चंदौली जिले में मुगलसराय थाना और स्वॉट/सर्विलांस पुलिस टीम ने एक संयुक्त कार्रवाई के दौरान 31.2 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया है। इस दौरान गांजे की तस्करी में संलिप्त एक शातिर तस्कर को भी गिरफ्तार किया गया, जिसकी पहचान अतहर फारुकी के रूप में हुई है। बरामद गांजे की अनुमानित कीमत लगभग 10 लाख रुपये बताई गई है। यह कार्रवाई 10 जून 2026 को उच्चाधिकारियों के निर्देशन में की गई, जब पुलिस टीम चकिया तिराहा क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की सघन चेकिंग कर रही थी। मुखबिर की सूचना पर एक संदिग्ध हुंडई सैंट्रो कार (संख्या OR02 AK 8591) को रोकने का प्रयास किया गया। पुलिस टीम को देखकर वाहन चालक ने भागने की कोशिश की, जिसे घेराबंदी कर पकड़ लिया गया। पकड़े गए व्यक्ति अतहर फारुकी पुत्र सुल्तान फारुकी बिहार के कैमूर (भभुआ) जिले के मोहनिया थाना अंतर्गत बरेज पोस्ट बेलौड़ी का निवासी है और उसकी उम्र लगभग 28 वर्ष है। वाहन की तलाशी के दौरान कुल 17 पैकेटों में 31 किलो 200 ग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ। पूछताछ के दौरान गिरफ्तार अभियुक्त अतहर फारुकी ने बताया कि वह बिहार से अवैध गांजा लाकर वाराणसी और आसपास के जिलों में सप्लाई करता था, जिससे उसे आर्थिक लाभ होता था। बरामद किया गया गांजा भी बिक्री के उद्देश्य से ही ले जाया जा रहा था। इस गिरफ्तारी और बरामदगी के आधार पर, मुगलसराय थाने में मु0अ0सं0-286/2026 धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत अभियोग पंजीकृत कर आगे की आवश्यक विधिक कार्यवाही प्रचलित है।
चंदौली जिले में मुगलसराय थाना और स्वॉट/सर्विलांस पुलिस टीम ने एक संयुक्त कार्रवाई के दौरान 31.2 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया है। इस दौरान गांजे की तस्करी में संलिप्त एक शातिर तस्कर को भी गिरफ्तार किया गया, जिसकी पहचान अतहर फारुकी के रूप में हुई है। बरामद गांजे की अनुमानित कीमत लगभग 10 लाख रुपये बताई गई है। यह कार्रवाई 10 जून 2026 को उच्चाधिकारियों के निर्देशन में की गई, जब पुलिस टीम चकिया तिराहा क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की सघन चेकिंग कर रही थी। मुखबिर की सूचना पर एक संदिग्ध हुंडई सैंट्रो कार (संख्या OR02 AK 8591) को रोकने का प्रयास किया गया। पुलिस टीम को देखकर वाहन चालक ने भागने की कोशिश की, जिसे घेराबंदी कर पकड़ लिया गया। पकड़े गए व्यक्ति अतहर फारुकी पुत्र सुल्तान फारुकी बिहार के कैमूर (भभुआ) जिले के मोहनिया थाना अंतर्गत बरेज पोस्ट बेलौड़ी का निवासी है और उसकी उम्र लगभग 28 वर्ष है। वाहन की तलाशी के दौरान कुल 17 पैकेटों में 31 किलो 200 ग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ। पूछताछ के दौरान गिरफ्तार अभियुक्त अतहर फारुकी ने बताया कि वह बिहार से अवैध गांजा लाकर वाराणसी और आसपास के जिलों में सप्लाई करता था, जिससे उसे आर्थिक लाभ होता था। बरामद किया गया गांजा भी बिक्री के उद्देश्य से ही ले जाया जा रहा था। इस गिरफ्तारी और बरामदगी के आधार पर, मुगलसराय थाने में मु0अ0सं0-286/2026 धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत अभियोग पंजीकृत कर आगे की आवश्यक विधिक कार्यवाही प्रचलित है।
- SEBI के अंतरिम आदेश के बाद राजेश एक्सपोर्ट्स और उसके चेयरमैन राजेश मेहता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इन आरोपों ने निवेशकों और शेयर बाजार में खासी हलचल मचा दी है। कंपनी और उसके चेयरमैन पर रेवेन्यू इन्फ्लेशन, विदेशी लेनदेन (Foreign Transactions) और फंड डायवर्जन जैसे संगीन आरोप लगाए गए हैं। ये आरोप भारत के कॉर्पोरेट इतिहास के सबसे बड़े वित्तीय मामलों में से एक होने की संभावना को दर्शाते हैं, जैसा कि मूल पोस्ट में सवाल उठाया गया है। हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि ये आरोप अभी जांच के अधीन हैं और इस मामले में अंतिम फैसला आना अभी बाकी है।1
