बहनों की शक्ति और आशीर्वाद से आगे बढ़ रहा मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव* *स्व-सहायता समूहों को प्रदान की 300 करोड़ रुपए ऋण राशि* *माही नदी पर महर्षि श्रृंगी की तपोभूमि श्रृंगेश्वर तीर्थ स्थल पर निर्मित होगा घाट* *झाबुआ में किया 174.64 करोड़ के 29 विकास कार्यों का भूमि-पूजन और 109.17 करोड़ लागत के 28 विकास कार्यों का लोकार्पण* *हितग्राहियों को किये हितलाभ वितरित, मेधावी विद्यार्थियों का किया सम्मान* *बहनों की शक्ति और आशीर्वाद से आगे बढ़ रहा मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव* *स्व-सहायता समूहों को प्रदान की 300 करोड़ रुपए ऋण राशि* *माही नदी पर महर्षि श्रृंगी की तपोभूमि श्रृंगेश्वर तीर्थ स्थल पर निर्मित होगा घाट* *झाबुआ में किया 174.64 करोड़ के 29 विकास कार्यों का भूमि-पूजन और 109.17 करोड़ लागत के 28 विकास कार्यों का लोकार्पण* *हितग्राहियों को किये हितलाभ वितरित, मेधावी विद्यार्थियों का किया सम्मान* मनोज सोनी एडिटर इन चीफ एके एन न्यूज नर्मदापुरम । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में महिला सशक्तिकरण का कार्य सरकार और सामाजिक दोनों स्तर पर हो रहा है। बहनें स्व-सहायता समूहों को नई ताकत दे रही हैं। कृषि, पशुपालन, बैंक, उद्यम सखियां भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। बहनों की सार्थक भूमिका से प्रत्येक परिवार में समृद्धि आ रही है। राज्य सरकार किसान कल्याण वर्ष मना रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बहनों की शक्ति और आशीर्वाद से प्रदेश आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में नगरीय निकायों और पंचायतों में 50 प्रतिशत स्थान बहनों के लिए आरक्षित है। सरकारी सेवाओं में बहनों के लिए 35 प्रतिशत स्थान आरक्षित रखे गए हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लोकसभा और राज्यसभा में बहनों के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था के लिए प्रतिबद्ध हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को शासकीय महाविद्यालय ग्राउंड, थांदला, जिला झाबुआ में आयोजित स्व-सहायता समूहों के क्षमतावर्धन एवं ऋण वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृ्त्व में मध्यप्रदेश तेज गति से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी जब लगातार तीन बार पड़ौसी राज्य गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब झाबुआ के आसपास जनजातीय अंचल में विकास के अद्भुत कार्य हुए। पूरी दुनिया गुजरात की शक्ति से परिचित हुई। प्रधानमंत्री श्री मोदी गरीब, किसान, युवा और नारी कल्याण के लिए कार्य कर रहे हैं। उनके मन में बहनों के लिए विशेष सम्मान है। उनके माध्यम से स्व-सहायता समूहों से जुड़ी बहनें के सशक्तिकरण के लिए 300 करोड़ रुपये के ऋण दिए गए हैं। स्व-सहायता समूहों से बहनों की समृद्धि का मार्ग खुल रहा है। यह आत्मनिर्भरता और समाजिक सशक्तिकरण का एक बड़ा आंदोलन बन रहा है। सहयोग और सहभागिता से समृद्ध होकर बहनें नए रिकॉर्ड बना रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब हमारी बहनें 10 हजार रुपए प्रति महीना तक आय अर्जित कर रही हैं। प्रदेश की लाड़ली बहनें, उद्यमी बहनें, कृषि सखी सभी आगे बढ़ रही हैं। प्रदेश में स्व-सहायता समूहों के द्वारा 196 दीदी कैफे संचालित किए जा रहे हैं। झाबुआ में भी बहनें 4 कैफे चला रही हैं। प्रदेश में 85 आजीविका पुस्तकालयों का संचालन स्व-सहायता समूहों की बहनों के हाथों में है। गैर कृषि आधारित 150 से अधिक कार्य बहनें कर रही हैं। यह आयोजन महिला सशक्तिकरण का उत्कृष्ट प्रमाण है। होलकर साम्राज्य की रानी लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर ने भील पल्टन बनाकर जनजातीय समुदाय पर विश्वास जताया था। रानी दुर्गावती, वीरांगना अवंतीबाई, रानी पद्मावती, वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई जैसी बहनों ने सुशासन और त्याग के बल पर देश और प्रदेश का मान बढ़ाया। *रोजगार दिलवाना प्राथमिकता* मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को रोजगार दिलवाने के लिये निरन्तर नई पहल कर रही है। मध्यप्रदेश में ग्वालियर अंचल में संचार क्षेत्र में नई इकाई की स्थापना की जाएगी। इससे 14 हजार नये रोजगार के अवसर सृजित होंगे। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने गत 17 सितम्बर को धार जिले में देश के पहले पीएम मित्र पार्क का शिलान्यास किया। पीएम मित्र पार्क से 3 लाख लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। कपास उत्पादक किसान इस पार्क से बड़ी संख्या में लाभान्वित होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय बहुल क्षेत्र में जो पट्टे दिए गए हैं, उनकी नि:शुल्क रजिस्ट्री भी करवाई जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कोई मिशनरी धर्मान्तरण नहीं कर सकेगी। स्थानीय निवासी ज्यादा से ज्यादा गौशाला खोलें, दूध का उत्पादन बढाएं। ऐसे कार्यों के लिए सरकार पूरी सहायता कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में उद्योग और एमएसएमई के माध्यम से रोजगार के अवसर सृजित किए जा रहे हैं। अब झाबुआ, धार, आलीराजपुर के लोगों को रोजगार के लिए पलायन करने की जरूरत नहीं होगी। अपने घर में ही काम मिलेगा। बड़े-बड़े कारखाने यहां आएंगे। *स्व-सहायता समूहों को राशि वितरित* मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत स्व-सहायता समूहों के सशक्तिकरण के लिए 300 करोड़ रुपये के ऋण का वितरण किया। इसमें झाबुआ जिले के 215 स्व-सहायता समूहों के लिए 10.8 करोड़ का ऋण भी शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने झाबुआ जिले को 174.64 करोड़ रुपये के 29 विकास कार्यों के भूमि-पूजन और 109.17 करोड़ रुपये के 28 विकास एवं आधारभूत संरचना कार्यों के लोकार्पण की सौगात दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ वितरण किया और मेधावी विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने "आजीविका मेला'' प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। *प्राकृतिक खेती के लिए अनुकूल झाबुआ* मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि झाबुआ क्षेत्र प्राकृतिक खेती के लिए वरदान है। उन्होंने प्राकृतिक खेती करने वाले प्रगतिशील किसानों से संवाद किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए शासन की विभिन्न योजनाओं एवं प्रयासों पर चर्चा भी की। महिला कृषक बहनों ने बताया कि प्राकृतिक खेती से पिछले दो-तीन साल में जीवन में बड़ा बदलाव आया है। राज्य सरकार कृषि कल्याण वर्ष मना रही है। इसमें बहनों की बड़ी भूमिका है। हमारी बहनें ट्रैक्टर से लेकर ड्रोन तक चला रही हैं। ड्रोन दीदीयां खेतों में कीटनाशकों क छिड़काव कर रही हैं। इस वर्ष गेहूं उपार्जन में भी दीदीयों ने कमाल कर दिया। मध्यप्रदेश ने पूरे देश में सबसे अधिक गेहूं खरीदा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी और केन्द्रीय कृषि मंत्री के सहयोग से 104 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया। इसमें भी बहनों ने अपने समूहों को लाभान्वित किया। प्रदेश में 89 ड्रोन दीदीयां, पशुपालन दीदीयां, बैंक सखी जैसी बहनें काम कर रही हैं। व्यावसायिक सब्जी उत्पादन, पशुपालन और जैविक खेती में बहनों ने उत्कृष्ट कार्य किया है। महिला किसान उत्पादक संगठनों ने 958 करोड़ रुपए का व्यापार किया है। झाबुआ जिले में 11 हजार 900 से अधिक स्व-सहायता समूह एक लाख 56 हजार से अधिक परिवारों को सामाजिक सुरक्षा और आजीविका का अधिकार दे रहे हैं। प्रदेश में 64 हजार लखपति दीदीयां जनजातीय क्षेत्र में आर्थिक उत्थान का कार्य कर रही हैं। समूहों के सशक्तिकरण के लिए 285 करोड़ की सहायता दी गई है। झाबुआ में अब कड़कनाथ जनता के आर्थिक सशक्तिकरण का सशक्त माध्यम बन गया है। बहनें मुर्गीपालन, पशुपालन, मछली पालन कर आगे बढ़ रही हैं। लाड़ली बहनों के खाते में हर माह 1500 रुपए की राशि भेजी जा रही है। हमारी सरकार जो कहती है, करके दिखाती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व-सहायता समूहों की बहनों के माध्यम से अगले साल से स्कूली बच्चों को सिली हुई ड्रेस उपलब्ध करवाई जाएंगी। *समान नागरिक संहिता* मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार ने सभी धर्मों के लोगों के सम्मान के लिए एक समान कानून लागू करने का निर्णय लिया है। इसमें जनजातीय समुदाय को मुक्त रखा गया है। यूसीसी बिल विधानसभा से पास हो चुका है। *दुराचार करने वालों को