अमोलपाठा में शराब दुकान के विरोध में प्रदर्शन, महिला-पुरुषों पर पुलिस पर पथराव और डंडे फेंकने का आरोप करैरा/शिवपुरी। करैरा क्षेत्र के ग्राम अमोलपाठा में शराब दुकान को लेकर महिलाओं का विरोध प्रदर्शन उस समय तनावपूर्ण हो गया, जब प्रदर्शन के दौरान कुछ महिला एवं पुरुषों द्वारा पुलिस बल पर पथराव और डंडे फेंककर हमला करने का आरोप सामने आया। बताया जा रहा है कि अचानक हुए इस घटनाक्रम में पुलिसकर्मियों ने बचाव करते हुए स्थिति को संभालने का प्रयास किया। शराब दुकान बंद कराने की मांग को लेकर बड़ी संख्या में महिलाएं मौके पर पहुंचीं। महिलाओं का कहना है कि गांव में शराब की बिक्री से परिवारों और सामाजिक वातावरण पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। इसी मांग को लेकर महिलाओं ने शराब दुकान हटाने की मांग करते हुए विरोध जताया। इसी दौरान प्रदर्शन कर रहे कुछ लोगों और पुलिस के बीच स्थिति बिगड़ने की बात सामने आई। पुलिस का आरोप है कि महिला एवं पुरुषों की ओर से पुलिस बल पर पथराव किया गया तथा डंडे फेंककर मारे गए। अचानक हुए हमले से पुलिसकर्मियों में अफरा-तफरी मच गई और पुलिस बल ने खुद को बचाते हुए स्थिति को नियंत्रित किया। घटना में कुछ पुलिसकर्मियों के घायल होने की जानकारी सामने आ रही है, हालांकि घायलों की संख्या और चोटों की स्थिति की आधिकारिक पुष्टि संबंधित पुलिस अधिकारियों की जानकारी के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। घटना के बाद अमोलपाठा क्षेत्र में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने मौके पर व्यवस्था संभाली। पुलिस द्वारा पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई जा रही है और यह भी जांच की जा रही है कि पथराव एवं पुलिस पर हमला किन परिस्थितियों में हुआ तथा इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे। महिलाओं की मुख्य मांग शराब दुकान को हटाने अथवा बंद कराने की है। वहीं पुलिस पर पथराव की घटना सामने आने के बाद मामला कानून-व्यवस्था के दृष्टिकोण से भी गंभीर हो गया है। अब देखना होगा कि प्रशासन और आबकारी विभाग शराब दुकान को लेकर क्या निर्णय लेते हैं तथा पुलिस पर हमले के मामले में क्या कार्रवाई की जाती है। अमोलपाठा में शराब दुकान के विरोध में प्रदर्शन, महिला-पुरुषों पर पुलिस पर पथराव और डंडे फेंकने का आरोप करैरा/शिवपुरी। करैरा क्षेत्र के ग्राम अमोलपाठा में शराब दुकान को लेकर महिलाओं का विरोध प्रदर्शन उस समय तनावपूर्ण हो गया, जब प्रदर्शन के दौरान कुछ महिला एवं पुरुषों द्वारा पुलिस बल पर पथराव और डंडे फेंककर हमला करने का आरोप सामने आया। बताया जा रहा है कि अचानक हुए इस घटनाक्रम में पुलिसकर्मियों ने बचाव करते हुए स्थिति को संभालने का प्रयास किया। शराब दुकान बंद कराने की मांग को लेकर बड़ी संख्या में महिलाएं मौके पर पहुंचीं। महिलाओं का कहना है कि गांव में शराब की बिक्री से परिवारों और सामाजिक वातावरण पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। इसी मांग को लेकर महिलाओं ने शराब दुकान हटाने की मांग करते हुए विरोध जताया। इसी दौरान प्रदर्शन कर रहे कुछ लोगों और पुलिस के बीच स्थिति बिगड़ने की बात सामने आई। पुलिस का आरोप है कि महिला एवं पुरुषों की ओर से पुलिस बल पर पथराव किया गया तथा डंडे फेंककर मारे गए। अचानक हुए हमले से पुलिसकर्मियों में अफरा-तफरी मच गई और पुलिस बल ने खुद को बचाते हुए स्थिति को नियंत्रित