3.5 लाख से अधिक आउटसोर्स कर्मियों को बड़ी सौगात, यूपी आउटसोर्स सेवा निगम का शुभारंभ ललितपुर में जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों ने देखा मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का सजीव प्रसारण, कर्मचारियों को वितरित किए मानदेय के चेक ललितपुर। प्रदेश के लाखों आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए बुधवार का दिन बड़ी राहत और उम्मीद लेकर आया। लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ स्थित लोकभवन से उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने सिंगल क्लिक के माध्यम से निगम के पोर्टल, वेबसाइट और लोगो का अनावरण किया। साथ ही आउटसोर्स कर्मियों के व्यापक कल्याण के लिए भारतीय स्टेट बैंक के साथ एमओयू भी किया गया। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के विभिन्न विभागों में कार्यरत 3.5 लाख से अधिक आउटसोर्स कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। निगम के माध्यम से कर्मचारियों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा के साथ उनकी नौकरी की सुरक्षा भी सुनिश्चित करने की व्यवस्था की गई है। निजी आउटसोर्सिंग एजेंसियों की मनमानी, वेतन में देरी और नियुक्ति के नाम पर शोषण जैसी समस्याओं पर भी अंकुश लगाने की बात कही गई है। एजेंसियों की मनमानी पर लगेगा अंकुश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों को शासन द्वारा निर्धारित न्यूनतम पारिश्रमिक, नियम संगत कटौतियों और अन्य सेवा शर्तों का लाभ दिलाने के उद्देश्य से निगम का गठन किया गया है। कर्मचारियों के मानदेय में वृद्धि के साथ दुर्घटना बीमा सहित विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने कहा कि पूर्व में कई स्थानों पर नियुक्ति के नाम पर युवाओं से अवैध धन वसूली, समय से वेतन न मिलने और बिना उचित जानकारी सेवा समाप्त किए जाने जैसी शिकायतें सामने आती रही हैं। नई व्यवस्था का उद्देश्य इन समस्याओं का स्थायी समाधान करना है। यदि कोई एजेंसी आउटसोर्स कर्मचारियों का शोषण करती है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई करते हुए उसे ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। 5 लाख तक कैशलेस इलाज, दुर्घटना बीमा समेत कई सुविधाएं निगम के माध्यम से आउटसोर्स कर्मचारियों और उनके परिवारों को कई महत्वपूर्ण सुविधाओं का लाभ मिलेगा। इनमें 5 लाख रुपये तक कैशलेस चिकित्सा सुविधा, मातृत्व अवकाश, 20 से 50 लाख रुपये तक दुर्घटना बीमा, आकस्मिक सेवाएं और बच्चों के लिए शिक्षा सहायता जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं। इसके अलावा कर्मचारियों के पारिश्रमिक का समयबद्ध भुगतान प्रत्येक माह की 1 से 5 तारीख के बीच सीधे बैंक खाते में किए जाने की व्यवस्था होगी। ईपीएफ और ईएसआईसी का पूरा लाभ एवं निर्धारित अंशदान सुनिश्चित किया जाएगा। डिजिटल प्लेटफॉर्म और जेम के माध्यम से भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने की बात कही गई है। एजेंसी बदलने पर भी नौकरी पर नहीं पड़ेगा असर निगम की व्यवस्था की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह होगी कि नई एजेंसी आने या वेंडर बदलने की स्थिति में वर्तमान में कार्यरत कर्मचारियों की नौकरी प्रभावित नहीं होगी। उनका रोजगार बना रहेगा। कर्मचारियों का डिजिटल सेवा रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा, जिसमें वेतन स्लिप, उपस्थिति, अनुमन्य कटौती और नियुक्ति पत्र जैसी जानकारियां ऑनलाइन उपलब्ध रहेंगी। वेतन में देरी अथवा अन्य समस्याओं के समाधान के लिए ऑनलाइन हेल्पडेस्क और शिकायत निवारण व्यवस्था भी उपलब्ध कराई जाएगी। भर्ती में सरकारी आरक्षण नियमों