फांसी* मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि झाबुआ और धार में धर्मांतरण करने वालों को कानून के अनुसार सजा दिलवाई जाएगी। महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए महिला सुरक्षा डेस्क और प्रत्येक जिले में महिला थाने बनाए जा रहे हैं। महिलाओं के साथ दुराचार करने वालों को फांसी की सजा मिलेगी। केंद्र सरकार के सहयोग और नक्सलवाद को पूरी तरह से समाप्त करने के दृढ़ संकल्प के कारण प्रदेश के बालाघाट, मंडला, डिंडौरी अंचल से नक्सलवाद को पूर्णत: समाप्त कर दिया गया है। *मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने झाबुआ को दी सौगातें* मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 70 करोड़ की लागत से झाबुआ में आयुर्वेदिक चिकित्सा महाविद्यालय का भूमि-पूजन किया गया है। प्रदेश को अब तक 9 आयुर्वेदिक कॉलेजों की सौगात मिल चुकी है। यहां 35 करोड़ 29 लाख की लागत से सांदीपनि विद्यालय प्रारंभ होंगे। झाबुआ के थांदला से अब रेलगाड़ी भी गुजरेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि थांदला में पक्का हेलीपैड बनेगा। प्रत्येक विधानसभा में खेल स्टे़डियम बनाएंगे। पद्मावती नदी पर घाट निर्माण किया जाएगा। छोटी काशी में भी घाट बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रणजी टीम में चयनित थांदला के क्रिकेटर अर्पित भटेवरा को ट्रॉफी भेंटकर शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों और युवाओं को हेलमेट वितरित किए। जनजातीय कार्य मंत्री एवं झाबुआ जिले के प्रभारी कुंवर विजय शाह ने कहा कि झाबुआ में यह जनजातीय बहनों की सबसे बड़ी सभा है। प्रदेश को रोड और रेलवे की बड़ी सौगातें मिली हैं। महिला बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने झाबुआ जिले को अनेक विकास कार्यों की सौगात दी है। अब जनजातीय क्षेत्र के बच्चों को भी सर्व सुविधायुक्त सांदीपनि विद्यालयों में शिक्षा ग्रहण करने का अवसर मिल रहा है। सांसद श्रीमती अनीता चौहान ने कहा कि झाबुआ एक जनजातीय बहुल जिला है। यहां खेलों में युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए स्पोर्ट्स स्टेडियम बनाए जाने की आवश्यकता है। झाबुआ के युवा खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश का नाम रोशन करेंगे। कार्यक्रम में अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में लाड़ली बहनें, आजीविका समूह की बहनें तथा स्थानीय नागरिक उपस्थित थे।
बहनों की शक्ति और आशीर्वाद से आगे बढ़ रहा मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव* *स्व-सहायता समूहों को प्रदान की 300 करोड़ रुपए ऋण राशि* *माही नदी पर महर्षि श्रृंगी की तपोभूमि श्रृंगेश्वर तीर्थ स्थल पर निर्मित होगा घाट* *झाबुआ में किया 174.64 करोड़ के 29 विकास कार्यों का भूमि-पूजन और 109.17 करोड़ लागत के 28 विकास कार्यों का लोकार्पण* *हितग्राहियों को किये हितलाभ वितरित, मेधावी विद्यार्थियों का किया सम्मान* *बहनों की शक्ति और आशीर्वाद से आगे बढ़ रहा मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव* *स्व-सहायता समूहों को प्रदान की 300 करोड़ रुपए ऋण राशि* *माही नदी पर महर्षि श्रृंगी की तपोभूमि श्रृंगेश्वर तीर्थ स्थल पर निर्मित होगा घाट* *झाबुआ में किया 174.64 करोड़ के 29 विकास कार्यों का भूमि-पूजन और 109.17 करोड़ लागत के 28 विकास कार्यों का लोकार्पण* *हितग्राहियों को किये हितलाभ वितरित, मेधावी विद्यार्थियों का किया सम्मान* मनोज सोनी एडिटर इन चीफ एके एन न्यूज नर्मदापुरम । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में महिला सशक्तिकरण का कार्य सरकार और सामाजिक दोनों स्तर पर हो रहा है। बहनें स्व-सहायता समूहों को नई ताकत दे रही हैं। कृषि, पशुपालन, बैंक, उद्यम सखियां भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। बहनों की सार्थक भूमिका से प्रत्येक परिवार में समृद्धि आ रही है। राज्य सरकार किसान कल्याण वर्ष मना रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बहनों की शक्ति और आशीर्वाद से प्रदेश आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में नगरीय निकायों और पंचायतों में 50 प्रतिशत स्थान बहनों के लिए आरक्षित है। सरकारी सेवाओं में बहनों के लिए 35 प्रतिशत स्थान आरक्षित रखे गए हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लोकसभा और राज्यसभा में बहनों के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था के लिए प्रतिबद्ध हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को शासकीय महाविद्यालय ग्राउंड, थांदला, जिला झाबुआ में आयोजित स्व-सहायता समूहों के क्षमतावर्धन एवं ऋण वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृ्त्व में मध्यप्रदेश तेज गति से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी जब लगातार तीन बार पड़ौसी राज्य गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब झाबुआ के आसपास जनजातीय अंचल में विकास के अद्भुत कार्य हुए। पूरी दुनिया गुजरात की शक्ति से परिचित हुई। प्रधानमंत्री श्री मोदी गरीब, किसान, युवा और नारी कल्याण के लिए कार्य कर रहे हैं। उनके मन में बहनों के लिए विशेष सम्मान है। उनके माध्यम से स्व-सहायता समूहों से जुड़ी बहनें के सशक्तिकरण के लिए 300 करोड़ रुपये के ऋण दिए गए हैं। स्व-सहायता समूहों से बहनों की समृद्धि का मार्ग खुल रहा है। यह आत्मनिर्भरता और समाजिक सशक्तिकरण का एक बड़ा आंदोलन बन रहा है। सहयोग और सहभागिता से समृद्ध होकर बहनें नए रिकॉर्ड बना रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब हमारी बहनें 10 हजार रुपए प्रति महीना तक आय अर्जित कर रही हैं। प्रदेश की लाड़ली बहनें, उद्यमी बहनें, कृषि सखी सभी आगे बढ़ रही हैं। प्रदेश में स्व-सहायता समूहों के द्वारा 196 दीदी कैफे संचालित किए जा रहे हैं। झाबुआ में भी बहनें 4 कैफे चला रही हैं। प्रदेश में 85 आजीविका पुस्तकालयों का संचालन स्व-सहायता समूहों की बहनों के हाथों में है। गैर कृषि आधारित 150 से अधिक कार्य बहनें कर रही हैं। यह आयोजन महिला सशक्तिकरण का उत्कृष्ट प्रमाण है। होलकर साम्राज्य की रानी लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर ने भील पल्टन बनाकर जनजातीय समुदाय पर विश्वास जताया था। रानी दुर्गावती, वीरांगना अवंतीबाई, रानी पद्मावती, वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई जैसी बहनों ने सुशासन और त्याग के बल पर देश और प्रदेश का मान बढ़ाया। *रोजगार दिलवाना प्राथमिकता* मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को रोजगार दिलवाने के लिये निरन्तर नई पहल कर रही है। मध्यप्रदेश में ग्वालियर अंचल में संचार क्षेत्र में नई इकाई की स्थापना की जाएगी। इससे 14 हजार नये रोजगार के अवसर सृजित होंगे। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने गत 17 सितम्बर को धार जिले में देश के पहले पीएम मित्र पार्क का शिलान्यास किया। पीएम मित्र पार्क से 3 लाख लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। कपास उत्पादक किसान इस पार्क से बड़ी संख्या में लाभान्वित होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय बहुल क्षेत्र में जो पट्टे दिए गए हैं, उनकी नि:शुल्क रजिस्ट्री भी करवाई जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कोई मिशनरी धर्मान्तरण नहीं कर सकेगी। स्थानीय निवासी ज्यादा से ज्यादा गौशाला खोलें, दूध का उत्पादन बढाएं। ऐसे कार्यों के लिए सरकार पूरी सहायता कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में उद्योग और एमएसएमई के माध्यम से रोजगार के अवसर सृजित किए जा रहे हैं। अब झाबुआ, धार, आलीराजपुर के लोगों को रोजगार के लिए पलायन करने की जरूरत नहीं होगी। अपने घर में ही काम मिलेगा। बड़े-बड़े कारखाने यहां आएंगे। *स्व-सहायता समूहों को राशि वितरित* मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत स्व-सहायता समूहों के सशक्तिकरण के लिए 300 करोड़ रुपये के ऋण का वितरण किया। इसमें झाबुआ जिले के 215
