मंच तोड़’ स्वागत, और हरीश द्विवेदी जी की ‘भारी’ लोकप्रियता! 🏗️💥 भाजपा के नवनियुक्त राष्ट्रीय महामंत्री हरीश द्विवेदी जी की लोकप्रियता का ग्राफ इन दिनों इतना ‘भारी’ हो चुका है कि लकड़ी और लोहे के बने मंच भी उनके स्वागत का वजन सह नहीं पा रहे हैं! अयोध्या के साकेत पुरी मोड़ पर पूर्व महानगर अध्यक्ष अभिषेक मिश्रा जी ने महामंत्री जी के भव्य स्वागत के लिए एक शानदार मंच तैयार कराया था। लेकिन, समर्थकों के उत्साह और 'भक्ति' का अतिरेक ऐसा हुआ कि मंच ने बीच में ही अपने घुटने टेक दिए और कड़ाक से टूट गया! गनीमत यह रही कि हरीश द्विवेदी जी और उनके साथ मंच पर मौजूद नेता बाल-बाल बच गए! वरना स्वागत समारोह का जायका तो बिगड़ता ही, साथ में नेताओं की कमर और घुटने की सिकाई का अलग से इंतजाम करना पड़ता। 🏥😅 लेकिन, इस घटना में सबसे मजेदार पहलू इसका 'इतिहास' है! राजनीति के पंडित भी अब हैरान हैं कि हरीश जी जहां भी कदम रखते हैं, वहां का मंच अचानक 'आत्मसमर्पण' क्यों कर देता है? अभी कुछ ही दिन पहले बाराबंकी में भी उनके स्वागत के दौरान मंच चरचराकर टूट गिरा था। अब अयोध्या के हाईवे पर भी वही 'इतिहास' दोहरा दिया गया! मतलब साफ है— हरीश जी को पद मिलते ही समर्थकों में ऐसा 'ओवरलोड जोश' आ गया है कि ठेकेदार का बनाया ढांचा नेताओं के वजन के आगे पस्त हो जा रहा है। अभिषेक मिश्रा जी ने तो सोचा था कि बड़ा सा मंच बनाकर राष्ट्रीय महामंत्री जी का 'ओपनिंग जलवा' दिखाएंगे, पर मंच ने ऐसा धोखा दिया कि नेता जी का स्वागत 'एडवेंचर स्पोर्ट्स' में तब्दील हो गया! 🪂🎪 खैर, इसे कहते हैं 'अति-उत्साही राजनीति'! हरीश द्विवेदी जी को अब किसी भी कार्यक्रम में जाने से पहले समर्थकों से ज्यादा अपने सुरक्षाकर्मियों को यह हिदायत देनी पड़ेगी कि "भैया, हार-फूल बाद में पहनाना, पहले कोई मजबूत और सॉलिड मंच ढूंढकर लाओ!" अब देखना यह है कि अगली बार किसी जिले में उनके स्वागत के लिए लकड़ी का मंच बनता है, या फिर आयोजक सीधे जमीन पर खड़े होकर 'सुरक्षित स्वागत' करने में ही अपनी भलाई समझते हैं! 🤫👇
मंच तोड़’ स्वागत, और हरीश द्विवेदी जी की ‘भारी’ लोकप्रियता! 🏗️💥 भाजपा के नवनियुक्त राष्ट्रीय महामंत्री हरीश द्विवेदी जी की लोकप्रियता का ग्राफ इन दिनों इतना ‘भारी’ हो चुका है कि लकड़ी और लोहे के बने मंच भी उनके स्वागत का वजन सह नहीं पा रहे हैं! अयोध्या के साकेत पुरी मोड़ पर पूर्व महानगर अध्यक्ष अभिषेक मिश्रा जी ने महामंत्री जी के भव्य स्वागत के लिए एक शानदार मंच तैयार कराया था। लेकिन, समर्थकों के उत्साह और 'भक्ति' का अतिरेक ऐसा हुआ कि मंच ने बीच में ही अपने घुटने टेक दिए और कड़ाक से टूट गया! गनीमत यह रही कि हरीश द्विवेदी जी और उनके साथ मंच पर मौजूद नेता बाल-बाल बच गए! वरना स्वागत समारोह का जायका तो बिगड़ता ही, साथ में नेताओं की कमर और घुटने की सिकाई का अलग से इंतजाम करना पड़ता। 