के साथ महिलाओं और पूर्व सैनिकों से संबंधित आरक्षण नीतियों को भी लागू किया जाएगा। ललितपुर कलक्ट्रेट में हुआ सजीव प्रसारण लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम का सजीव प्रसारण ललितपुर कलक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी सत्य प्रकाश की अध्यक्षता में देखा गया। कार्यक्रम में सदर विधायक रामरतन कुशवाहा, जिला पंचायत अध्यक्ष कैलाश नारायण निरंजन, राज्यमंत्री प्रतिनिधि चन्द्रशेखर पंथ, एमएलसी प्रतिनिधि केदारनाथ तिवारी और नगर पालिका अध्यक्षा सोनाली जैन सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान आउटसोर्स कर्मचारियों को बढ़े हुए मानदेय के चेक वितरित किए गए। इसी क्रम में ललितपुर कलक्ट्रेट में भी जिलाधिकारी एवं जनप्रतिनिधियों ने आउटसोर्स कर्मियों को मानदेय के चेक प्रदान किए। चेक प्राप्त करने के बाद कर्मचारियों ने खुशी जताते हुए सरकार के इस निर्णय की सराहना की। सदर विधायक रामरतन कुशवाहा ने कहा कि यह दिन प्रदेश के सभी आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। सरकार ने दीपावली से पहले कर्मचारियों को बड़ी सौगात दी है। कार्यक्रम के अंत में मुख्य विकास अधिकारी शेषनाथ चौहान ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर जिला प्रोबेशन अधिकारी नन्दलाल सिंह, श्रम प्रवर्तन अधिकारी अनिल कुमार, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका दिनेश कुमार विश्वकर्मा सहित विभिन्न विभागों के बड़ी संख्या में आउटसोर्स कर्मचारी मौजूद रहे।
3.5 लाख से अधिक आउटसोर्स कर्मियों को बड़ी सौगात, यूपी आउटसोर्स सेवा निगम का शुभारंभ ललितपुर में जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों ने देखा मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का सजीव प्रसारण, कर्मचारियों को वितरित किए मानदेय के चेक ललितपुर। प्रदेश के लाखों आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए बुधवार का दिन बड़ी राहत और उम्मीद लेकर आया। लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ स्थित लोकभवन से उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने सिंगल क्लिक के माध्यम से निगम के पोर्टल, वेबसाइट और लोगो का अनावरण किया। साथ ही आउटसोर्स कर्मियों के व्यापक कल्याण के लिए भारतीय स्टेट बैंक के साथ एमओयू भी किया गया। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के विभिन्न विभागों में कार्यरत 3.5 लाख से अधिक आउटसोर्स कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। निगम के माध्यम से कर्मचारियों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा के साथ उनकी नौकरी की सुरक्षा भी सुनिश्चित करने की व्यवस्था की गई है। निजी आउटसोर्सिंग एजेंसियों की मनमानी, वेतन में देरी और नियुक्ति के नाम पर शोषण जैसी समस्याओं पर भी अंकुश लगाने की बात कही गई है। एजेंसियों की मनमानी पर लगेगा अंकुश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों को शासन द्वारा निर्धारित न्यूनतम पारिश्रमिक, नियम संगत कटौतियों और अन्य सेवा शर्तों का लाभ दिलाने के उद्देश्य से निगम का गठन किया गया है। कर्मचारियों के मानदेय में वृद्धि के साथ दुर्घटना बीमा सहित विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने कहा कि पूर्व में कई स्थानों पर नियुक्ति के नाम पर युवाओं से अवैध धन वसूली, समय से वेतन न मिलने और बिना उचित जानकारी सेवा समाप्त किए जाने जैसी शिकायतें सामने आती रही हैं। नई व्यवस्था का उद्देश्य इन समस्याओं का स्थायी समाधान करना है। यदि कोई एजेंसी आउटसोर्स कर्मचारियों का शोषण करती है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई करते हुए उसे ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। 5 लाख तक कैशलेस इलाज, दुर्घटना बीमा समेत कई सुविधाएं निगम के माध्यम से आउटसोर्स कर्मचारियों और उनके परिवारों को कई महत्वपूर्ण सुविधाओं का लाभ मिलेगा। इनमें 5 लाख रुपये तक कैशलेस चिकित्सा सुविधा, मातृत्व अवकाश, 20 से 50 लाख रुपये तक दुर्घटना बीमा, आकस्मिक सेवाएं
