जयपुर में लापरवाही की हद पार: मिनी लोडिंग टेम्पो में डेढ़ दर्जन से अधिक सवारियां राजधानी जयपुर में यातायात नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। शहर की सड़कों पर एक बार फिर खतरनाक लापरवाही सामने आई है, जहां एक मिनी लोडिंग टेम्पो में क्षमता से कहीं अधिक, डेढ़ दर्जन से ज्यादा यात्रियों को ठूंस-ठूंसकर बैठाया गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस प्रकार की ओवरलोडिंग शहर के कई इलाकों में आम हो चुकी है, लेकिन पुलिस और प्रशासन इस पर कोई ठोस कार्रवाई करते नजर नहीं आ रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि ऐसे वाहन बेखौफ होकर सड़कों पर दौड़ रहे हैं और जिम्मेदार विभाग आंखें मूंदे बैठे हैं। गौरतलब है कि जयपुर की टनल और अन्य व्यस्त मार्गों पर पहले भी कई भीषण सड़क हादसे हो चुके हैं, जिनमें कई लोगों की जान जा चुकी है। हर हादसे के बाद कुछ दिनों तक पुलिस की सख्ती जरूर देखने को मिलती है, लेकिन समय बीतते ही हालात फिर जस के तस हो जाते हैं। इस लापरवाही को देखते हुए अब बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि क्या पुलिस और प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं? यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में कोई गंभीर दुर्घटना होने से इंकार नहीं किया जा सकता।
जयपुर में लापरवाही की हद पार: मिनी लोडिंग टेम्पो में डेढ़ दर्जन से अधिक सवारियां राजधानी जयपुर में यातायात नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। शहर की सड़कों पर एक बार फिर खतरनाक लापरवाही सामने आई है, जहां एक मिनी लोडिंग टेम्पो में क्षमता से कहीं अधिक, डेढ़ दर्जन से ज्यादा यात्रियों को ठूंस-ठूंसकर बैठाया गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस प्रकार की ओवरलोडिंग शहर के कई इलाकों में आम हो चुकी है, लेकिन पुलिस और प्रशासन इस पर कोई ठोस कार्रवाई करते नजर नहीं आ रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि ऐसे वाहन बेखौफ होकर सड़कों पर दौड़ रहे हैं और जिम्मेदार विभाग आंखें मूंदे बैठे हैं। गौरतलब है कि जयपुर की टनल और अन्य व्यस्त मार्गों पर पहले भी कई भीषण सड़क हादसे हो चुके हैं, जिनमें कई लोगों की जान जा चुकी है। हर हादसे के बाद कुछ दिनों तक पुलिस की सख्ती जरूर देखने को मिलती है, लेकिन समय बीतते ही हालात फिर जस के तस हो जाते हैं। इस लापरवाही को देखते हुए अब बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि क्या पुलिस और प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं? यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में कोई गंभीर दुर्घटना होने से इंकार नहीं किया जा सकता।
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- ग्राम पंचायत हस्तेदा में काफी टाइम से कचरा पड़ा है जिसको खा कर गोमाता अपने प्राण त्याग रही है पंचायत को काफी टाइम से अवगत कराया है लेकिन पंचायत को कोई मतलब नहीं है बाल गोपाल गोरक्षक टीम ने पंचायत को अवगत करवाया मीडिया के जरिए दिखाया न्यू में डलवाया फिर भी गवर्मेंट मोन है विकास नहीं चाहिए सर गोमाता के लिए घर अति आवश्यक है पंचायत में काफी टाइम पहले नंदी घर था जिसको तुड़वाकर गवर्मेंट ने पंचायत भवन बनवा दिया इनको बेसरा कर दिया 15 साल से गोमाता कचरा खा रही हैं ये कहानी ग्राम पंचायत हस्तेड़ा की जहां पर mla मंत्री जज ci SP जैसी पोस्ट के बन्दे भी है फिर भी उनको मतलब नहीं है गोमाता प्राण नहीं संसार का प्राण है गो माता जानवर नहीं देश की जान है1
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- महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का दौरा प्रस्तावित, इसको लेकर पंचायत समिति स्थित सभागार में विधायक भागचंद टांकड़ा ने विभागवार बैठक ली, बैठक में बांदीकुई, बसवा SDM सहित तमाम विभागों के अधिकारी भी रहे मौजूद, विभिन्न विभागों से जुड़े लोकार्पण-शिलान्यास कार्यों को लेकर विधायक ने अधिकारियों से ली जानकारी, PWD, नगर पालिका, बिजली, सिंचाई, स्वास्थ्य व शिक्षा विभाग से जुड़े अधिकारी बैठक में रहे मौजूद, बांधों के निर्माण, सड़क, और 33 केवी सब स्टेशन सहित, अनेक विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण किया जाएगा, वहीं सीएम के आगमन को लेकर राजेश पायलट कॉलेज में बनाया जाएगा हेलीपैड, विधायक भागचंद सैनी टांकड़ा ने महाविद्यालय पहुंच कर व्यवस्थाओं को लेकर दिये निर्देश, इस मौके पर SDM रामसिंह राजावत, रविकांत मीना, तहसीलदार राजेश सैनी, अनु शर्मा, प्राचार्य बजरंग लाल सैनी सहित अन्य अधिकारी रहे उपस्थित1
