चंदौली जनपद में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत मुगलसराय पुलिस, स्वाट टीम और सर्विलांस टीम को बड़ी सफलता मिली है। संयुक्त कार्रवाई के दौरान चकिया तिराहे के पास एक कार से 31.2 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया। पुलिस ने मौके से बिहार निवासी एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया है कि वह बिहार से गांजा लाकर वाराणसी, चंदौली और आसपास के जिलों में सप्लाई करता था, जिसके बाद अब जांच का दायरा बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। इस बड़ी बरामदगी के बाद कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जिनमें यह कि यदि आरोपी लंबे समय से इस कारोबार में सक्रिय था, तो इससे पहले कितनी खेप विभिन्न जिलों में पहुंच चुकी होंगी। स्थानीय लोगों का मानना है कि इतनी बड़ी मात्रा में गांजे की बरामदगी से साफ है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे परिवहन, भंडारण और वितरण की एक पूरी श्रृंखला होने की संभावना है। जांच एजेंसियों के सामने अब यह प्रश्न है कि आरोपी गांजा किन लोगों को उपलब्ध कराता था और उसका स्थानीय नेटवर्क कितना व्यापक था। पुलिस सूत्रों का कहना है कि आरोपी से पूछताछ और उसके मोबाइल कॉल डिटेल्स की जांच से कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं, और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों तथा वित्तीय लेन-देन की जांच से पूरे नेटवर्क की परतें खुल सकती हैं। कानून-व्यवस्था से जुड़े जानकारों का मत है कि किसी भी बड़े मादक पदार्थ तस्करी मामले में केवल वाहक की गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं होती; जांच का उद्देश्य सप्लायर, फाइनेंसर, भंडारणकर्ता और स्थानीय वितरकों तक पहुंचना भी होता है। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने चिंता जताई है कि नशे का यह अवैध कारोबार युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है, और यदि समय रहते ऐसे नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो इसका सामाजिक और आर्थिक दोनों स्तरों पर गंभीर असर पड़ सकता है। अब लोगों की निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं, आमजन की अपेक्षा है कि जांच केवल एक आरोपी की गिरफ्तारी तक सीमित न रहे, बल्कि पूरे नेटवर्क की पहचान कर उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। पुलिस अधिकारियों ने बताया है कि मामले की जांच जारी है और आरोपी से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि 31 किलो गांजे की इस बरामदगी से जुड़े तार कितनी दूर तक जाते हैं और क्या जांच एजेंसियां चंदौली-वाराणसी क्षेत्र में सक्रिय संभावित मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क की पूरी श्रृंखला तक पहुंच पाती हैं।
चंदौली जनपद में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत मुगलसराय पुलिस, स्वाट टीम और सर्विलांस टीम को बड़ी सफलता मिली है। संयुक्त कार्रवाई के दौरान चकिया तिराहे के पास एक कार से 31.2 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया। पुलिस ने मौके से बिहार निवासी एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया है कि वह बिहार से गांजा लाकर वाराणसी, चंदौली और आसपास के जिलों में सप्लाई करता था, जिसके बाद अब जांच का दायरा बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। इस बड़ी बरामदगी के बाद कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जिनमें यह कि यदि आरोपी लंबे समय से इस कारोबार में सक्रिय था, तो इससे पहले कितनी खेप विभिन्न जिलों में पहुंच चुकी होंगी। स्थानीय लोगों का मानना है कि इतनी बड़ी मात्रा में गांजे की बरामदगी से साफ है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे परिवहन, भंडारण और वितरण की एक पूरी श्रृंखला होने की संभावना है। जांच एजेंसियों के सामने अब यह प्रश्न है कि आरोपी गांजा किन लोगों को उपलब्ध कराता था और उसका स्थानीय नेटवर्क कितना व्यापक था। पुलिस सूत्रों का कहना है कि आरोपी से पूछताछ और
