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एक सनसनीखेज वारदात में, एक भांजे ने अपने ही मामा की बेरहमी से गला रेतकर हत्या कर दी है। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। घटना में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।

1 hr ago
user_गांव से शहर न्यूज( krishna kumar keshari)
गांव से शहर न्यूज( krishna kumar keshari)
Chainpur, Kaimur (Bhabua)•
1 hr ago

एक सनसनीखेज वारदात में, एक भांजे ने अपने ही मामा की बेरहमी से गला रेतकर हत्या कर दी है। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। घटना में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।

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  • एक सनसनीखेज वारदात में, एक भांजे ने अपने ही मामा की बेरहमी से गला रेतकर हत्या कर दी है। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। घटना में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
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    एक सनसनीखेज वारदात में, एक भांजे ने अपने ही मामा की बेरहमी से गला रेतकर हत्या कर दी है। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। घटना में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
    user_गांव से शहर न्यूज( krishna kumar keshari)
    गांव से शहर न्यूज( krishna kumar keshari)
    Chainpur, Kaimur (Bhabua)•
    1 hr ago
  • ओमान की खाड़ी में हुए एक हमले में तीन भारतीय नाविकों की जान चली गई है, जिसके बाद कई गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं। इस घटना को लेकर यह पूछा जा रहा है कि उस रात वास्तव में क्या हुआ था, अमेरिका की कथित कार्रवाई पर भारत की क्या प्रतिक्रिया रही, और उन भारतीय परिवारों के दर्द को कौन समझेगा जिन्होंने इस हादसे में अपने प्रियजनों को खो दिया है। 'अवाज़-ए-भारत' ने इस पूरे मामले को विस्तार से समझने और उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर तथ्यों की पड़ताल करने का प्रयास किया है, क्योंकि उनका लक्ष्य 'खबर नहीं, सच की आवाज़' बनना है।
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    ओमान की खाड़ी में हुए एक हमले में तीन भारतीय नाविकों की जान चली गई है, जिसके बाद कई गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं। इस घटना को लेकर यह पूछा जा रहा है कि उस रात वास्तव में क्या हुआ था, अमेरिका की कथित कार्रवाई पर भारत की क्या प्रतिक्रिया रही, और उन भारतीय परिवारों के दर्द को कौन समझेगा जिन्होंने इस हादसे में अपने प्रियजनों को खो दिया है।

'अवाज़-ए-भारत' ने इस पूरे मामले को विस्तार से समझने और उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर तथ्यों की पड़ताल करने का प्रयास किया है, क्योंकि उनका लक्ष्य 'खबर नहीं, सच की आवाज़' बनना है।
    user_Awaaz -e-Bharat
    Awaaz -e-Bharat
    चांद, कैमूर (भभुआ), बिहार•
    11 hrs ago
  • कैमूर जिले के कुदरा थाना क्षेत्र में आज सुबह एक ऑटो स्पेयर पार्ट्स की दुकान में भीषण आग लगने से लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है, जहां पूरी दुकान जलकर राख हो गई है। इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों में फायर ब्रिगेड की लेट-लतीफी के प्रति भारी आक्रोश देखा गया है। मिली जानकारी के अनुसार, यह हादसा आज सुबह करीब 7 बजे कुदरा रेलवे स्टेशन के पास स्थित दुकान में शॉर्ट सर्किट से हुआ। आग इतनी तेजी से भड़की कि उसने आस-पास की अन्य दुकानों को भी अपनी चपेट में ले लिया, जिससे आसमान में धुएं का गुबार छा गया और मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। दुकान संचालक और स्थानीय नागरिकों ने अग्निशमन विभाग की कार्यशैली पर गंभीर आरोप लगाए हैं, उनका कहना है कि सूचना देने के बावजूद फायर ब्रिगेड की गाड़ी लगभग एक घंटे की देरी से पहुंची। स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि अग्निशमन वाहन मौके पर पहुंचने पर उसमें ऑपरेटर भी मौजूद नहीं था, जिसके बाद नागरिकों ने खुद आग बुझाने की कमान संभाली और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला भी मौके पर पहुंचा। मोहनियां एसडीएम रत्ना प्रियदर्शी ने जनता के भारी विरोध और नाराजगी के बीच स्थिति का जायजा लिया और आश्वासन दिया कि क्षेत्र में बेहतर अग्निशमन व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही न हो। इस अग्निकांड ने एक बार फिर स्थानीय आपदा प्रबंधन और फायर ब्रिगेड की तैयारियों की पोल खोल दी है, जो प्रशासनिक शिथिलता को उजागर करता है। फिलहाल पीड़ित दुकानदार को सरकारी मुआवजे की मांग की जा रही है और नुकसान का आकलन चल रहा है।
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    कैमूर जिले के कुदरा थाना क्षेत्र में आज सुबह एक ऑटो स्पेयर पार्ट्स की दुकान में भीषण आग लगने से लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है, जहां पूरी दुकान जलकर राख हो गई है। इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों में फायर ब्रिगेड की लेट-लतीफी के प्रति भारी आक्रोश देखा गया है।