- आज भाजपा के नबनना रहबर खान ने कैमूर जिले के ब्यूर गांव में चादर चढ़ाई।3
- चंदौली में मुगलसराय पुलिस की स्वाट और सर्विलांस टीम ने चकिया तिराहे के पास एक कार से 31.2 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। इस कार्रवाई के दौरान बिहार निवासी एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया है कि वह बिहार से गांजा लाकर वाराणसी, चंदौली और आसपास के जिलों में इसकी सप्लाई करता था। इस गिरफ्तारी के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। यदि आरोपी लंबे समय से गांजे की सप्लाई कर रहा था, तो इससे पहले कितनी खेप वाराणसी और चंदौली तक पहुंच चुकी हैं? साथ ही, यह भी सवाल उठ रहा है कि वह यह गांजा किन लोगों को उपलब्ध कराता था और उसके स्थानीय संपर्क कौन-कौन हैं। इधर, जिले में चर्चा है कि अलीनगर क्षेत्र का एक व्यक्ति लंबे समय से नशे के कारोबार के इस नेटवर्क से जुड़ा हुआ है और वाराणसी-चंदौली बेल्ट में गांजे की सप्लाई का पूरा सिंडिकेट चलाता है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। ऐसे में अब पुलिस जांच पर सबकी नज़र है कि क्या 31 किलो गांजे की यह बरामदगी केवल एक तस्कर की गिरफ्तारी तक ही सीमित रहेगी, या इसके ज़रिए वाराणसी-चंदौली में सक्रिय पूरे नशा नेटवर्क और उसके कथित सरगनाओं तक भी पुलिस पहुंच पाएगी।1
- चंदौली के आलोक इंटर कॉलेज में मीडिया ट्रस्ट ऑफ इंडिया की मासिक बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक के दौरान कार्ड वितरण भी किया गया। बैठक और कार्ड वितरण कार्यक्रम के बाद, बृक्ष बंधु डा0 परशुराम सिंह ने पत्रकारों को संबोधित किया।1
- कैमूर पुलिस ने दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने के एक गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए शिकायत मिलने के महज चार घंटे के भीतर एक पति-पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना से संबंधित एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन भी बरामद किया है। पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 9 जून 2026 को रामगढ़ थाना में एक महिला ने लिखित आवेदन देकर शिकायत की। पीड़िता के आरोप के मुताबिक, 4 जून की शाम करीब छह बजे ग्राम डरबन निवासी एकराम अंसारी और उसकी पत्नी शाहिदा बेगम ने उसे अपने घर बुलाया। वहाँ उसे नशीला पदार्थ पिलाकर अचेत किया गया, और इसी अवस्था का फायदा उठाकर एकराम अंसारी ने उसकी इच्छा के विरुद्ध दुष्कर्म किया, जबकि उसकी पत्नी शाहिदा बेगम इस पूरी घटना का वीडियो मोबाइल फोन से बनाती रही। महिला ने अपने आवेदन में यह भी आरोप लगाया कि इस घटना के बाद, दोनों आरोपियों ने उसी वीडियो को दिखाकर उसे डराया और चेतावनी दी कि अगर उसने धर्म परिवर्तन नहीं किया, तो वे उस वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कर देंगे। शिकायत मिलते ही, पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू की और महज चार घंटे के भीतर ही दोनों आरोपियों को धर दबोचा। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई के साथ ही, मुख्य आरोपी का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है।2
- चंदौली जिले में मुगलसराय थाना और स्वॉट/सर्विलांस पुलिस टीम ने एक संयुक्त कार्रवाई के दौरान 31.2 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया है। इस दौरान गांजे की तस्करी में संलिप्त एक शातिर तस्कर को भी गिरफ्तार किया गया, जिसकी पहचान अतहर फारुकी के रूप में हुई है। बरामद गांजे की अनुमानित कीमत लगभग 10 लाख रुपये बताई गई है। यह कार्रवाई 10 जून 2026 को उच्चाधिकारियों के निर्देशन में की गई, जब पुलिस टीम चकिया तिराहा क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की सघन चेकिंग कर रही थी। मुखबिर