और बच्चों के लिए शिक्षा सहायता जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं। इसके अलावा कर्मचारियों के पारिश्रमिक का समयबद्ध भुगतान प्रत्येक माह की 1 से 5 तारीख के बीच सीधे बैंक खाते में किए जाने की व्यवस्था होगी। ईपीएफ और ईएसआईसी का पूरा लाभ एवं निर्धारित अंशदान सुनिश्चित किया जाएगा। डिजिटल प्लेटफॉर्म और जेम के माध्यम से भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने की बात कही गई है। एजेंसी बदलने पर भी नौकरी पर नहीं पड़ेगा असर निगम की व्यवस्था की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह होगी कि नई एजेंसी आने या वेंडर बदलने की स्थिति में वर्तमान में कार्यरत कर्मचारियों की नौकरी प्रभावित नहीं होगी। उनका रोजगार बना रहेगा। कर्मचारियों का डिजिटल सेवा रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा, जिसमें वेतन स्लिप, उपस्थिति, अनुमन्य कटौती और नियुक्ति पत्र जैसी जानकारियां ऑनलाइन उपलब्ध रहेंगी। वेतन में देरी अथवा अन्य समस्याओं के समाधान के लिए ऑनलाइन हेल्पडेस्क और शिकायत निवारण व्यवस्था भी उपलब्ध कराई जाएगी। भर्ती में सरकारी आरक्षण नियमों के साथ महिलाओं और पूर्व सैनिकों से संबंधित आरक्षण नीतियों को भी लागू किया जाएगा। ललितपुर कलक्ट्रेट में हुआ सजीव प्रसारण लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम का सजीव प्रसारण ललितपुर कलक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी सत्य प्रकाश की अध्यक्षता में देखा गया। कार्यक्रम में सदर विधायक रामरतन कुशवाहा, जिला पंचायत अध्यक्ष कैलाश नारायण निरंजन, राज्यमंत्री प्रतिनिधि चन्द्रशेखर पंथ, एमएलसी प्रतिनिधि केदारनाथ तिवारी और नगर पालिका अध्यक्षा सोनाली जैन सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान आउटसोर्स कर्मचारियों को बढ़े हुए मानदेय के चेक वितरित किए गए। इसी क्रम में ललितपुर कलक्ट्रेट में भी जिलाधिकारी एवं जनप्रतिनिधियों ने आउटसोर्स कर्मियों को मानदेय के चेक प्रदान किए। चेक प्राप्त करने के बाद कर्मचारियों ने खुशी जताते हुए सरकार के इस निर्णय की सराहना की। सदर विधायक रामरतन कुशवाहा ने कहा कि यह दिन प्रदेश के सभी आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। सरकार ने दीपावली से पहले कर्मचारियों को बड़ी सौगात दी है। कार्यक्रम के अंत में मुख्य विकास अधिकारी शेषनाथ चौहान ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर जिला प्रोबेशन अधिकारी नन्दलाल सिंह, श्रम प्रवर्तन अधिकारी अनिल कुमार, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका दिनेश कुमार विश्वकर्मा सहित विभिन्न विभागों के बड़ी संख्या में आउटसोर्स कर्मचारी मौजूद रहे।
- सड़क किनारे खड़े दंपति में कार ने मारी टक्कर, हादसे का वीडियो हुआ वायरल पेट्रोल पम्प के सामने सड़क किनारे खड़े दंपति को सामने से आ रहे तेज रफ्तार अनियंत्रित कार टक्कर मारते हुये खड्डे में जा गिरी। गनीमत रही कि इस हादसे में ग्रामीणों को मामूली चोटें आयीं कोई गंभीर घायल नहीं हुआ। इस हादसे का वीडियो पेट्रोल पंप के सीसीटीवी में कैद हो गया। मामला बीते 31 अगस्त का बताया जा रहा है जो थाना मदनपुर अंतर्गत ग्राम दिदोनिया स्थित पेट्रोल पंप के सामने का है जिसमें घायल हुये बाइक सवार दंपति मध्यप्रदेश के निवासी बताए हैं वहीं कार कस्बा मड़ावरा को बताई गई है। इस प्रकरण के बावत थानाध्यक्ष मदनपुर राजपाल सिंह ने बताया कि मामले में कोई गंभीर चोटिल नहीं हुआ और दोनों पक्षों के बीच राजीनामा होने से किसी ने कोई शिकायती पत्र पुलिस को नहीं सौंपा है।1