मिली जानकारी के अनुसार, यह हादसा आज सुबह करीब 7 बजे कुदरा रेलवे स्टेशन के पास स्थित दुकान में शॉर्ट सर्किट से हुआ। आग इतनी तेजी से भड़की कि उसने आस-पास की अन्य दुकानों को भी अपनी चपेट में ले लिया, जिससे आसमान में धुएं का गुबार छा गया और मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई।

दुकान संचालक और स्थानीय नागरिकों ने अग्निशमन विभाग की कार्यशैली पर गंभीर आरोप लगाए हैं, उनका कहना है कि सूचना देने के बावजूद फायर ब्रिगेड की गाड़ी लगभग एक घंटे की देरी से पहुंची। स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि अग्निशमन वाहन मौके पर पहुंचने पर उसमें ऑपरेटर भी मौजूद नहीं था, जिसके बाद नागरिकों ने खुद आग बुझाने की कमान संभाली और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।

घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला भी मौके पर पहुंचा। मोहनियां एसडीएम रत्ना प्रियदर्शी ने जनता के भारी विरोध और नाराजगी के बीच स्थिति का जायजा लिया और आश्वासन दिया कि क्षेत्र में बेहतर अग्निशमन व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही न हो। इस अग्निकांड ने एक बार फिर स्थानीय आपदा प्रबंधन और फायर ब्रिगेड की तैयारियों की पोल खोल दी है, जो प्रशासनिक शिथिलता को उजागर करता है। फिलहाल पीड़ित दुकानदार को सरकारी मुआवजे की मांग की जा रही है और नुकसान का आकलन चल रहा है।
    user_Satyam Kumar Upadhyay
    Satyam Kumar Upadhyay
    Local News Reporter Bhabua, Patna•
    22 hrs ago
  • Post by D.k
    3
    Post by D.k
    user_D.k
    D.k
    चकिया, चंदौली, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • चंदौली जिले में 12 जून, 2026 को प्रशासन ने दो प्रमुख मसाला कंपनियों 'रॉयल' और 'आर एल (RL)' पर बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान इन नामी ब्रांड्स की फैक्ट्रियों पर औचक छापा मारकर भारी मात्रा में तैयार और कच्चे मसालों के नमूने जब्त किए गए हैं, जिन्हें तत्काल राजकीय प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया है। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार द्वारा मिलावटखोरों के खिलाफ चलाए जा रहे निरंतर अभियान का हिस्सा है। कमिश्नर (खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, अलीगंज, लखनऊ) और जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग के सख्त आदेशों के बाद पूरे जिले में मसालों के खिलाफ यह महा-अभियान शुरू किया गया है। प्रशासनिक टीम ने जनपद की सीमाओं में संचालित होने वाली 'रॉयल मसाले' और 'आर एल (RL) मसाले' नामक इन दो प्रमुख इकाइयों का औचक निरीक्षण किया, जिससे फैक्ट्री संचालकों में हड़कंप मच गया। टीम ने मौके पर गहन जांच करते हुए हल्दी, धनिया, मिर्चा और अन्य तैयार व कच्चे मसालों के भारी मात्रा में सैंपल जब्त किए। इन सभी संदिग्ध मसालों को मौके पर ही सील कर दिया गया है। इस विशेष अभियान का निर्देशन सहायक आयुक्त खाद्य (द्वितीय) एवं मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी के. एन. त्रिपाठी के नेतृत्व में किया गया। विशेष अभियान टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी अरविंद कुमार और रणधीर सिंह यादव भी शामिल थे। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट मिलने के तुरंत बाद इन कंपनियों के खिलाफ सख्त कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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    चंदौली जिले में 12 जून, 2026 को प्रशासन ने दो प्रमुख मसाला कंपनियों 'रॉयल' और 'आर एल (RL)' पर बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान इन नामी ब्रांड्स की फैक्ट्रियों पर औचक छापा मारकर भारी मात्रा में तैयार और कच्चे मसालों के नमूने जब्त किए गए हैं, जिन्हें तत्काल राजकीय प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया है।

यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार द्वारा मिलावटखोरों के खिलाफ चलाए जा रहे निरंतर अभियान का हिस्सा है। कमिश्नर (खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, अलीगंज, लखनऊ) और जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग के सख्त आदेशों के बाद पूरे जिले में मसालों के खिलाफ यह महा-अभियान शुरू किया गया है। प्रशासनिक टीम ने जनपद की सीमाओं में संचालित होने वाली 'रॉयल मसाले' और 'आर एल (RL) मसाले' नामक इन दो प्रमुख इकाइयों का औचक निरीक्षण किया, जिससे फैक्ट्री संचालकों में हड़कंप मच गया। टीम ने मौके पर गहन जांच करते हुए हल्दी, धनिया, मिर्चा और अन्य तैयार व कच्चे मसालों के भारी मात्रा में सैंपल जब्त किए। इन सभी संदिग्ध मसालों को मौके पर ही सील कर दिया गया है।

इस विशेष अभियान का निर्देशन सहायक आयुक्त खाद्य (द्वितीय) एवं मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी के. एन. त्रिपाठी के नेतृत्व में किया गया। विशेष अभियान टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी अरविंद कुमार और रणधीर सिंह यादव भी शामिल थे।

मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट मिलने के तुरंत बाद इन कंपनियों के खिलाफ सख्त कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
    user_राज कुमार सोनकर पत्रकार
    राज कुमार सोनकर पत्रकार
    Court reporter चकिया, चंदौली, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • जनपद चन्दौली की साइबर थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी माइक्रो फाइनेंस कंपनी की आड़ में देशभर के लोगों से करोड़ों की ऑनलाइन ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में एक महिला सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है और साइबर ठगी से जुड़ी लगभग 1.42 करोड़ रुपये की धनराशि होल्ड कराई गई है। आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में कंप्यूटर उपकरण, बैंकिंग दस्तावेज, फर्जी आधार कार्ड, पासबुक, मोबाइल फोन और अन्य महत्वपूर्ण अभिलेख भी बरामद किए गए हैं। पुलिस की जांच में सामने आया कि ये गिरोह "सत्कार निधि लिमिटेड" जैसी कई फर्जी माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के नाम पर लोगों को कम ब्याज दरों पर आसान ऋण उपलब्ध कराने का झांसा देता था। आरोपी सोशल मीडिया, मोबाइल कॉल और अन्य माध्यमों के जरिए संपर्क कर पीड़ितों से प्रोसेसिंग फीस, सिक्योरिटी मनी, बीमा शुल्क तथा अन्य शुल्कों के नाम पर धनराशि जमा कराते थे, लेकिन बाद में न तो ऋण देते थे और न ही जमा राशि वापस करते थे। तकनीकी जांच और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) के विश्लेषण से आरोपियों द्वारा संचालित बैंक खातों से जुड़े 16 साइबर धोखाधड़ी की शिकायतें विभिन्न राज्यों से दर्ज मिलीं, साथ ही गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) में भी उनके खिलाफ साइबर धोखाधड़ी का एक मुकदमा दर्ज होना सामने आया है। चन्दौली में एक कार्यालय से इस गिरोह के संचालन की सूचना मिलने पर साइबर थाना प्रभारी के नेतृत्व में गठित टीम ने छापेमारी की, जहाँ पुलिस को देखकर आरोपियों ने सामान हटाकर भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें बजरंग लॉन के सामने से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे फर्जी माइक्रो फाइनेंस कंपनियों का संचालन कर ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को आसान शर्तों पर ऋण देने का लालच देकर उनसे 5 हजार से 25 हजार रुपये तक वसूलते थे। देश भर में होने वाली अन्य साइबर ठगी की रकम भी इन्हीं बैंक खातों में मंगाई जाती थी, जिसका वे करीब 1.5 प्रतिशत कमीशन काटकर बाकी धनराशि अपने अन्य सहयोगियों के माध्यम से विभिन्न स्थानों पर ट्रांसफर कर देते थे। गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्होंने अपने फोटो लगाकर फर्जी नाम और पते वाले आधार कार्ड भी तैयार किए थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विरेन्द्र कुमार (निवासी बर्थरा बुर्द), आशीष पटवा (निवासी बबुरी बाजार) और सोनी (निवासी शाहपुर, चकिया) के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके कब्जे से 03 सीपीयू, 03 मॉनीटर, 03 की-बोर्ड, 02 प्रिंटर, 350 पासबुक, 03 फर्जी आधार कार्ड, 03 स्मार्टफोन, 11 मोहरें, 21 रजिस्टर, ब्लैंक चेक और बैंकिंग लेन-देन से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं। अपर पुलिस अधीक्षक ने जनपदवासियों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति या संस्था के बहकावे में आकर ऋण, निवेश या वित्तीय लाभ के नाम पर धनराशि जमा न करें, और किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 हेल्पलाइन नंबर या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। इस कार्रवाई को चन्दौली साइबर पुलिस की एक बड़ी सफलता माना जा रहा है, और पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों तथा वित्तीय लेन-देन की गहन जांच में जुटी हुई है।
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    जनपद चन्दौली की साइबर थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी माइक्रो फाइनेंस कंपनी की आड़ में देशभर के लोगों से करोड़ों की ऑनलाइन ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में एक महिला सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है और साइबर ठगी से जुड़ी लगभग 1.42 करोड़ रुपये की धनराशि होल्ड कराई गई है। आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में कंप्यूटर उपकरण, बैंकिंग दस्तावेज, फर्जी आधार कार्ड, पासबुक, मोबाइल फोन और अन्य महत्वपूर्ण अभिलेख भी बरामद किए गए हैं।

