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चैनपुर में बवाल: जमीन नापी करने गए राजस्व उप निरीक्षक पर हमला, महिला ने दी झूठे केस में फंसाने की धमकी चैनपुर (गुमला): चैनपुर प्रखंड के केड़ेंग गांव में सरकारी कार्य के दौरान बवाल का गंभीर मामला सामने आया है। जमीन सीमांकन करने पहुंचे राजस्व उप निरीक्षक सुजीत कुमार सिन्हा (59) पर उग्र ग्रामीणों द्वारा हमला कर मारपीट किए जाने की घटना ने प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा दिया है। मामले को लेकर पीड़ित कर्मचारी ने चैनपुर थाने में नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई है।
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चैनपुर में बवाल: जमीन नापी करने गए राजस्व उप निरीक्षक पर हमला, महिला ने दी झूठे केस में फंसाने की धमकी चैनपुर (गुमला): चैनपुर प्रखंड के केड़ेंग गांव में सरकारी कार्य के दौरान बवाल का गंभीर मामला सामने आया है। जमीन सीमांकन करने पहुंचे राजस्व उप निरीक्षक सुजीत कुमार सिन्हा (59) पर उग्र ग्रामीणों द्वारा हमला कर मारपीट किए जाने की घटना ने प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा दिया है। मामले को लेकर पीड़ित कर्मचारी ने चैनपुर थाने में नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई है।
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- आधुनिकता की मार से मिट्टी के बर्तन व्यवसाय पर संकट, कुम्हार समाज ने सरकार से लगाई गुहार डुमरी: डुमरी प्रखंड क्षेत्र में पारंपरिक मिट्टी के बर्तन बनाने का पुश्तैनी व्यवसाय अब अस्तित्व के संकट से गुजर रहा है। जानकारी देते हुए लावा बार डुमरी निवासी साजन कुम्हार ने बताया कि बदलते समय और आधुनिक बाजार व्यवस्था के कारण कुम्हार समाज की आजीविका पर गंभीर असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक एवं चाइनीज उत्पादों की बढ़ती प्रतिस्पर्धा, स्थानीय स्तर पर उचित बाजार की कमी, आधुनिकीकरण का अभाव और लगातार आर्थिक तंगी के कारण यह पारंपरिक व्यवसाय धीरे-धीरे समाप्ति की ओर बढ़ रहा है। साजन कुम्हार ने बताया कि पहले गांव के अधिकांश घरों में कुम्हार समाज के लोग अपने पूर्वजों से मिले इस पुरखौती पेशे से जुड़े रहते थे। शादी-विवाह, त्योहार, धार्मिक अनुष्ठान और दैनिक उपयोग के लिए मिट्टी के बर्तनों की भारी मांग हुआ करती थी, जिससे परिवारों का जीवनयापन सम्मानपूर्वक चलता था। लेकिन समय के साथ लोगों की जीवनशैली बदल गई और बाजार में सस्ते प्लास्टिक व मशीन से बने सामानों की भरमार हो गई, जिससे पारंपरिक कारीगरों की मेहनत और कला की कीमत घटती चली गई। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में पूरे क्षेत्र में मात्र छह से सात परिवार ही इस परंपरा को जीवित रखने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। युवा पीढ़ी भी आर्थिक असुरक्षा के कारण इस पेशे से दूरी बना रही है, जिससे आने वाले समय में यह कला पूरी तरह विलुप्त होने का खतरा पैदा हो गया है। कुम्हार समाज ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि आधुनिक उपकरण, प्रशिक्षण, आसान ऋण सुविधा, कच्चे माल की उपलब्धता और स्थायी बाजार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही स्थानीय मेलों, सरकारी योजनाओं और हस्तशिल्प प्रोत्साहन कार्यक्रमों में प्राथमिकता देकर इस पारंपरिक कला को संरक्षण दिया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो सदियों पुरानी यह सांस्कृतिक विरासत इतिहास बनकर रह जाएगी। #गुमला #डुमरी #कुम्हारसमाज #मिट्टीकेबर्तन #पारंपरिककला #ग्रामीणरोजगार #झारखंडसमाचार #लोकलन्यूज #हुनरकीपहचान1
- चैनपुर (गुमला): चैनपुर प्रखंड के केड़ेंग गांव में सरकारी कार्य के दौरान बवाल का गंभीर मामला सामने आया है। जमीन सीमांकन करने पहुंचे राजस्व उप निरीक्षक सुजीत कुमार सिन्हा (59) पर उग्र ग्रामीणों द्वारा हमला कर मारपीट किए जाने की घटना ने प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा दिया है। मामले को लेकर पीड़ित कर्मचारी ने चैनपुर थाने में नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई है।1
