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पर्यावरण संरक्षण का महासंकल्प: 222वें रविवार को भी जारी रहा * पौधारोपण महाअभियान, करौंदी में रोपे गए नींबू के पौधे* शहपुरा :- पर्यावरण संरक्षण और धरती को हरा-भरा बनाने के संकल्प के साथ चलाया जा रहा पौधारोपण महाअभियान अपने लगातार 222वें रविवार को भी पूरी ऊर्जा और उत्साह के साथ जारी रहा। इस साप्ताहिक अभियान की कड़ी में आज "श्री राम जानकी वाटिका, करौंदी" में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहाँ फलदार नींबू के पौधों का रोपण किया गया। नन्हे हाथों ने थामा प्रकृति का साथ इस बार का कार्यक्रम बेहद अनूठा और प्रेरणादायक रहा, क्योंकि इसमें भावी पीढ़ी ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। अभियान के दौरान नन्हे बच्चे हर्षवर्धन, सुभी और अभिनंदन विशेष रूप से मौजूद रहे। इन बच्चों ने न केवल उत्साहपूर्वक पौधे लगाए, बल्कि पर्यावरण को बचाने और पौधों की देखभाल करने का संकल्प भी लिया। बच्चों की इस भागीदारी ने वहाँ मौजूद सभी लोगों का दिल जीत लिया।अधिवक्ता निर्मल कुमार साहू की अगुवाई में सफल रहा कार्यक्रम इस गरिमामयी कार्यक्रम में टीम के सचिव और अधिवक्ता निर्मल कुमार साहू मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने बच्चों के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों में बचपन से ही प्रकृति के प्रति प्रेम जगाना बेहद जरूरी है।

7 hrs ago
user_Sharda Prasad Namdeo
Sharda Prasad Namdeo
शाहपुरा, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
7 hrs ago

पर्यावरण संरक्षण का महासंकल्प: 222वें रविवार को भी जारी रहा * पौधारोपण महाअभियान, करौंदी में रोपे गए नींबू के पौधे* शहपुरा :- पर्यावरण संरक्षण और धरती को हरा-भरा बनाने के संकल्प के साथ चलाया जा रहा पौधारोपण महाअभियान अपने लगातार 222वें रविवार को भी पूरी ऊर्जा और उत्साह के साथ जारी रहा। इस साप्ताहिक अभियान की कड़ी में आज "श्री राम जानकी वाटिका, करौंदी" में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहाँ फलदार नींबू के पौधों का रोपण किया गया। नन्हे हाथों ने थामा प्रकृति का साथ इस बार का कार्यक्रम बेहद अनूठा और प्रेरणादायक रहा, क्योंकि इसमें भावी पीढ़ी

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ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। अभियान के दौरान नन्हे बच्चे हर्षवर्धन, सुभी और अभिनंदन विशेष रूप से मौजूद रहे। इन बच्चों ने न केवल उत्साहपूर्वक पौधे लगाए, बल्कि पर्यावरण को बचाने और पौधों की देखभाल करने का संकल्प भी लिया। बच्चों की इस भागीदारी ने वहाँ मौजूद सभी लोगों का दिल जीत लिया।अधिवक्ता निर्मल कुमार साहू की अगुवाई में सफल रहा कार्यक्रम इस गरिमामयी कार्यक्रम में टीम के सचिव और अधिवक्ता निर्मल कुमार साहू मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने बच्चों के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों में बचपन से ही प्रकृति के प्रति प्रेम जगाना बेहद जरूरी है।

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  • कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने जिलेवासियों को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं दीं कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने डिंडौरी जिले के समस्त नागरिकों को दीपावली पर्व की शुभकामनाएं देते हुए सभी के जीवन में सुख, समृद्धि, खुशहाली एवं नई रोशनी की कामना की। उन्होंने प्रेम, सद्भाव और भाईचारे के साथ पर्व मनाने तथा जिले को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
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    कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने जिलेवासियों को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं दीं
कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने डिंडौरी जिले के समस्त नागरिकों को दीपावली पर्व की शुभकामनाएं देते हुए सभी के जीवन में सुख, समृद्धि, खुशहाली एवं नई रोशनी की कामना की। उन्होंने प्रेम, सद्भाव और भाईचारे के साथ पर्व मनाने तथा जिले को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
    user_Sharda Prasad Namdeo
    Sharda Prasad Namdeo
    शाहपुरा, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने जिलेवासियों को दी दीपावली की शुभकामनाएं, स्थानीय दुकानों से दीये खरीदकर किया दुकानदारों का उत्साहवर्धन डिंडौरी। कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने दीपावली के पावन पर्व पर जिलेवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। शनिवार को कलेक्टर ने डिंडौरी बाजार का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय छोटे-छोटे दुकानदारों से मिट्टी के दीये एवं दीपावली की अन्य सामग्री खरीदी तथा दुकानदारों से चर्चा कर उनके व्यवसाय एवं उपलब्ध सामग्री की जानकारी ली। उन्होंने स्थानीय व्यापारियों को प्रोत्साहित करते हुए दीपावली के अवसर पर स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देने का संदेश दिया। इस दौरान एसडीएम डिंडौरी श्री रामबाबू देवांगन, एसडीएम बजाग श्री पुष्पेंद्र आहाके, एसडीओपी श्री सतीश द्विवेदी सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
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    कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने जिलेवासियों को दी दीपावली की शुभकामनाएं, 
स्थानीय दुकानों से दीये खरीदकर किया दुकानदारों का उत्साहवर्धन
डिंडौरी। कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने दीपावली के पावन पर्व पर जिलेवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। शनिवार को कलेक्टर ने डिंडौरी बाजार का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय छोटे-छोटे दुकानदारों से मिट्टी के दीये एवं दीपावली की अन्य सामग्री खरीदी तथा दुकानदारों से चर्चा कर उनके व्यवसाय एवं उपलब्ध सामग्री की जानकारी ली। उन्होंने स्थानीय व्यापारियों को प्रोत्साहित करते हुए दीपावली के अवसर पर स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देने का संदेश दिया। इस दौरान एसडीएम डिंडौरी श्री रामबाबू देवांगन, एसडीएम बजाग श्री पुष्पेंद्र आहाके, एसडीओपी श्री सतीश द्विवेदी सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
    user_लीलाराम साहू
    लीलाराम साहू
    शाहपुरा, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • उमरिया जिले के पाली में दीपावली के मद्देनजर देखते हुए जहां एक दिन का शुष्क दिवस में शराब दुकानों को बंद किया जाएगा वहीं शराब ठेकेदार आबकारी विभाग से सौ कदम आगे चले गए पहले ही पैकारी के माध्यम से ढावो और गांव गांव शराब पहुंचा दी गई है। शराब का खेल - दुकान बंद होने का दिखावा, दिन में गांव-गांव पहुंच गई शराब पाली क्षेत्र में दीपावली त्योहार पर शराब ठेकेदार की मनमानी, दुकान बंद होने के पहले खूब हुई पैकारी होटल-ढाबों में हो हुई खुलेआम सप्लाई बिरसिंहपुर- पाली क्षेत्र में दीपावली त्योहार के मौके पर शराब के अवैध कारोबार का बड़ा खेल सामने आया है। आरोप है कि शराब ठेकेदार द्वारा दिन में पांच बजे लाइसेंसी दुकान बंद होने का सिर्फ दिखावा किया जा रहा है, लेकिन दुकान बंद होने से पहले ही गांव-गांव, होटल और ढाबों में शराब पहुंचा दी गई है। सूत्रों के अनुसार त्योहार के 2 दिन पहले से ही ठेकेदार के गुर्गे मोटर साइकिल में पेटियों में भरकर शराब गांवों में पहुंचा दी गई है सवाल यह है कि इस अवैध सप्लाई पर अंकुश कब लगेगा? *दुकान बंद, सप्लाई चालू* नियम के अनुसार दीपावली जैसे त्योहार पर प्रशासन द्वारा शराब दुकानों को बंद रखने के आदेश दिए जाते हैं, ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे। पाली में भी आदेश के बाद लाइसेंसी दुकान पर ताला लगा दिखा, लेकिन हकीकत कुछ और ही थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि दुकान के पीछे से ही शराब की सप्लाई हो रही थी। गांवों में रहने वाले लोगों ने बताया कि त्योहार के दिन शाम होते ही गांव के हर मोहल्ले में शराब आसानी से मिल रही थी। होटल और ढाबों पर तो खुलेआम शराब परोसी जा रही थी। एक ग्रामीण ने कहा, "दुकान बंद है, यह तो सिर्फ कागजों में है। असली दुकान तो हमारे गांव के ढाबे पर चल रही है। 