- बकरी चोरी गिरोह का खुलासा : चार आरोपी गिरफ्तार, प्राइवेट एम्बुलेंस में चोरी करते थे बकरा-बकरियां बकरी चोरी गिरोह का खुलासा: चार आरोपी गिरफ्तार, प्राइवेट एम्बुलेंस में चोरी करते थे बकरा-बकरियां ललितपुर। कोतवाली ललितपुर पुलिस ने बकरी चोरी के एक मामले का खुलासा करते हुए चार वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई कुल 10 बकरियां/बकरे बरामद किए हैं। इसके साथ ही वारदात में इस्तेमाल की जा रही एक प्राइवेट एम्बुलेंस भी पुलिस ने बरामद की है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी एम्बुलेंस का इस्तेमाल चोरी किए गए पशुओं को ले जाने के लिए करते थे, ताकि किसी को उन पर आसानी से शक न हो। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक ललितपुर संजीव कुमार बाजपेई के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक कालू सिंह तथा क्षेत्राधिकारी सदर अजय कुमार के निकट पर्यवेक्षण में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। बाड़े में बंधे बकरा-बकरियां चोरी होने के बाद दर्ज हुआ था मुकदमा मामला कोतवाली ललितपुर क्षेत्र का है। आजाद चौक नदीपुरा निवासी तौसीक रजा पुत्र मोहम्मद इरशाद ने 31 अगस्त 2026 को कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि अज्ञात चोर उसके बाड़े में बंधे बकरा-बकरियों को चोरी कर ले गए हैं। तहरीर के आधार पर कोतवाली ललितपुर पुलिस ने धारा 305/317(2)/331(4) बीएनएस में अभियोग दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने घटना के शीघ्र अनावरण के लिए तीन पुलिस टीमों का गठन किया। पुलिस टीमों ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्र में जानकारी जुटाने के साथ ही चोरी की घटना में प्रकाश में आए संदिग्धों की तलाश शुरू की। एम्बुलेंस से चोरी का खुलासा जांच के दौरान पुलिस टीम को आरोपियों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से चोरी किए गए 10 बकरा-बकरियां तथा घटना में इस्तेमाल की गई प्राइवेट एम्बुलेंस बरामद हुई। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि वे लोग एक संगठित गिरोह के रूप में काम करते हैं। उनका तरीका यह था कि पहले अलग-अलग स्थानों पर घूमकर पशुओं की रेकी करते थे और मौका मिलने पर बकरा-बकरियों को चोरी कर लेते थे। इसके बाद चोरी किए गए पशुओं को बेचकर मिलने वाली रकम को आपस में बांट लेते थे। रेकी के बाद रात में की थी चोरी पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि 30 अगस्त 2026 की रात उन्होंने नई तहसील के पीछे बंधे बकरा-बकरियों को निशाना बनाया था। आरोपियों ने कथित रूप से पशुओं को प्राइवेट एम्बुलेंस में लादा और वहां से लेकर चले गए। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि चोरी के दौरान एम्बुलेंस का इस्तेमाल इसलिए किया जाता था, क्योंकि सड़क पर एम्बुलेंस को देखकर आमतौर पर लोगों को संदेह नहीं होता था। चोरी किए गए बकरा-बकरियों को बेचने के लिए ले जाते समय पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। पुलिस की कार्रवाई के बाद बरामद किए गए सभी पशुओं को कब्जे में ले लिया गया है। वहीं, वारदात में प्रयुक्त बताई जा रही एम्बुलेंस को भी पुलिस ने बरामद कर लिया है। चार आरोपी गिरफ्तार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जुनैद पुत्र बबलू कुरैशी उम्र करीब 18 वर्ष निवासी कसाई मंडी झांसी हाल पता सदनशाह नई तहसील के पीछे थाना कोतवाली ललितपुर, रिजवान पुत्र