🏥😅 लेकिन, इस घटना में सबसे मजेदार पहलू इसका 'इतिहास' है! राजनीति के पंडित भी अब हैरान हैं कि हरीश जी जहां भी कदम रखते हैं, वहां का मंच अचानक 'आत्मसमर्पण' क्यों कर देता है? अभी कुछ ही दिन पहले बाराबंकी में भी उनके स्वागत के दौरान मंच चरचराकर टूट गिरा था। अब अयोध्या के हाईवे पर भी वही 'इतिहास' दोहरा दिया गया! मतलब साफ है— हरीश जी को पद मिलते ही समर्थकों में ऐसा 'ओवरलोड जोश' आ गया है कि ठेकेदार का बनाया ढांचा नेताओं के वजन के आगे पस्त हो जा रहा है। अभिषेक मिश्रा जी ने तो सोचा था कि बड़ा सा मंच बनाकर राष्ट्रीय महामंत्री जी का 'ओपनिंग जलवा' दिखाएंगे, पर मंच ने ऐसा धोखा दिया कि नेता जी का स्वागत 'एडवेंचर स्पोर्ट्स' में तब्दील हो गया! 🪂🎪 खैर, इसे कहते हैं 'अति-उत्साही राजनीति'! हरीश द्विवेदी जी को अब किसी भी कार्यक्रम में जाने से पहले समर्थकों से ज्यादा अपने सुरक्षाकर्मियों को यह हिदायत देनी पड़ेगी कि "भैया, हार-फूल बाद में पहनाना, पहले कोई मजबूत और सॉलिड मंच ढूंढकर लाओ!" अब देखना यह है कि अगली बार किसी जिले में उनके स्वागत के लिए लकड़ी का मंच बनता है, या फिर आयोजक सीधे जमीन पर खड़े होकर 'सुरक्षित स्वागत' करने में ही अपनी भलाई समझते हैं! 🤫👇
- बस्ती जिले के बहादुरपुर ब्लॉक स्थित ग्राम पंचायत दौलतचक में ₹3 करोड़ के बड़े घोटाले का मामला सामने आया है, जहाँ विकास कार्यों के नाम पर खुलेआम लूट और धांधली चल रही है। वायरल हो रहे एक ऑडियो ने पंचायत के भीतर चल रहे भ्रष्टाचार की पोल खोल दी है, जिसमें पीड़ित शंकर से रोजगार सेवक और प्रधान के भतीजे घनश्याम चौधरी द्वारा धौंस जमाकर मनमानी और वसूली करने की बात सामने आ रही है। हालात यह हैं कि ग्राम प्रधान के भाई और भतीजों की तानाशाही अपने चरम पर है और आम जनता त्रस्त है। जनता के हक का पैसा इस तरह डकारने वालों के खिलाफ अब न्याय की पुरजोर मांग उठ रही है। जिला प्रशासन और पुलिस अधीक्षक महोदय बस्ती से तत्काल यह अपेक्षा है कि इस वायरल ऑडियो और पूरे घोटाले का संज्ञान लें, निष्पक्ष जाँच कराएं और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करें। #Corruption #Daulatchak #JusticeForShankar #Investigation #BastiNews #UPNews #GramPanchayat #Bhrashtachar1
- कौशांबी पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट का मामला- ...... कौशांबी पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट का मामला- पुलिस के मुताबिक, विस्फोट से पूरी फैक्ट्री जमींदोज हो गई है 50 मीटर के दायरे में आसपास के 5 से 7 मकान भी टूट गए हैं1
- अयोध्या राम पथ रोड पर थोड़ी सी ही बरसात में राम पथ भर जाता है, सीवर से ओवरफ्लो पानी उल्टा बाहर आने लगता है और यह नहीं पता लगता कि विकास डूब रहा है या जनता के टैक्स का पैसा डूब रहा है।1
