में दिखा असर, जाम से मिली राहत वाराणसी इच्छाशक्ति हो तो फर्क पड़ता है इच्छाशक्ति हो तो फर्क पड़ता है: चेतगंज में दिखा असर, जाम से मिली राहत वाराणसी के चेतगंज क्षेत्र में स्थित आर्य महिला स्कूल के आसपास छुट्टी के समय रोजाना लगने वाला भीषण जाम आज नज़र नहीं आया। आम दिनों में यहां अभिभावकों और वाहनों की भारी भीड़ के चलते सड़कें जाम से जूझती रहती थीं, जिससे राहगीरों और स्थानीय लोगों को काफी परेशानी होती थी। लेकिन आज तस्वीर कुछ अलग रही। थाना प्रभारी चेतगंज ने खुद मोर्चा संभालते हुए यातायात व्यवस्था को नियंत्रित किया। उनके नेतृत्व में पुलिस टीम ने स्कूल छुट्टी के समय ट्रैफिक को व्यवस्थित तरीके से संचालित किया, जिससे पूरे क्षेत्र में यातायात सामान्य रूप से चलता दिखाई दिया। स्थानीय लोगों ने भी इस पहल की सराहना की और कहा कि यदि इसी तरह नियमित रूप से निगरानी और प्रबंधन किया जाए, तो रोज लगने वाले जाम से स्थायी राहत मिल सकती है। यह पहल इस बात का उदाहरण है कि यदि जिम्मेदारी के साथ इच्छाशक्ति जुड़ जाए, तो हालात बदलने में देर नहीं लगती।
में दिखा असर, जाम से मिली राहत वाराणसी इच्छाशक्ति हो तो फर्क पड़ता है इच्छाशक्ति हो तो फर्क पड़ता है: चेतगंज में दिखा असर, जाम से मिली राहत वाराणसी के चेतगंज क्षेत्र में स्थित आर्य महिला स्कूल के आसपास छुट्टी के समय रोजाना लगने वाला भीषण जाम आज नज़र नहीं आया। आम दिनों में यहां अभिभावकों और वाहनों की भारी भीड़ के चलते सड़कें जाम से जूझती रहती थीं, जिससे राहगीरों और स्थानीय लोगों को काफी परेशानी होती थी। लेकिन आज तस्वीर कुछ अलग रही। थाना प्रभारी चेतगंज ने खुद मोर्चा संभालते हुए यातायात व्यवस्था को नियंत्रित किया। उनके नेतृत्व में पुलिस टीम ने स्कूल छुट्टी के समय ट्रैफिक को व्यवस्थित तरीके से संचालित किया, जिससे पूरे क्षेत्र में यातायात सामान्य रूप से चलता दिखाई दिया। स्थानीय लोगों ने भी इस पहल की सराहना की और कहा कि यदि इसी तरह नियमित रूप से निगरानी और प्रबंधन किया जाए, तो रोज लगने वाले जाम से स्थायी राहत मिल सकती है। यह पहल इस बात का उदाहरण है कि यदि जिम्मेदारी के साथ इच्छाशक्ति जुड़ जाए, तो हालात बदलने में देर नहीं लगती।
- इच्छाशक्ति हो तो फर्क पड़ता है: चेतगंज में दिखा असर, जाम से मिली राहत वाराणसी के चेतगंज क्षेत्र में स्थित आर्य महिला स्कूल के आसपास छुट्टी के समय रोजाना लगने वाला भीषण जाम आज नज़र नहीं आया। आम दिनों में यहां अभिभावकों और वाहनों की भारी भीड़ के चलते सड़कें जाम से जूझती रहती थीं, जिससे राहगीरों और स्थानीय लोगों को काफी परेशानी होती थी। लेकिन आज तस्वीर कुछ अलग रही। थाना प्रभारी चेतगंज ने खुद मोर्चा संभालते हुए यातायात व्यवस्था को नियंत्रित किया। उनके नेतृत्व में पुलिस टीम ने स्कूल छुट्टी के समय ट्रैफिक को व्यवस्थित तरीके से संचालित किया, जिससे पूरे क्षेत्र में यातायात सामान्य रूप से चलता दिखाई दिया। स्थानीय लोगों ने भी इस पहल की सराहना की और कहा कि यदि इसी तरह नियमित रूप से निगरानी और प्रबंधन किया जाए, तो रोज लगने वाले जाम से स्थायी राहत मिल सकती है। यह पहल इस बात का उदाहरण है कि यदि जिम्मेदारी के साथ इच्छाशक्ति जुड़ जाए, तो हालात बदलने में देर नहीं लगती।1
- Post by Jitendra bahadur Dubey1