- ग्राम विकास अधिकारियों ने किया आज आंदोलन का आगाज । दौसा। राजस्थान ग्राम विकास अधिकारी संघ के प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर आज संपूर्ण राजस्थान में प्रत्येक ज़िला मुख्यालय पर ज़िला कलेक्टर एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी के नाम माननीय मुख्यमंत्री महोदय,मुख्य सचिव महोदय, माननीय केबिनेट मंत्री मदन दिलावर पंचायत राज एवं शासन सचिव पंचायत राज के नाम ग्राम विकास अधिकारी संघ ने ज्ञापन सौंपे। इसी कड़ी में दौसा जिले में जिला अध्यक्ष जगदीश दुर्गेश, संभाग मंत्री पुरुषोत्तम पाराशर एवं जिला मंत्री मुकेश चन्द मीना के नेतृत्व में जिला कलेक्टर एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद दौसा को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन से पूर्व नारे लगा कर ज़ोर दार विरोध प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष जगदीश दुर्गेश ने बताया कि ग्राम विकास अधिकारी संवर्ग की विगत 6 वर्षों से पदोन्नतियां नहीं की जा रही है विभाग के कुछ अधिकारियों एवं कर्मचारियों के द्वारा षडयंत्र पूर्वक ग्राम विकास अधिकारी संवर्ग की पदोन्नतियां रोकी गई है जिला मंत्री मुकेश चन्द मीना एचेडी ने बताया कि पंचायती राज विभाग के मंत्री मदन दिलावर के द्वारा बार-बार निर्देश देने के बाद भी ग्राम विकास अधिकारी,सहायक विकास अधिकारी,अतिरिक्त विकास अधिकारी एवं विकास अधिकारी संवर्ग की पदोन्नतियां नहीं की जा रही है। संभाग मंत्री पुरुषोत्तम पाराशर ने बताया कि ग्राम विकास अधिकारी संवर्ग की 6 वर्षों की लगभग 2000 पदोन्नतियां लंबित है l जिसके कारण ग्राम विकास अधिकारी संघ ने आज 23 मार्च को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन करते हुए पदोन्नति नहीं तो काम नहीं आंदोलन का ज्ञापन दिया है तथा प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर 8 अप्रैल को मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा । इस दौरान ज़िला कोषाध्यक्ष भगवान स्वरूप जैमिनी, संगठन मंत्री गोपाल कृष्ण शर्मा, विशिष्ट आमंत्रित सदस्य मुकेश कुमार मीना,ब्लॉक अध्यक्ष हिमांशु कुशवाहा मंडावर,ब्लॉक अध्यक्ष महवा भूपाल मीना,ब्लॉक अध्यक्ष सिकंदरा अवधेश गुर्जर, ब्लॉक अध्यक्ष सिकराय चेतराम मीना,ब्लॉक अध्यक्ष बांदीकुई सरदार सिंह गुर्जर,ब्लॉक अध्यक्ष बसवा हेतराम मीना, ब्लॉक अध्यक्ष बैजूपाड़ा हनुमान गुर्जर,ब्लॉक अध्यक्ष नांगल राजावतान अनिल कुमार बंसल, ब्लॉक अध्यक्ष लवान सुभाष डाबोलिया,ब्लॉक अध्यक्ष रामगढ़ पचवारा छोटे लाल बैरवा,ब्लॉक अध्यक्ष लालसोट मुकेश कुमार मीना एवं ब्लॉक अध्यक्ष दौसा लोकेश कुमार गुर्जर,रामावतार गुर्जर, मुकेश कुमार शर्मा,फरियाद अली, अनुज गुप्ता,श्रवण लाल मीना, प्रशांत शर्मा, मनीष कुमार मीना, राजवीर मीना,मनोज मीना, अनिल कुमार शर्मा,राजसिंह तंवर,मनमोहित मीना, गणेश विजय, इंद्राज सैनी,अभिषेक मीना, दीपक शर्मा,उमंग उपाध्याय,सुमन मीना, रुपंती मीना,कैलाशी मीना,शोबाई मीना,रेखा गुर्जर,सीमा मीना सहित सैकड़ों ग्राम विकास अधिकारी जगदीश दुर्गेश जिलाध्यक्ष मुकेश चन्द मीना एचेडी जिला महामंत्री राजस्थान ग्राम विकास अधिकारी संघ दौसा एवं सभी साथी उपस्थित रहे।4
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- राजधानी जयपुर में यातायात नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। शहर की सड़कों पर एक बार फिर खतरनाक लापरवाही सामने आई है, जहां एक मिनी लोडिंग टेम्पो में क्षमता से कहीं अधिक, डेढ़ दर्जन से ज्यादा यात्रियों को ठूंस-ठूंसकर बैठाया गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस प्रकार की ओवरलोडिंग शहर के कई इलाकों में आम हो चुकी है, लेकिन पुलिस और प्रशासन इस पर कोई ठोस कार्रवाई करते नजर नहीं आ रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि ऐसे वाहन बेखौफ होकर सड़कों पर दौड़ रहे हैं और जिम्मेदार विभाग आंखें मूंदे बैठे हैं। गौरतलब है कि जयपुर की टनल और अन्य व्यस्त मार्गों पर पहले भी कई भीषण सड़क हादसे हो चुके हैं, जिनमें कई लोगों की जान जा चुकी है। हर हादसे के बाद कुछ दिनों तक पुलिस की सख्ती जरूर देखने को मिलती है, लेकिन समय बीतते ही हालात फिर जस के तस हो जाते हैं। इस लापरवाही को देखते हुए अब बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि क्या पुलिस और प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं? यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में कोई गंभीर दुर्घटना होने से इंकार नहीं किया जा सकता।1
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