उसके मोबाइल कॉल डिटेल्स की जांच से कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं, और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों तथा वित्तीय लेन-देन की जांच से पूरे नेटवर्क की परतें खुल सकती हैं। कानून-व्यवस्था से जुड़े जानकारों का मत है कि किसी भी बड़े मादक पदार्थ तस्करी मामले में केवल वाहक की गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं होती; जांच का उद्देश्य सप्लायर, फाइनेंसर, भंडारणकर्ता और स्थानीय वितरकों तक पहुंचना भी होता है। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने चिंता जताई है कि नशे का यह अवैध कारोबार युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है, और यदि समय रहते ऐसे नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो इसका सामाजिक और आर्थिक दोनों स्तरों पर गंभीर असर पड़ सकता है। अब लोगों की निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं, आमजन की अपेक्षा है कि जांच केवल एक आरोपी की गिरफ्तारी तक सीमित न रहे, बल्कि पूरे नेटवर्क की पहचान कर उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। पुलिस अधिकारियों ने बताया है कि मामले की जांच जारी है और आरोपी से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि 31 किलो गांजे की इस बरामदगी से जुड़े तार कितनी दूर तक जाते हैं और क्या जांच एजेंसियां चंदौली-वाराणसी क्षेत्र में सक्रिय संभावित मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क की पूरी श्रृंखला तक पहुंच पाती हैं।
- चंदौली जिले का चकिया क्षेत्र अब मिट्टी खनन माफियाओं का गढ़ बन गया है, जहाँ सैदुपुर इलाके में वे पूरी तरह बेलगाम होकर अपना अवैध धंधा चला रहे हैं। ये खनन माफिया बिना किसी वाणिज्यिक वाहन पंजीकरण, वैध परमिट, फिटनेस प्रमाणपत्र या लाइसेंस के ही धड़ल्ले से मिट्टी खनन का काम कर रहे हैं। इन अनियंत्रित गतिविधियों के बावजूद, खनन माफियाओं पर कोई रोक नहीं लग रही है।2
- Post by D.k3
- ओमान की खाड़ी में हुए एक हमले में तीन भारतीय नाविकों की जान चली गई है, जिसके बाद कई गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं। इस घटना को लेकर यह पूछा जा रहा है कि उस रात वास्तव में क्या हुआ था, अमेरिका की कथित कार्रवाई पर भारत की क्या प्रतिक्रिया रही, और उन भारतीय परिवारों के दर्द को कौन समझेगा जिन्होंने इस हादसे में अपने प्रियजनों को खो दिया है। 'अवाज़-ए-भारत' ने इस पूरे मामले को विस्तार से समझने और उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर तथ्यों की पड़ताल करने का प्रयास किया है, क्योंकि उनका लक्ष्य 'खबर नहीं, सच की आवाज़' बनना है।1
- वाराणसी में आज तेज हवाएं चलने की संभावना है, साथ ही गरज-चमक और हल्की बारिश या बूंदाबांदी भी हो सकती है। हालिया मौसम अपडेट के अनुसार, मौसम विभाग ने वाराणसी के लिए तेज हवा और वर्षा का अलर्ट जारी किया है। वर्तमान में शहर में गर्म और उमस भरा मौसम बना हुआ है, जिसमें तापमान 35-37°C के आसपास है। आमतौर पर हवा की गति 10 किमी/घंटा दर्ज की गई है, लेकिन आंधी-तूफान के दौरान हवा के झोंके काफी तेज हो सकते हैं। इसे देखते हुए, बाहर जाने वाले लोगों को ढीली वस्तुओं को सुरक्षित रखने, पेड़ों और कमजोर ढांचों से दूर रहने, तथा बारिश और बिजली कड़कने की स्थिति में खुले स्थानों से बचने की सलाह दी गई है।3
- उत्तर प्रदेश के चन्दौली जिले के नौगढ़ ब्लॉक अंतर्गत बरबसपुर ग्राम पंचायत के बकुलघट्टा गांव में विकास के दावे पूरी तरह खोखले साबित हुए हैं, जहाँ कई महीनों से एक हैंडपंप बंद पड़ा है, जिससे स्थानीय निवासी बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि जब हैंडपंप निष्क्रिय पड़ा है, तब भी इसकी मरम्मत के नाम पर सरकारी खजाने से लाखों रुपये का भुगतान किया जा रहा है, जिस पर सवाल उठ रहे हैं कि यह किसके इशारे पर और किसके खातों में जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि यह महज संयोग नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश है। उनका कहना है कि गांव में हैंडपंप कंडम स्थिति में है, लेकिन विभागीय फाइलों में इसे लगातार 'मरम्मत योग्य' या 'मरम्मत पूर्ण' दिखाकर सरकारी धन डकारने का सिलसिला बदस्तूर जारी