किया। घटना में कुछ पुलिसकर्मियों के घायल होने की जानकारी सामने आ रही है, हालांकि घायलों की संख्या और चोटों की स्थिति की आधिकारिक पुष्टि संबंधित पुलिस अधिकारियों की जानकारी के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। घटना के बाद अमोलपाठा क्षेत्र में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने मौके पर व्यवस्था संभाली। पुलिस द्वारा पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई जा रही है और यह भी जांच की जा रही है कि पथराव एवं पुलिस पर हमला किन परिस्थितियों में हुआ तथा इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे। महिलाओं की मुख्य मांग शराब दुकान को हटाने अथवा बंद कराने की है। वहीं पुलिस पर पथराव की घटना सामने आने के बाद मामला कानून-व्यवस्था के दृष्टिकोण से भी गंभीर हो गया है। अब देखना होगा कि प्रशासन और आबकारी विभाग शराब दुकान को लेकर क्या निर्णय लेते हैं तथा पुलिस पर हमले के मामले में क्या कार्रवाई की जाती है।
अमोलपाठा में शराब दुकान के विरोध में प्रदर्शन, महिला-पुरुषों पर पुलिस पर पथराव और डंडे फेंकने का आरोप करैरा/शिवपुरी। करैरा क्षेत्र के ग्राम अमोलपाठा में शराब दुकान को लेकर महिलाओं का विरोध प्रदर्शन उस समय तनावपूर्ण हो गया, जब प्रदर्शन के दौरान कुछ महिला एवं पुरुषों द्वारा पुलिस बल पर पथराव और डंडे फेंककर हमला करने का आरोप सामने आया। बताया जा रहा है कि अचानक हुए इस घटनाक्रम में पुलिसकर्मियों ने बचाव करते हुए स्थिति को संभालने का प्रयास किया। शराब दुकान बंद कराने की मांग को लेकर बड़ी संख्या में महिलाएं मौके पर पहुंचीं। महिलाओं का कहना है कि गांव में शराब की बिक्री से परिवारों और सामाजिक वातावरण पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। इसी मांग को लेकर महिलाओं ने शराब दुकान हटाने की मांग करते हुए विरोध जताया। इसी दौरान प्रदर्शन कर रहे कुछ लोगों और पुलिस के बीच स्थिति बिगड़ने की बात सामने आई। पुलिस का आरोप है कि महिला एवं पुरुषों की ओर से पुलिस बल पर पथराव किया गया तथा डंडे फेंककर मारे गए। अचानक हुए हमले से पुलिसकर्मियों में अफरा-तफरी मच गई और पुलिस बल ने खुद को बचाते हुए स्थिति को नियंत्रित किया। घटना में कुछ पुलिसकर्मियों के घायल होने की जानकारी सामने आ रही है, हालांकि घायलों की संख्या और चोटों की स्थिति की आधिकारिक पुष्टि संबंधित पुलिस अधिकारियों की जानकारी के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। घटना के बाद अमोलपाठा क्षेत्र में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने मौके पर व्यवस्था संभाली। पुलिस द्वारा पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई जा रही है और यह भी जांच की जा रही है कि पथराव एवं पुलिस पर हमला किन परिस्थितियों में हुआ तथा इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे। महिलाओं की मुख्य मांग शराब दुकान को हटाने अथवा बंद कराने की है। वहीं पुलिस पर पथराव की घटना सामने आने के बाद मामला कानून-व्यवस्था के दृष्टिकोण से भी गंभीर हो गया है। अब देखना होगा कि प्रशासन और आबकारी विभाग शराब दुकान को लेकर क्या निर्णय लेते हैं तथा पुलिस पर हमले के मामले में क्या कार्रवाई की जाती है। अमोलपाठा में शराब दुकान के विरोध में प्रदर्शन, महिला-पुरुषों पर पुलिस पर पथराव और डंडे फेंकने का आरोप करैरा/शिवपुरी। करैरा क्षेत्र के ग्राम अमोलपाठा में शराब