सुल्तानपुर जिले के भदैया ब्लॉक के मिश्रपुर पुरैना गांव में यूरिया की बोरी में भारी मिलावट का मामला सामने आया है। यहां के किसान लालता प्रसाद वर्मा, जो भगवान दिन वर्मा के पुत्र हैं, अपने खेत में यूरिया का छिड़काव करने के लिए गए थे। जैसे ही उन्होंने खाद की बोरी खोली, वह हैरान रह गए क्योंकि उसमें यूरिया की जगह काली मिट्टी और कंकड़ भरे हुए थे। इस कारनामे को देखकर वहां मौजूद अन्य किसान भी पूरी तरह से हैरान और परेशान हो गए। इस घटना से इलाके के किसानों में भारी चिंता है। किसानों का कहना है कि आज की इस महंगाई में वे किस-किस तरह से खाद और बीज का प्रबंध कर फसलों में छिड़काव कर रहे हैं, यह सिर्फ वही जानते हैं। ऐसे में यूरिया में इस तरह की मिलावट हो रही है। जब पीड़ित किसानों से इस बारे में बात की गई, तो लाचार किसानों ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए पूछा कि आखिर वे इस मिलावट की शिकायत किससे करें।
सुल्तानपुर जिले के भदैया ब्लॉक के मिश्रपुर पुरैना गांव में यूरिया की बोरी में भारी मिलावट का मामला सामने आया है। यहां के किसान लालता प्रसाद वर्मा, जो भगवान दिन वर्मा के पुत्र हैं, अपने खेत में यूरिया का छिड़काव करने के लिए गए थे। जैसे ही उन्होंने खाद की बोरी खोली, वह हैरान रह गए क्योंकि उसमें यूरिया की जगह काली मिट्टी और कंकड़ भरे हुए थे। इस कारनामे को देखकर वहां मौजूद अन्य किसान भी पूरी तरह से हैरान और परेशान हो गए। इस घटना से इलाके के किसानों में भारी चिंता है। किसानों का कहना है कि आज की इस महंगाई में वे किस-किस तरह से खाद और बीज का प्रबंध कर फसलों में छिड़काव कर रहे हैं, यह सिर्फ वही जानते हैं। ऐसे में यूरिया में इस तरह की मिलावट हो रही है। जब पीड़ित किसानों से इस बारे में बात की गई, तो लाचार किसानों ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए पूछा कि आखिर वे इस मिलावट की शिकायत किससे करें।
- सुल्तानपुर जिले के भदैया ब्लॉक के मिश्रपुर पुरैना गांव में यूरिया की बोरी में भारी मिलावट का मामला सामने आया है। यहां के किसान लालता प्रसाद वर्मा, जो भगवान दिन वर्मा के पुत्र हैं, अपने खेत में यूरिया का छिड़काव करने के लिए गए थे। जैसे ही उन्होंने खाद की बोरी खोली, वह हैरान रह गए क्योंकि उसमें यूरिया की जगह काली मिट्टी और कंकड़ भरे हुए थे। इस कारनामे को देखकर वहां मौजूद अन्य किसान भी पूरी तरह से हैरान और परेशान हो गए। इस घटना से इलाके के किसानों में भारी चिंता है। किसानों का कहना है कि आज की इस महंगाई में वे किस-किस तरह से खाद और बीज का प्रबंध कर फसलों में छिड़काव कर रहे हैं, यह सिर्फ वही जानते हैं। ऐसे में यूरिया में इस तरह की मिलावट हो रही है। जब पीड़ित किसानों से इस बारे में बात की गई, तो लाचार किसानों ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए पूछा कि आखिर वे इस मिलावट की शिकायत किससे करें।1
- सुल्तानपुर के लम्भुआ स्थित कामतागंज के रामायण मैरिज लॉन में रविवार, 12 जुलाई को बहुजन समाज पार्टी के तत्वावधान में 190 विधानसभा लम्भुआ का एक विशाल कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किया गया। इस सम्मेलन में भारी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और समर्थकों की भीड़ जुटी, जिसने इस कार्यक्रम को एक बड़े शक्ति प्रदर्शन में बदल दिया। आयोजन स्थल पर उमड़े जनसैलाब के कारण बैठने तक की जगह कम पड़ गई और वहां मौजूद वाहनों का बड़ा काफिला भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बहुजन समाज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल शामिल हुए, जिन्होंने कार्यकर्ताओं में जमकर जोश भरा। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य मंडल प्रभारी (लखनऊ, अयोध्या, आजमगढ़, वाराणसी एवं मिर्जापुर मंडल) व पूर्व नेता विधान परिषद दिनेश चंद्र ने की। वहीं, विशिष्ट अतिथि के रूप में वरिष्ठ बसपा नेता शैलेंद्र कुमार सिंह सहित कई प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहे। सम्मेलन में प्रदीप भारती, श्रीराम पुष्कर, सर्वेंद्र अंबेडकर, रवि प्रकाश मौर्य, मोहम्मद अरशद, रमेश गौतम, रुद्रमणि वर्मा, छोटेलाल मौर्य, नन्हे सिंह चौहान, उदयराज वर्मा, दीपक भारती, रविशंकर पाल, सुरेश कुमार गौतम, मेवालाल भास्कर, सिद्धनाथ गौतम, श्याम नारायण उपाध्याय, रामाश्रय भारती, हंसराज भारती, शिवचरण वर्मा, राजकुमार गौतम, चंद्रशेखर सिंह, दिलीप कुमार वर्मा, रामनारायण गौतम और राजेश चौरसिया जैसे तमाम पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सम्मेलन को सफल बनाने के लिए बूथ स्तर से लेकर जिला स्तर तक के कार्यकर्ताओं ने पूरी ताकत झोंक दी थी। कार्यक्रम में उपस्थित जनसमूह ने नेताओं के संबोधन को ध्यानपूर्वक सुना और आगामी विधानसभा चुनाव में संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने का संकल्प लिया। कार्यकर्ताओं ने पूरे उत्साह के साथ यह दावा किया कि वे वर्ष 2027 के चुनाव में 190 विधानसभा लम्भुआ सीट को हर हाल में बहुजन समाज पार्टी की झोली में डालेंगे। इस विशाल सम्मेलन और कार्यकर्ताओं के भारी उत्साह ने क्षेत्र की राजनीतिक हलचल को काफी तेज कर दिया है।2
- इंडोनेशिया के योग्याकार्ता में प्रम्बानन मंदिर के दौरे के दौरान भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वहां के आम लोगों ने सड़कों पर खड़े होकर स्वागत किया। सड़कों पर दिखाई दिया यह दृश्य भारत की बेमिसाल लोकप्रियता की एक और अनोखी झलक पेश करता है, जो वाकई में एक बेहद दिल को छू लेने वाला पल था।1
- सुल्तानपुर के कादीपुर में पौराणिक धर्मस्थली श्री हनुमान विजेथुआ महावीरन धाम से होकर गुजर घाट गोमती नदी तट पर पिछले 6 वर्षों से बन रहे पुल का निर्माण कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है। अभी कुछ ही दिन पहले इस पुल का एक पाया काम करते समय टूट गया था, जिसकी खबर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जिले के बेहद कर्मठशील और ईमानदार जिला अधिकारी जसवीर सिंह ने इसका संज्ञान लिया। जिलाधिकारी के निर्देश पर तुरंत जांच के आदेश दिए गए और उनके ही निर्देश पर टूटे हुए पाये को तोड़कर दोबारा बनाने का काम शुरू किया गया, लेकिन यह कार्य अब भी काफी धीमी रफ्तार से किया जा रहा है। जैसे-जैसे बरसात का समय नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे पुल के निर्माण को लेकर स्थानीय लोगों की चिंताएं भी बढ़ती जा रही हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि अगर इसी धीमी रफ्तार से काम चलता रहा, तो पिछले वर्षों की तरह इस वर्ष भी नदी का जलस्तर बढ़ने पर दोनों तरफ का आवागमन पूरी तरह ठप हो जाएगा। गोमती नदी के गुजर घाट पर पुल निर्माण की इस कछुआ गति को लेकर लोगों में गहरा रोष व्याप्त है। क्षेत्र के लोगों ने जिला अधिकारी से मांग की है कि पुल के काम में तेजी लाने के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं ताकि बरसात के मौसम में लोगों का रास्ता बंद न हो।2
- सुलतानपुर के लंभुआ में लम्भुआ से दुर्गापुर रोड पर क्रॉसिंग से पहले एक विशाल शीशम का पेड़ अचानक सड़क पर गिर गया। यह पेड़ इस समय विद्युत विभाग के तारों के सहारे टिका हुआ है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। पेड़ गिरने की वजह से इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया है और वहां से गुजरने वाले राहगीरों में दहशत का माहौल बना हुआ है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए स्थानीय लोगों ने विद्युत विभाग और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से तत्काल मौके पर पहुंचने की मांग की है ताकि पेड़ को हटाकर विद्युत आपूर्ति सुरक्षित की जा सके और किसी भी प्रकार की जनहानि या दुर्घटना से बचा जा सके। इसके साथ ही, लोगों से अपील की गई है कि जब तक पेड़ नहीं हटाया जाता, तब तक वाहन चालक और राहगीर इस मार्ग पर अत्यंत सावधानी बरतें और बिजली के तारों के पास जाने से बचें।1