है। इसे 'भ्रष्टाचार का 'डबल इंजन'' बताया जा रहा है, जिसमें जनता प्यासी मर रही है और जिम्मेदार अपनी जेबें भरने में लगे हैं। ग्रामीणों ने इसे प्रशासनिक भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा करार दिया है। इस गंभीर मामले पर जब ग्राम पंचायत सचिव से जवाब मांगा गया, तो उन्होंने हमेशा की तरह पल्ला झाड़ते हुए गोलमोल सफाई दी कि भुगतान नियमों के अनुसार ही हुआ है और इसमें किसी भी प्रकार की कोई धांधली नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर हैंडपंप खराब है, तो उसे दिखवाया जाएगा। हालाँकि, सचिव का यह बयान स्थानीय लोगों के आक्रोश को और बढ़ा रहा है, क्योंकि ग्रामीणों के पास इस बात के ठोस सबूत हैं कि मरम्मत कार्य मौके पर नदारद है और वे इस भ्रष्टाचार को सचिव और प्रधान की मिलीभगत का परिणाम मान रहे हैं।2
- धीना के बरहनी विकासखंड स्थित सिकठा गांव में पिछले एक सप्ताह से लगभग 15 घरों की बिजली आपूर्ति ठप होने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। बिजली संकट से परेशान ग्रामीणों ने शनिवार की सुबह बिजली विभाग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और जल्द से जल्द आपूर्ति बहाल करने की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि भीषण गर्मी के बीच बिजली न होने से उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके चलते गांव का शिव मंदिर भी अंधेरे में डूबा हुआ है, जिससे श्रद्धालुओं को भी परेशानी हो रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि अमड़ा पावर हाउस पर कई बार विभागीय अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई समाधान नहीं किया गया। प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की गई तो वे अपने आंदोलन को और भी व्यापक रूप देंगे। इस प्रदर्शन में लालू राजभर, लक्ष्मण, शंकर, अंजू सिंह, पम्मी सिंह, लाल सिंह, बाबूलाल सहित दर्जनों ग्रामीण शामिल रहे। इस संबंध में अवर अभियंता घनश्याम प्रसाद ने बताया कि उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं है, लेकिन शिकायत मिलने पर जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।3
- एक सनसनीखेज वारदात में, एक भांजे ने अपने ही मामा की बेरहमी से गला रेतकर हत्या कर दी है। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। घटना में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।1
- चंदौली जिले में 12 जून, 2026 को प्रशासन ने दो प्रमुख मसाला कंपनियों 'रॉयल' और 'आर एल (RL)' पर बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान इन नामी ब्रांड्स की फैक्ट्रियों पर औचक छापा मारकर भारी मात्रा में तैयार और कच्चे मसालों के नमूने जब्त किए गए हैं, जिन्हें तत्काल राजकीय प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया है। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार द्वारा मिलावटखोरों के खिलाफ चलाए जा रहे निरंतर अभियान का हिस्सा है। कमिश्नर (खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, अलीगंज, लखनऊ) और जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग के सख्त आदेशों के बाद पूरे जिले में मसालों के खिलाफ यह महा-अभियान शुरू किया गया है। प्रशासनिक टीम ने जनपद की सीमाओं में संचालित होने वाली 'रॉयल मसाले' और 'आर एल (RL) मसाले' नामक इन दो प्रमुख इकाइयों का औचक निरीक्षण किया, जिससे फैक्ट्री संचालकों में हड़कंप मच गया। टीम ने मौके पर गहन जांच करते हुए हल्दी, धनिया, मिर्चा और अन्य तैयार व कच्चे मसालों के भारी मात्रा में सैंपल जब्त किए। इन सभी संदिग्ध मसालों को मौके पर ही सील कर दिया गया है। इस विशेष अभियान का निर्देशन सहायक आयुक्त खाद्य (द्वितीय) एवं मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी के. एन. त्रिपाठी के नेतृत्व में किया गया। विशेष अभियान टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी अरविंद कुमार और रणधीर सिंह यादव भी शामिल थे। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट मिलने के तुरंत बाद इन कंपनियों के खिलाफ सख्त कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।4