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नई दिल्ली में एक राष्ट्रीय समारोह का आयोजन किया गया, जहाँ उत्कृष्ट शैक्षिक योगदान के लिए एक व्यक्ति/संस्था को सम्मानित किया गया है। इस सम्मान के बाद सोनभद्र में खुशी की लहर दौड़ गई है।
Nitesh Kumar
नई दिल्ली में एक राष्ट्रीय समारोह का आयोजन किया गया, जहाँ उत्कृष्ट शैक्षिक योगदान के लिए एक व्यक्ति/संस्था को सम्मानित किया गया है। इस सम्मान के बाद सोनभद्र में खुशी की लहर दौड़ गई है।
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- सोनभद्र के विकास खंड दुद्धी के अंतर्गत ग्राम पंचायत घिवही में सरकारी धन के कथित दुरुपयोग और विकास कार्यों में अनियमितताओं को लेकर ग्रामीणों में गहरी नाराजगी है। शिकायतकर्ता गोवर्धन सिंह कुशवाहा और अन्य ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान, प्रधान प्रतिनिधि तथा ग्राम विकास अधिकारी (सेक्रेटरी) पर आरोप लगाया है कि विभिन्न विकास कार्यों में कागजों पर भुगतान दिखाकर धरातल पर कोई कार्य नहीं कराया गया है। ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों के अनुसार, घिवही स्थित रेघड़ा शिव मंदिर परिसर के मुख्य द्वार के पास एक चापाकल लगाने के लिए लगभग 20 से 25 फीट तक बोरिंग कराई गई थी। यह बोर सफल नहीं हुआ और इसे बाद में ध्वस्त कर दिया गया। इसके बावजूद, कागजों में लगभग 95 हजार रुपये की निकासी दर्शाई गई है। शिकायतकर्ता का कहना है कि मंदिर परिसर में केवल लगभग 10 हजार रुपये की लागत का एक समरसेबल लगाया गया है, जबकि शेष धनराशि के उपयोग को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि इसी तरह कई अन्य विकास कार्यों में भी कागजों पर कार्य पूरा दिखाकर सरकारी धन का भुगतान कर लिया गया है, लेकिन मौके पर कोई कार्य दिखाई नहीं देता। इस संबंध में, जब एक पत्रकार ने ग्राम प्रधान प्रतिनिधि से मोबाइल फोन पर बात की, तो उन्होंने बताया कि लगभग 80 से 90 फीट तक बोरिंग कराई गई थी, लेकिन पानी नहीं मिलने के कारण कार्य सफल नहीं हो सका। उनके मुताबिक, उक्त धनराशि का उपयोग बाद में समरसेबल और अन्य आवश्यक विकास कार्यों में कर दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि रेघड़ा शिव मंदिर पर प्रतिदिन दर्जनों श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के दर्शन के लिए आते हैं, लेकिन पेयजल की उचित व्यवस्था न होने से उन्हें कठिनाई का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है, ताकि सरकारी धन का सही उपयोग सुनिश्चित हो सके और यदि कोई दोषी पाया जाए तो संबंधित अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।1
- नई दिल्ली में एक राष्ट्रीय समारोह का आयोजन किया गया, जहाँ उत्कृष्ट शैक्षिक योगदान के लिए एक व्यक्ति/संस्था को सम्मानित किया गया है। इस सम्मान के बाद सोनभद्र में खुशी की लहर दौड़ गई है।1
- सोनभद्र जनपद के जुगैल वन रेंज अंतर्गत सेमिया गांव के छितीरपुरवा टोला स्थित एक चेकडैम में शनिवार को लोगों में उस समय कौतूहल फैल गया, जब एक साथ करीब 35 मगरमच्छों के शिशु दिखाई दिए। यह दुर्लभ दृश्य देखने के लिए मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट गई। जानकारी के अनुसार, चेकडैम में पानी का स्तर कम होने के बाद मगरमच्छों के बच्चों की आवाजें सुनाई देने लगीं। आवाज सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने देखा कि चेकडैम के किनारे बड़ी संख्या में मगरमच्छों के नवजात शिशु मौजूद थे, जिसके बाद यह खबर पूरे क्षेत्र में फैल गई और मौके पर लोगों का जमावड़ा लग गया। ग्रामीणों द्वारा सूचना दिए जाने पर वन विभाग की टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। स्थानीय मल्लाहों के सहयोग से सभी शिशु मगरमच्छों का बेहद सावधानी और सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू किया गया। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सभी मगरमच्छ शिशुओं को उनके प्राकृतिक आवास को ध्यान में रखते हुए सोन नदी के गहरे जलाशय में सुरक्षित छोड़ दिया गया है, ताकि वे प्राकृतिक वातावरण में सुरक्षित रूप से विकसित हो सकें। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि कहीं मगरमच्छ या उसके शिशु दिखाई दें तो उनसे दूरी बनाए रखें और तत्काल वन विभाग को सूचना दें। विभाग ने वन्यजीवों के संरक्षण में आमजन के सहयोग को अत्यंत आवश्यक बताया है।2