- अयोध्या में श्री राम मंदिर के पहले सीईओ के लिए तीन नामों पर मोहर लग गई अयोध्या में श्री राम मंदिर के पहले सीईओ के लिए तीन नामों पर मोहर लग गई है। तीनों नामों को चयन समिति राम मंदिर ट्रस्ट को सौंपेगी। फिलहाल कल मणिराम दास छावनी में होने वाली बैठक में राम मंदिर के पहले सीईओ का चयन होगा। बैठक के लिए चयन समिति के पदाधिकारी प्रमोद कोहली, विष्णुकांत चतुर्वेदी और सुरेश हावड़े अयोध्या पहुंच चुके हैं। जानकारी के मुताबिक राम मंदिर ट्रस्ट जगदीश आपले राम। मंदिर ट्रस्ट के पहले सचिव होंगे। इसके अलावा राम मंदिर ट्रस्ट में रिक्त चल रहे पदाधिकारी पद पर भी कल आधिकारिक तौर पर नियुक्ति होगी। बता दें कि चढ़ावा चोरी मामले के बाद ट्रस्ट के पूर्व महासचिव रहे चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे के बाद से दो महत्वपूर्ण पद रिक्त चल रहे हैं। वहीं बीते दिनों राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य राजा अयोध्या विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र के निधन के बाद से भी पद खाली है। जिसे कुल तीन पदों को लेकर कल आधिकारिक तौर पर नामों की घोषणा हो सकती है। राम मंदिर ट्रस्ट में राजा विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र के बेटे साहित्यकार पेंद्र मिश्र शामिल हो सकते हैं और इसके अलावा बीएचपी के अंतरराष्ट्रीय महासचिव बजरंग लाल बांगड़ा भी शामिल हो सकते है।1
- रामघाट हाल्ट के चौधरी चरण सिंह घाट पर दिखा घड़ियाल, मचा हड़कंप। शाम करीब 6 बजे दिखा, प्रशासन को दी गई सूचना। अयोध्या। सरयू नदी के रामघाट हाल्ट स्थित चौधरी चरण सिंह घाट पर मंगलवार शाम करीब 6 बजे घड़ियाल देखा गया। घड़ियाल दिखने से घाट पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना प्रशासन को दे दी है।1
- अयोध्या नगर निगम अंतर्गत नगर कोतवाली अंतर्गत सिविल लाइन स्थित लक्ष्मी मिठाई की दुकान में लगी दिखी भीषण आग,विद्युत शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका,लोग अपने मोबाइल से जलती आग का वीडियो बनाते नजर आए,शहर के फायर ब्रिगेड दस्ते द्वारा मौके पर पहुंचकर,आग बुझाने का मोर्चा संभाला गया,आग लगने से दुकान में लाखों रुपए के नुकसान की आशंका लगाई जा रही है।1
- अयोध्या के लक्ष्मी स्वीट हाउस में लगी भीषण आग, लाखों का सामान जलकर राख ब्रेकिंग अयोध्या लक्ष्मी स्वीट हाउस में लगी भीषण आग, लाखों का सामान जलकर राख। सिविल लाइन क्षेत्र स्थित लक्ष्मी स्वीट हाउस में लगी भीषण आग। शॉर्ट सर्किट से आग लगने की शुरुआती जानकारी। घटना के समय बंद थी दुकान, देखते ही देखते पूरी दुकान आग की चपेट में आ गई। आग की लपटें देखकर आसपास के लोगों में मची अफरा-तफरी। स्थानीय