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- गुमला:जिले में कृषि को सुदृढ़ एवं आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से आज उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो द्वारा विभिन्न जलाशयों एवं उनसे जुड़े नहर तंत्र का विस्तृत निरीक्षण किया गया। लगभग 7 घंटे तक कड़ी धूप में किए गए इस क्षेत्र भ्रमण का मुख्य उद्देश्य उपलब्ध जल संसाधनों के समुचित उपयोग, उनकी मरम्मति एवं किसानों तक निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित करना रहा। निरीक्षण की शुरुआत कतरी जलाशय से की गई, जहां उपायुक्त ने नहरों एवं डिस्ट्रीब्यूटरी सिस्टम का जायजा लेते हुए निर्देश दिया कि जल का प्रवाह खेतों तक सुचारु रूप से पहुंचे, ताकि रबी सहित सभी फसली चक्र में किसानों को पर्याप्त सिंचाई सुविधा मिल सके। उन्होंने सोलर लिफ्ट इरिगेशन, सोलर पंप एवं किसान समृद्धि योजना के तहत इच्छुक किसानों को सिंचाई संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही, रबी सीजन से पूर्व इन सुविधाओं को सुनिश्चित करने एवं किसानों के लिए ओरिएंटेशन सत्र आयोजित करने की बात कही, ताकि कोई भी खेत खाली न रहे। *नहरों की मरम्मति, सोलर सिंचाई और मत्स्य विकास को लेकर दिए गए महत्वपूर्ण निर्देश* उपायुक्त ने केनाल के किनारे स्थित किसानों को सोलर आधारित पाइप एवं पंप की सुविधा उपलब्ध कराने, नहरों की मरम्मति हेतु डीपीआर तैयार करने तथा जलाशय रखरखाव में लगे कर्मियों के पारिश्रमिक सुनिश्चित करने पर भी बल दिया। मत्स्य विकास को बढ़ावा देते हुए उन्होंने मत्स्यपालक समूहों/सोसाइटी के गठन, केज निर्माण एवं स्थानीय नागरिकों को मत्स्य पालन हेतु प्रेरित करने के निर्देश दिए। जलाशय का निरीक्षण करते हुए उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि जलाशय के किनारे कोई भी भूमि अनुपयोगी न रहे। उन्होंने किसानों को प्रेरित कर अधिकतम कृषि गतिविधियों से जोड़ने का निर्देश दिया। साथ ही, इस क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने, बोटिंग सुविधा प्रारंभ करने एवं आवश्यक डीपीआर तैयार करने हेतु संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया। *79 किमी नहर नेटवर्क के जीर्णोद्धार एवं मसरिया जलाशय के विकास पर भी विशेष फोकस* निरीक्षण के क्रम में घाघरा प्रखंड अंतर्गत डोडांग एवं शिवराजपुर पंचायत में क्षतिग्रस्त नहरों एवं डैम संरचनाओं का भी जायजा लिया गया। उपायुक्त ने लीकेज की तत्काल मरम्मति, नहरों की साफ-सफाई (डिसिल्टिंग) एवं प्राथमिकता के आधार पर क्षतिग्रस्त स्थलों के पुनर्निर्माण हेतु एक सप्ताह के भीतर पृथक-पृथक डीपीआर तैयार करने का निर्देश जल संसाधन विभाग को दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कतरी जलाशय से शिवराजपुर डैम तक लगभग 79 किलोमीटर लंबे मुख्य नहर एवं डिस्ट्रीब्यूटरी नेटवर्क के समग्र जीर्णोद्धार हेतु योजनाबद्ध कार्य किया जाए, ताकि जल का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित हो सके। इसके उपरांत मसरिया जलाशय का भी निरीक्षण किया गया, जहां आसपास के गांवों को जलाशय प्रणाली से जोड़ते हुए कृषि विस्तार की संभावनाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने कहा कि _"जिले में उपलब्ध जल संसाधनों का संरक्षण, मरम्मति एवं वैज्ञानिक प्रबंधन ही कृषि विकास की कुंजी है। किसानों को संसाधन उपलब्ध कराना एवं उन्हें प्रेरित करना जिला प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।"_ उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि सभी पात्र किसानों को विभिन्न योजनाओं से आच्छादित किया जाए तथा क्लस्टर आधारित सूची तैयार कर नियमित संवाद एवं जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जाएं। इस दौरान अपर समाहर्ता, जिला भूमि संरक्षण पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी, जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता, माइनर इरिगेशन विभाग के सहायक अभियंता, प्रखंड विकास पदाधिकारी गुमला, प्रखंड विकास पदाधिकारी घाघरा, सहायक जिला जनसम्पर्क पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।1
- मेवाड़ के सुप्रसिद्ध भजन गायक धनराज जोशी की सड़क हादसे में मौत #dhanrajjoshi #mewarsinger #jaivardhannews #rajsamand1
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- जमीन सीमांकन के दौरान बवाल — राजस्व कर्मचारी पर हमला, कानून व्यवस्था पर उठे सवाल1