पीलीभीत के पूरनपुर तहसील क्षेत्र स्थित महद खास (महादिया) गांव में जर्जर और जलभराव से परेशान ग्रामीणों ने अनोखा विरोध प्रदर्शन किया है। पिछले 10 वर्षों से सड़क निर्माण का इंतजार कर रहे ग्रामीणों ने होली चौराहे से खमरिया माइनर तक करीब 400 मीटर लंबे कीचड़ और पानी से भरे रास्ते पर धान की रोपाई कर अपना गुस्सा जताया। ग्रामीणों का कहना है कि जब सड़क पूरी तरह खेत जैसी बन चुकी है, तो उसमें धान ही उगा दिया जाए। इस जर्जर रास्ते के कारण स्कूली बच्चों, किसानों, महिलाओं और बुजुर्गों को आवाजाही में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि दशक भर से सड़क निर्माण की मांग करने पर हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला है। इसी मार्ग पर भारत निर्माण राजीव गांधी सेवा केंद्र भी स्थित है, जहां अधिकारियों का नियमित आना-जाना रहता है, इसके बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। वहीं मामले में ग्राम प्रधान कोमिल प्रसाद का कहना है कि फरवरी महीने में सड़क निर्माण कार्य शुरू करवाकर लगभग 50 ट्रॉली मिट्टी डलवाई गई थी, लेकिन मार्ग पर अतिक्रमण होने के कारण कार्य अधूरा रह गया। प्रधान के अनुसार अधिकांश लोगों ने अतिक्रमण हटा लिया है, लेकिन एक व्यक्ति द्वारा कब्जा न हटाने से निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पा रहा है। विरोध प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल अतिक्रमण हटवाकर सड़क का निर्माण शुरू कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई कर सड़क नहीं बनवाई गई, तो आने वाले दिनों में और बड़ा जनआंदोलन किया जाएगा।
पीलीभीत के पूरनपुर तहसील क्षेत्र स्थित महद खास (महादिया) गांव में जर्जर और जलभराव से परेशान ग्रामीणों ने अनोखा विरोध प्रदर्शन किया है। पिछले 10 वर्षों से सड़क निर्माण का इंतजार कर रहे ग्रामीणों ने होली चौराहे से खमरिया माइनर तक करीब 400 मीटर लंबे कीचड़ और पानी से भरे रास्ते पर धान की रोपाई कर अपना गुस्सा जताया। ग्रामीणों का कहना है कि जब सड़क पूरी तरह खेत जैसी बन चुकी है, तो उसमें धान ही उगा दिया जाए। इस जर्जर रास्ते के कारण स्कूली बच्चों, किसानों, महिलाओं और बुजुर्गों को आवाजाही में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि दशक भर से सड़क निर्माण की मांग करने पर हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला है। इसी मार्ग पर भारत निर्माण राजीव गांधी सेवा केंद्र भी स्थित है, जहां अधिकारियों का नियमित आना-जाना रहता है, इसके बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। वहीं मामले में ग्राम प्रधान कोमिल प्रसाद का कहना है कि फरवरी महीने में सड़क निर्माण कार्य शुरू करवाकर लगभग 50 ट्रॉली मिट्टी डलवाई गई थी, लेकिन मार्ग पर अतिक्रमण होने के कारण कार्य अधूरा रह गया। प्रधान के अनुसार अधिकांश लोगों ने अतिक्रमण हटा लिया है, लेकिन एक व्यक्ति द्वारा कब्जा न हटाने से निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पा रहा है। विरोध प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल अतिक्रमण हटवाकर सड़क का निर्माण शुरू कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई कर सड़क नहीं बनवाई गई, तो आने वाले दिनों में और बड़ा जनआंदोलन किया जाएगा।
- पीलीभीत के पूरनपुर तहसील क्षेत्र स्थित महद खास (महादिया) गांव में जर्जर और जलभराव से परेशान ग्रामीणों ने अनोखा विरोध प्रदर्शन किया है। पिछले 10 वर्षों से सड़क निर्माण का इंतजार कर रहे ग्रामीणों ने होली चौराहे से खमरिया माइनर तक करीब 400 मीटर लंबे कीचड़ और पानी से भरे रास्ते पर धान की रोपाई कर अपना गुस्सा जताया। ग्रामीणों का कहना है कि जब सड़क पूरी तरह खेत जैसी बन चुकी है, तो उसमें धान ही उगा दिया जाए। इस जर्जर रास्ते के कारण स्कूली बच्चों, किसानों, महिलाओं और बुजुर्गों को आवाजाही में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि दशक भर से सड़क निर्माण की मांग करने पर हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला है। इसी मार्ग पर भारत निर्माण राजीव गांधी सेवा केंद्र भी स्थित है, जहां अधिकारियों का नियमित आना-जाना रहता है, इसके बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। वहीं मामले में ग्राम प्रधान कोमिल प्रसाद का कहना है कि फरवरी महीने में सड़क निर्माण कार्य शुरू करवाकर लगभग 50 ट्रॉली मिट्टी डलवाई गई थी, लेकिन मार्ग पर अतिक्रमण होने के कारण कार्य अधूरा रह गया। प्रधान के अनुसार अधिकांश लोगों ने अतिक्रमण हटा लिया है, लेकिन एक व्यक्ति द्वारा कब्जा न हटाने से निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पा रहा है। विरोध प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल अतिक्रमण हटवाकर सड़क का निर्माण शुरू कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई कर सड़क नहीं बनवाई गई, तो आने वाले दिनों में और बड़ा जनआंदोलन किया जाएगा।1
- बरेली जिले के फरीदपुर क्षेत्र के एक गांव में सड़क की खराब स्थिति को लेकर ग्रामीणों ने आवाज उठाई है। स्थानीय निवासियों ने गांव के रास्ते की बदहाली की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए सड़क का बुरा हाल दिखाया है और रास्ते की दुर्दशा पर नाराजगी जताई है।1
- बरेली के हाफिजगंज थाना क्षेत्र स्थित ऊंचापुर गांव में सार्वजनिक वाटर कूलर हटाने से मना करने पर एक युवक को जान से मारने की धमकी दिए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित गांव निवासी अरुण कुमार पुत्र नत्थू लाल के अनुसार, गांव में लगे सार्वजनिक वाटर कूलर का पानी पूरे गांव के लोग पीते हैं। आरोप है कि दो दिन पहले गांव के ही मो0 फुरकान पुत्र मो0 हकीम ने उनसे इस वाटर कूलर को हटाने के लिए कहा था। जब अरुण कुमार ने यह कहते हुए वाटर कूलर हटाने से इनकार कर दिया कि इससे गांव के लोगों को पीने के पानी की समस्या हो जाएगी, तो आरोपी फुरकान गाली-गलौच पर उतर आया। आरोप है कि फुरकान ने धमकी देते हुए कहा कि "अगर वाटर कूलर नहीं हटाया तो जान से मार देंगे"। इस घटना से परेशान पीड़ित ने 23/07/26 को थानाध्यक्ष हाफिजगंज को प्रार्थना पत्र सौंपकर मामले की जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने तहरीर प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है।1
- उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के भुता थाना क्षेत्र में सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री पर अभद्र टिप्पणी करने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। सोशल मीडिया पर की गई यह अभद्र टिप्पणी आरोपी को भारी पड़ गई और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। मामले में अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी। इस पर भुता थाना पुलिस ने तुरंत संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की और टिप्पणी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक वीडियो साझा करके युवाओं का धन्यवाद किया है। उन्होंने अपना पिछला वीडियो देखने और उस पर अपने सार्थक सुझाव भेजने के लिए सभी युवाओं का आभार व्यक्त किया। पेपर लीक और छात्र प्रदर्शनों के बीच युवाओं की आवाज को तवज्जो देते हुए उन्होंने कहा, "कल मेरा वीडियो देखने और अपने सार्थक सुझाव भेजने वाले सभी युवाओं का आभार।"1
- बरेली जंक्शन से मथुरा जाने वाली एक एक्सप्रेस ट्रेन उपलब्ध न होने के कारण रद्द हो गई, जिसके बाद यात्रियों को टिकट का रिफंड नहीं मिलने का मामला सामने आया है। आरोप है कि रिफंड के लिए जब परेशान यात्री टिकट काउंटर पर पहुंचे, तो वहां मौजूद महिला कर्मचारी ने उनसे अभद्र भाषा का प्रयोग किया। इस पूरी घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर हिमांशु पटेल के हैंडल से साझा किया गया है, जो तेजी से वायरल हो रहा है। पोस्ट में @RailMinIndia, @RailwaySeva और @drmizzatnagar को टैग करते हुए पूरे मामले की जांच करने और यात्रियों को रिफंड दिलाने की मांग की गई है। फिलहाल इस प्रकरण पर रेलवे प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।1
- बरेली के थाना भुता पुलिस ने सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री से संबंधित अभद्र टिप्पणी और धमकी पूर्ण वीडियो प्रसारित करने के मामले में एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। इस मामले से जुड़े वीडियो में अभियुक्त माफी मांगता हुआ भी नजर आ रहा है।1