स्व-सहायता समूहों के लिए 10.8 करोड़ का ऋण भी शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने झाबुआ जिले को 174.64 करोड़ रुपये के 29 विकास कार्यों के भूमि-पूजन और 109.17 करोड़ रुपये के 28 विकास एवं आधारभूत संरचना कार्यों के लोकार्पण की सौगात दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ वितरण किया और मेधावी विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने "आजीविका मेला'' प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। *प्राकृतिक खेती के लिए अनुकूल झाबुआ* मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि झाबुआ क्षेत्र प्राकृतिक खेती के लिए वरदान है। उन्होंने प्राकृतिक खेती करने वाले प्रगतिशील किसानों से संवाद किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए शासन की विभिन्न योजनाओं एवं प्रयासों पर चर्चा भी की। महिला कृषक बहनों ने बताया कि प्राकृतिक खेती से पिछले दो-तीन साल में जीवन में बड़ा बदलाव आया है। राज्य सरकार कृषि कल्याण वर्ष मना रही है। इसमें बहनों की बड़ी भूमिका है। हमारी बहनें ट्रैक्टर से लेकर ड्रोन तक चला रही हैं। ड्रोन दीदीयां खेतों में कीटनाशकों क छिड़काव कर रही हैं। इस वर्ष गेहूं उपार्जन में भी दीदीयों ने कमाल कर दिया। मध्यप्रदेश ने पूरे देश में सबसे अधिक गेहूं खरीदा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी और केन्द्रीय कृषि मंत्री के सहयोग से 104 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया। इसमें भी बहनों ने अपने समूहों को लाभान्वित किया। प्रदेश में 89 ड्रोन दीदीयां, पशुपालन दीदीयां, बैंक सखी जैसी बहनें काम कर रही हैं। व्यावसायिक सब्जी उत्पादन, पशुपालन और जैविक खेती में बहनों ने उत्कृष्ट कार्य किया है। महिला किसान उत्पादक संगठनों ने 958 करोड़ रुपए का व्यापार किया है। झाबुआ जिले में 11 हजार 900 से अधिक स्व-सहायता समूह एक लाख 56 हजार से अधिक परिवारों को सामाजिक सुरक्षा और आजीविका का अधिकार दे रहे हैं। प्रदेश में 64 हजार लखपति दीदीयां जनजातीय क्षेत्र में आर्थिक उत्थान का कार्य कर रही हैं। समूहों के सशक्तिकरण के लिए 285 करोड़ की सहायता दी गई है। झाबुआ में अब कड़कनाथ जनता के आर्थिक सशक्तिकरण का सशक्त माध्यम बन गया है। बहनें मुर्गीपालन, पशुपालन, मछली पालन कर आगे बढ़ रही हैं। लाड़ली बहनों के खाते में हर माह 1500 रुपए की राशि भेजी जा रही है। हमारी सरकार जो कहती है, करके दिखाती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व-सहायता समूहों की बहनों के माध्यम से अगले साल से स्कूली बच्चों को सिली हुई ड्रेस उपलब्ध करवाई जाएंगी। *समान नागरिक संहिता* मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार ने सभी धर्मों के लोगों के सम्मान के लिए एक समान कानून लागू करने का निर्णय लिया है। इसमें जनजातीय समुदाय को मुक्त रखा गया है। यूसीसी बिल विधानसभा से पास हो चुका है। *दुराचार करने वालों को फांसी* मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि झाबुआ और धार में धर्मांतरण करने वालों को कानून के अनुसार सजा दिलवाई जाएगी। महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए महिला सुरक्षा डेस्क और प्रत्येक जिले में महिला थाने बनाए जा रहे हैं। महिलाओं के साथ दुराचार करने वालों को फांसी की सजा मिलेगी। केंद्र सरकार के सहयोग और नक्सलवाद को पूरी तरह से समाप्त करने के दृढ़ संकल्प के कारण प्रदेश के बालाघाट, मंडला, डिंडौरी अंचल से नक्सलवाद को पूर्णत: समाप्त कर दिया गया है। *मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने झाबुआ को दी सौगातें* मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 70 करोड़ की लागत से झाबुआ में आयुर्वेदिक चिकित्सा महाविद्यालय का भूमि-पूजन किया गया है। प्रदेश को अब तक 9 आयुर्वेदिक कॉलेजों की सौगात मिल चुकी है। यहां 35 करोड़ 29 लाख की लागत से सांदीपनि विद्यालय प्रारंभ होंगे। झाबुआ के थांदला से अब रेलगाड़ी भी गुजरेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि थांदला में पक्का हेलीपैड बनेगा। प्रत्येक विधानसभा में खेल स्टे़डियम बनाएंगे। पद्मावती नदी पर घाट निर्माण किया जाएगा। छोटी काशी में भी घाट बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रणजी टीम में चयनित थांदला के क्रिकेटर अर्पित भटेवरा को ट्रॉफी भेंटकर शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों और युवाओं को हेलमेट वितरित किए। जनजातीय कार्य मंत्री एवं झाबुआ जिले के प्रभारी कुंवर विजय शाह ने कहा कि झाबुआ में यह जनजातीय बहनों की सबसे बड़ी सभा है। प्रदेश को रोड और रेलवे की बड़ी सौगातें मिली हैं। महिला बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने झाबुआ जिले को अनेक विकास कार्यों की सौगात दी है। अब जनजातीय क्षेत्र के बच्चों को भी सर्व सुविधायुक्त सांदीपनि विद्यालयों में शिक्षा ग्रहण करने का अवसर मिल रहा है। सांसद श्रीमती अनीता चौहान ने कहा कि झाबुआ एक जनजातीय बहुल जिला है। यहां खेलों में युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए स्पोर्ट्स स्टेडियम बनाए जाने की आवश्यकता है। झाबुआ के युवा खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश का नाम रोशन करेंगे। कार्यक्रम में अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में लाड़ली बहनें, आजीविका समूह की बहनें तथा स्थानीय नागरिक उपस्थित थे।