दुकान को लेकर महिलाओं का विरोध प्रदर्शन उस समय तनावपूर्ण हो गया, जब प्रदर्शन के दौरान कुछ महिला एवं पुरुषों द्वारा पुलिस बल पर पथराव और डंडे फेंककर हमला करने का आरोप सामने आया। बताया जा रहा है कि अचानक हुए इस घटनाक्रम में पुलिसकर्मियों ने बचाव करते हुए स्थिति को संभालने का प्रयास किया। शराब दुकान बंद कराने की मांग को लेकर बड़ी संख्या में महिलाएं मौके पर पहुंचीं। महिलाओं का कहना है कि गांव में शराब की बिक्री से परिवारों और सामाजिक वातावरण पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। इसी मांग को लेकर महिलाओं ने शराब दुकान हटाने की मांग करते हुए विरोध जताया। इसी दौरान प्रदर्शन कर रहे कुछ लोगों और पुलिस के बीच स्थिति बिगड़ने की बात सामने आई। पुलिस का आरोप है कि महिला एवं पुरुषों की ओर से पुलिस बल पर पथराव किया गया तथा डंडे फेंककर मारे गए। अचानक हुए हमले से पुलिसकर्मियों में अफरा-तफरी मच गई और पुलिस बल ने खुद को बचाते हुए स्थिति को नियंत्रित किया। घटना में कुछ पुलिसकर्मियों के घायल होने की जानकारी सामने आ रही है, हालांकि घायलों की संख्या और चोटों की स्थिति की आधिकारिक पुष्टि संबंधित पुलिस अधिकारियों की जानकारी के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। घटना के बाद अमोलपाठा क्षेत्र में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने मौके पर व्यवस्था संभाली। पुलिस द्वारा पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई जा रही है और यह भी जांच की जा रही है कि पथराव एवं पुलिस पर हमला किन परिस्थितियों में हुआ तथा इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे। महिलाओं की मुख्य मांग शराब दुकान को हटाने अथवा बंद कराने की है। वहीं पुलिस पर पथराव की घटना सामने आने के बाद मामला कानून-व्यवस्था के दृष्टिकोण से भी गंभीर हो गया है। अब देखना होगा कि प्रशासन और आबकारी विभाग शराब दुकान को लेकर क्या निर्णय लेते हैं तथा पुलिस पर हमले के मामले में क्या कार्रवाई की जाती है।
- अमोलपठा में शराब विवाद को लेकर जमकर बवाल, पुलिस और महिलाओं में झड़प अमोलपठा में शराब विवाद को लेकर जमकर बवाल, पुलिस और महिलाओं में झड़प बहस के बाद लाठीचार्ज का आरोप, आक्रोशित महिलाओं ने पुलिस पर लाठी-डंडों से किया हमला; वाहन छोड़कर भागे पुलिसकर्मी और आबकारी अधिकारी शिवपुरी। जिले के अमोलपठा क्षेत्र में शराब को लेकर विवाद ने उस समय गंभीर रूप ले लिया, जब पुलिस और आबकारी विभाग की टीम के सामने महिलाओं ने शराब बिक्री का विरोध किया। देखते ही देखते महिलाओं और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई और मामला हाथापाई तक पहुंच गया। जानकारी के अनुसार, शराब को लेकर महिलाएं विरोध कर रही थीं। इसी दौरान मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और महिलाओं के बीच कहासुनी बढ़ गई। आरोप है कि विवाद बढ़ने के बाद पुलिस की ओर से महिलाओं पर लाठीचार्ज किया गया। पुलिस की कार्रवाई के बाद महिलाओं का आक्रोश और भड़क गया। लाठीचार्ज के बाद महिलाओं ने खोला मोर्चा पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किए जाने के आरोप के बाद बड़ी संख्या में महिलाएं आक्रोशित हो गईं। महिलाओं ने हाथों में लाठी-डंडे लेकर पुलिसकर्मियों का विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते स्थिति ऐसी बन गई कि महिलाओं और पुलिस के बीच जमकर झड़प होने लगी। महिलाओं ने