साकिर कुरैशी उम्र करीब 19 वर्ष निवासी कसाई मंडी झांसी,आकाश पुत्र भगवानदास उम्र करीब 25 वर्ष निवासी मढ़ौरा थाना बड़ागांव जिला झांसी तथा जाहिद पुत्र जावेद कुरैशी उर्फ डैनी उम्र करीब 21 वर्ष निवासी कसाई मंडी मस्जिद के पास, थाना कोतवाली ललितपुर के रूप में हुई है। पुलिस ने चारों आरोपियों को नियमानुसार गिरफ्तार करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा के लिए न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से आगे की विधिक कार्रवाई की गई। इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका बकरी चोरी की घटना के खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी में कोतवाली ललितपुर पुलिस की टीम शामिल रही। कार्रवाई करने वाली टीम में उपनिरीक्षक जयकरन सचान, उपनिरीक्षक अनिल कुमार, हेड कांस्टेबल अभिषेक शुक्ला और कांस्टेबल ज्ञान प्रभाकर शामिल रहे। पुलिस का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जा रही है और मामले की जांच जारी है। पुलिस द्वारा आरोपियों के कथित गिरोह के अन्य सदस्यों तथा चोरी की ऐसी अन्य घटनाओं में उनकी संभावित संलिप्तता के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है।1
- 3.5 लाख से अधिक आउटसोर्स कर्मियों को बड़ी सौगात, यूपी आउटसोर्स सेवा निगम का शुभारंभ ललितपुर में जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों ने देखा मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का सजीव प्रसारण, कर्मचारियों को वितरित किए मानदेय के चेक ललितपुर। प्रदेश के लाखों आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए बुधवार का दिन बड़ी राहत और उम्मीद लेकर आया। लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ स्थित लोकभवन से उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने सिंगल क्लिक के माध्यम से निगम के पोर्टल, वेबसाइट और लोगो का अनावरण किया। साथ ही आउटसोर्स कर्मियों के व्यापक कल्याण के लिए भारतीय स्टेट बैंक के साथ एमओयू भी किया गया। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के विभिन्न विभागों में कार्यरत 3.5 लाख से अधिक आउटसोर्स कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। निगम के माध्यम से कर्मचारियों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा के साथ उनकी नौकरी की सुरक्षा भी सुनिश्चित करने की व्यवस्था की गई है। निजी आउटसोर्सिंग एजेंसियों की मनमानी, वेतन में देरी और नियुक्ति के नाम पर शोषण जैसी समस्याओं पर भी अंकुश लगाने की बात कही गई है। एजेंसियों की मनमानी पर लगेगा अंकुश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों को शासन द्वारा निर्धारित न्यूनतम पारिश्रमिक, नियम संगत कटौतियों और अन्य सेवा शर्तों का लाभ दिलाने के उद्देश्य से निगम का गठन किया गया है। कर्मचारियों के मानदेय में वृद्धि के साथ दुर्घटना बीमा सहित विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने कहा कि पूर्व में कई स्थानों पर नियुक्ति के नाम पर युवाओं से अवैध धन वसूली, समय से वेतन न मिलने और बिना उचित जानकारी सेवा समाप्त किए जाने जैसी शिकायतें सामने आती रही हैं। नई व्यवस्था का उद्देश्य इन समस्याओं का स्थायी समाधान करना है। यदि कोई एजेंसी आउटसोर्स कर्मचारियों का शोषण करती है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई करते हुए उसे ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। 