200 रुपये की बोतल 400 में मिल रही है।" *होटल-ढाबे बन गए अवैध अड्डे* पाली-उमरिया मार्ग, पाली-बिरसिंहपुर मार्ग और पाली-शहडोल मार्ग पाली बन्नैदा मार्ग पर बने कई होटल और ढाबे किराना दुकान पान के टपरे शराब के अवैध अड्डे बन गए हैं। यहां ट्रक ड्राइवरों से लेकर स्थानीय युवाओं तक को शराब पिलाई जा रही है। ढाबा मालिकों को ठेकेदार की ओर से पहले ही स्टॉक पहुंचा दिया जाता है और मुनाफा आपस में बांट लिया जाता है। पुलिस और आबकारी विभाग की टीम इन ढाबों पर कभी जांच करने नहीं पहुंचती। *सागर हादसे से भी नहीं लिया सबक* कुछ दिन पहले सागर में शराब के नशे में हुए बड़े हादसे ने पूरे प्रदेश को हिला दिया था। उस हादसे में कई मासूम जानें गई थीं। लेकिन पाली क्षेत्र के प्रशासन ने उससे कोई सबक नहीं लिया। लोग पूछ रहे हैं कि क्या पाली प्रशासन भी सागर जैसे हादसे का इंतजार कर रहा है? क्या किसी की जान जाने के बाद ही यहां कार्रवाई होगी? एक तरफ देश के गृह मंत्री अमित शाह जी नशामुक्ति को लेकर अभियान चलाने और शराबबंदी की बात कह रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ पाली में खुलेआम शराब की अवैध बिक्री हो रही है। यह दोहरा रवैया जनता को समझ नहीं आ रहा। *युवाओं में बढ़ रहा नशा* दीपावली के त्योहार पर गांवों में युवाओं में शराब पीने का चलन तेजी से बढ़ा है। नशे में मारपीट, झगड़े और सड़क हादसों की घटनाएं भी बढ़ गई हैं। महिलाओं का कहना है कि त्योहार के दिन उनके घरों में शांति नहीं रहती, शराब पीकर लोग गाली-गलौज करते हैं। *जनता की मांग* पाली क्षेत्र में शराब ठेकेदार के स्टॉक की तत्काल जांच हो, दुकान बंद होने के बाद शराब कहां गई, इसका हिसाब लिया जाए। गांव-गांव में शराब पहुंचाने वाले होटल-ढाबों पर छापा मारकर कार्रवाई हो। आबकारी विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम बनाकर रात में गश्त बढ़ाई जाए। अवैध शराब बेचने वालों पर एफआईआर दर्ज हो, सिर्फ जुर्माना लगाकर न छोड़ा जाए। पाली की जनता अब पूछ रही है - *जब दुकान बंद है तो गांव में शराब कहां से आ रही है?* अगर प्रशासन ने समय रहते इस अवैध कारोबार पर अंकुश नहीं लगाया तो दीपावली की खुशियां किसी परिवार के लिए मातम में बदल सकती हैं।
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    उमरिया जिले के पाली में दीपावली के मद्देनजर देखते हुए जहां एक दिन का शुष्क दिवस में शराब दुकानों को बंद किया जाएगा वहीं शराब ठेकेदार आबकारी विभाग से सौ कदम आगे चले गए पहले ही पैकारी के माध्यम से ढावो और गांव गांव शराब पहुंचा दी गई है।
शराब का खेल -  दुकान बंद होने  का दिखावा, दिन में गांव-गांव पहुंच गई शराब
पाली क्षेत्र में दीपावली त्योहार पर शराब ठेकेदार की मनमानी, दुकान बंद होने के पहले खूब हुई पैकारी होटल-ढाबों में हो हुई खुलेआम सप्लाई
बिरसिंहपुर- पाली क्षेत्र में दीपावली त्योहार के मौके पर शराब के अवैध कारोबार का बड़ा खेल सामने आया  है। आरोप है कि शराब ठेकेदार द्वारा दिन में पांच बजे लाइसेंसी दुकान बंद होने का सिर्फ दिखावा किया जा रहा है, लेकिन दुकान बंद होने से पहले ही गांव-गांव, होटल और ढाबों में शराब पहुंचा दी गई है। सूत्रों के अनुसार त्योहार के 2 दिन पहले से ही ठेकेदार के गुर्गे मोटर साइकिल में पेटियों में भरकर शराब गांवों में पहुंचा दी गई  है सवाल यह है कि इस अवैध सप्लाई पर अंकुश कब लगेगा?