पुलिसकर्मियों पर लाठी-डंडों से हमला करने का प्रयास किया। अचानक बिगड़ी स्थिति के बीच मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और आबकारी विभाग के अधिकारियों में भी अफरा-तफरी मच गई। वाहन छोड़कर भागने की नौबत विवाद के दौरान हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिसकर्मियों और आबकारी अधिकारियों को मौके से हटना पड़ा। बताया जा रहा है कि अधिकारी अपना वाहन मौके पर ही छोड़कर वहां से निकल गए। घटना के बाद अमोलपठा क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आने की बात कही जा रही है, जिसमें महिलाओं और पुलिस के बीच हुए विवाद तथा हंगामे के दृश्य दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद मामला और चर्चा में आ गया है। शराब बिक्री को लेकर लगातार विरोध का दावा स्थानीय स्तर पर शराब बिक्री को लेकर महिलाओं द्वारा विरोध किए जाने की बात सामने आ रही है। महिलाओं का आरोप है कि शराब की वजह से क्षेत्र में परिवारों और सामाजिक माहौल पर बुरा असर पड़ रहा है। इसी को लेकर महिलाएं शराब के खिलाफ आवाज उठा रही थीं। हालांकि, घटना के दौरान पुलिस द्वारा लाठीचार्ज क्यों किया गया और विवाद की वास्तविक शुरुआत किस बात को लेकर हुई, इसकी पूरी जानकारी पुलिस की जांच और दोनों पक्षों के बयान सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर अमोलपठा की इस घटना ने पुलिस और आबकारी विभाग की कार्रवाई पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ महिलाओं द्वारा पुलिस पर लाठीचार्ज के आरोप लगाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ पुलिसकर्मियों के साथ महिलाओं द्वारा मारपीट किए जाने की बात सामने आ रही है। फिलहाल पूरे मामले में पुलिस की ओर से आधिकारिक बयान और कार्रवाई का इंतजार है। जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि विवाद की शुरुआत कैसे हुई, लाठीचार्ज की नौबत क्यों आई और पुलिसकर्मियों तथा आबकारी अधिकारियों को अपना वाहन छोड़कर मौके से क्यों हटना पड़ा। अमोलपठा में शराब विवाद को लेकर हुआ यह पूरा घटनाक्रम अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।1
- अमोलपठा में शराब विवाद को लेकर जमकर बवाल, पुलिस और महिलाओं में झड़प बहस के बाद लाठीचार्ज का आरोप, आक्रोशित महिलाओं ने पुलिस पर लाठी-डंडों से किया हमला; वाहन छोड़कर भागे पुलिसकर्मी और आबकारी अधिकारी शिवपुरी। जिले के अमोलपठा क्षेत्र में शराब को लेकर विवाद ने उस समय गंभीर रूप ले लिया, जब पुलिस और आबकारी विभाग की टीम के सामने महिलाओं ने शराब बिक्री का विरोध किया। देखते ही देखते महिलाओं और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई और मामला हाथापाई तक पहुंच गया। जानकारी के अनुसार, शराब को लेकर महिलाएं विरोध कर रही थीं। इसी दौरान मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और महिलाओं के बीच कहासुनी बढ़ गई। आरोप है कि विवाद बढ़ने के बाद पुलिस की ओर से महिलाओं पर लाठीचार्ज किया गया। पुलिस की कार्रवाई के बाद महिलाओं का आक्रोश और भड़क गया। लाठीचार्ज के बाद महिलाओं ने खोला मोर्चा पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किए जाने के आरोप के बाद बड़ी संख्या में महिलाएं आक्रोशित हो गईं। महिलाओं ने हाथों में लाठी-डंडे लेकर पुलिसकर्मियों का विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते स्थिति ऐसी बन गई कि महिलाओं और पुलिस के बीच जमकर