5 लाख तक कैशलेस इलाज, दुर्घटना बीमा समेत कई सुविधाएं निगम के माध्यम से आउटसोर्स कर्मचारियों और उनके परिवारों को कई महत्वपूर्ण सुविधाओं का लाभ मिलेगा। इनमें 5 लाख रुपये तक कैशलेस चिकित्सा सुविधा, मातृत्व अवकाश, 20 से 50 लाख रुपये तक दुर्घटना बीमा, आकस्मिक सेवाएं और बच्चों के लिए शिक्षा सहायता जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं। इसके अलावा कर्मचारियों के पारिश्रमिक का समयबद्ध भुगतान प्रत्येक माह की 1 से 5 तारीख के बीच सीधे बैंक खाते में किए जाने की व्यवस्था होगी। ईपीएफ और ईएसआईसी का पूरा लाभ एवं निर्धारित अंशदान सुनिश्चित किया जाएगा। डिजिटल प्लेटफॉर्म और जेम के माध्यम से भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने की बात कही गई है। एजेंसी बदलने पर भी नौकरी पर नहीं पड़ेगा असर निगम की व्यवस्था की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह होगी कि नई एजेंसी आने या वेंडर बदलने की स्थिति में वर्तमान में कार्यरत कर्मचारियों की नौकरी प्रभावित नहीं होगी। उनका रोजगार बना रहेगा। कर्मचारियों का डिजिटल सेवा रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा, जिसमें वेतन स्लिप, उपस्थिति, अनुमन्य कटौती और नियुक्ति पत्र जैसी जानकारियां ऑनलाइन उपलब्ध रहेंगी। वेतन में देरी अथवा अन्य समस्याओं के समाधान के लिए ऑनलाइन हेल्पडेस्क और शिकायत निवारण व्यवस्था भी उपलब्ध कराई जाएगी। भर्ती में सरकारी आरक्षण नियमों के साथ महिलाओं और पूर्व सैनिकों से संबंधित आरक्षण नीतियों को भी लागू किया जाएगा। ललितपुर कलक्ट्रेट में हुआ सजीव प्रसारण लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम का सजीव प्रसारण ललितपुर कलक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी सत्य प्रकाश की अध्यक्षता में देखा गया। कार्यक्रम में सदर विधायक रामरतन कुशवाहा, जिला पंचायत अध्यक्ष कैलाश नारायण निरंजन, राज्यमंत्री प्रतिनिधि चन्द्रशेखर पंथ, एमएलसी प्रतिनिधि केदारनाथ तिवारी और नगर पालिका अध्यक्षा सोनाली जैन सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान आउटसोर्स कर्मचारियों को बढ़े हुए मानदेय के चेक वितरित किए गए। इसी क्रम में ललितपुर कलक्ट्रेट में भी जिलाधिकारी एवं जनप्रतिनिधियों ने आउटसोर्स कर्मियों को मानदेय के चेक प्रदान किए। चेक प्राप्त करने के बाद कर्मचारियों ने खुशी जताते हुए सरकार के इस निर्णय की सराहना की। सदर विधायक रामरतन कुशवाहा ने कहा कि यह दिन प्रदेश के सभी आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। सरकार ने दीपावली से पहले कर्मचारियों को बड़ी सौगात दी है। कार्यक्रम के अंत में मुख्य विकास अधिकारी शेषनाथ चौहान ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर जिला प्रोबेशन अधिकारी नन्दलाल सिंह, श्रम प्रवर्तन अधिकारी अनिल कुमार, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका दिनेश कुमार विश्वकर्मा सहित विभिन्न विभागों के बड़ी संख्या में आउटसोर्स कर्मचारी मौजूद रहे।2
- ललितपुर के रोडा गांव में श्मशान घाट की छत से टपका पानी, बारिश के बीच अंतिम संस्कार करने को मजबूर हुए लोग, निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल ललितपुर के विकासखंड जखौरा अंतर्गत ग्राम रोडा में बनाए गए श्मशान घाट के निर्माण कार्य पर सवाल खड़े हो रहे हैं। बारिश के दौरान श्मशान घाट की छत से पानी चूने लगा, जिसके चलते लोगों को टपकते पानी के बीच ही अंतिम संस्कार करना पड़ा। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए मामले की जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है। जिलाधिकारी ललितपुर और उत्तर प्रदेश सरकार से भी पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों पर जल्द कार्रवाई करने की मांग की गई है।1
- ब्रेकिंग न्यूज़ मध्य प्रदेश एक्सप्रेस न्यूज़ लाइव टीकमगढ़ #आरक्षण के सम्मान में #अभिषेक जाटव #चंद्रशेखर आजाद सांसद नगीना #11 सितंबर को दिल्ली चलो दिल्ली चलो सामाजिक न्याय यात्रा1
