अमजद खान बने रामदास: भगवान परशुराम जयंती पर अपनाया सनातन धर्म, कहा- मैं पहले से महाकाल का भक्त हूं न्यामुद्दीन अली, अनूपपुर। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले की पवित्र नगरी अमरकंटक में सोमवार को भगवान परशुराम जयंती पर इंदौर निवासी अमजद खान ने पूरे विधि-विधान के साथ सनातन धर्म अपनाया और अपना नया नाम ‘रामदास’ रखा। अक्षय तृतीया पर यह पूरी प्रक्रिया नर्मदा मंदिर के पुजारियों की देखरेख में हुई। इस खास मौके पर शांति कुटी आश्रम के महंत रामभूषण दास जी महाराज भी मौजूद रहे। उन्होंने रामदास को गुरु मंत्र देकर दीक्षा दी। महंत जी ने कहा कि सनातन धर्म सबको साथ लेकर चलने वाला और इंसानियत का रास्ता दिखाने वाला धर्म है। महाकाल के भक्त हैं रामदास रामदास (पूर्व नाम अमजद खान) 51 साल के हैं और इंदौर के रानीपुरा इलाके के रहने वाले हैं। उन्होंने बताया कि वे लंबे समय से बाबा महाकाल के भक्त रहे हैं। उनका परिवार मुंबई में रहता है। सनातन धर्म अपनाने के बाद उन्होंने कहा कि यह धर्म बहुत ही कोमल और दयालु है शोभायात्रा और पंगत में हुए शामिल धर्म बदलने के बाद रामदास भगवान परशुराम की शोभायात्रा में शामिल हुए और अंत में सभी श्रद्धालुओं के साथ बैठकर प्रसाद ग्रहण किया। वहां मौजूद संतों और लोगों ने इस आध्यात्मिक बदलाव का स्वागत किया और इसे सामाजिक एकता का प्रतीक बताया।
अमजद खान बने रामदास: भगवान परशुराम जयंती पर अपनाया सनातन धर्म, कहा- मैं पहले से महाकाल का भक्त हूं न्यामुद्दीन अली, अनूपपुर। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले की पवित्र नगरी अमरकंटक में सोमवार को भगवान परशुराम जयंती पर इंदौर निवासी अमजद खान ने पूरे विधि-विधान के साथ सनातन धर्म अपनाया और अपना नया नाम ‘रामदास’ रखा। अक्षय तृतीया पर यह पूरी प्रक्रिया नर्मदा मंदिर के पुजारियों की देखरेख में हुई। इस खास मौके पर शांति कुटी आश्रम के महंत रामभूषण दास जी महाराज भी मौजूद रहे। उन्होंने रामदास को गुरु मंत्र देकर दीक्षा दी। महंत जी ने कहा कि सनातन धर्म सबको साथ लेकर चलने वाला और इंसानियत का रास्ता दिखाने वाला धर्म है। महाकाल के भक्त हैं रामदास रामदास (पूर्व नाम अमजद खान) 51 साल के हैं और इंदौर के रानीपुरा इलाके के रहने वाले हैं। उन्होंने बताया कि वे लंबे समय से बाबा महाकाल के भक्त रहे हैं। उनका परिवार मुंबई में रहता है। सनातन धर्म अपनाने के बाद उन्होंने कहा कि यह धर्म बहुत ही कोमल और दयालु है शोभायात्रा और पंगत में हुए शामिल धर्म बदलने के बाद रामदास भगवान परशुराम की शोभायात्रा में शामिल हुए और अंत में सभी श्रद्धालुओं के साथ बैठकर प्रसाद ग्रहण किया। वहां मौजूद संतों और लोगों ने इस आध्यात्मिक बदलाव का स्वागत किया और इसे सामाजिक एकता का प्रतीक बताया।
- मुख्य सड़क की जर्जर स्थिति बेहद गंभीर समस्या है और प्रशासन की यह अनदेखी किसी बड़ी दुर्घटना को निमंत्रण दे सकती है।1
- महेन्द्र शुक्ला मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (छत्तीसगढ़) छत्तीसगढ़ सरकार जहां गरीबों और वंचितों को खाद्य सुरक्षा देने के बड़े-बड़े वादे कर रही है, वहीं ज़मीनी स्तर पर दबंग राशन दुकानदार गरीबों के हक पर डाका डाल रहे हैं। ताज़ा मामला ग्राम पंचायत उजियारपुर (तहसील मनेंद्रगढ़) से सामने आया है, जहाँ एक दिव्यांग व्यक्ति पिछले 15 महीनों से अपने हक के राशन के लिए भटक रहा है। क्या है पूरा मामला? ग्राम उजियारपुर निवासी जयपाल सिंह, जो शारीरिक रूप से दिव्यांग हैं, ने कलेक्टर/जनदर्शन अधिकारी को सौंपे शिकायती पत्र में उचित मूल्य दुकान संचालक चंद्र प्रकाश साहू पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जयपाल सिंह के अनुसार, उनके प्राथमिकता राशन कार्ड पर नियमानुसार 35 किलो चावल मिलना चाहिए, लेकिन पिछले 15 महीनों से दुकानदार उन्हें केवल 10 किलो चावल ही दे रहा है। अधिकारी के निर्देश के बाद भी दुकानदार के तेवर बरकरार पीड़ित ने बताया कि इस संबंध में उन्होंने खाद्य अधिकारी से मौखिक शिकायत की थी। अधिकारी ने फोन पर दुकान संचालक को पूरा राशन देने का निर्देश भी दिया, लेकिन दबंग दुकानदार पर इसका कोई असर नहीं हुआ। दुकानदार ने पीड़ित को राशन देने से साफ मना कर दिया और कथित तौर पर चुनौती देते हुए कहा— "मैं चावल नहीं दूंगा, जहाँ शिकायत करना है कर दो, मैं किसी से नहीं डरता।" दिव्यांग की गुहार: "10 किलो में कैसे