उत्तर प्रदेश के चन्दौली जिले के नौगढ़ ब्लॉक अंतर्गत बरबसपुर ग्राम पंचायत के बकुलघट्टा गांव में विकास के दावे पूरी तरह खोखले साबित हुए हैं, जहाँ कई महीनों से एक हैंडपंप बंद पड़ा है, जिससे स्थानीय निवासी बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि जब हैंडपंप निष्क्रिय पड़ा है, तब भी इसकी मरम्मत के नाम पर सरकारी खजाने से लाखों रुपये का भुगतान किया जा रहा है, जिस पर सवाल उठ रहे हैं कि यह किसके इशारे पर और किसके खातों में जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि यह महज संयोग नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश है। उनका कहना है कि गांव में हैंडपंप कंडम स्थिति में है, लेकिन विभागीय फाइलों में इसे लगातार 'मरम्मत योग्य' या 'मरम्मत पूर्ण' दिखाकर सरकारी धन डकारने का सिलसिला बदस्तूर जारी है। इसे 'भ्रष्टाचार का 'डबल इंजन'' बताया जा रहा है, जिसमें जनता प्यासी मर रही है और जिम्मेदार अपनी जेबें भरने में लगे हैं। ग्रामीणों ने इसे प्रशासनिक भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा करार दिया है। इस गंभीर मामले पर जब ग्राम पंचायत सचिव से जवाब मांगा गया, तो उन्होंने हमेशा की तरह पल्ला झाड़ते हुए गोलमोल सफाई दी कि भुगतान नियमों के अनुसार ही हुआ है और इसमें किसी भी प्रकार की कोई धांधली नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर हैंडपंप खराब है, तो उसे दिखवाया जाएगा। हालाँकि, सचिव का यह बयान स्थानीय लोगों के आक्रोश को और बढ़ा रहा है, क्योंकि ग्रामीणों के पास इस बात के ठोस सबूत हैं कि मरम्मत कार्य मौके पर नदारद है और वे इस भ्रष्टाचार को सचिव और प्रधान की मिलीभगत का परिणाम मान रहे हैं।
उत्तर प्रदेश के चन्दौली जिले के नौगढ़ ब्लॉक अंतर्गत बरबसपुर ग्राम पंचायत के बकुलघट्टा गांव में विकास के दावे पूरी तरह खोखले साबित हुए हैं, जहाँ कई महीनों से एक हैंडपंप बंद पड़ा है, जिससे स्थानीय निवासी बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि जब हैंडपंप निष्क्रिय पड़ा है, तब भी इसकी मरम्मत के नाम पर सरकारी खजाने से लाखों रुपये का भुगतान किया जा रहा है, जिस पर सवाल उठ रहे हैं कि यह किसके इशारे पर और किसके खातों में जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि यह महज संयोग नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश है। उनका कहना है कि गांव में हैंडपंप कंडम स्थिति में है, लेकिन विभागीय फाइलों में इसे लगातार 'मरम्मत योग्य' या 'मरम्मत पूर्ण' दिखाकर सरकारी धन डकारने का सिलसिला बदस्तूर
जारी है। इसे 'भ्रष्टाचार का 'डबल इंजन'' बताया जा रहा है, जिसमें जनता प्यासी मर रही है और जिम्मेदार अपनी जेबें भरने में लगे हैं। ग्रामीणों ने इसे प्रशासनिक भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा करार दिया है। इस गंभीर मामले पर जब ग्राम पंचायत सचिव से जवाब मांगा गया, तो उन्होंने हमेशा की तरह पल्ला झाड़ते हुए गोलमोल सफाई दी कि भुगतान नियमों के अनुसार ही हुआ है और इसमें किसी भी प्रकार की कोई धांधली नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर हैंडपंप खराब है, तो उसे दिखवाया जाएगा। हालाँकि, सचिव का यह बयान स्थानीय लोगों के आक्रोश को और बढ़ा रहा है, क्योंकि ग्रामीणों के पास इस बात के ठोस सबूत हैं कि मरम्मत कार्य मौके पर नदारद है और वे इस भ्रष्टाचार को सचिव और प्रधान की मिलीभगत का परिणाम मान रहे हैं।