- बिल्कुल, इसे और ज्यादा विस्तृत, प्रभावशाली और फ्रंट-पेज लीड खबर के रूप में तैयार कर रहा हूँ: टीकमगढ़ नगरपालिका चुनाव: टिकट की दौड़ और दावेदारी को लेकर सियासी पारा चढ़ा शहर में गली-मोहल्लों से लेकर राजनीतिक चौपालों तक एक ही सवाल—भाजपा का उम्मीदवार कौन? कांग्रेस किस चेहरे पर लगाएगी दांव? परिवारवाद की चर्चाओं पर विराम, महेश गिरी और लक्ष्मी गिरी ने दावेदारी से किया किनारा; पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के साथ खड़े रहने का संदेश टीकमगढ़। नगरपालिका चुनाव की आहट के साथ ही टीकमगढ़ शहर की राजनीति में हलचल लगातार बढ़ती जा रही है। चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों के संभावित प्रत्याशियों, दावेदारों और समर्थकों की सक्रियता बढ़ गई है। शहर के बाजारों, वार्डों, गली-मोहल्लों, चौराहों और राजनीतिक बैठकों में इन दिनों नगरपालिका चुनाव सबसे बड़ी चर्चा का विषय बना हुआ है। हर राजनीतिक चर्चा घूम-फिरकर इसी सवाल पर आकर टिक रही है कि इस बार नगरपालिका अध्यक्ष की कुर्सी तक पहुंचने के लिए भाजपा किस चेहरे को मैदान में उतारेगी और कांग्रेस की ओर से कौन प्रत्याशी चुनावी मुकाबले में दिखाई देगा। नगरपालिका चुनाव में टिकट को लेकर भाजपा के भीतर संभावित दावेदारों के नामों पर भी चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। वहीं आम मतदाताओं की नजर भी पार्टी की ओर से होने वाली अधिकृत घोषणा पर टिकी हुई है। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक प्रत्याशी चयन के बाद ही शहर के चुनावी समीकरण पूरी तरह स्पष्ट होंगे। सोशल मीडिया की अटकलों के बीच स्थिति हुई साफ पिछले दिनों सोशल मीडिया पर नगरपालिका अध्यक्ष पद की दावेदारी को लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं सामने आई थीं। इन चर्चाओं में लक्ष्मी गिरी और महेश गिरी के नाम भी सामने आने की बात कही जा रही थी। इन अटकलों के बीच अब स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा गया है कि टीकमगढ़ नगरपालिका चुनाव में परिवार का कोई भी सदस्य चुनाव नहीं लड़ेगा। स्पष्ट रूप से कहा गया है कि महेश गिरी न तो नगरपालिका चुनाव के दावेदार हैं और न ही दावेदारी करेंगे। इसी प्रकार लक्ष्मी गिरी भी नगरपालिका चुनाव में दावेदारी नहीं करेंगी। परिवार की ओर से नगरपालिका चुनाव लड़ने का कोई निर्णय नहीं है। इस स्पष्टीकरण के बाद पिछले दिनों सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चल रही परिवारवाद से जुड़ी चर्चाओं पर भी विराम लगता दिखाई दे रहा है। पार्टी का फैसला सर्वोपरि, कमल के फूल को जिताने की प्राथमिकता भाजपा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जाहिर करते हुए कहा गया है कि पूरा परिवार भारतीय जनता पार्टी का कार्यकर्ता और पार्टी का सच्चा सिपाही है। पार्टी संगठन जिस भी कार्यकर्ता को अधिकृत प्रत्याशी घोषित करेगा, परिवार उसी प्रत्याशी के साथ पूरी ताकत से खड़ा रहेगा। पार्टी द्वारा जिस उम्मीदवार को कमल का फूल चुनाव चिन्ह दिया जाएगा, उसे विजयी बनाने के लिए कार्य करने की बात कही गई है। संदेश साफ है कि व्यक्तिगत दावेदारी से ऊपर पार्टी संगठन का निर्णय और भाजपा का चुनाव चिन्ह प्राथमिकता में रहेगा। प्रत्याशी चयन के बाद बदलेंगे राजनीतिक समीकरण नगरपालिका चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी की घोषणा के बाद शहर के राजनीतिक समीकरणों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। वार्ड स्तर पर सक्रिय कार्यकर्ताओं से लेकर संभावित दावेदारों तक सभी की नजर टिकट वितरण पर लगी हुई है। वहीं कांग्रेस समेत अन्य राजनीतिक दल भी अपने संभावित प्रत्याशियों