की सूचना पर एक संदिग्ध हुंडई सैंट्रो कार (संख्या OR02 AK 8591) को रोकने का प्रयास किया गया। पुलिस टीम को देखकर वाहन चालक ने भागने की कोशिश की, जिसे घेराबंदी कर पकड़ लिया गया। पकड़े गए व्यक्ति अतहर फारुकी पुत्र सुल्तान फारुकी बिहार के कैमूर (भभुआ) जिले के मोहनिया थाना अंतर्गत बरेज पोस्ट बेलौड़ी का निवासी है और उसकी उम्र लगभग 28 वर्ष है। वाहन की तलाशी के दौरान कुल 17 पैकेटों में 31 किलो 200 ग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ। पूछताछ के दौरान गिरफ्तार अभियुक्त अतहर फारुकी ने बताया कि वह बिहार से अवैध गांजा लाकर वाराणसी और आसपास के जिलों में सप्लाई करता था, जिससे उसे आर्थिक लाभ होता था। बरामद किया गया गांजा भी बिक्री के उद्देश्य से ही ले जाया जा रहा था। इस गिरफ्तारी और बरामदगी के आधार पर, मुगलसराय थाने में मु0अ0सं0-286/2026 धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत अभियोग पंजीकृत कर आगे की आवश्यक विधिक कार्यवाही प्रचलित है।1
- चंदौली जनपद में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत मुगलसराय पुलिस, स्वाट टीम और सर्विलांस टीम को बड़ी सफलता मिली है। संयुक्त कार्रवाई के दौरान चकिया तिराहे के पास एक कार से 31.2 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया। पुलिस ने मौके से बिहार निवासी एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया है कि वह बिहार से गांजा लाकर वाराणसी, चंदौली और आसपास के जिलों में सप्लाई करता था, जिसके बाद अब जांच का दायरा बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। इस बड़ी बरामदगी के बाद कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जिनमें यह कि यदि आरोपी लंबे समय से इस कारोबार में सक्रिय था, तो इससे पहले कितनी खेप विभिन्न जिलों में पहुंच चुकी होंगी। स्थानीय लोगों का मानना है कि इतनी बड़ी मात्रा में गांजे की बरामदगी से साफ है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे परिवहन, भंडारण और वितरण की एक पूरी श्रृंखला होने की संभावना है। जांच एजेंसियों के सामने अब यह प्रश्न है कि आरोपी गांजा किन लोगों को उपलब्ध कराता था और उसका स्थानीय नेटवर्क कितना व्यापक था। पुलिस सूत्रों का कहना है कि आरोपी से पूछताछ और उसके मोबाइल कॉल डिटेल्स की जांच से कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं, और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों तथा वित्तीय लेन-देन की जांच से पूरे नेटवर्क की परतें खुल सकती हैं। कानून-व्यवस्था से जुड़े जानकारों का मत है कि किसी भी बड़े मादक पदार्थ तस्करी मामले में केवल वाहक की गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं होती; जांच का उद्देश्य सप्लायर, फाइनेंसर, भंडारणकर्ता और स्थानीय वितरकों तक पहुंचना भी होता है। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने चिंता जताई है कि नशे का यह अवैध कारोबार युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है, और यदि समय रहते ऐसे नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो इसका सामाजिक और आर्थिक दोनों स्तरों पर गंभीर असर पड़ सकता है। अब लोगों की निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं, आमजन की अपेक्षा है कि जांच केवल एक आरोपी की गिरफ्तारी तक सीमित न रहे, बल्कि पूरे नेटवर्क की पहचान कर उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। पुलिस अधिकारियों ने बताया है कि मामले की जांच जारी है और आरोपी से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि 31 किलो गांजे की इस बरामदगी से जुड़े तार कितनी दूर तक जाते हैं और क्या जांच एजेंसियां चंदौली-वाराणसी क्षेत्र में सक्रिय संभावित मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क की पूरी श्रृंखला तक पहुंच पाती हैं।2