत जांच रिपोर्ट और उसके बाद होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।1
- चंदौली जिले के नौगढ़ ब्लॉक की ग्राम पंचायत बरबसपुर में सड़क निर्माण कार्य में ठेकेदार की गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि PWD के ठेकेदार केदार सिंह ने सड़क के दोनों किनारों की मरम्मत तो की, लेकिन बीच के हिस्से को अधूरा छोड़ दिया, जिसके कारण पूरे रास्ते पर भारी जलभराव हो गया है। इस अधूरी सड़क के चलते ग्रामीणों को आवागमन में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, और स्कूली बच्चों व बुजुर्गों के लिए इस मार्ग से गुजरना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क 'तालाब' में बदल चुकी है। मोहम्मद इद्रीस, साहील मुन्ना लाल, संजय सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि सड़क के तालाब बन जाने से बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी हो रही है, जबकि मुस्ताक ने कहा कि बुजुर्गों का घर से निकलना भी मुश्किल हो गया है। राम प्रकाश के अनुसार, इस रास्ते पर पैदल चलना तो दूर, यहां से निकलना भी जोखिम भरा है। तबारक ने सड़क को 'गड्ढों का जाल' बताया और मुबारक ने आए दिन लोगों के चोटिल होने की जानकारी दी, साथ ही चेताया कि बरसात में स्थिति 'और भी नारकीय' हो जाती है। ग्रामीणों ने ठेकेदार द्वारा काम बीच में छोड़ने पर सवाल उठाए हैं और अधिकारियों पर सुनवाई न करने का आरोप भी लगाया है। इस मामले में क्षेत्र के संबंधित जूनियर इंजीनियर (JE) हर्ष सिंह ने बताया कि यह प्रकरण उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क का बीच का हिस्सा कुछ 'तकनीकी कारणों' से अधूरा रह गया था। JE ने आश्वासन दिया है कि ठेकेदार को जल्द ही काम पूरा करने के निर्देश दिए जाएंगे और जलभराव की समस्या का समाधान भी प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। हालांकि, ग्रामीण जिला प्रशासन से इस मामले का तत्काल संज्ञान लेने, संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करने और सड़क निर्माण कार्य को अविलंब पूरा कराने की कड़ी मांग कर रहे हैं।1