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Gramin Vikas na hone ki samasya
Rajendra Chauhan
Gramin Vikas na hone ki samasya
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- जल निकासी अवरुद्ध होने से परेशान वार्डवासियों ने एसडीएम को सोंपा ज्ञापन, समस्या से निजात दिलाने की मांग करी जल निकासी अवरुद्ध होने से परेशान वार्डवासियों ने एसडीएम को सोंपा ज्ञापन, समस्या से निजात दिलाने की मांग करी हरदा-टिमरनी- टिमरनी नगर के छिदगांव रोड स्थित वार्ड क्रमांक 3 के रहवासी लंबे समय से जल निकासी मार्ग निर्माण की मांग करते आ रहे क्योंकि आसपास के खेतों से होता हुआ सिंचाई एवं बारिश का पानी वार्ड तीन स्थित नाले में आता है जो आगे चलकर छोटी पुलिया में से अवरुद्ध होकर वार्ड में भराता है । विगत दिनों भी महज 1 घंटे की बारिश में घरों में पानी भरा गया था । वार्डवासियों ने आज एसडीऐम शैलेंद्र बडोनिया को ज्ञापन देते हुए बताया की रेलवे ब्रिज निर्माण कंपनी के द्वारा जो पुलिया बनाई गई है उसमें छोटे पाइप डाले गए हैं जिससे बाढ़ का खतरा बढ़ गया है जल निकासी सुचारू रूप से नहीं हो पा रही है ,इस पुलिया को तोड़कर बड़ी पुलिया बनाई जाए ,एप्रोच मार्ग शीघ्र निर्माण किया जाए ताकि घरों में पानी ना भराये,एवं नाले से होता हुआ पानी आगे निकल जाए ।एसडीएम बडोनिया ने ज्ञापन लेकर वार्ड में जाकर सर्वे करने की बात कही ,समस्या निराकरण कराने का दिया आश्वासन।4
- गुरु पूर्णिमा एवं नाती के जन्मदिन के उपलक्ष में जरूरतमंद असहाय लोगों को कराए गए भोजन- सोहागपुर (नर्मदापुरम) 🌸सेवा ही सबसे बड़ा धर्म 🍲 गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर एवं अपने प्रिय नाती राजा (गुरुदीप पटेल) के जन्म दिवस की खुशी में समीपस्थ ग्राम नगतरा के प्रतिष्ठित कृषक परिवार से वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं समाजसेवी आदरणीय श्री रामबाबू पटेल जी ने ग्राम में विशाल भंडारे का आयोजन कर सभी को प्रसादी वितरित की। इतना ही नहीं, उन्होंने अपने सेवाभाव से ओतप्रोत पुत्रों श्री कुलदीप पटेल एवं श्री पवनदीप पटेल के कर-कमलों से राम रहीम रोटी बैंक में भी जरूरतमंद, बेघर और बेसहारा लोगों के लिए स्वादिष्ट भोजन प्रसादी भिजवाकर पुण्य और सराहनीय कार्य किया। श्री रामबाबू पटेल जी का सहयोग सदैव इन जरूरतमंदों की भोजन व्यवस्था में मिलता रहता है। यह उनकी संवेदना और मानव सेवा के प्रति समर्पण का प्रतीक है। राम रहीम रोटी बैंक समिति, पटेल परिवार के इस सेवा भाव को नमन करती है। एवं हृदय से आभार एवं धन्यवाद व्यक्त करती है। "जो दूसरों का पेट भरता है, भगवान उसका घर भरते हैं" 💐1
- मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के पर्यावास भवन का हाल भोपाल के एक सरकारी कार्यालय परिसर में बड़ी मात्रा में शराब की खाली बोतलें मिलने से गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां रात के समय नियमित रूप से शराबखोरी होती है। यदि यह सत्य है, तो यह न केवल सरकारी नियमों और कार्यालय की गरिमा के विरुद्ध है, बल्कि जनता के विश्वास को भी ठेस पहुंचाता है। एक ओर मध्य प्रदेश सरकार प्रदेशभर में नशामुक्ति अभियान चलाकर लोगों को नशे से दूर रहने का संदेश दे रही है, वहीं दूसरी ओर यदि सरकारी कार्यालयों में ही ऐसे कृत्य हो रहे हैं, तो यह दोहरे मानदंड का उदाहरण प्रतीत होता है। प्रशासन को इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि सरकारी कार्यालयों की गरिमा बनी रहे और कानून का समान रूप से पालन सुनिश्चित हो। न्यूज कोलार की धड़कन जनहित में जारी मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के पर्यावास