- झारखंड के गढ़वा जिले के चिनिया थाना क्षेत्र अंतर्गत विलैती खैर गांव में शनिवार देर शाम एक जंगली हाथी के हमले में एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। घायल महिला की पहचान गांव निवासी ललन सिंह की पत्नी पूनम देवी के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, पूनम देवी अपने घर से सटे जंगल के किनारे डोरी (वनोपज) चुन रही थीं, तभी अचानक एक जंगली हाथी वहां पहुंच गया और उसने महिला को अपनी चपेट में ले लिया। हाथी ने अपने पैरों से पूनम देवी को कुचल दिया, जिससे उनके पैर में गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद ग्रामीणों और परिजनों ने घायल महिला को तत्काल इलाज के लिए गढ़वा सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है। इधर, घटना की सूचना मिलते ही रविवार सुबह 8:00 बजे वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पीड़ित परिवार से मुलाकात की। प्रभारी वनपाल अनिमेष कुमार ने तत्काल राहत के तौर पर इलाज के लिए ₹15 हजार की नकद सहायता प्रदान की। वन विभाग ने यह भी बताया कि महिला के इलाज में होने वाला पूरा खर्च विभाग ही वहन करेगा। इसके साथ ही, क्षेत्र के लोगों से जंगली हाथियों की गतिविधियों को देखते हुए जंगल की ओर जाते समय विशेष सतर्कता बरतने की अपील भी की गई है।1
- सिंगरौली जिले में मोरबा पुलिस ने हाल ही में एक जागरूकता अभियान चलाया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य साइबर सुरक्षा का संदेश जन-जन तक पहुँचाना था, जिसे लोकसंगीत के प्रभावशाली माध्यम से प्रस्तुत किया गया।1
- नेपाल के मुस्तांग जिले में स्थित मुक्तिनाथ मंदिर, मुक्तिनाथ घाटी में समुद्र तल से लगभग 3,710 मीटर की ऊंचाई पर थोरोंग-ला दर्रे के तल पर मौजूद है। यह स्थान हिंदू और बौद्ध दोनों धर्मों के अनुयायियों के लिए एक अत्यंत पवित्र और पूजनीय तीर्थ स्थल माना जाता है। यह मंदिर विशेष रूप से भगवान विष्णु को समर्पित है और इसे मोक्ष प्राप्त करने का स्थान माना जाता है। इसे 108 दिव्य देशमों में से एक के रूप में मान्यता प्राप्त है, जो भगवान विष्णु के पवित्र मंदिरों में से हैं। मंदिर के पीछे 108 जल धाराएं (गौमुख) बहती हैं, और ऐसी मान्यता है कि इन पवित्र धाराओं में स्नान करने से सभी पाप धुल जाते हैं और व्यक्ति को मुक्ति (मोक्ष) प्राप्त होती है। इस पवित्र स्थल तक पहुंचने के लिए नेपाल का पोखरा शहर आधार बिंदु है, जहाँ से जोमसोम होते हुए मुक्तिनाथ पहुंचा जा सकता है। यह यात्रा 12,000 फीट से ऊपर 365 सीढ़ियां चढ़ने के बाद पूरी होती है, जिसके बाद भक्त दुनिया के सबसे बड़े मंदिरों में से एक, श्री मुक्तिनाथ जी के दर्शन कर पाते हैं।1
- सोनभद्र जिले के दुद्धी विकासखंड में स्थित केवाल ग्राम पंचायत के प्राथमिक विद्यालय में आयोजित टीकाकरण अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि आशा कार्यकर्ता द्वारा छोटे बच्चों को जिस वैक्सीन बॉक्स से टीके लगाए जा रहे थे, उस बॉक्स में कचरा भी मौजूद था। इस गंभीर लापरवाही को देखकर अभिभावकों में तत्काल आक्रोश फैल गया, जिसके बाद उन्होंने मौके पर ही अपना विरोध दर्ज कराया। ग्रामीणों ने दृढ़ता से कहा है कि बच्चों के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और स्वास्थ्य विभाग की इस घोर लापरवाही ने मासूम बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है। यह टीकाकरण कार्यक्रम दुद्धी उप स्वास्थ्य केंद्र द्वारा आयोजित किया गया था। मामले की जानकारी मिलने पर संबंधित चिकित्साधिकारी, डॉ. शाह आलम ने जांच कराने का आश्वासन दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में किसी भी कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है, तो नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों ने एक बार फिर मांग की है कि टीकाकरण जैसी संवेदनशील स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता और स्वच्छता के सभी निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो सके। अब सभी की निगाहें स्वास्थ्य विभाग की विस्तृत जांच रिपोर्ट और उसके बाद होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।1
- स्कूल में दिनदहाड़े गोलीबारी की घटना हुई है। इस घटना को लेकर भाजपा सरकार पर 'जंगलराज' फैलाने का गंभीर आरोप लगाया गया है।1