आजमगढ़: प्रतियोगी परीक्षाओं के नाम पर ठगी करने वाला गिरोह बेनकाब, दो गिरफ्तार आजमगढ़। उत्तर प्रदेश की आजमगढ़ पुलिस ने युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है। कोतवाली पुलिस ने प्रतियोगी परीक्षाओं में पास कराने के नाम पर लाखों की ठगी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। इनके पास से ठगी के ₹6,900 नकद बरामद किए गए हैं। ठगी का तरीका: मॉक पेपर को बताते थे 'टॉप सीक्रेट' इस गिरोह के काम करने का तरीका बेहद शातिर था। पुलिस के अनुसार, गिरोह का मुख्य सरगना संजय कुमार भारद्वाज खुद को कोचिंग संचालक बताकर भोले-भले अभ्यर्थियों को जाल में फंसाता था। मेहनगर निवासी अभिषेक यादव ने इसकी शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता के मुताबिक, आरोपियों ने यूपीएसआई (UPSI) परीक्षा पास कराने के बदले 10 लाख रुपये की मांग की थी और एडवांस के तौर पर ₹50,000 ले लिए थे। विश्वास जीतने के लिए आरोपियों ने अभिषेक को एक साधारण मॉक पेपर दिया और दावा किया कि यह 'टॉप सीक्रेट' पेपर है जो सीधे परीक्षा में आएगा। जब परीक्षा में प्रश्न मैच नहीं हुए, तब ठगी का खुलासा हुआ। मुखबिर की सूचना पर पुलिस की दबिश मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना कोतवाली पुलिस जांच में जुटी थी। मंगलवार सुबह सटीक सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने पुरानी जेल बंधा रोड पर घेराबंदी की। यहाँ से पुलिस ने दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया: संजय कुमार भारद्वाज (42 वर्ष), निवासी जहानागंज, आजमगढ़। अजीत कुमार (34 वर्ष), निवासी चिरैयाकोट, मऊ। पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे बाजार से साधारण प्रैक्टिस सेट या मॉक पेपर खरीदते थे और उन्हें लीक पेपर बताकर अभ्यर्थियों को बेच देते थे। वसूली गई मोटी रकम को वे आपस में बांट लेते थे। पुलिस ने बताया कि आरोपी अजीत कुमार का पहले से ही आपराधिक इतिहास रहा है और उसके खिलाफ धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं। पुलिस टीम और आगामी कार्रवाई इस सफल ऑपरेशन में पुलिस टीम के निम्नलिखित सदस्यों की मुख्य भूमिका रही: वरीय उपनिरीक्षक मेहरे आलम कांस्टेबल शैलेन्द्र प्रसाद कांस्टेबल शिव कुमार मिश्रा पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है। साथ ही, युवाओं से अपील की गई है कि वे किसी भी व्यक्ति के झांसे में आकर शॉर्टकट न अपनाएं और केवल अपनी मेहनत पर भरोसा करें।
आजमगढ़: प्रतियोगी परीक्षाओं के नाम पर ठगी करने वाला गिरोह बेनकाब, दो गिरफ्तार आजमगढ़। उत्तर प्रदेश की आजमगढ़ पुलिस ने युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है। कोतवाली पुलिस ने प्रतियोगी परीक्षाओं में पास कराने के नाम पर लाखों की ठगी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। इनके पास से ठगी के ₹6,900 नकद बरामद किए गए हैं। ठगी का तरीका: मॉक पेपर को बताते थे 'टॉप सीक्रेट' इस गिरोह के काम करने का तरीका बेहद शातिर था। पुलिस के अनुसार, गिरोह का मुख्य सरगना संजय कुमार भारद्वाज खुद को कोचिंग संचालक बताकर भोले-भले अभ्यर्थियों को जाल में फंसाता था। मेहनगर निवासी अभिषेक यादव ने इसकी शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता के मुताबिक, आरोपियों ने यूपीएसआई (UPSI) परीक्षा पास कराने के बदले 10 लाख रुपये की मांग की थी और एडवांस के तौर पर ₹50,000 ले लिए थे। विश्वास जीतने के लिए आरोपियों ने अभिषेक को एक साधारण मॉक पेपर दिया और दावा किया कि यह 'टॉप सीक्रेट' पेपर है जो सीधे परीक्षा में आएगा। जब परीक्षा में प्रश्न मैच नहीं हुए, तब ठगी का खुलासा हुआ। मुखबिर की सूचना पर पुलिस की दबिश मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना कोतवाली पुलिस जांच में जुटी थी। मंगलवार सुबह सटीक सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने पुरानी जेल बंधा रोड पर घेराबंदी की। यहाँ से पुलिस ने दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया: संजय कुमार भारद्वाज (42 