भवन का हाल भोपाल के एक सरकारी कार्यालय परिसर में बड़ी मात्रा में शराब की खाली बोतलें मिलने से गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां रात के समय नियमित रूप से शराबखोरी होती है। यदि यह सत्य है, तो यह न केवल सरकारी नियमों और कार्यालय की गरिमा के विरुद्ध है, बल्कि जनता के विश्वास को भी ठेस पहुंचाता है। एक ओर मध्य प्रदेश सरकार प्रदेशभर में नशामुक्ति अभियान चलाकर लोगों को नशे से दूर रहने का संदेश दे रही है, वहीं दूसरी ओर यदि सरकारी कार्यालयों में ही ऐसे कृत्य हो रहे हैं, तो यह दोहरे मानदंड का उदाहरण प्रतीत होता है। प्रशासन को इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि सरकारी कार्यालयों की गरिमा बनी रहे और कानून का समान रूप से पालन सुनिश्चित हो। न्यूज कोलार की धड़कन जनहित में जारी1
- सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्र में मोर के लुभावनी अदाए पर्यटकों को कर रही रोमांचित सतपुड़ा टाइगर रिजर्व बफर क्षेत्र में पर्यटकों को इन दिनों मोर मोरनी के मनमोहक दृश्य देखने को मिल रहे हैं जिन्हें देख कर पर्यटक काफी रोमांचित हो रहे हैं इस समय कोर क्षेत्र में पर्यटन बंद है 1 अक्टूम्बर से यह पर्यटकों के लिए खुल जाएगा। परंतु बफर क्षेत्र पर्यटकों को पसंद बन गया है यहां की प्राकृतिक सौंदर्यता भी बहुत लुभा रही है3
- ग्रीष्मकालीन मूंग उपार्जन के लिए अंतिम तिथि बढ़ाकर 20 अगस्त 2026 निर्धारित की गई ग्रीष्मकालीन मूंग उपार्जन 20 अगस्त तक, किसान भाई 10 अगस्त तक करा सकेंगे स्लॉट बुकिंग अब कृषक मूंग के कुल उत्पादन का 60 प्रतिशत तक कर सकेंगे विक्रय ---------- देवास, 30 जुलाई 2026/ भारत सरकार की प्राइस सपोर्ट स्कीम अंतर्गत ग्रीष्मकालीन मूंग उपार्जन के लिए अंतिम तिथि बढ़ाकर 20 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है। राज्य शासन द्वारा कृषकों के हित में लिए गए निर्णय के अनुक्रम में मूंग का उपार्जन कृषकों के कुल उत्पादन का 60 प्रतिशत तक किया गया है, जो कि पहले उत्पादन का 25 प्रतिशत था। फसल विक्रय के लिए स्लॉट बुक करने की अंतिम तिथि 10 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है। उप संचालक कृषि श्री ज्ञानसिंह मोहनिया ने कृषकों से अपील की है कि पंजीकृत किसान भाई अपनी मूंग फसल का विक्रय करने के लिए 10 अगस्त 2026 तक स्लॉट बुकिंग कराकर योजना का लाभ लेवें।1
- इटारसी में नगरपालिका का दोहरा रवैया: कार्ड धारक गरीब महिला की दुकान पर चला बुलडोजर! इटारसी नगरपालिका के अतिक्रमण अमले का एक संवेदनहीन और पक्षपातपूर्ण चेहरा सामने आया है। तालाब के पास मनिहारी की छोटी सी दुकान चलाकर अपने परिवार का पेट पालने वाली असहाय महिला लीला बाई मालवीय की दुकान को बिना कोई समय दिए जेसीबी से तोड़ दिया गया। हैरानी की बात यह है कि महिला के पास नगरपालिका द्वारा ही जारी किया गया 'वैध पथ विक्रेता कार्ड' और 'तहबाजारी पंजीयन कार्ड' मौजूद था। महिला अधिकारियों के सामने रोती-बिलखती रही, लेकिन अमले ने एक न सुनी और उसका सामान भी जब्त कर लिया। वहीं दूसरी ओर, उसी लाइन में मौजूद रसूखदारों के पक्के अतिक्रमणों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। क्या नियम-कानून और बुलडोजर सिर्फ गरीबों के लिए ही हैं? इस खबर को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें और सोए हुए प्रशासन तक इस बेबस महिला की आवाज पहुंचाएं! 