*दुकान बंद, सप्लाई चालू*
नियम के अनुसार दीपावली जैसे त्योहार पर प्रशासन द्वारा शराब दुकानों को बंद रखने के आदेश दिए जाते हैं, ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे। पाली में भी आदेश के बाद लाइसेंसी दुकान पर ताला लगा दिखा, लेकिन हकीकत कुछ और ही थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि दुकान के पीछे से ही शराब की सप्लाई हो रही थी।
गांवों में रहने वाले लोगों ने बताया कि त्योहार के दिन शाम होते ही गांव के हर मोहल्ले में शराब आसानी से मिल रही थी। होटल और ढाबों पर तो खुलेआम शराब परोसी जा रही थी। एक ग्रामीण ने कहा, "दुकान बंद है, यह तो सिर्फ कागजों में है। असली दुकान तो हमारे गांव के ढाबे पर चल रही है। 200 रुपये की बोतल 400 में मिल रही है।"
*होटल-ढाबे बन गए अवैध अड्डे*
पाली-उमरिया मार्ग, पाली-बिरसिंहपुर मार्ग और पाली-शहडोल मार्ग पाली बन्नैदा मार्ग पर बने कई होटल और ढाबे किराना दुकान पान के टपरे शराब के अवैध अड्डे बन गए हैं। यहां ट्रक ड्राइवरों से लेकर स्थानीय युवाओं तक को शराब पिलाई जा रही है। ढाबा मालिकों को ठेकेदार की ओर से पहले ही स्टॉक पहुंचा दिया जाता है और मुनाफा आपस में बांट लिया जाता है। पुलिस और आबकारी विभाग की टीम इन ढाबों पर कभी जांच करने नहीं पहुंचती।
*सागर हादसे से भी नहीं लिया सबक*
कुछ दिन पहले सागर में शराब के नशे में हुए बड़े हादसे ने पूरे प्रदेश को हिला दिया था। उस हादसे में कई मासूम जानें गई थीं। लेकिन पाली क्षेत्र के प्रशासन ने उससे कोई सबक नहीं लिया। लोग पूछ रहे हैं कि क्या पाली प्रशासन भी सागर जैसे हादसे का इंतजार कर रहा है? क्या किसी की जान जाने के बाद ही यहां कार्रवाई होगी?
एक तरफ देश के गृह मंत्री अमित शाह जी नशामुक्ति को लेकर अभियान चलाने और शराबबंदी की बात कह रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ पाली में खुलेआम शराब की अवैध बिक्री हो रही है। यह दोहरा रवैया जनता को समझ नहीं आ रहा।
*युवाओं में बढ़ रहा नशा*
दीपावली के त्योहार पर गांवों में युवाओं में शराब पीने का चलन तेजी से बढ़ा है। नशे में मारपीट, झगड़े और सड़क हादसों की घटनाएं भी बढ़ गई हैं। महिलाओं का कहना है कि त्योहार के दिन उनके घरों में शांति नहीं रहती, शराब पीकर लोग गाली-गलौज करते हैं।
*जनता की मांग*
पाली क्षेत्र में शराब ठेकेदार के स्टॉक की तत्काल जांच हो, दुकान बंद होने के बाद शराब कहां गई, इसका हिसाब लिया जाए।
गांव-गांव में शराब पहुंचाने वाले होटल-ढाबों पर छापा मारकर कार्रवाई हो।
आबकारी विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम बनाकर रात में गश्त बढ़ाई जाए।
अवैध शराब बेचने वालों पर एफआईआर दर्ज हो, सिर्फ जुर्माना लगाकर न छोड़ा जाए।
पाली की जनता अब पूछ रही है - *जब दुकान बंद है तो गांव में शराब कहां से आ रही है?* अगर प्रशासन ने समय रहते इस अवैध कारोबार पर अंकुश नहीं लगाया तो दीपावली की खुशियां किसी परिवार के लिए मातम में बदल सकती हैं।
    user_Om Agrawal
    Om Agrawal
    पाली, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • नगर पालिका क्षेत्र के सागरा तालाब में सब्जी दुकान पटाखे की दुकान लगी एक साथ हादसे का कर रहे हैं इंतजार *सागर तालाब के ऊपर मौत का बाजार - पटाखा दुकानों के बीच में लगवाई गई सब्जी की दुकान, प्रशासन की बड़ी लापरवाही* बिरसिंहपुर पाली नगर पालिका क्षेत्र में शासन-प्रशासन की लापरवाही का सबसे बड़ा उदाहरण सागरा तालाब के ऊपर देखने को मिल रहा है। त्योहार के नाम पर नगर पालिका ने सागर तालाब के ऊपर और उसके किनारे की सड़क पर ही पटाखों की दुकानें लगवा दी हैं और उन्हीं पटाखा दुकानों के बीच में सब्जी की दुकानें भी लगवा दी गई हैं। एक तरफ बारूद से भरे पटाखे हैं, तो दूसरी तरफ भीड़ वाली सब्जी मंडी। अगर एक भी चिंगारी भड़की तो पूरा बाजार आग की लपटों में घिर जाएगा। सवाल यही है - अगर कोई हादसा होता है तो इसके जिम्मेदार कौन होगा? *वीडियो