- ई-रिक्शा चालक इमरान खान ने भोपाल में ₹1.5 लाख का कीमती मोबाइल फोन उसके असली मालिक को लौटाकर ईमानदारी की एक बड़ी मिसाल पेश की आर्थिक रूप से कमजोर होने के बावजूद उन्होंने लालच न करके इंसानियत को चुना और पुलिस के सहयोग से फोन को सही सलामत वापस पहुँचाया। इमरान खान की ईमानदारी की मुख्य बातेंकीमती मोबाइल: इमरान को सड़क पर लगभग ₹1.5 लाख की कीमत का सैमसंग स्मार्टफोन मिला था। असली मालिक: यह फोन भोपाल के एक डॉ क्टर (डॉ. मेहता) का था।सीधे पुलिस स्टेशन: इमरान ने फोन को बेचने या छुपाने के बजाय नजदीकी पुलिस थाने में जमा कराया। पुलिस द्वारा सम्मान: भोपाल के DSP संतोष पटेल और पुलिस टीम ने इमरान के इस नेक काम के लिए उन्हें थाने में सम्मानित किया।नशे से दूरी है जरूरी: इमरान ने समाज को एक बड़ा संदेश दिया कि वह किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहते हैं, जिससे उनका ईमान और निर्णय लेने की क्षमता हमेशा सही रहती है। समाज के लिए एक प्रेरणादायी संदेशइमरान खान का यह कदम साबित करता है कि "ईमानदारी ही सबसे बड़ी दौलत है।" आज के समय में जहाँ लोग थोड़े से लालच में आकर गलत रास्ते चुन लेते हैं, वहीं इमरान जैसे लोग समाज में मानवता और भरोसे को जिंदा रखते हैं। उनके इस हौसला अफजाई वाले संदेश "नशे से दूरी है जरूरी" को हर नागरिक को अपने जीवन में उतारना चाहिए।1
- Sivani Malwa Hastinapur Se lekar Kurla Nanpara road yah samasya Hai road ki1
- सुहागपुर के प्राचीन मंदिर में शिवलिंग से लिपटे साक्षात नागराज! 🐍✨ पुजारी माखन पंडित जी और मंदिर में जुटी श्रद्धालुओं की भीड़ ने देखे अद्भुत दर्शन। पर असली भक्ति तो तब दिखी जब सर्प मित्र अबरार खान ने नागराज को सुरक्षित रेस्क्यू कर जंगलों में छोड़ा। आस्था, इंसानियत और जीव दया का यह अनूठा संगम! 🙏❤️ पूरी खबर के लिए 'इटारसी अपडेट' देखें। Hashtags: Trending & Local: #ItarsiUpdate #Soaghtpur #SohagpurNews #Hoshangabad #Narmadapuram #MPNews #ItarsiNews Aastha & Bhakti: #Mahadev #Shivling #Bholenath #HarHarMahadev #NaagDevta #ShivBhakti #SawanSpecial #Mandir #Aastha #Chamatkar Viral & Rescue: #SnakeRescue #AbrarKhan #SnakeLover #HumanityFirst #ViralReels #TrendingReels #ReelsIndia #JeevDaya #SocialMediaViral #ShivSmVaisnav सुहागपुर के प्राचीन मंदिर में शिवलिंग से लिपटे साक्षात नागराज! 🐍✨ पुजारी माखन पंडित जी और मंदिर में जुटी श्रद्धालुओं की भीड़ ने देखे अद्भुत दर्शन। पर असली भक्ति तो तब दिखी जब सर्प मित्र अबरार खान ने नागराज को सुरक्षित रेस्क्यू कर जंगलों में छोड़ा। आस्था, इंसानियत और जीव दया का यह अनूठा संगम! 🙏❤️ पूरी खबर के लिए 'इटारसी अपडेट' देखें। Hashtags: Trending & Local: #ItarsiUpdate #Soaghtpur #SohagpurNews #Hoshangabad #Narmadapuram #MPNews #ItarsiNews Aastha & Bhakti: #Mahadev #Shivling #Bholenath #HarHarMahadev #NaagDevta #ShivBhakti #SawanSpecial #Mandir #Aastha #Chamatkar Viral & Rescue: #SnakeRescue #AbrarKhan #SnakeLover #HumanityFirst #ViralReels #TrendingReels #ReelsIndia #JeevDaya #SocialMediaViral #ShivSmVaisnav1