पुलिस की जांच में सामने आया कि ये गिरोह "सत्कार निधि लिमिटेड" जैसी कई फर्जी माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के नाम पर लोगों को कम ब्याज दरों पर आसान ऋण उपलब्ध कराने का झांसा देता था। आरोपी सोशल मीडिया, मोबाइल कॉल और अन्य माध्यमों के जरिए संपर्क कर पीड़ितों से प्रोसेसिंग फीस, सिक्योरिटी मनी, बीमा शुल्क तथा अन्य शुल्कों के नाम पर धनराशि जमा कराते थे, लेकिन बाद में न तो ऋण देते थे और न ही जमा राशि वापस करते थे। तकनीकी जांच और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) के विश्लेषण से आरोपियों द्वारा संचालित बैंक खातों से जुड़े 16 साइबर धोखाधड़ी की शिकायतें विभिन्न राज्यों से दर्ज मिलीं, साथ ही गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) में भी उनके खिलाफ साइबर धोखाधड़ी का एक मुकदमा दर्ज होना सामने आया है।

चन्दौली में एक कार्यालय से इस गिरोह के संचालन की सूचना मिलने पर साइबर थाना प्रभारी के नेतृत्व में गठित टीम ने छापेमारी की, जहाँ पुलिस को देखकर आरोपियों ने सामान हटाकर भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें बजरंग लॉन के सामने से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे फर्जी माइक्रो फाइनेंस कंपनियों का संचालन कर ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को आसान शर्तों पर ऋण देने का लालच देकर उनसे 5 हजार से 25 हजार रुपये तक वसूलते थे। देश भर में होने वाली अन्य साइबर ठगी की रकम भी इन्हीं बैंक खातों में मंगाई जाती थी, जिसका वे करीब 1.5 प्रतिशत कमीशन काटकर बाकी धनराशि अपने अन्य सहयोगियों के माध्यम से विभिन्न स्थानों पर ट्रांसफर कर देते थे। गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्होंने अपने फोटो लगाकर फर्जी नाम और पते वाले आधार कार्ड भी तैयार किए थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विरेन्द्र कुमार (निवासी बर्थरा बुर्द), आशीष पटवा (निवासी बबुरी बाजार) और सोनी (निवासी शाहपुर, चकिया) के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके कब्जे से 03 सीपीयू, 03 मॉनीटर, 03 की-बोर्ड, 02 प्रिंटर, 350 पासबुक, 03 फर्जी आधार कार्ड, 03 स्मार्टफोन, 11 मोहरें, 21 रजिस्टर, ब्लैंक चेक और बैंकिंग लेन-देन से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं।