में कैद हुई हकीकत* स्थानीय नागरिकों द्वारा बनाए गए वीडियो में साफ दिख रहा है कि सागरा तालाब के ऊपर बनी सड़क के दोनों तरफ दुकानें लगी हैं। एक तरफ पीले तिरपाल के नीचे सब्जी, फल, माला और खिलौनों की दुकानें हैं, जहां महिलाएं और बच्चे खरीदारी कर रहे हैं। ठीक उसके बगल में, सटकर ही नारंगी और गुलाबी टेंट में पटाखों की दुकानें सजी हैं। दुकानों में पटाखों की लड़ियां खुलेआम लटक रही हैं। बीच की पतली सी सड़क पर ही लोग पैदल, साइकिल और बाइक से गुजर रहे हैं। तालाब के ऊपर का डिवाइडर भी दुकानों के सामान से ढक गया है। सागरा तालाब पाली का सबसे व्यस्त इलाका है। यहां सुबह से शाम तक लोगों का आना-जाना लगा रहता है। तालाब के ऊपर से ही पाली-उमरिया मुख्य मार्ग गुजरता है। ऐसे संवेदनशील स्थान पर पटाखा बाजार लगाना ही नियमों के खिलाफ है। *नियमों की उड़ाई जा रही धज्जियां* पटाखा दुकानों के लिए विस्फोटक अधिनियम के तहत सख्त नियम हैं। नियम के अनुसार - पटाखा दुकानें आबादी और तालाब जैसे सार्वजनिक स्थान से दूर खुले मैदान में होनी चाहिए। दो दुकानों के बीच कम से कम 15 फीट की दूरी होनी चाहिए। हर दुकान पर बालू के बोरे, पानी के ड्रम और फायर एक्सटिंग्विशर होना अनिवार्य है। दुकान के पास बीड़ी-सिगरेट जलाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। लेकिन सागरा तालाब पर इनमें से एक भी नियम का पालन नहीं हो रहा है। दुकानें सटकर लगी हैं, कहीं बालू-पानी का इंतजाम नहीं है। सब्जी खरीदने आई भीड़ पटाखा दुकानों के सामने ही खड़ी रहती है। बाइक के साइलेंसर से निकलने वाली चिंगारी ही काफी है बड़े हादसे के लिए। *सब्जी विक्रेताओं की मजबूरी* सब्जी बेचने वाली महिलाओं का कहना है, "हमें नगर पालिका ने ही यहां बैठने को कहा है। हम कहां जाएं हमारे लिए कोई हाट बाजार की जगह नहीं है।" उनकी बात भी सही है। गरीब सब्जी विक्रेताओं को सुरक्षित जगह देना नगर पालिका का काम था, लेकिन नगर पालिका ने उन्हें सीधे मौत के मुंह में बैठा दिया है। *अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग* जन जागृति सेवा संस्थान समिति और स्थानीय नागरिकों ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि जनता की जान के साथ खिलवाड़ है। मांग है कि - सागरा तालाब के ऊपर से पटाखा बाजार और सब्जी बाजार को तत्काल हटाकर सुरक्षित खुले मैदान में शिफ्ट किया जाए। इस अव्यवस्था के लिए जिम्मेदार नगर पालिका पाली के सीएमओ, अतिक्रमण प्रभारी पाली पर लापरवाही का मामला दर्ज हो। जिन अधिकारियों ने बिना फायर सेफ्टी जांच के पटाखा दुकानों को अनुमति दी है, उनकी जांच हो। सब्जी विक्रेताओं के लिए तालाब से दूर स्थाई हाट बाजार की व्यवस्था की जाए। पाली की जनता अब पूछ रही है - क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? क्या इंदौर-उज्जैन जैसे पटाखा बाजार हादसों से भी प्रशासन ने सबक नहीं लिया अगर सागर तालाब पर कोई हादसा हुआ तो उसकी पूरी जिम्मेदारी नगर पालिका पाली और स्थानीय प्रशासन की होगी। समय रहते कार्रवाई की मांग
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    नगर पालिका क्षेत्र के सागरा तालाब में सब्जी दुकान पटाखे की दुकान लगी एक साथ हादसे का कर रहे हैं इंतजार
*सागर तालाब के ऊपर मौत का बाजार - पटाखा दुकानों के बीच में लगवाई गई सब्जी की दुकान, प्रशासन की बड़ी लापरवाही*
बिरसिंहपुर पाली नगर पालिका क्षेत्र में शासन-प्रशासन की लापरवाही का सबसे बड़ा उदाहरण सागरा तालाब के ऊपर देखने को मिल रहा है। त्योहार के नाम पर नगर पालिका ने सागर तालाब के ऊपर और उसके किनारे की सड़क पर ही पटाखों की दुकानें लगवा दी हैं और उन्हीं पटाखा दुकानों के बीच में सब्जी की दुकानें भी लगवा दी गई हैं। एक तरफ बारूद से भरे पटाखे हैं, तो दूसरी तरफ भीड़ वाली सब्जी मंडी। अगर एक भी चिंगारी भड़की तो पूरा बाजार आग की लपटों में घिर जाएगा। सवाल यही है - अगर कोई हादसा होता है तो इसके जिम्मेदार कौन होगा?
