बड़ी_कार्रवाई: सैंज की तलाड़ा पंचायत में अफीम की खेती पर पुलिस का सर्जिकल स्ट्राइक! रिपोर्ट 19 अप्रैल बुद्धि सिंह ठाकुर सैंज। सैंज (कुल्लू): नशे के सौदागरों सावधान! सैंज तहसील की तलाड़ा पंचायत के गाँव फबियारी में पुलिस ने अफीम की खेती पर बड़ा प्रहार किया है। थाना प्रभारी छजू राम की अगुवाई में गठित दो विशेष टीमों ने फबियारी की जमीन पर लहलहा रहे 955 अफीम के पौधों को जड़ से उखाड़कर नष्ट कर दिया है। पुलिस की दोहरी स्ट्राइक: 📍 पहली कार्रवाई: मुख्य आरक्षी राजिंदर और आरक्षी अमन की टीम ने 240 पौधे बरामद किए। 📍 दूसरी कार्रवाई: मुख्य आरक्षी मनोज और आरक्षी अभिषेक की टीम ने 715 पौधे पकड़कर तस्करों के मंसूबों पर पानी फेर दिया। क्या बोले एसपी कुल्लू? 🗣️ पुलिस अधीक्षक मदन लाल कौशल ने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि जिला पुलिस नशे के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर है। दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और तस्करों की कुंडली खंगाली जा रही है। घाटी के युवाओं को बचाने के लिए पुलिस की इस मुहिम का समर्थन करें। यदि आपके आस-पास कहीं भी नशे का काला कारोबार हो रहा है, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।
बड़ी_कार्रवाई: सैंज की तलाड़ा पंचायत में अफीम की खेती पर पुलिस का सर्जिकल स्ट्राइक! रिपोर्ट 19 अप्रैल बुद्धि सिंह ठाकुर सैंज। सैंज (कुल्लू): नशे के सौदागरों सावधान! सैंज तहसील की तलाड़ा पंचायत के गाँव फबियारी में पुलिस ने अफीम की खेती पर बड़ा प्रहार किया है। थाना प्रभारी छजू राम की अगुवाई में गठित दो विशेष टीमों ने फबियारी की जमीन पर लहलहा रहे 955 अफीम के पौधों को जड़ से उखाड़कर नष्ट कर दिया है। पुलिस की दोहरी स्ट्राइक: 📍 पहली कार्रवाई: मुख्य आरक्षी राजिंदर और आरक्षी अमन की टीम ने 240 पौधे बरामद किए। 📍 दूसरी कार्रवाई:
मुख्य आरक्षी मनोज और आरक्षी अभिषेक की टीम ने 715 पौधे पकड़कर तस्करों के मंसूबों पर पानी फेर दिया। क्या बोले एसपी कुल्लू? 🗣️ पुलिस अधीक्षक मदन लाल कौशल ने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि जिला पुलिस नशे के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर है। दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और तस्करों की कुंडली खंगाली जा रही है। घाटी के युवाओं को बचाने के लिए पुलिस की इस मुहिम का समर्थन करें। यदि आपके आस-पास कहीं भी नशे का काला कारोबार हो रहा है, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।
- Post by Munishkoundal1
- चम्बा में महिला सशक्तिकरण मैराथन 2026 🏃♀️ | राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन करेंगे शुभारम्भ | Rajput Kalyan Sabha Chamba1
- घुमारवी:- नेशनल हाईवे 103 पर मैड के समीप रविवार को एक बस और ट्रक के बीच जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों वाहनों को काफी नुकसान पहुंचा, लेकिन गनीमत यह रही कि इस हादसे में किसी को कोई गंभीर चोट नहीं आई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बस और ट्रक आमने-सामने आ गए, जिससे यह दुर्घटना हुई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू करते हुए यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। सूचना मिलते ही पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया।1
- पिछले करीब पांच वर्षों से भारी बारिश और भूस्खलन के कारण क्षतिग्रस्त हुए बरमाना क्षेत्र के मोक्ष धाम के पुनर्निर्माण का मार्ग अब प्रशस्त हो गया है। इस मोक्ष धाम के ध्वस्त होने से आसपास की बैरी बरमाना, धोन कोठी, पंजगाई सहित मंडी क्षेत्र डेहर कीपंचायत के लोगों को अंतिम संस्कार के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। हिमुडा निदेशक मंडल सदस्य जितेंद्र चंदेल ने इस गंभीर समस्या का संज्ञान लेते हुए इसे प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू तथा कैबिनेट मंत्री राजेश धर्माणी के समक्ष उठाया। सरकार ने इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए 77 लाख रुपये की लागत से मोक्ष धाम के पुनर्निर्माण के आदेश जारी किए हैं। इस संबंध में पंजगाई में आयोजित एक प्रेस वार्ता में जितेंद्र चंदेल ने जानकारी देते हुए बताया कि नए सिरे से आधुनिक सुविधाओं के साथ मोक्ष धाम का निर्माण किया जाएगा जिसमें वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी। प्रेस वार्ता में पूर्व प्रधान पुष्पा शर्मा पंजगाई , पूर्व प्रधान धोनकोठी सुरेंद्र शर्मा, पूर्व प्रधान सुशील शर्मा उर्फ बब्बू पंजगाई , पूर्व प्रधान बरमाना रमेश संध्यार , वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रवीण चंदेलभी, ओंकार चंदेल, बीडीटीएस सदस्य डॉ. कुलदीप कुमार बेली राम शर्मा ,श्याम सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्री और जितेंद्र चंदेल का आभार व्यक्त किया।1
