जालौन जनपद के समस्त पीआरडी (प्रांतीय रक्षक दल) जवानों का गुस्सा फूट पड़ा है और उन्होंने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जिलाधिकारी को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा है। उरई में सौंपे गए इस ज्ञापन के जरिए जवानों ने जिला युवा कल्याण अधिकारी की तत्काल तैनाती, विभागीय व गैर विभागीय ड्यूटियों के लंबित भुगतान तथा समय पर मानदेय दिलाए जाने की पुरजोर मांग की है। वर्तमान में जनपद में स्थायी जिला युवा कल्याण अधिकारी का अभाव होने के कारण पीआरडी जवानों को विभिन्न प्रशासनिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। जवानों का कहना है कि वे माधौगढ़, रामपुरा, कुठौंद, नदीगांव, महेवा, कदौरा, कोंच, डकोर और जालौन जैसे दूर-दराज के क्षेत्रों से ड्यूटी करने आते हैं। मात्र 15 हजार रुपये के मासिक मानदेय पर काम करने वाले इन जवानों को कई बार ड्यूटी स्थल तक पहुंचने के लिए अपनी जेब से पेट्रोल भरवाना पड़ता है। ऐसे में समय पर भुगतान न होने से उनकी आर्थिक परेशानियां अत्यधिक बढ़ गई हैं। जवानों ने मांग की है कि जिले में स्वच्छ छवि वाले किसी राजपत्रित अधिकारी अथवा नियमित जिला युवा कल्याण अधिकारी की तत्काल तैनाती की जाए ताकि विभागीय कार्य सुचारु रूप से संचालित हो सकें। इस ज्ञापन को सौंपने वालों में मुख्य रूप से राधा देवी, कमलेश कुमारी, धर्मेंद्र, हरि सिंह, रामसेवक, लक्ष्मण स्वरूप, वीर सिंह, उमेश सिंह परिहार, कमलेश कुमार, शिव कुमार, सुघर सिंह, राजेंद्र कुमार, आर्यन सिंह, नारायण दास, अशोक कुमार और श्याम बाबू सहित समस्त पीआरडी जवान शामिल रहे। जवानों ने जिलाधिकारी से उम्मीद जताई है कि वे उनकी इन गंभीर समस्याओं का शीघ्र संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई करेंगे।
जालौन जनपद के समस्त पीआरडी (प्रांतीय रक्षक दल) जवानों का गुस्सा फूट पड़ा है और उन्होंने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जिलाधिकारी को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा है। उरई में सौंपे गए इस ज्ञापन के जरिए जवानों ने जिला युवा कल्याण अधिकारी की तत्काल तैनाती, विभागीय व गैर विभागीय ड्यूटियों के लंबित भुगतान तथा समय पर मानदेय दिलाए जाने की पुरजोर मांग की है। वर्तमान में जनपद में स्थायी जिला युवा कल्याण अधिकारी का अभाव होने के कारण पीआरडी जवानों को विभिन्न प्रशासनिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। जवानों का कहना है कि वे माधौगढ़, रामपुरा, कुठौंद, नदीगांव, महेवा, कदौरा, कोंच, डकोर और जालौन जैसे दूर-दराज के क्षेत्रों से ड्यूटी करने आते हैं। मात्र 15 हजार रुपये के मासिक मानदेय पर काम करने वाले इन जवानों को कई बार ड्यूटी स्थल तक पहुंचने के लिए अपनी जेब से पेट्रोल भरवाना पड़ता है। ऐसे में समय पर भुगतान न होने से उनकी आर्थिक परेशानियां अत्यधिक बढ़ गई हैं। जवानों ने मांग की है कि जिले में स्वच्छ छवि वाले किसी राजपत्रित अधिकारी अथवा नियमित जिला युवा कल्याण अधिकारी की तत्काल तैनाती की जाए ताकि विभागीय कार्य सुचारु रूप से संचालित हो सकें। इस ज्ञापन को सौंपने वालों में मुख्य रूप से राधा देवी, कमलेश कुमारी, धर्मेंद्र, हरि सिंह, रामसेवक, लक्ष्मण स्वरूप, वीर सिंह, उमेश सिंह परिहार, कमलेश कुमार, शिव कुमार, सुघर सिंह, राजेंद्र कुमार, आर्यन सिंह, नारायण दास, अशोक कुमार और श्याम बाबू सहित समस्त पीआरडी जवान शामिल रहे। जवानों ने जिलाधिकारी से उम्मीद जताई है कि वे उनकी इन गंभीर समस्याओं का शीघ्र संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई करेंगे।
- जालौन जिले के उरई शहर में कथित हनी ट्रैप और ब्लैकमेलिंग का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक महिला और उसके पुरुष साथी ने मिलकर एक युवक को जाल में फंसाया और उसे होटल में बुलाकर उसका कथित आपत्तिजनक वीडियो बना लिया। इसके बाद आरोपियों ने वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर पीड़ित युवक से 10 लाख रुपये की भारी-भरकम रंगदारी मांगी। आरोपी पीड़ित से पहले ही 10 हजार रुपये वसूल चुके थे और बाकी की रकम के लिए उस पर लगातार मानसिक दबाव बना रहे थे। इस प्रताड़ना और डर के बीच पीड़ित युवक ने हिम्मत जुटाई और पूरे मामले की लिखित शिकायत पुलिस से की। शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया और जाल बिछाकर आरोपी महिला व उसके पुरुष साथी को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच लगातार जारी है और यदि इसमें किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके विरुद्ध भी नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस चौंकाने वाले खुलासे के बाद अब कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह किसी बड़े हनी ट्रैप गिरोह का हिस्सा है और क्या पहले भी इस तरह से अन्य लोगों को निशाना बनाया जा चुका है। इसके साथ ही होटलों में सुरक्षा व्यवस्था और पहचान सत्यापन के प्रभावी होने पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मोबाइल तकनीक और सोशल मीडिया के जरिए होने वाली इस तरह की ब्लैकमेलिंग या धमकी से डरने के बजाय वे तुरंत पुलिस से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराएं।1
- उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के कालपी में पुल के ऊपर की दीवार धीरे-धीरे सरक रही है और गिर रही है। इस स्थिति के कारण यहाँ कभी भी हादसा होने की आशंका बनी हुई है।1
- जालौन जिले की कालपी तहसील के अंतर्गत आने वाले कदौरा ब्लॉक के बागी ग्राम में गली में कूड़ा लगा हुआ है। सफाई कर्मी द्वारा खुद ही मुख्य सड़क पर भी कूड़े का ढेर लगा दिया गया है। इस गंदगी और अव्यवस्था के बावजूद अब तक इस मामले में कोई सुनवाई नहीं हो रही है।1
- कानपुर देहात के माती कोर्ट में माननीय न्यायालय एडीजे 5 ने अवैध हीरोइन बरामद होने के मामले में दो अभियुक्तों को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने भोगनीपुर थाना क्षेत्र के ग्राम अहरौली शेख निवासी रिक्की पुत्र नेत्रपाल और मिथलेश पत्नी नेत्रपाल को दोषी ठहराते हुए 1-1 माह के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही माननीय न्यायालय द्वारा दोनों अभियुक्तों पर ₹10,000-10,000 का अर्थदंड भी लगाया गया है।1
- कानपुर देहात के अमराहट थाना क्षेत्र के अमराहट कैनाल नहर में एक विशालकाय मगरमच्छ मिलने से ग्रामीणों में भारी दहशत फैल गई है। नहर में अचानक इतना बड़ा मगरमच्छ दिखने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद अमराहट थानाध्यक्ष महेश कुमार और वन विभाग की टीम ने मिलकर इस विशालकाय मगरमच्छ का रेस्क्यू किया। रेस्क्यू करने के बाद मगरमच्छ को यमुना नदी में छोड़ दिया गया है। इस बीच, स्थानीय ग्रामीणों ने नहर में और भी मगरमच्छ होने की आशंका जताई है।2
- उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात के सिकंदरा स्थित पटेल चौक चौराहे पर समाजवादियों ने सरकार विरोधी नारे लगाते हुए जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने 'अखिलेश यादव को रिहा करो' की मांग करते हुए अपनी नाराजगी जताई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि छात्रों पर बर्बरता पूर्वक लाठीचार्ज किया गया है। इसी लाठीचार्ज के विरोध में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को गिरफ्तार कर लिया गया, जिसके चलते समाजवादियों में भारी आक्रोश है और उन्होंने पटेल चौक पर इकट्ठा होकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।1
- जालौन जनपद के समस्त पीआरडी (प्रांतीय रक्षक दल) जवानों का गुस्सा फूट पड़ा है और उन्होंने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जिलाधिकारी को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा है। उरई में सौंपे गए इस ज्ञापन के जरिए जवानों ने जिला युवा कल्याण अधिकारी की तत्काल तैनाती, विभागीय व गैर विभागीय ड्यूटियों के लंबित भुगतान तथा समय पर मानदेय दिलाए जाने की पुरजोर मांग की है। वर्तमान में जनपद में स्थायी जिला युवा कल्याण अधिकारी का अभाव होने के कारण पीआरडी जवानों को विभिन्न प्रशासनिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। जवानों का कहना है कि वे माधौगढ़, रामपुरा, कुठौंद, नदीगांव, महेवा, कदौरा, कोंच, डकोर और जालौन जैसे दूर-दराज के क्षेत्रों से ड्यूटी करने आते हैं। मात्र 15 हजार रुपये के मासिक मानदेय पर काम करने वाले इन जवानों को कई बार ड्यूटी स्थल तक पहुंचने के लिए अपनी जेब से पेट्रोल भरवाना पड़ता है। ऐसे में समय पर भुगतान न होने से उनकी आर्थिक परेशानियां अत्यधिक बढ़ गई हैं। जवानों ने मांग की है कि जिले में स्वच्छ छवि वाले किसी राजपत्रित अधिकारी अथवा नियमित जिला युवा कल्याण अधिकारी की तत्काल तैनाती की जाए ताकि विभागीय कार्य सुचारु रूप से संचालित हो सकें। इस ज्ञापन को सौंपने वालों में मुख्य रूप से राधा देवी, कमलेश कुमारी, धर्मेंद्र, हरि सिंह, रामसेवक, लक्ष्मण स्वरूप, वीर सिंह, उमेश सिंह परिहार, कमलेश कुमार, शिव कुमार, सुघर सिंह, राजेंद्र कुमार, आर्यन सिंह, नारायण दास, अशोक कुमार और श्याम बाबू सहित समस्त पीआरडी जवान शामिल रहे। जवानों ने जिलाधिकारी से उम्मीद जताई है कि वे उनकी इन गंभीर समस्याओं का शीघ्र संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई करेंगे।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर पुलिस से भिड़ा एक बहादुर प्रदर्शनकारी तमाम लाठियां खाने के बाद भी वहां से नहीं भागा। इस प्रदर्शनकारी ने पुलिस के सामने खड़े होकर कहा, "मारो मुझे मारो"। वह पुलिस के बल प्रयोग के बावजूद अपनी पूरी हिम्मत के साथ वहीं डटा रहा।1