*वीडियो में कैद हुई हकीकत*
स्थानीय नागरिकों द्वारा बनाए गए वीडियो में साफ दिख रहा है कि सागरा तालाब के ऊपर बनी सड़क के दोनों तरफ दुकानें लगी हैं। एक तरफ पीले तिरपाल के नीचे सब्जी, फल, माला और खिलौनों की दुकानें हैं, जहां महिलाएं और बच्चे खरीदारी कर रहे हैं। ठीक उसके बगल में, सटकर ही नारंगी और गुलाबी टेंट में पटाखों की दुकानें सजी हैं। दुकानों में पटाखों की लड़ियां खुलेआम लटक रही हैं। बीच की पतली सी सड़क पर ही लोग पैदल, साइकिल और बाइक से गुजर रहे हैं। तालाब के ऊपर का डिवाइडर भी दुकानों के सामान से ढक गया है।
सागरा तालाब पाली का सबसे व्यस्त इलाका है। यहां सुबह से शाम तक लोगों का आना-जाना लगा रहता है। तालाब के ऊपर से ही पाली-उमरिया मुख्य मार्ग गुजरता है। ऐसे संवेदनशील स्थान पर पटाखा बाजार लगाना ही नियमों के खिलाफ है।
*नियमों की उड़ाई जा रही धज्जियां*
पटाखा दुकानों के लिए विस्फोटक अधिनियम के तहत सख्त नियम हैं। नियम के अनुसार -
पटाखा दुकानें आबादी और तालाब जैसे सार्वजनिक स्थान से दूर खुले मैदान में होनी चाहिए।
दो दुकानों के बीच कम से कम 15 फीट की दूरी होनी चाहिए। हर दुकान पर बालू के बोरे, पानी के ड्रम और फायर एक्सटिंग्विशर होना अनिवार्य है।
दुकान के पास बीड़ी-सिगरेट जलाना पूरी तरह प्रतिबंधित है।
लेकिन सागरा तालाब पर इनमें से एक भी नियम का पालन नहीं हो रहा है। दुकानें सटकर लगी हैं, कहीं बालू-पानी का इंतजाम नहीं है। सब्जी खरीदने आई भीड़ पटाखा दुकानों के सामने ही खड़ी रहती है। बाइक के साइलेंसर से निकलने वाली चिंगारी ही काफी है बड़े हादसे के लिए।
*सब्जी विक्रेताओं की मजबूरी*
सब्जी बेचने वाली महिलाओं का कहना है, "हमें नगर पालिका ने ही यहां बैठने को कहा है। हम कहां जाएं हमारे लिए कोई हाट बाजार की जगह नहीं है।" उनकी बात भी सही है। गरीब सब्जी विक्रेताओं को सुरक्षित जगह देना नगर पालिका का काम था, लेकिन नगर पालिका ने उन्हें सीधे मौत के मुंह में बैठा दिया है।
*अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग*
जन जागृति सेवा संस्थान समिति और स्थानीय नागरिकों ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि जनता की जान के साथ खिलवाड़ है।
मांग है कि -
सागरा तालाब के ऊपर से पटाखा बाजार और सब्जी बाजार को तत्काल हटाकर सुरक्षित खुले मैदान में शिफ्ट किया जाए।
इस अव्यवस्था के लिए जिम्मेदार नगर पालिका पाली के सीएमओ, अतिक्रमण प्रभारी  पाली पर लापरवाही का मामला दर्ज हो।
जिन अधिकारियों ने बिना फायर सेफ्टी जांच के पटाखा दुकानों को अनुमति दी है, उनकी जांच हो।
सब्जी विक्रेताओं के लिए तालाब से दूर स्थाई हाट बाजार की व्यवस्था की जाए।
पाली की जनता अब पूछ रही है - क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? क्या इंदौर-उज्जैन जैसे पटाखा बाजार हादसों से भी प्रशासन ने सबक नहीं लिया अगर सागर तालाब पर कोई हादसा हुआ तो उसकी पूरी जिम्मेदारी नगर पालिका पाली और स्थानीय प्रशासन की होगी। समय रहते  कार्रवाई की मांग
    user_Shambhu nath Soni
    Shambhu nath Soni
    पाली, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • उमरिया मुख्यालय स्थित कचरा यार्ड में कचरे एवं पॉलिथीन जलाने से निकलता जहरीला धुआँ शहरवासियों के स्वास्थ्य के उमरिया मुख्यालय स्थित कचरा यार्ड में कचरे एवं पॉलिथीन जलाने से निकलता जहरीला धुआँ शहरवासियों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है। कई दिनों से मीडिया के माध्यम से प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराया जा रहा है, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रशासन से विनम्र आग्रह है कि इस गंभीर समस्या पर तत्काल संज्ञान लेकर कचरा जलाने पर रोक लगाई जाए और उचित समाधान सुनिश्चित किया जाए। हमारे शहर में बुजुर्ग, बीमार और अस्पताल में भर्ती मरीज भी हैं। उनके स्वास्थ्य और स्वच्छ वातावरण की जिम्मेदारी हम सभी की है। कृपया जनहित में शीघ्र आवश्यक कार्रवाई करें।
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    उमरिया मुख्यालय स्थित कचरा यार्ड में कचरे एवं पॉलिथीन जलाने से निकलता जहरीला धुआँ शहरवासियों के स्वास्थ्य के