लोगों ने अग्निशमन अधिकारी एमपी सिंह को किया फोन, मोबाइल स्विच ऑफ बताया। इसके बाद सीओ सिटी श्रेयश त्रिपाठी को दी गई आग की सूचना। मौके पर पहुंचे सीओ सिटी श्रेयश त्रिपाठी और अग्निशमन अधिकारी महेंद्र प्रताप सिंह। स्थानीय लोगों के मुताबिक, सूचना के करीब 15 से 20 मिनट बाद पहुंची दमकल टीम। दमकल टीम के पहुंचने तक पूरी दुकान को अपनी चपेट में ले चुकी थी आग। दुकान संचालक रोहित माखेजा के मुताबिक, पिता के निधन के कारण बंद थी दुकान। आग की सूचना पत्रकारों के माध्यम से मिली, मौके पर पहुंचने पर जलकर राख मिला पूरा सामान। आग की घटना में लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान। पूरी घटना कोतवाली नगर क्षेत्र की।2
- मंच तोड़’ स्वागत, और हरीश द्विवेदी जी की ‘भारी’ लोकप्रियता! 🏗️💥 भाजपा के नवनियुक्त राष्ट्रीय महामंत्री हरीश द्विवेदी जी की लोकप्रियता का ग्राफ इन दिनों इतना ‘भारी’ हो चुका है कि लकड़ी और लोहे के बने मंच भी उनके स्वागत का वजन सह नहीं पा रहे हैं! अयोध्या के साकेत पुरी मोड़ पर पूर्व महानगर अध्यक्ष अभिषेक मिश्रा जी ने महामंत्री जी के भव्य स्वागत के लिए एक शानदार मंच तैयार कराया था। लेकिन, समर्थकों के उत्साह और 'भक्ति' का अतिरेक ऐसा हुआ कि मंच ने बीच में ही अपने घुटने टेक दिए और कड़ाक से टूट गया! गनीमत यह रही कि हरीश द्विवेदी जी और उनके साथ मंच पर मौजूद नेता बाल-बाल बच गए! वरना स्वागत समारोह का जायका तो बिगड़ता ही, साथ में नेताओं की कमर और घुटने की सिकाई का अलग से इंतजाम करना पड़ता। 🏥😅 लेकिन, इस घटना में सबसे मजेदार पहलू इसका 'इतिहास' है! राजनीति के पंडित भी अब हैरान हैं कि हरीश जी जहां भी कदम रखते हैं, वहां का मंच अचानक 'आत्मसमर्पण' क्यों कर देता है? अभी कुछ ही दिन पहले बाराबंकी में भी उनके स्वागत के दौरान मंच चरचराकर टूट गिरा था। अब अयोध्या के हाईवे पर भी वही 'इतिहास' दोहरा दिया गया! मतलब साफ है— हरीश जी को पद मिलते ही समर्थकों में ऐसा 'ओवरलोड जोश' आ गया है कि ठेकेदार का बनाया ढांचा नेताओं के वजन के आगे पस्त हो जा रहा है। अभिषेक मिश्रा जी ने तो सोचा था कि बड़ा सा मंच बनाकर राष्ट्रीय महामंत्री जी का 'ओपनिंग जलवा' दिखाएंगे, पर मंच ने ऐसा धोखा दिया कि नेता जी का स्वागत 'एडवेंचर स्पोर्ट्स' में तब्दील हो गया! 🪂🎪 खैर, इसे कहते हैं 'अति-उत्साही राजनीति'! हरीश द्विवेदी जी को अब किसी भी कार्यक्रम में जाने से पहले समर्थकों से ज्यादा अपने सुरक्षाकर्मियों को यह हिदायत देनी पड़ेगी कि "भैया, हार-फूल बाद में पहनाना, पहले कोई मजबूत और सॉलिड मंच ढूंढकर लाओ!" अब देखना यह है कि अगली बार किसी जिले में उनके स्वागत के लिए लकड़ी का मंच बनता है, या फिर आयोजक सीधे जमीन पर खड़े होकर 'सुरक्षित स्वागत' करने में ही अपनी भलाई समझते हैं! 🤫👇1