झड़प होने लगी। महिलाओं ने पुलिसकर्मियों पर लाठी-डंडों से हमला करने का प्रयास किया। अचानक बिगड़ी स्थिति के बीच मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और आबकारी विभाग के अधिकारियों में भी अफरा-तफरी मच गई। वाहन छोड़कर भागने की नौबत विवाद के दौरान हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिसकर्मियों और आबकारी अधिकारियों को मौके से हटना पड़ा। बताया जा रहा है कि अधिकारी अपना वाहन मौके पर ही छोड़कर वहां से निकल गए। घटना के बाद अमोलपठा क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आने की बात कही जा रही है, जिसमें महिलाओं और पुलिस के बीच हुए विवाद तथा हंगामे के दृश्य दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद मामला और चर्चा में आ गया है। शराब बिक्री को लेकर लगातार विरोध का दावा स्थानीय स्तर पर शराब बिक्री को लेकर महिलाओं द्वारा विरोध किए जाने की बात सामने आ रही है। महिलाओं का आरोप है कि शराब की वजह से क्षेत्र में परिवारों और सामाजिक माहौल पर बुरा असर पड़ रहा है। इसी को लेकर महिलाएं शराब के खिलाफ आवाज उठा रही थीं। हालांकि, घटना के दौरान पुलिस द्वारा लाठीचार्ज क्यों किया गया और विवाद की वास्तविक शुरुआत किस बात को लेकर हुई, इसकी पूरी जानकारी पुलिस की जांच और दोनों पक्षों के बयान सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर अमोलपठा की इस घटना ने पुलिस और आबकारी विभाग की कार्रवाई पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ महिलाओं द्वारा पुलिस पर लाठीचार्ज के आरोप लगाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ पुलिसकर्मियों के साथ महिलाओं द्वारा मारपीट किए जाने की बात सामने आ रही है। फिलहाल पूरे मामले में पुलिस की ओर से आधिकारिक बयान और कार्रवाई का इंतजार है। जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि विवाद की शुरुआत कैसे हुई, लाठीचार्ज की नौबत क्यों आई और पुलिसकर्मियों तथा आबकारी अधिकारियों को अपना वाहन छोड़कर मौके से क्यों हटना पड़ा। अमोलपठा में शराब विवाद को लेकर हुआ यह पूरा घटनाक्रम अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।1
- शिवपुरी जिले के अमोला थाना क्षेत्र में शराब की दुकानों का विरोध कर रही महिलाओं ने पुलिस व आबकारी विभाग की टीम पर हमला कर दिया।1
- AI से फोटो एडिट कर ब्लैकमेल करके अवैध वसूली करने वाली महिला गिरफ्तार.1
- भगुवापुरा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: पेट्रोल पंप पर डकैती डालने की योजना बना रहे 5 बदमाश गिरफ्तार, हथियारों के साथ दबोचे गए भगुवापुरा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: पेट्रोल पंप पर डकैती डालने की योजना बना रहे 5 बदमाश गिरफ्तार, हथियारों के साथ दबोचे गए सेवढ़ा/भगुवापुरा: भगुवापुरा थाना पुलिस ने डकैती की एक बड़ी योजना को नाकाम करते हुए 5 शातिर बदमाशों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। यह कार्रवाई भगुवापुरा, लाँच, अतरेटा और थरेट थाना पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा की गई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हथियार भी बरामद किए हैं। मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई पुलिस के अनुसार, 09 सितंबर की रात मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुछ संदिग्ध लोग किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम रामपुरा खुर्द स्थित बीजासेन माता मंदिर के पास पहुँची। मंदिर के अंदर बनी एक झोपड़ी में 5 लोग संदिग्ध अवस्था में बैठे हुए थे। उपनिरीक्षक कोकसिंह रावत ने सावधानीपूर्वक छिपकर उनकी बातें सुनीं, तो पता चला कि वे सभी आलमपुर रोड स्थित पेट्रोल पंप पर डकैती डालने की योजना बना रहे थे। घेराबंदी कर दबोचे गए आरोपी योजना की पुष्टि होने पर उनि कोकसिंह रावत के इशारे पर पुलिस फोर्स ने झोपड़ी को चारों तरफ से घेर लिया। पुलिस को देखकर बदमाशों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन सतर्क पुलिस बल ने घेराबंदी कर पाँचों आरोपियों को धर दबोचा। गिरफ्तार आरोपियों के नाम: निखिल रायपुरिया (पुत्र दीपक दोहरे/रायपुरिया, उम्र 20 वर्ष, निवासी- मढयापुरा मोहल्ला, लहार) रानू जाटव/दोहरे (पुत्र नरेश जाटव, उम्र 19 वर्ष, निवासी- मढयापुरा मोहल्ला, लहार) आर्यन शर्मा (पुत्र कुंजबिहारी शर्मा, उम्र 24 वर्ष, निवासी- ग्राम नानपुरा) आर्यन राठौर (पुत्र पप्पू राठौर, उम्र 22 वर्ष, निवासी- वार्ड नं. 04, साधू बाबा चौराहा, लहार) अंशुल राजपूत (पुत्र मुकेश राजपूत, उम्र 21 वर्ष, निवासी- वार्ड क्र. 15, साकेत नगर कॉलोनी, लहार) विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज आरोपियों का यह कृत्य भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 310(4), 310(6), 310(5), आयुध अधिनियम की धारा 25(1)(ए) तथा MPDPK Act की धारा 11/13 के तहत दंडनीय पाया गया। पुलिस ने थाना भगुवापुरा में अपराध क्र. 69/26 पंजीबद्ध कर विवेचना में ले लिया है। कार्रवाई में इनकी रही सराहनीय भूमिका: इस पूरी कार्रवाई को सफल बनाने में थाना प्रभारी भगुवापुरा उनि सुरभि खेमरिया, थाना प्रभारी लाँच उनि शाकिर अली खान, थाना प्रभारी अतरेटा नरेन्द्र राजपूत, उनि कोकसिंह रावत, सउनि राजबहादुर सिंह, प्र.आर. रबि दुबे, प्र.आर. दिलीप सिंह, आर. हरिमोहन, विक्रम जाट, संजय सोलंकी, दिनेश, हरजेन्द्र रावत एवं संजय राठौर की महत्वपूर्ण और सराहनीय भूमिका रही।1
- अमोलपाठा में शराब दुकान के विरोध में प्रदर्शन, महिला-पुरुषों पर पुलिस पर पथराव और डंडे फेंकने का आरोप करैरा/शिवपुरी। करैरा क्षेत्र के ग्राम अमोलपाठा में शराब दुकान को लेकर महिलाओं का विरोध प्रदर्शन उस समय तनावपूर्ण हो गया, जब प्रदर्शन के दौरान कुछ महिला एवं पुरुषों द्वारा पुलिस बल पर पथराव और डंडे फेंककर हमला करने का आरोप सामने आया। बताया जा रहा है कि अचानक हुए इस घटनाक्रम में पुलिसकर्मियों ने बचाव करते हुए स्थिति को संभालने का प्रयास किया। शराब दुकान बंद कराने की मांग को लेकर बड़ी संख्या में महिलाएं मौके पर पहुंचीं। महिलाओं का कहना है कि गांव में शराब की बिक्री से परिवारों और सामाजिक वातावरण पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। इसी मांग को लेकर महिलाओं ने शराब दुकान हटाने की मांग करते हुए विरोध जताया। इसी दौरान प्रदर्शन कर रहे कुछ लोगों और पुलिस के बीच स्थिति बिगड़ने की बात सामने आई। पुलिस का आरोप है कि महिला एवं पुरुषों की ओर से पुलिस बल पर पथराव किया गया तथा डंडे फेंककर मारे गए। अचानक हुए हमले से पुलिसकर्मियों में अफरा-तफरी मच गई और पुलिस बल ने खुद को बचाते हुए स्थिति को नियंत्रित किया। घटना में कुछ पुलिसकर्मियों के घायल होने की जानकारी सामने आ रही है, हालांकि घायलों की संख्या और चोटों की स्थिति की आधिकारिक पुष्टि संबंधित पुलिस अधिकारियों की जानकारी