वर्ष), निवासी जहानागंज, आजमगढ़। अजीत कुमार (34 वर्ष), निवासी चिरैयाकोट, मऊ। पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे बाजार से साधारण प्रैक्टिस सेट या मॉक पेपर खरीदते थे और उन्हें लीक पेपर बताकर अभ्यर्थियों को बेच देते थे। वसूली गई मोटी रकम को वे आपस में बांट लेते थे। पुलिस ने बताया कि आरोपी अजीत कुमार का पहले से ही आपराधिक इतिहास रहा है और उसके खिलाफ धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं। पुलिस टीम और आगामी कार्रवाई इस सफल ऑपरेशन में पुलिस टीम के निम्नलिखित सदस्यों की मुख्य भूमिका रही: वरीय उपनिरीक्षक मेहरे आलम कांस्टेबल शैलेन्द्र प्रसाद कांस्टेबल शिव कुमार मिश्रा पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है। साथ ही, युवाओं से अपील की गई है कि वे किसी भी व्यक्ति के झांसे में आकर शॉर्टकट न अपनाएं और केवल अपनी मेहनत पर भरोसा करें।
- आजमगढ़: शहीद दिवस के अवसर पर 23 मार्च 2026 को जनपद आजमगढ़ के जहानागंज क्षेत्र में पूर्वांचल स्वाभिमान महादंगल एवं नव निर्माण संकल्प कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम पूर्वांचल के गौरव, स्वाभिमान और क्षेत्र के समग्र विकास के संकल्प के साथ आयोजित किया जा रहा है। आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम का उद्देश्य पूर्वांचल की मिट्टी से जुड़े लोगों के स्वाभिमान को जागृत करना और क्षेत्र के उज्ज्वल भविष्य के लिए एकजुटता का संदेश देना है। कार्यक्रम में पूर्वांचल के कई जिलों—संतकबीर नगर, अम्बेडकर नगर, सुलतानपुर, जौनपुर, वाराणसी, आजमगढ़, मऊ, गाजीपुर, बलिया, देवरिया, कुशीनगर और गोरखपुर—के लोगों के शामिल होने की संभावना है। यह कार्यक्रम 23 मार्च (सोमवार) को सुबह 10 बजे आयोजित होगा। आयोजन स्थल लंगड़ा बाबा ग्राउंड, सेमा (जहानागंज), आजमगढ़ निर्धारित किया गया है। आयोजकों का कहना है कि यह केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं बल्कि पूर्वांचल के हक और अधिकारों के लिए जागरूकता तथा नव निर्माण का संकल्प लेने का अवसर भी होगा। कार्यक्रम में युवाओं और खिलाड़ियों की बड़ी भागीदारी की उम्मीद जताई जा रही है। इस कार्यक्रम के लिए लोगों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर पूर्वांचल के गौरव और स्वाभिमान की इस पहल में सहभागी बनने की अपील की गई है। विनीत / निवेदक: नीरज यादव एवं समस्त पूर्वांचल नव निर्माण अभियान टीम संपर्क: 9170118368, 70079980061
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- अम्बेडकरनगर में झुलसी विवाहिता की संदिग्ध मौत | मायके पर जबरन ले जाने और धमकी के आरोप | पूरा मामला जानें अम्बेडकरनगर के जहांगीरगंज थाना क्षेत्र के लखनडीह गांव से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। अलाव से झुलसी विवाहिता बबिता की इलाज के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। ससुराल पक्ष का आरोप है कि 25 फरवरी को मायके पक्ष उसे जबरन इलाज के बीच अपने साथ ले गया, जबकि उसकी हालत में सुधार हो रहा था। परिजनों का कहना है कि इलाज में लाखों रुपये खर्च किए गए थे, लेकिन बाद में दिल्ली ले जाकर 16 मार्च को मौत की सूचना दी गई। साथ ही मायके पक्ष पर धमकी देने और पैसे मांगने के भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आखिर क्या है इस पूरे मामले की सच्चाई? क्या यह लापरवाही है या कोई साजिश? जानिए इस रिपोर्ट में।1
- पितामह के सामने कोई खड़ा होने वाला नहीं था,,,, तब भी सिखंडी को सामने किया गया, आज भी वही हाल है एक सिखंडी दूसरे सिखंडी को 👇🏻1
- अंबेडकर नगर के टांडा कस्बा में ज्वैलरी लूट के कोशिश को पड़ोसियों ने नाकाम कर दिया... नकली पिस्तौल के साथ ठग को पकड़ते हुए पुलिस को सौंप दिया1