पलेगा 3 सदस्यों का परिवार?" दिव्यांग जयपाल सिंह ने भावुक होते हुए बताया कि उनके परिवार में 3 सदस्य हैं। आज की महंगाई में मात्र 10 किलो चावल में पूरे महीने का गुजारा करना असंभव है। उन्होंने प्रशासन से निम्नलिखित मांगें की हैं: दोषी दुकान संचालक के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए। पिछले 15 महीनों का बकाया 375 किलो चावल का भुगतान किया जाए। भविष्य में हर माह पूरा 35 किलो राशन मिलना सुनिश्चित किया जाए। प्रशासनिक उदासीनता पर सवाल यह घटना न केवल एक दुकानदार की मनमानी को दर्शाती है, बल्कि स्थानीय प्रशासन की निगरानी प्रणाली पर भी सवालिया निशान लगाती है। क्या एक दिव्यांग व्यक्ति को अपना हक पाने के लिए ऐसे ही दर-दर भटकना पड़ेगा? अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में कितनी तत्परता से न्याय प्रदान करता है। दिनांक: 21/04/2026 प्रार्थी: जयपाल सिंह, ग्राम पंचायत उजियारपुर।3
- एमसीबी जिले में ग्रीष्मावकाश के दौरान छात्रों की प्रतिभा निखारने के लिए “ज्ञान शिखर: कौन बनेगा विजेता” समर प्रतियोगिता 2026 आयोजित की जाएगी। कलेक्टर के निर्देश पर कक्षा 9वीं से 12वीं तक के शासकीय विद्यालयों के छात्र इसमें भाग ले सकेंगे। प्रतियोगिता का पहला चरण 27 अप्रैल को विकासखंड स्तर पर होगा, जबकि जिला स्तरीय फिनाले 6 मई को मनेन्द्रगढ़ में आयोजित होगा। प्रतियोगिता में सामान्य ज्ञान, तर्कशक्ति और निर्णय क्षमता पर आधारित प्रश्न पूछे जाएंगे। चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा और ‘हॉट सीट’ राउंड शामिल रहेगा। विजेता को ‘जिला ज्ञान रत्न’ की उपाधि, नकद पुरस्कार व ट्रॉफी मिलेगी। भागीदारी निःशुल्क है, आवेदन विद्यालय के माध्यम से ही होंगे।1
- Post by Manoj shrivastav1
- कोरिया जिले के जमगहना NH 43 सड़क पर भीषण सड़क हादसा हुआ जिसमें दो कार आमने-सामने से टकराई घायलों को जिला अस्पताल बैकुंठपुर ले जाया गया1
- उमरिया जिले में केंद्रीय विद्यालय निर्माण की प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़ ली है। इसी क्रम में कलेक्टर राखी सहाय ने डबरोहा क्षेत्र में आवंटित भूमि का स्थल निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने मौके की स्थिति का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण कार्य को जल्द शुरू करने और सभी आवश्यक प्रक्रियाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। मौके पर मौजूद टीम के साथ भूमि की स्थिति, पहुंच मार्ग और अन्य बुनियादी व्यवस्थाओं पर भी चर्चा की गई, ताकि भविष्य में निर्माण कार्य में किसी प्रकार की बाधा न आए।1
- शहडोल में भगवान परशुराम जयंती पर भव्य शोभा यात्रा निकाली गई शहडोल। अत्यंत हर्ष के साथ सूचित किया गया है कि प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी भगवान परशुराम जी के जन्मोत्सव के अवसर पर भव्य शोभा यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। यह शोभा यात्रा आज 20 अप्रैल 2026, सोमवार को वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि (अक्षय तृतीया) के पावन अवसर पर निकाली जाएगी। आयोजकों के अनुसार शोभा यात्रा शाम को जय स्तंभ चौक, शहडोल से प्रारंभ होगी। यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए मोहनराम मंदिर, शहडोल में सम्पन्न होगी। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। आयोजन को लेकर तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं और शहर में उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।1
- एमसीबी कलेक्ट्रेट में आयोजित समय-सीमा समीक्षा बैठक में कलेक्टर डी. राहुल वेंकट ने डीएमएफ कार्यों में सख्ती दिखाते हुए नियमों के कड़ाई से पालन के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल खनन प्रभावित क्षेत्रों को सीधे लाभ पहुंचाने वाली परियोजनाएं ही स्वीकृत होंगी, जबकि व्यायामशाला नवीनीकरण, चबूतरा निर्माण, वाहन खरीद जैसे कार्य प्रतिबंधित रहेंगे। कलेक्टर ने सभी विभागों को 15 मई 2026 तक 5 वर्षीय समग्र विकास योजना तैयार कर पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, पंचायत सहित अन्य विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने को कहा गया। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियमों की अनदेखी पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।1