को लेकर रणनीति बनाने में जुटे बताए जा रहे हैं। चुनावी मैदान में कौन-कौन से चेहरे उतरेंगे, इसका फैसला अधिकृत प्रत्याशियों की घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा। कार्यकर्ताओं की एकजुटता पर जोर भाजपा समर्थकों का कहना है कि चुनाव में व्यक्तिगत मतभेदों से ऊपर उठकर संगठन के अधिकृत प्रत्याशी को समर्थन देना पार्टी कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है। टिकट किसी एक व्यक्ति को मिल सकता है, लेकिन चुनाव पार्टी का होगा और जीत के लिए सभी कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर मैदान में उतरना होगा। इसी सोच के साथ नगरपालिका चुनाव में पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के समर्थन में पूरी ताकत लगाने की बात कही जा रही है। वरिष्ठ नेतृत्व के मार्गदर्शन में चुनावी रणनीति नगरपालिका चुनाव को लेकर भाजपा की रणनीति वरिष्ठ नेतृत्व के मार्गदर्शन में आगे बढ़ने की बात कही गई है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि डॉ. मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष एवं खण्डेलवाल जी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में पार्टी चुनाव मैदान में उतरेगी। भाजपा कार्यकर्ताओं का लक्ष्य टीकमगढ़ नगरपालिका में पार्टी की जीत सुनिश्चित करना और नगरपालिका में कमल का फूल खिलाना बताया जा रहा है। अब टिकट की घोषणा पर टिकी निगाहें फिलहाल टीकमगढ़ शहर में नगरपालिका चुनाव को लेकर राजनीतिक चर्चाओं का दौर तेज है। संभावित दावेदारों के नामों को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि अंतिम तस्वीर पार्टी की अधिकृत घोषणा के बाद ही सामने आएगी। अब शहरवासियों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि भाजपा संगठन नगरपालिका अध्यक्ष पद के लिए किस चेहरे पर भरोसा जताता है। प्रत्याशी की घोषणा के साथ ही चुनावी मुकाबले की वास्तविक तस्वीर सामने आने और शहर की राजनीति में नई हलचल पैदा होने की संभावना है। राजनीतिक संदेश स्पष्ट—व्यक्ति नहीं, संगठन महत्वपूर्ण; दावेदारी नहीं, पार्टी का फैसला सर्वोपरि और लक्ष्य सिर्फ कमल को जिताना। बिल्कुल, इसे और ज्यादा विस्तृत, प्रभावशाली और फ्रंट-पेज लीड खबर के रूप में तैयार कर रहा हूँ:1
- कोचिंग से लौट रही किशोरी को बाइक चालक ने मारी टक्कर, दोनों हुये घायल कस्बे में कोचिंग पढ़कर लौट रही एक किशोरी को पीछे से आ रही एक बाइक चालक द्वारा टक्कर मार दी जिसके चलते सड़क से टकरा जाने से किशोरी घायल हो गई वहीं बाइक चालक भी गिरकर घायल हो गया। बुधवार शाम करीब आठ बजे मूलतः थाना मदनपुर के ग्राम परसाटा निवासी राजपाल सिंह की 18 वर्षीय पुत्र पूनम कोचिंग पढ़कर अपने घर वापस लौट रही थी तब ब्लॉक ऑफिस के नजदीक मंगलसिंह के ढाबा के सामने पीछे से आ रहे बाइक द्वारा उसे टक्कर मार दी। हादसे में घायल किशोरी और बाइक चालक युवक को ग्रामीणों की सहायता से उपचार हेतु सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया जहां दोनों का प्राथमिक उपचार किया गया। घायल बाइक चालक ने अपना नाम पता 28 वर्षीय दीपक पुत्र गोरेलाल निवासी ग्राम सिलावन कोतवाली महरौनी बताया। बताया गया कि सूरज अपनी बुआ के घर ग्राम धवा आया हुआ था जो शाम को मड़ावरा से वापस धवा लौट रहा था।2
- टीकमगढ़ में डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा क्षतिग्रस्त, CCTV में कैद हुई युवक की हरकत ! #bcnhindi #tikamgarh #ambedkar #cmmohanyadav #bhimarmy टीकमगढ़ में डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा क्षतिग्रस्त, CCTV में कैद हुई युवक की हरकत ! चक्कर जाम मऊरानीपुर रोड पर #bcnhindi #tikamgarh #ambedkar #cmmohanyadav #bhimarmy1