5 Hashtags (हैशटैग): #ItarsiNews #JusticeForVendor #ItarsiNagarPalika #StreetVendorsRights #MPNews इटारसी में नगरपालिका का दोहरा रवैया: कार्ड धारक गरीब महिला की दुकान पर चला बुलडोजर! इटारसी नगरपालिका के अतिक्रमण अमले का एक संवेदनहीन और पक्षपातपूर्ण चेहरा सामने आया है। तालाब के पास मनिहारी की छोटी सी दुकान चलाकर अपने परिवार का पेट पालने वाली असहाय महिला लीला बाई मालवीय की दुकान को बिना कोई समय दिए जेसीबी से तोड़ दिया गया। हैरानी की बात यह है कि महिला के पास नगरपालिका द्वारा ही जारी किया गया 'वैध पथ विक्रेता कार्ड' और 'तहबाजारी पंजीयन कार्ड' मौजूद था। महिला अधिकारियों के सामने रोती-बिलखती रही, लेकिन अमले ने एक न सुनी और उसका सामान भी जब्त कर लिया। वहीं दूसरी ओर, उसी लाइन में मौजूद रसूखदारों के पक्के अतिक्रमणों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। क्या नियम-कानून और बुलडोजर सिर्फ गरीबों के लिए ही हैं? इस खबर को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें और सोए हुए प्रशासन तक इस बेबस महिला की आवाज पहुंचाएं! 5 Hashtags (हैशटैग): #ItarsiNews #JusticeForVendor #ItarsiNagarPalika #StreetVendorsRights #MPNews1
- धर्म, आस्था और जनहित की हर बड़ी खबर सबसे पहले। 🔴 सीहोर में सावन की धूम | 3, 10, 17 और 25 अगस्त को निकलेगी भव्य कांवड़ यात्रा | 11 किमी पैदल चलकर कुबेरेश्वर धाम पहुंचेंगे श्रद्धालु | जगह-जगह लगेंगे सेवा शिविर सावन में शिवभक्ति की धूम: 3, 10, 17 और 25 अगस्त को निकलेगी भव्य कांवड़ यात्रा, तैयारियों में जुटा सीहोर सीहोर। सावन माह में इस बार सीहोर शहर शिवभक्ति के रंग में पूरी तरह रंगने जा रहा है। 3, 10, 17 और 25 अगस्त को शहर में चार भव्य कांवड़ यात्राओं का आयोजन होगा, जिनमें मध्य प्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में शिवभक्त शामिल होंगे। विटलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित के अनुसार, पहली कांवड़ यात्रा 3 अगस्त को शाम 4 बजे सीवन नदी तट से प्रारंभ होगी। इसके बाद 10, 17 और 25 अगस्त को भी इसी तरह भव्य यात्राएं निकाली जाएंगी। श्रद्धालु सीवन नदी से पवित्र जल भरकर करीब 11 किलोमीटर की पैदल यात्रा करते हुए कुबेरेश्वर धाम पहुंचेंगे और भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे। यात्राओं से पहले ही सीवन नदी तट पर मेले जैसा माहौल देखने को मिल रहा है। पूजा सामग्री, कांवड़ और धार्मिक वस्तुओं की दुकानों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। हर-हर महादेव और शिवाय नमस्तुभ्यं के जयघोष से पूरा मार्ग भक्तिमय हो उठा है। यात्रा में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विटलेश सेवा समिति एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा जगह-जगह सेवा शिविर लगाए जा रहे हैं। शिविरों में चाय, ठंडा पानी, फलाहार, खिचड़ी और भोजन की निःशुल्क व्यवस्था की जाएगी। वहीं कुबेरेश्वर धाम पहुंचने पर समिति के पदाधिकारियों द्वारा श्रद्धालुओं का स्वागत एवं सम्मान भी किया जाएगा।1
- किसानों के आंदोलन से भोपाल थमा, सरकार ने मानी प्रमुख मांगें राजधानी भोपाल में किसानों के बड़े आंदोलन ने पूरे शहर की रफ्तार रोक दी। हजारों किसान बैरिकेड्स पार करते हुए मुख्यमंत्री निवास की ओर बढ़े, जिससे कई प्रमुख मार्गों पर लंबा जाम लग गया और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करनी पड़ी। किसानों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। देर रात तक चली बातचीत के बाद सरकार ने किसानों की कई प्रमुख मांगों पर सहमति जताई। इसके बाद आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की गई। प्रशासन ने पूरे घटनाक्रम के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। कई स्थानों पर पुलिस और किसानों के बीच धक्का-मुक्की भी देखने को मिली, हालांकि स्थिति बाद में नियंत्रण में आ गई।2