अपर पुलिस अधीक्षक ने जनपदवासियों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति या संस्था के बहकावे में आकर ऋण, निवेश या वित्तीय लाभ के नाम पर धनराशि जमा न करें, और किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 हेल्पलाइन नंबर या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। इस कार्रवाई को चन्दौली साइबर पुलिस की एक बड़ी सफलता माना जा रहा है, और पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों तथा वित्तीय लेन-देन की गहन जांच में जुटी हुई है।
    user_Shivanand  patrakar
    Shivanand patrakar
    चकिया, चंदौली, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • चन्दौली जनपद की साइबर थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी माइक्रो फाइनेंस कंपनी की आड़ में देशभर में ऑनलाइन ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह में शामिल एक महिला सहित कुल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, साथ ही साइबर ठगी से जुड़ी लगभग 1.42 करोड़ रुपये की धनराशि को होल्ड करा लिया है। आरोपियों के पास से बड़ी संख्या में कंप्यूटर उपकरण, बैंकिंग दस्तावेज, फर्जी आधार कार्ड, पासबुक, मोबाइल फोन और अन्य महत्वपूर्ण अभिलेख बरामद हुए हैं। पुलिस की जांच के अनुसार, यह गिरोह "सत्कार निधि लिमिटेड" सहित कई फर्जी माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के नाम पर लोगों को कम ब्याज दर पर आसान ऋण उपलब्ध कराने का झांसा देता था। आरोपी सोशल मीडिया, मोबाइल कॉल और अन्य माध्यमों से संपर्क साधकर पीड़ितों से प्रोसेसिंग फीस, सिक्योरिटी मनी, बीमा शुल्क तथा अन्य शुल्कों के नाम पर पैसे जमा करवाते थे। राशि जमा होने के बाद न तो उन्हें ऋण मिलता था और न ही उनकी जमा राशि वापस की जाती थी। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को आसान शर्तों पर ऋण देने का लालच देकर उनसे 5 हजार से 25 हजार रुपये तक वसूलते थे। देशभर में होने वाली साइबर ठगी की रकम भी इन्हीं बैंक खातों में मंगाई जाती थी, जिसमें से आरोपी लगभग 1.5 प्रतिशत कमीशन काटकर शेष धनराशि अपने अन्य सहयोगियों के माध्यम से विभिन्न स्थानों पर ट्रांसफर कर देते थे। गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्होंने अपने फोटो लगे फर्जी नाम और पते वाले आधार कार्ड भी तैयार कर रखे थे। तकनीकी जांच और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर मिली जानकारी के विश्लेषण से पता चला कि आरोपियों द्वारा संचालित बैंक खातों से जुड़े 16 साइबर धोखाधड़ी की शिकायतें अलग-अलग राज्यों से दर्ज हुई थीं। इसके अलावा, गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) में भी आरोपियों के खिलाफ साइबर धोखाधड़ी का एक मुकदमा दर्ज पाया गया। जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि इस गिरोह का संचालन चन्दौली जनपद स्थित एक कार्यालय से हो रहा था, जिसके आधार पर साइबर थाना प्रभारी के नेतृत्व में टीम ने छापेमारी की। पुलिस को देखकर कुछ लोग सामान हटाकर भागने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें बजरंग लॉन के सामने से पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विरेन्द्र कुमार निवासी बर्थरा बुर्द, आशीष पटवा निवासी बबुरी बाजार और सोनी निवासी शाहपुर, चकिया के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से 03 सीपीयू, 03 मॉनीटर, 03 की-बोर्ड, 02 प्रिंटर, 350 पासबुक, 03 फर्जी आधार कार्ड, 03 स्मार्टफोन, 11 मोहरें, 21 रजिस्टर, ब्लैंक चेक और बैंकिंग लेन-देन से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं। अपर पुलिस अधीक्षक ने जनपदवासियों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति या संस्था के बहकावे में आकर ऋण, निवेश या वित्तीय लाभ के नाम पर कोई धनराशि जमा न करें। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 हेल्पलाइन नंबर या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है। इस कार्रवाई को चन्दौली साइबर पुलिस की एक बड़ी सफलता माना जा रहा है और पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों व उनके वित्तीय लेन-देन की गहन जांच में जुटी हुई है।
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    चन्दौली जनपद की साइबर थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी माइक्रो फाइनेंस कंपनी की आड़ में देशभर में ऑनलाइन ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह में शामिल एक महिला सहित कुल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, साथ ही साइबर ठगी से जुड़ी लगभग 1.42 करोड़ रुपये की धनराशि को होल्ड करा लिया है। आरोपियों के पास से बड़ी संख्या में कंप्यूटर उपकरण, बैंकिंग दस्तावेज, फर्जी आधार कार्ड, पासबुक, मोबाइल फोन और अन्य महत्वपूर्ण अभिलेख बरामद हुए हैं।