- चंदौली जिले में 12 जून, 2026 को प्रशासन ने दो प्रमुख मसाला कंपनियों 'रॉयल' और 'आर एल (RL)' पर बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान इन नामी ब्रांड्स की फैक्ट्रियों पर औचक छापा मारकर भारी मात्रा में तैयार और कच्चे मसालों के नमूने जब्त किए गए हैं, जिन्हें तत्काल राजकीय प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया है। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार द्वारा मिलावटखोरों के खिलाफ चलाए जा रहे निरंतर अभियान का हिस्सा है। कमिश्नर (खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, अलीगंज, लखनऊ) और जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग के सख्त आदेशों के बाद पूरे जिले में मसालों के खिलाफ यह महा-अभियान शुरू किया गया है। प्रशासनिक टीम ने जनपद की सीमाओं में संचालित होने वाली 'रॉयल मसाले' और 'आर एल (RL) मसाले' नामक इन दो प्रमुख इकाइयों का औचक निरीक्षण किया, जिससे फैक्ट्री संचालकों में हड़कंप मच गया। टीम ने मौके पर गहन जांच करते हुए हल्दी, धनिया, मिर्चा और अन्य तैयार व कच्चे मसालों के भारी मात्रा में सैंपल जब्त किए। इन सभी संदिग्ध मसालों को मौके पर ही सील कर दिया गया है। इस विशेष अभियान का निर्देशन सहायक आयुक्त खाद्य (द्वितीय) एवं मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी के. एन. त्रिपाठी के नेतृत्व में किया गया। विशेष अभियान टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी अरविंद कुमार और रणधीर सिंह यादव भी शामिल थे। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट मिलने के तुरंत बाद इन कंपनियों के खिलाफ सख्त कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।4
- आज एक बार फिर कैमूर भभुआ स्थित माँ मुंडेश्वरी के पास मौसम का मिजाज बदल गया है।1
- एक सनसनीखेज वारदात में, एक भांजे ने अपने ही मामा की बेरहमी से गला रेतकर हत्या कर दी है। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। घटना में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।1
- ओमान की खाड़ी में हुए एक हमले में तीन भारतीय नाविकों की जान चली गई है, जिसके बाद कई गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं। इस घटना को लेकर यह पूछा जा रहा है कि उस रात वास्तव में क्या हुआ था, अमेरिका की कथित कार्रवाई पर भारत की क्या प्रतिक्रिया रही, और उन भारतीय परिवारों के दर्द को कौन समझेगा जिन्होंने इस हादसे में अपने प्रियजनों को खो दिया है। 'अवाज़-ए-भारत' ने इस पूरे मामले को विस्तार से समझने और उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर तथ्यों की पड़ताल करने का प्रयास किया है, क्योंकि उनका लक्ष्य 'खबर नहीं, सच की आवाज़' बनना है।1
- मुख्यमंत्री विजय को लायन गर्ल स्पेशल एक्शन फोर्स की गश्ती गाड़ी चलाते हुए देखा गया है।1
- सोनभद्र जिले के अमिलिया गांव स्थित सरकारी स्कूल का हैंडपंप खराब हो गया है। ग्रामीणों ने बताया है कि हैंडपंप बिगड़ा हुआ है और उसकी मरम्मत नहीं हो पा रही है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से निवेदन किया है कि गांव के सरकारी स्कूल के इस खराब हैंडपंप को जल्द से जल्द ठीक कराने की कृपा की जाए।2