उमरिया मुख्यालय स्थित कचरा यार्ड में कचरे एवं पॉलिथीन जलाने से निकलता जहरीला धुआँ शहरवासियों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है। कई दिनों से मीडिया के माध्यम से प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराया जा रहा है, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है।
प्रशासन से विनम्र आग्रह है कि इस गंभीर समस्या पर तत्काल संज्ञान लेकर कचरा जलाने पर रोक लगाई जाए और उचित समाधान सुनिश्चित किया जाए। हमारे शहर में बुजुर्ग, बीमार और अस्पताल में भर्ती मरीज भी हैं। उनके स्वास्थ्य और स्वच्छ वातावरण की जिम्मेदारी हम सभी की है।
कृपया जनहित में शीघ्र आवश्यक कार्रवाई करें।
    user_पत्रकारिता
    पत्रकारिता
    बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • उमरिया बाजार में रही भीड़भाड़ पुलिस प्रशासन की व्यवस्था में रही कड़ी नजर मध्य प्रदेश, उमरिया। दीपावली के पावन पर्व को लेकर उमरिया नगर के बाजारों में रौनक देखते ही बन रही है। त्योहार के अवसर पर खरीदारी करने के लिए बाजारों में लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। शहर के मुख्य बाजारों सहित कपड़ा, सराफा, बर्तन, मिठाई, इलेक्ट्रॉनिक और सजावट की दुकानों पर सुबह से ही ग्राहकों की चहल-पहल बनी रही। दीपावली को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। महिलाएं, पुरुष और बच्चे बड़ी संख्या में बाजार पहुंचकर अपनी जरूरत के सामान की खरीदारी करते नजर आए। दुकानों पर रंग-बिरंगी झालरें, दीपक, मोमबत्तियां, पूजा सामग्री, मिठाइयां, पटाखे और आकर्षक सजावटी सामान लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे। त्योहार के चलते बाजारों में कई जगह खचाखच भीड़ देखने को मिली। दुकानदारों के चेहरों पर भी अच्छी बिक्री की उम्मीद से खुशी नजर आई। वहीं, भीड़ के कारण मुख्य मार्गों और बाजार क्षेत्रों में आवागमन भी प्रभावित होता रहा। दीपावली के इस उत्सवी माहौल में पूरा उमरिया नगर रोशनी और खुशियों के रंग में रंगा नजर आया। लोगों ने अपने परिवार के साथ खरीदारी कर दीपावली की तैयारियों को अंतिम रूप दिया। कुल मिलाकर दीपावली के अवसर पर उमरिया का बाजार देर रात तक रौनक से गुलजार रहा।
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    उमरिया बाजार में रही भीड़भाड़ पुलिस प्रशासन की व्यवस्था में रही कड़ी नजर
मध्य प्रदेश, उमरिया। दीपावली के पावन पर्व को लेकर उमरिया नगर के बाजारों में रौनक देखते ही बन रही है।
त्योहार के अवसर पर खरीदारी करने के लिए बाजारों में लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। शहर के मुख्य बाजारों सहित कपड़ा, सराफा, बर्तन, मिठाई, इलेक्ट्रॉनिक और सजावट की दुकानों पर सुबह से ही ग्राहकों की चहल-पहल बनी रही।
दीपावली को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। महिलाएं, पुरुष और बच्चे बड़ी संख्या में बाजार पहुंचकर अपनी जरूरत के सामान की खरीदारी करते नजर आए। दुकानों पर रंग-बिरंगी झालरें, दीपक, मोमबत्तियां, पूजा सामग्री, मिठाइयां, पटाखे और आकर्षक सजावटी सामान लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे।
त्योहार के चलते बाजारों में कई जगह खचाखच भीड़ देखने को मिली। दुकानदारों के चेहरों पर भी अच्छी बिक्री की उम्मीद से खुशी नजर आई। वहीं, भीड़ के कारण मुख्य मार्गों और बाजार क्षेत्रों में आवागमन भी प्रभावित होता रहा।
दीपावली के इस उत्सवी माहौल में पूरा उमरिया नगर रोशनी और खुशियों के रंग में रंगा नजर आया। लोगों ने अपने परिवार के साथ खरीदारी कर दीपावली की तैयारियों को अंतिम रूप दिया। कुल मिलाकर दीपावली के अवसर पर उमरिया का बाजार देर रात तक रौनक से गुलजार रहा।
    user_ब्यूरो चीफ/बाल्मीक यादव
    ब्यूरो चीफ/बाल्मीक यादव
    बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने जिलेवासियों को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं दीं कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने डिंडौरी जिले के समस्त नागरिकों को दीपावली पर्व की शुभकामनाएं देते हुए सभी के जीवन में सुख, समृद्धि, खुशहाली एवं नई रोशनी की कामना की। उन्होंने प्रेम, सद्भाव और भाईचारे के साथ पर्व मनाने तथा जिले को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
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    कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने जिलेवासियों को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं दीं

कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने डिंडौरी जिले के समस्त नागरिकों को दीपावली पर्व की शुभकामनाएं देते हुए सभी के जीवन में सुख, समृद्धि, खुशहाली एवं नई रोशनी की कामना की। उन्होंने प्रेम, सद्भाव और भाईचारे के साथ पर्व मनाने तथा जिले को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
    user_Neeraj rajak
    Neeraj rajak
    Voice of people डिंडोरी, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • पर्यावरण संरक्षण का महासंकल्प: 222वें रविवार को भी जारी रहा * पौधारोपण महाअभियान, करौंदी में रोपे गए नींबू के पौधे* शहपुरा :- पर्यावरण संरक्षण और धरती को हरा-भरा बनाने के संकल्प के साथ चलाया जा रहा पौधारोपण महाअभियान अपने लगातार 222वें रविवार को भी पूरी ऊर्जा और उत्साह के साथ जारी रहा। इस साप्ताहिक अभियान की कड़ी में आज "श्री राम जानकी वाटिका, करौंदी" में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहाँ फलदार नींबू के पौधों का रोपण किया गया। नन्हे हाथों ने थामा प्रकृति का साथ इस बार का कार्यक्रम बेहद अनूठा और प्रेरणादायक रहा, क्योंकि इसमें भावी पीढ़ी ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। अभियान के दौरान नन्हे बच्चे हर्षवर्धन, सुभी और अभिनंदन विशेष रूप से मौजूद रहे। इन बच्चों ने न केवल उत्साहपूर्वक पौधे लगाए, बल्कि पर्यावरण को बचाने और पौधों की देखभाल करने का संकल्प भी लिया। बच्चों की इस भागीदारी ने वहाँ मौजूद सभी लोगों का दिल जीत लिया।अधिवक्ता निर्मल कुमार साहू की अगुवाई में सफल रहा कार्यक्रम इस गरिमामयी कार्यक्रम में टीम के सचिव और अधिवक्ता निर्मल कुमार साहू मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने बच्चों के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों में बचपन से ही प्रकृति के प्रति प्रेम जगाना बेहद जरूरी है।
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    पर्यावरण संरक्षण का  महासंकल्प: 222वें रविवार को भी जारी रहा
* पौधारोपण महाअभियान, करौंदी में रोपे गए नींबू के पौधे*
शहपुरा  :- पर्यावरण संरक्षण और धरती को हरा-भरा बनाने के संकल्प के साथ चलाया जा रहा पौधारोपण महाअभियान अपने लगातार 222वें रविवार को भी पूरी ऊर्जा और उत्साह के साथ जारी रहा। 
इस साप्ताहिक अभियान की कड़ी में आज "श्री राम जानकी वाटिका, करौंदी" में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहाँ फलदार नींबू के पौधों का रोपण किया गया।
नन्हे हाथों ने थामा प्रकृति का साथ इस बार का कार्यक्रम बेहद अनूठा और प्रेरणादायक रहा, क्योंकि इसमें भावी पीढ़ी ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। अभियान के दौरान नन्हे बच्चे हर्षवर्धन, सुभी और अभिनंदन विशेष रूप से मौजूद रहे।
इन बच्चों ने न केवल उत्साहपूर्वक पौधे लगाए, बल्कि पर्यावरण को बचाने और पौधों की देखभाल करने का संकल्प भी लिया। बच्चों की इस भागीदारी ने वहाँ मौजूद सभी लोगों का दिल जीत लिया।अधिवक्ता निर्मल कुमार साहू की अगुवाई में सफल रहा कार्यक्रम इस गरिमामयी कार्यक्रम में टीम के सचिव और अधिवक्ता निर्मल कुमार साहू मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
उन्होंने बच्चों के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों में बचपन से ही प्रकृति के प्रति प्रेम जगाना बेहद जरूरी है।
    user_Sharda Prasad Namdeo
    Sharda Prasad Namdeo
    शाहपुरा, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
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