पुलिस की जांच के अनुसार, यह गिरोह "सत्कार निधि लिमिटेड" सहित कई फर्जी माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के नाम पर लोगों को कम ब्याज दर पर आसान ऋण उपलब्ध कराने का झांसा देता था। आरोपी सोशल मीडिया, मोबाइल कॉल और अन्य माध्यमों से संपर्क साधकर पीड़ितों से प्रोसेसिंग फीस, सिक्योरिटी मनी, बीमा शुल्क तथा अन्य शुल्कों के नाम पर पैसे जमा करवाते थे। राशि जमा होने के बाद न तो उन्हें ऋण मिलता था और न ही उनकी जमा राशि वापस की जाती थी। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को आसान शर्तों पर ऋण देने का लालच देकर उनसे 5 हजार से 25 हजार रुपये तक वसूलते थे। देशभर में होने वाली साइबर ठगी की रकम भी इन्हीं बैंक खातों में मंगाई जाती थी, जिसमें से आरोपी लगभग 1.5 प्रतिशत कमीशन काटकर शेष धनराशि अपने अन्य सहयोगियों के माध्यम से विभिन्न स्थानों पर ट्रांसफर कर देते थे। गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्होंने अपने फोटो लगे फर्जी नाम और पते वाले आधार कार्ड भी तैयार कर रखे थे।

तकनीकी जांच और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर मिली जानकारी के विश्लेषण से पता चला कि आरोपियों द्वारा संचालित बैंक खातों से जुड़े 16 साइबर धोखाधड़ी की शिकायतें अलग-अलग राज्यों से दर्ज हुई थीं। इसके अलावा, गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) में भी आरोपियों के खिलाफ साइबर धोखाधड़ी का एक मुकदमा दर्ज पाया गया। जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि इस गिरोह का संचालन चन्दौली जनपद स्थित एक कार्यालय से हो रहा था, जिसके आधार पर साइबर थाना प्रभारी के नेतृत्व में टीम ने छापेमारी की। पुलिस को देखकर कुछ लोग सामान हटाकर भागने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें बजरंग लॉन के सामने से पकड़ लिया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विरेन्द्र कुमार निवासी बर्थरा बुर्द, आशीष पटवा निवासी बबुरी बाजार और सोनी निवासी शाहपुर, चकिया के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से 03 सीपीयू, 03 मॉनीटर, 03 की-बोर्ड, 02 प्रिंटर, 350 पासबुक, 03 फर्जी आधार कार्ड, 03 स्मार्टफोन, 11 मोहरें, 21 रजिस्टर, ब्लैंक चेक और बैंकिंग लेन-देन से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं।

अपर पुलिस अधीक्षक ने जनपदवासियों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति या संस्था के बहकावे में आकर ऋण, निवेश या वित्तीय लाभ के नाम पर कोई धनराशि जमा न करें। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 हेल्पलाइन नंबर या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है। इस कार्रवाई को चन्दौली साइबर पुलिस की एक बड़ी सफलता माना जा रहा है और पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों व उनके वित्तीय लेन-देन की गहन जांच में जुटी हुई है।
    user_Murali Shyam patrakar
    Murali Shyam patrakar
    Media house चकिया, चंदौली, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • चंदौली में रॉयल और आरएल मसाला फैक्ट्रियों पर छापेमारी की गई है। यह कार्रवाई मिलावट की शिकायत मिलने के बाद की गई, जिसके तहत दोनों फैक्ट्रियों से नमूने (सैंपल) लिए गए।
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    चंदौली में रॉयल और आरएल मसाला फैक्ट्रियों पर छापेमारी की गई है। यह कार्रवाई मिलावट की शिकायत मिलने के बाद की गई, जिसके तहत दोनों फैक्ट्रियों से नमूने (सैंपल) लिए गए।
    user_राज कुमार सोनकर पत्रकार
    राज कुमार सोनकर पत्रकार
    Court reporter चकिया, चंदौली, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
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