के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। घटना के बाद अमोलपाठा क्षेत्र में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने मौके पर व्यवस्था संभाली। पुलिस द्वारा पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई जा रही है और यह भी जांच की जा रही है कि पथराव एवं पुलिस पर हमला किन परिस्थितियों में हुआ तथा इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे। महिलाओं की मुख्य मांग शराब दुकान को हटाने अथवा बंद कराने की है। वहीं पुलिस पर पथराव की घटना सामने आने के बाद मामला कानून-व्यवस्था के दृष्टिकोण से भी गंभीर हो गया है। अब देखना होगा कि प्रशासन और आबकारी विभाग शराब दुकान को लेकर क्या निर्णय लेते हैं तथा पुलिस पर हमले के मामले में क्या कार्रवाई की जाती है। अमोलपाठा में शराब दुकान के विरोध में प्रदर्शन, महिला-पुरुषों पर पुलिस पर पथराव और डंडे फेंकने का आरोप करैरा/शिवपुरी। करैरा क्षेत्र के ग्राम अमोलपाठा में शराब दुकान को लेकर महिलाओं का विरोध प्रदर्शन उस समय तनावपूर्ण हो गया, जब प्रदर्शन के दौरान कुछ महिला एवं पुरुषों द्वारा पुलिस बल पर पथराव और डंडे फेंककर हमला करने का आरोप सामने आया। बताया जा रहा है कि अचानक हुए इस घटनाक्रम में पुलिसकर्मियों ने बचाव करते हुए स्थिति को संभालने का प्रयास किया। शराब दुकान बंद कराने की मांग को लेकर बड़ी संख्या में महिलाएं मौके पर पहुंचीं। महिलाओं का कहना है कि गांव में शराब की बिक्री से परिवारों और सामाजिक वातावरण पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। इसी मांग को लेकर महिलाओं ने शराब दुकान हटाने की मांग करते हुए विरोध जताया। इसी दौरान प्रदर्शन कर रहे कुछ लोगों और पुलिस के बीच स्थिति बिगड़ने की बात सामने आई। पुलिस का आरोप है कि महिला एवं पुरुषों की ओर से पुलिस बल पर पथराव किया गया तथा डंडे फेंककर मारे गए। अचानक हुए हमले से पुलिसकर्मियों में अफरा-तफरी मच गई और पुलिस बल ने खुद को बचाते हुए स्थिति को नियंत्रित किया। घटना में कुछ पुलिसकर्मियों के घायल होने की जानकारी सामने आ रही है, हालांकि घायलों की संख्या और चोटों की स्थिति की आधिकारिक पुष्टि संबंधित पुलिस अधिकारियों की जानकारी के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। घटना के बाद अमोलपाठा क्षेत्र में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने मौके पर व्यवस्था संभाली। पुलिस द्वारा पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई जा रही है और यह भी जांच की जा रही है कि पथराव एवं पुलिस पर हमला किन परिस्थितियों में हुआ तथा इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे। महिलाओं की मुख्य मांग शराब दुकान को हटाने अथवा बंद कराने की है। वहीं पुलिस पर पथराव की घटना सामने आने के बाद मामला कानून-व्यवस्था के दृष्टिकोण से भी गंभीर हो गया है। अब देखना होगा कि प्रशासन और आबकारी विभाग शराब दुकान को लेकर क्या निर्णय लेते हैं तथा पुलिस पर हमले के मामले में क्या कार्रवाई की जाती है।1
- मंदसौर पुलिस थाना अफजलपुर द्वारा अवेध शराब निर्माण हेतु तैयार 600 लीटर लहान नष्ट कर एक आरोपी के कब्जे से 60 लीटर हाथ भट्टी की बनी कच्ची महुवा शराब जप्त की मंदसौर पुलिस थाना अफजलपुर द्वारा अवेध शराब निर्माण हेतु तैयार 600 लीटर लहान नष्ट कर एक आरोपी के कब्जे से 60 लीटर हाथ भट्टी की बनी कच्ची महुवा शराब जप्त की1