- *उत्तर-प्रदेश सरकार के सुपरस्टार IAS सुप्रीमकोर्ट में डांट खा रहे है!* मेरठ के मंडलायुक्त रहे IAS ह्रषिकेश भास्कर यशोद ने सुप्रीमकोर्ट के "सेन्ट्रल मार्केट ध्वस्तीकरण आदेश" के खिलाफ "प्रमुख नेताओं" के दबाब में एक आर्डर जारी किया जिसमें "ध्वस्तीकरण अब नही होगा" लिखा गया था. प्रदेश के आवास विकास चेयरमैन पी. गुरूप्रसाद ने SC को बताया- "कमिश्नर के आर्डर की वजह से विभाग SC के आदेश का अनुपालन नही कर सका." पूर्व कमिश्नर ने अपने ही आदेश को "मीटिंग की मिनिट्स" बताकर सुप्रीमकोर्ट को गुमराह करने की कोशिश की. IAS को आईना दिखाते हुए SC के जज ने कमिश्नर का आर्डर अदालत में ही पढ़ दिया. कहा- "आप इसे मिनिट्स कहते है, आपको आर्डर और मिनिट्स की समझ नही है. आपने यह आर्डर कैसे पास किया? किसने आपको ऑथोराइज किया इसके लिए?" "आपको यह मीटिंग करने, आर्डर करने के लिए किसने कहा. आपको इस कोर्ट के आदेश का अनुपालन कराना था. आपने इस अदालत को चुनौती दी है."1
- सतीश पाल का sed #song#love#status#jbj#muick#prjent#up#now#short#vayrl#video#trending#topten goodLook1
- हेडलाइंस: कलनुआ में 5 साल बाद भी नहीं मिला घरौनी प्रमाण पत्र, ग्रामीण परेशान – जिम्मेदार बेखबर समाचार: भदोही जनपद के डीघ क्षेत्र अंतर्गत कलनुआ गांव में प्रशासनिक लापरवाही का मामला सामने आया है। गांव में लगभग पांच वर्ष पहले पूर्व लेखपाल रमापति सिंह द्वारा ड्रोन के माध्यम से आबादी भूमि का सर्वे कर चिह्नांकन किया गया था। इसके बावजूद आज तक पात्र लाभार्थियों को घरौनी प्रमाण पत्र वितरित नहीं किया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि सभी आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी उन्हें उनके अधिकार का दस्तावेज नहीं मिल सका, जिससे वे सरकारी योजनाओं और अन्य सुविधाओं से वंचित रह जा रहे हैं। इस गंभीर मुद्दे पर संबंधित विभाग के जिम्मेदार अधिकारी पूरी तरह बेखबर नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द घरौनी प्रमाण पत्र जारी करने की मांग की है, ताकि उन्हें अपने हक का अधिकार मिल सके।1
- निजी नर्सिंग होम में चोरी, 11 ताले तोड़ नकदी व सामान पार, डीवीआर भी ले गए चोर गोपीगंज। नगर के राष्ट्रीय राजमार्ग पर पिलर संख्या 38 के सामने स्थित डॉ. जयंत माथुर के निजी अस्पताल में बुधवार की रात अज्ञात चोरों ने धावा बोल दिया। चोरों ने करीब 11 ताले तोड़कर अस्पताल के अंदर प्रवेश किया और नकदी, दवाइयों सहित अन्य सामान पर हाथ साफ कर दिया। डॉ. जयंत माथुर के अनुसार, अस्पताल के अलग-अलग स्थानों पर रखे लगभग 75 हजार रुपये नकद चोरी हो गए। इसके साथ ही चोर सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर भी अपने साथ ले गए, जिससे घटना की फुटेज भी उनके कब्जे में चली गई। गुरुवार सुबह जब कर्मचारी अस्पताल खोलने पहुंचे तो मुख्य गेट सहित अंदर के सभी कमरों के ताले टूटे मिले। अंदर जाकर देखा गया तो मेडिकल स्टोर व अन्य कमरों में सामान बिखरा पड़ा था। घटना की सूचना मिलते ही पीआरबी पुलिस व स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। इसी दौरान नंदकिशोर यादव ने भी बताया कि उनके मेडिकल स्टोर से 53 हजार रुपये नकद चोरी हो गए। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है।1
- Post by Shiva bloge1
- गाजीपुर यात्रियों से भरी बस पलटी। दर्जनों यात्री हुए घायल। महाराष्ट्र से नेपाल जा रही थी टूरिस्ट बस। बस में करीब 45 यात्री थे सवार। नंदगंज थाना क्षेत्र के वाराणसी-गोरखपुर नेशनल हाइवे पर हुई दुर्घटना।1