- पूर्व विधायक पर एफआईआर संख्या 0106/15.03.2026 के तहत बीएनएस की धारा 351 (3) में मुकदमा दर्ज। बड़हलगंज। नगर पंचायत बड़हलगंज के चेयरमैन प्रतिनिधि और भारतीय जनता पार्टी एनजीओ प्रकोष्ठ के संयोजक महेश उमर ने चिल्लूपार के पूर्व विधायक और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव विनय शंकर तिवारी से अपनी जान का खतरा बताते हुये बड़हलगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर पूर्व विधायक पर एफआईआर संख्या 0106/15.03.2026 के तहत बीएनएस की धारा 351 (3) में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस को दी गई तहरीर में महेश उमर ने जानकारी दी है कि नगर पंचायत बड़हलगंज में हो रहे लगातार विकास के क्रम में कर्मचारियों द्वारा लगाए जा रहे शिलापट्ट में से एक शिलापट्ट कर्मचारी द्वारा भूलवश एक ऐसी जगह पर लग गया जिस सड़क को मेरे बाबा स्व. विश्वनाथ उमर ने लगभग 60 वर्ष पहले बनवाया था। उसी सड़क का मेरे बाबा के नाम पर नामकरण 35 साल पहले तत्कालीन विधायक हरिशंकर तिवारी ने किया था। उसी 35 वर्ष पुराने शिलापट्ट पर नए कार्य का शिलापट्ट लग गया था, जैसे ही हमें जानकारी हुई नए शिलापट्ट को तत्काल उसके निर्धारित स्थान पर लगवा दिया गया और पुराने लगे शिलापट्ट की साफ सफाई कर दी गई। इस घटना के एक दिन बाद मेरे मोबाइल पर तीन बार अज्ञात नम्बर से तब कॉल आई, जब मैं चिल्लूपार में पितरों की तृप्ति के लिए होने जा रहे रुद्र महायज्ञ की तैयारी में व्यस्त था। बार बार काल आने पर हमने कॉल बैक किया तो पता लगा उधर से चिल्लूपार के पूर्व विधायक और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव विनय शंकर तिवारी बोल रहे हैं। उन्होंने पूछा कस्बे में यह क्या हो रहा है, मैने उनसे क्षमा मांगते हुए बताया कि विधायक जी वह हमारे एक कर्मचारी की गलती से भूलवश कही और लगने वाला पत्थर उस पुराने पत्थर पर लगा दिया गया जानकारी मिलते ही मैने उसे हटवा कर सही स्थान पर लगवा दिया और आपके पिता जी का पत्थर पूरी तरह से सुरक्षित है उसकी साफ सफाई भी करवा दी गई है। मगर मेरे द्वारा लगातार सम्मान के साथ उनसे बात करने के बावजूद उनकी तरफ से अशिष्ट और आक्रामक शैली में धमकियां दी जाने लगी। मैने प्रतिकार किया कि विधायक जी आपको इस तरह के शब्दों का प्रयोग नहीं करना चाहिए, तो उन्होंने कहा तुम जानते नहीं कि मैं कौन हूं, तुम्हारी हैसियत मेरे सामने कुछ नहीं है मैं तुम्हे कभी भी ठीक कर सकता हूं। तब मैने उनसे कहा विधायक जी मै बड़हलगंज में हूं आप आइए आप हमें ठीक कर दीजिए, तब उन्होंने धमकाते हुए काफी आक्रोश में कहा तुम जहां हो वहीं रुको मैं वही आकर तुम्हे ठीक करता हूं, मुझे अच्छे से ठीक करना आता है। उसके कुछ ही देर बाद वह दल बल के साथ बड़हलगंज आ भी गए और मेरे नगर पंचायत कार्यालय के सामने करीब चार घंटे तक बैठे रहे। महेश उमर ने मीडिया को बताया चूंकि विनय शंकर तिवारी और उनका परिवार अपराधी और माफिया प्रवृति का परिवार है। इनके परिवार व इनके लोगों के ऊपर अनेक आपराधिक कृत्य के इल्ज़ाम हैं, यह स्वयं अभी सीबीआई और ईडी की कार्यवाही में जेल से छूट कर आए हैं और मै इनके राजनैतिक प्रतिद्वंदी चिल्लुपार के विधायक राजेश त्रिपाठी का प्रबल और खुला समर्थक हूं। इनके लोग विधायक राजेश त्रिपाठी को सोशल मीडिया पर अक्सर धमकियां व गालियां देते रहते हैं मैं उसका प्रतीकार करता रहता हूं। विनय शंकर तिवारी और उनके लोग विधायक जी पर दो दो बार हत्या और चरित्रहनन का प्रयास कर चुके है। ऐसे में उनकी आपराधिक व दबंग छवि को देखते हुए "मुझे ठीक कर देने की उनकी धमकी को मैं पूर्व विधायक द्वारा अपनी हत्या की आशंका मानता हूं" विनय शंकर तिवारी या उनके दबंग लोग मेरे या मेरे परिवार के साथ कोई भी अनहोनी घटना कर सकते हैं। मैं आप सभी मीडिया के साथियों के माध्यम से आम जनता और सरकार के जिम्मेदार लोगों तक अपनी बात पहुंचा रहा हूं कि विनय शंकर तिवारी या उनके लोगों से मुझे व मेरे परिवार के लोगों को जान खतरा है। मेरे या मेरे परिवार के ऊपर किसी भी तरह की अनहोनी होने पर उसकी पूरी जिम्मेदारी समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव व चिल्लूपार के पूर्व विधायक विनय शंकर तिवारी की होगी। मैं धमकी भरा ऑडियो भी आप सभी को प्रेषित कर रहा हूं।1
- Post by RISHI RAI1
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- Post by Namrata Shukla1