- शराब के खिलाफ नारीशक्ति का रौद्र रूप नरवर के थरखेड़ा गांव में महिलाओं का फूटा गुस्सा, शराब की पेटियां दुकान से निकालकर सड़क पर फेंकीं शिवपुरी/नरवर। शिवपुरी जिले की नरवर तहसील क्षेत्र के ग्राम थरखेड़ा में शराब के विरोध में महिलाओं का आक्रोश खुलकर सामने आया। शराब कारोबार को लेकर नाराज महिलाओं ने एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया और शराब की दुकान से शराब की पेटियां बाहर निकालकर सड़क पर फेंक दीं। महिलाओं का कहना है कि गांव में शराब की बिक्री के कारण कई परिवारों का माहौल प्रभावित हो रहा है। उनका आरोप है कि मेहनत-मजदूरी से कमाई गई रकम शराब में खर्च होने से परिवारों की आर्थिक स्थिति पर भी असर पड़ रहा है। महिलाओं ने प्रशासन से शराब कारोबार पर रोक लगाने और मामले में प्रभावी कार्रवाई की मांग की। महिलाओं का कहना है कि लंबे समय से वे शराब के खिलाफ अपनी आवाज उठा रही हैं। उनका आरोप है कि शिकायतों के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से उनका आक्रोश बढ़ता गया और आखिरकार उन्होंने खुद सड़क पर उतरकर विरोध दर्ज कराया। विरोध के दौरान मौके पर पुलिस की मौजूदगी भी दिखाई दी। इसके बावजूद महिलाओं का आक्रोश कम नहीं हुआ। महिलाओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि गांव में शराब के कारोबार को लेकर वे पीछे हटने वाली नहीं हैं और प्रशासन से ठोस कदम उठाने की मांग जारी रखेंगी। घटना के बाद गांव में काफी देर तक हलचल और तनाव का माहौल बना रहा। अब बड़ा सवाल यह है कि महिलाओं के इस विरोध के बाद प्रशासन और आबकारी विभाग शराब कारोबार को लेकर क्या कार्रवाई करते हैं? P.NEWZ INDIA | पत्रकार राम मनोहर मिश्रा “सच के साथ हर कदम” शराब के खिलाफ नारीशक्ति का रौद्र रूप नरवर के थरखेड़ा गांव में महिलाओं का फूटा गुस्सा, शराब की पेटियां दुकान से निकालकर सड़क पर फेंकीं शिवपुरी/नरवर। शिवपुरी जिले की नरवर तहसील क्षेत्र के ग्राम थरखेड़ा में शराब के विरोध में महिलाओं का आक्रोश खुलकर सामने आया। शराब कारोबार को लेकर नाराज महिलाओं ने एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया और शराब की दुकान से शराब की पेटियां बाहर निकालकर सड़क पर फेंक दीं। महिलाओं का कहना है कि गांव में शराब की बिक्री के कारण कई परिवारों का माहौल प्रभावित हो रहा है। उनका आरोप है कि मेहनत-मजदूरी से कमाई गई रकम शराब में खर्च होने से परिवारों की आर्थिक स्थिति पर भी असर पड़ रहा है। महिलाओं ने प्रशासन से शराब कारोबार पर रोक लगाने और मामले में प्रभावी कार्रवाई की मांग की। महिलाओं का कहना है कि लंबे समय से वे शराब के खिलाफ अपनी आवाज उठा रही हैं। उनका आरोप है कि शिकायतों के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से उनका आक्रोश बढ़ता गया और आखिरकार उन्होंने खुद सड़क पर उतरकर विरोध दर्ज कराया। विरोध के दौरान मौके पर पुलिस की मौजूदगी भी दिखाई दी। इसके बावजूद महिलाओं का आक्रोश कम नहीं हुआ। महिलाओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि गांव में शराब के कारोबार को लेकर वे पीछे हटने वाली नहीं हैं और प्रशासन से ठोस कदम उठाने की मांग जारी रखेंगी। घटना के बाद गांव में काफी देर तक हलचल और तनाव का माहौल बना रहा। अब बड़ा सवाल यह है कि महिलाओं के इस विरोध के बाद प्रशासन और आबकारी विभाग शराब कारोबार को लेकर क्या कार्रवाई करते हैं? P.NEWZ INDIA | पत्रकार राम मनोहर मिश्रा “सच के साथ हर कदम”1