- मूंग खरीदी पर सरकार ने किया वादाखिलाफी, किसान खुद को ठगा महसूस कर रहे: संतोष पटवारे मूंग खरीदी पर सरकार ने किया वादाखिलाफी, किसान खुद को ठगा महसूस कर रहे: संतोष पटवारे मूंग खरीदी को लेकर हाल ही में हुए किसान आंदोलन के बाद भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष संतोष पटवारे ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान सरकार और किसान नेताओं के बीच जो सहमति बनी थी, उसका पालन नहीं किया जा रहा है, जिससे किसान स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। पटवारे ने बताया कि आंदोलन के दौरान सरकार पहले खरीदी को प्रतिशत के आधार पर तय करने की बात कर रही थी। उन्होंने कहा, "हमें प्रतिशत की गणना समझ में नहीं आती, इसलिए हमने प्रति एकड़ खरीदी की मांग रखी। हमारी मांग साढ़े तीन क्विंटल प्रति एकड़ थी, जबकि सरकार तीन क्विंटल प्रति एकड़ पर सहमत हो गई थी।" उन्होंने दावा किया कि पहली बैठक बिना अंतिम सहमति के समाप्त हो गई थी, लेकिन बाद में मंत्री ने स्वयं फोन कर दोबारा चर्चा के लिए बुलाया। दूसरी बैठक में मंत्री ने स्पष्ट रूप से तीन क्विंटल प्रति एकड़ मूंग खरीदी का आश्वासन दिया था। इसके बावजूद वर्तमान में किसानों के जो बिल जारी हो रहे हैं, उनमें लगभग 7 क्विंटल 15 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर की खरीदी दिखाई दे रही है, जबकि चर्चा 7.5 क्विंटल प्रति हेक्टेयर के समतुल्य खरीदी को लेकर हुई थी। पटवारे ने कहा कि व्यवहारिक रूप से किसानों को इससे भी कम उपज का भुगतान मिलेगा, क्योंकि 50 किलो से कम की मात्रा का अलग बिल नहीं बनता। ऐसे में सरकार द्वारा किया गया आश्वासन पूरी तरह लागू होता दिखाई नहीं दे रहा है। खाद वितरण व्यवस्था पर भी उठाए सवाल संतोष पटवारे ने बताया कि आंदोलन की दूसरी प्रमुख मांग खाद वितरण व्यवस्था में सुधार की थी। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों की परेशानी को देखते हुए 10 दिनों के लिए पोर्टल बंद कर वैकल्पिक व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। अब किसान आधार कार्ड और बही की प्रति के आधार पर भी खाद प्राप्त कर सकेंगे। हालांकि उन्होंने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि नौ महीने पहले शुरू किए गए पोर्टल में अब तक आवश्यक सुधार नहीं हो पाए हैं। इससे स्पष्ट होता है कि व्यवस्था में सुधार की गति बेहद धीमी है। उनका कहना था कि यदि तकनीकी व्यवस्था किसानों के हित में बनाई गई है तो उसका लाभ भी किसानों को समय पर मिलना चाहिए। बार-बार आंदोलन समाधान नहीं पटवारे ने कहा कि किसान बार-बार आंदोलन नहीं करना चाहते। सरकार और किसान संगठनों के बीच जो सहमति बनी है, उसका ईमानदारी से पालन होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में संगठन के वरिष्ठ नेतृत्व से भी चर्चा की जाएगी तथा क्षेत्र के सांसद और विधायकों से व्यवस्था में सुधार के लिए प्रभावी पहल करने का आग्रह किया जाएगा।1
- गुरु पूर्णिमा एवं नाती के जन्मदिन के उपलक्ष में जरूरतमंद असहाय लोगों को कराए गए भोजन- सोहागपुर (नर्मदापुरम) 🌸सेवा ही सबसे बड़ा धर्म 🍲 गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर एवं अपने प्रिय नाती राजा (गुरुदीप पटेल) के जन्म दिवस की खुशी में समीपस्थ ग्राम नगतरा के प्रतिष्ठित कृषक परिवार से वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं समाजसेवी आदरणीय श्री रामबाबू पटेल जी ने ग्राम में विशाल भंडारे का आयोजन कर सभी को प्रसादी वितरित की। इतना ही नहीं, उन्होंने अपने सेवाभाव से ओतप्रोत पुत्रों श्री कुलदीप पटेल एवं श्री पवनदीप पटेल के कर-कमलों से राम रहीम रोटी बैंक में भी जरूरतमंद, बेघर और बेसहारा लोगों के लिए स्वादिष्ट भोजन प्रसादी भिजवाकर पुण्य और सराहनीय कार्य किया। श्री रामबाबू पटेल जी का सहयोग सदैव इन जरूरतमंदों की भोजन व्यवस्था में मिलता रहता है। यह उनकी संवेदना और मानव सेवा के प्रति समर्पण का प्रतीक है। राम रहीम रोटी बैंक समिति, पटेल परिवार के इस सेवा भाव को नमन करती है। एवं हृदय से आभार एवं धन्यवाद व्यक्त करती है। "जो दूसरों का पेट भरता है, भगवान उसका घर भरते हैं" 💐1
- Gramin Vikas na hone ki samasya1
- नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से की मुलाकात नेता प्रतिपक्ष के साथ तीन अन्य विधायक भी रहे मौजूद मुलाकात को लेकर उमंग सिंगार ने बताया कि 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस मनाया जाता है और कमलनाथ सरकार में हमने 9 अगस्त को सार्वजनिक अवकाश घोषित कर रहा था 9 अगस्त को हर गांव में चर्चा उनकी संस्कृति को लेकर आर्थिक स्थिति सामाजिक स्थिति को लेकर इसलिए हमने मुख्यमंत्री जी से मांग की है कि 9अगस्त को सार्वजनिक औकात घोषित किया जाए इसके अलावा आदिवासी क्षेत्र के आदिवासी छात्रावास और आदिवासी क्षेत्रों में जो सरकारी अस्पताल है उनका निजी हाथों में सौपा जा रहा है निजी हाथों में अस्पताल जैसी बुनियादी सुविधा को यदि सौंप दिया जाएगा और यदि वहां पर डॉक्टर नहीं रहते हैं तो उसका कोई औचित्य नही है इसी प्रकार से आदिवासी अंचल दूर दराज में है और आदिवासी हॉस्टल्स को यकीन निजी हाथों में सौपा जाएगा तो क्या वहां 50 से 100 किलोमीटर दूर से आने वाले आदिवासी छात्रों को क्या सुविधा मिलेगी क्या उनका समुचित विकास हो पाएगा इसी प्रकार से हमने आईटीआई को लेकर के भी चर्चा की है कि वहां आने वाले छात्रों को नए ट्रेड के हिसाब से नई मशीनों के हिसाब से पढ़ाया जाए मुख्यमंत्री ने इन सब विषयों पर हमसे चर्चा की है और कहां है कि मैं इन सब विषयों पर एक बार विचार करूंगा और सभी विषयों पर दोनों दलों के लोग बैठकर चर्चा करेंगे उसके बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा सरकार करती है तो अच्छी बात है स्वागत है नहीं करती तो कांग्रेस पार्टी इसका विरोध करेगी अमित कॉल की हत्या के मामले में नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि कल हम डीजीपी से मिले थे और डीजीपी ने बोला है कि हम इसकी निष्पक्ष जांच करेंगे की उसकी हत्या के पीछे की वजह क्या है और क्योंकि उसके पिताजी भी पुलिस विभाग से जुड़े हुए हैं हमने मुख्यमंत्री के अभी तक सज्ञान में लाया है उन्होंने भी इस पर जांच की बात कही है दतिया उप चुनाव को लेकर कहां की मेरी जानकारी में भी आया था कि वहां पर प्रशासन ने और अधिकारियों ने बूथ कैटरिंग का प्रयास किया है हमारे कांग्रेस की उम्मीदवार घनश्याम जी ने भी मुझे बताया मुझे लगता है कि सरकार ने वहां पर निष्पक्ष चुनाव नहीं कराया है लेकिन मेरा विश्वास है कि वहां पर कांग्रेस जीत रही है नगर पालिका क्षेत्र में अवैध होर्डिंग्स को लेकर कहा कि अवैध होल्डिंग्स किसके लग रहे हैं कौन लगता रहा है कौन उसमें कमीशन ले रहा है क्या सरकार की नजर में नहीं है और यदि है तो उसकी जांच कारण निष्पक्ष जांच होनी चाहिए1
- 31 जुलाई 2026 को विपक्षी सांसदों ने अयोध्या राम मंदिर में हुए कथित ₹200 करोड़ के 'चढ़ावा घोटाले' को लेकर संसद भवन परिसर (मकर द्वार) पर एक बेहद अनोखा और नाटकीय प्रदर्शन (Skit) किया। 🎭 नाटक में किसने क्या भूमिका निभाई? पुजारी बने पप्पू यादव: बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव भगवा वस्त्र धारण कर, हाथ में भगवान राम का चित्र और एक दानपात्र (दानपेटी) लेकर पुजारी के वेश में बैठ गए। राहुल गांधी ने चढ़ाया चंदा: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी वहां पहुंचे, उन्होंने 'पुजारी' पप्पू यादव को प्रणाम किया और उनके दानपात्र में प्रतीकात्मक रूप से पैसे डाले। अवधेश प्रसाद के छुए पैर: नाटक के दौरान पप्पू यादव ने अयोध्या से समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद के पैर छूकर आशीर्वाद लिया दानपात्र लेकर भागे 'पुजारी': जैसे ही राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे सहित अन्य विपक्षी नेताओं ने चंदा डाला, पप्पू यादव उन पैसों को दानपेटी में रखने के बजाय अपनी जेब में डालकर वहां से भागने लगे। 🛑 चोर को रंगे हाथों पकड़ाजैसे ही पप्पू यादव चढ़ावा लेकर भागने लगे, अयोध्या के सांसद अवधेश प्रसाद और अन्य सांसदों ने उन्हें बीच में ही दबोच लिया। इस पर पप्पू यादव ने मजाकिया अंदाज में चिल्लाते हुए कहा, “अयोध्या वालों ने पकड़ लिया… चंदा चोरी करते हुए पकड़ लिया!” इस दृश्य को देखकर पीछे खड़ीं प्रियंका गांधी वाद्रा और डिंपल यादव सहित तमाम विपक्षी नेता हंसने लगे और वहां का माहौल काफी हास्यपूर्ण हो गया। विपक्ष का आरोप और नारेबाजीविपक्षी सांसदों ने इस प्रतीकात्मक नाटक के जरिए “चढ़ावा चोर, गद्दी छोड़” और “चंदा चोर कहाँ मिलेंगे? बीजेपी के दफ्तर में!” जैसी तीखी नारेबाजी की और राम मंदिर ट्रस्ट के चंदे में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। इस प्रदर्शन के दौरान विपक्ष के सांसद हाथों में 'अमित शाह संसद से गायब क्यों?' के पोस्टर्स लेकर गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग भी कर रहे थे।सोशल मीडिया पर विपक्षी सांसदों के इस व्यंग्यात्मक विरोध प्रदर्शन का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।1