- चंदौली में रॉयल और आरएल मसाला फैक्ट्रियों पर छापेमारी की गई है। यह कार्रवाई मिलावट की शिकायत मिलने के बाद की गई, जिसके तहत दोनों फैक्ट्रियों से नमूने (सैंपल) लिए गए।1
- कैमूर जिले में शुक्रवार को 'अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस' के अवसर पर बाल श्रम जैसी सामाजिक कुप्रथा को जड़ से मिटाने के उद्देश्य से विभिन्न जागरूकता और संकल्प कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग, कैमूर के तत्वावधान में आयोजित इन कार्यक्रमों के माध्यम से आम जनता को बाल श्रम के खिलाफ जागरूक रहने का संदेश दिया गया। इन आयोजनों की शुरुआत इटाधी स्थित संयुक्त श्रम भवन में हुई, जहाँ श्रम अधीक्षक, सभी श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी और कार्यालय कर्मियों सहित उपस्थित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने बाल श्रम के विरुद्ध खड़े होने की सामूहिक शपथ ली। शपथ ग्रहण के तुरंत बाद, जिले के सुदूर क्षेत्रों में बाल श्रम के खिलाफ व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए एक जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया, जो पूरे कैमूर जिले में घूम-घूम कर लोगों को बाल श्रम न कराने और बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए प्रेरित करेगा। जागरूकता अभियान के तहत भेकास स्थित महिला आई.टी.आई. में एक चित्रकारी प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसकी मूल थीम इस वर्ष की अंतर्राष्ट्रीय थीम 'बाल श्रम को लाल कार्ड' रखी गई थी। छात्राओं ने अपनी कला के माध्यम से बाल श्रम के दर्द और बच्चों के सुनहरे भविष्य की आवश्यकता को बेहद खूबसूरती से दर्शाया। केवल आयोजनों तक सीमित न रहकर, विभाग ने धरातल पर भी सक्रियता दिखाई; श्रम प्रवर्तन पदाधिकारियों की टीमों ने नवरंगराय एग्रो, यश लक्ष्मी इकोपैक और पतंजलि बिस्किट फैक्ट्री जैसे जिले के प्रमुख प्रतिष्ठानों और कारखानों का औचक दौरा किया। अधिकारियों ने नियोक्ताओं और श्रमिकों को बाल श्रम कानून की कड़ाई से जानकारी दी और परिसरों में बाल मजदूरों को न रखने की सख्त हिदायत दी। दिन का मुख्य और समापन कार्यक्रम लिच्छवी भवन में आयोजित हुआ, जहाँ श्रम अधीक्षक श्री चंदन कुमार ने उपस्थित सभी पदाधिकारियों, प्रबुद्ध नागरिकों और सहभागियों को बाल श्रम के उन्मूलन के लिए एकजुट होने की अपील की। उन्होंने सभी को सामूहिक रूप से फिर से शपथ दिलाई कि वे न तो बाल श्रम करेंगे और न ही अपने आस-पास ऐसा होने देंगे। श्रम विभाग ने आम जनता को सचेत करते हुए यह भी बताया है कि बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम 1986 के तहत 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों से किसी भी तरह का कार्य करवाना पूर्णतः प्रतिबंधित है, और 14 से 18 वर्ष के किशोरों से जोखिम भरा कार्य करवाना एक संज्ञेय अपराध है। कानून का उल्लंघन करने वाले को 2 वर्ष तक का कारावास और 50 हजार रुपये तक का जुर्माना या दोनों भुगतना पड़ सकता है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि कहीं भी बाल श्रम दिखे, तो तुरंत इसकी सूचना श्रम विभाग को दें।1
- जनपद सोनभद्र के घोरावल तहसील की ग्राम पंचायत भैसवार में भारतीय किसान यूनियन लोक शक्ति का चकबंदी को लेकर चल रहा धरना प्रदर्शन 390वें दिन में पहुँच गया है। इस धरने का नेतृत्व भारतीय किसान यूनियन लोक शक्ति के जिला अध्यक्ष बिरजू कुशवाहा और तहसील संगठन मंत्री मनोज कुमार यादव कर रहे हैं।1