- आईजीएमसी में कर्मचारियों को चेंजिंग रूम तक की सुविधा नहीं तृतीय व चतुर्थ श्रेणी कहाँ रिपोर्ट करें इसको लेकर भी कोई आदेश नही.. मनोज शर्मा, एनजीओ अध्यक्ष केएनएच अस्पताल2
- हमीरपुर जिला हमीरपुर के अंतर्गत आने बड़सर उपमंडल की ग्राम पंचायत कड़साई के गांव कलबाड़ा की साढ़े 6 वर्षीय बच्ची रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता हो गई है। चार दिन बीत जाने बाबजूद भी बच्ची का कोई सुराग हाथ नहीं लगा है। बच्ची के लापता होने के बाद से क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है, दूसरी ओर बच्ची के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बच्ची की मां मंजू भगवान से बच्ची की सलामती की दुआ मांग रही है। जानकारी के अनुसार नायरा बुधवार के दिन सुबह 8 बजे के करीब अपने घर के पास खेल रही थी, तभी वह अचानक लापता हो गई थी। परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन कहीं भी बच्ची का पता नहीं चल पाया, जिसके बाद मामले की सूचना बड़सर पुलिस को दी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बच्ची की तलाश शुरू कर दी थी। पहले दिन स्थानीय पुलिस के साथ ग्रामीणों ने भी आसपास के इलाकों, खेतों और जंगलों में सर्च अभियान चलाया। इसके अलावा दूसरे दिन ड्रोन की मदद से भी इलाके की निगरानी की गई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। चौथे और दिन भी सर्च अभियान एसडीआरएफ और पुलिस और स्थानीय ग्रामीण संयुक्त सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। वहीं रविवार को हमीरपुर के एसपी बलबीर सिंह ठाकुर भी कलबाड़ा गांव पहुंचे । जहां पर उन्होंने बच्ची के माता पिता से बातचीत की और ढांढस बंधाया। उन्होंने बच्ची के माता-पिता को आश्वासन दिया है कि जल्दी ही उनकी बच्ची को ढूंढ निकाला जाएगा। उन्होंने बताया कि सोमवार से एसडीआरएफ की दो और टीम में सर्च अभियान में शामिल होंगी। वहीं नायरा की मां मंजू का रो- रो कर बुरा हाल है। मंजू भगवान से नायरा की सलामती की दुआ मांग रही है। उन्होंने पुलिस और सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द उनकी बच्ची को ढूंढा जाए। वहीं नायरा के पिता रविंद्र कुमार ने बताया कि बच्ची बुधवार के दिन सुबह 8:00 बजे के आसपास घर के नजदीक खेल रही थी। उसके बाद अचानक गायब हो गई तीन दिन बीत जाने के बावजूद भी अभी तक नायरा का कोई सुराग नहीं लग पाया है। हालांकि स्थानीय ग्रामीण और पुलिस द्वारा नायरा को हर जगह ढूंढा जा रहा है। वहीं कड़साई पंचायत के पूर्व प्रधान एवं स्थानीय निवासी रोमी कुमार ने बताया कि बच्ची को ढूंढने के लिए पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें लगातार प्रयास कर रही है। लेकिन अभी तक बच्ची का कोई सुराग नहीं लग पाया है। उन्होंने बताया कि पांचवें दिन भी एसडीआरएफ और स्थानीय ग्रामीण द्वारा सर्च ऑपरेशन जारी है। वहीं हमीरपुर एसपी बलबीर सिंह ठाकुर ने बताया कि पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है और सर्च अभियान लगातार जारी है। उन्होंने कहा कि बच्ची की जल्द बरामदगी के लिए सभी टीमें पूरी मुस्तैदी के साथ काम कर रही हैं। साथ ही उन्होंने आम लोगों से अपील की है कि यदि किसी को बच्ची के संबंध में कोई भी जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें, या बच्ची के पिता रविंद्र कुमार के मोबाइल नंबर पर 62303-96169 संपर्क करें1
- बद्दी में ट्रांसफार्मर ब्लास्ट 🔥 | 2 कारों में लगी आग | बड़ी घटना टली, कोई हताहत नहीं1
- महिला आरक्षण और परिसीमन के पीछे की मंशा को जनता बाखूबी जानती है और जान चुकी है। सोशिल मीडिया पर देश के यशस्वी प्रधानमंत्री के मार्मिक उदबोधन का जबरदस्त तरीके से ट्रोल होना दर्शाता है कि देश की जनता को लंबे समय तक बरगलाया नहीं जा सकता है। ऐसे में अब भाजपा का आने वाला समय निश्चित तौर पर खराब है। यह बात प्रदेश कांग्रेस के पूर्व मीडिया काॅर्डिनेटर संदीप सांख्यान ने कही। उन्होंने कहा कि जीत की भूख में छटपटाई भाजपा परिसीमन के बहाने न सिर्फ अपनी सीटों को बढ़ाने की कवायद को अमलीजामा पहनाना चाहती है बल्कि अपने जीत के मार्जिन को भी बरकरार रखना चाहती है। लेकिन देश की जनता द्वारा चुने गए बुद्धिजीवी नेताओं ने इनके मंसूबों पर पानी फेर दिया और इनके असली चेहरे को उजागर किया। संदीप सांख्यान ने कहा कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने को लेकर वर्ष 2023 में सभी दलों ने एकमत होकर पूर्ण रूप से समर्थन दिया था और यह बिल पास भी हुआ, लेकिन हाउस में बिल का पास होना और लागू होना दोनो अलग-अलग बातें हैं। लोक सभा के 543 सीटों में आज दिन तक महिलाओं की भागीदारी 33 प्रतिशत क्यों नहीं हुई है। इसका जबाव भी लगे हाथ यदि प्रधानमंत्री जी दे देते तो ट्रोल होने की जरूरत ही नहीं पड़ती। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा की एनडीए ऐसा करती तो इनके आधे से ज्यादा चहेतों को पैवेलियन की राह देखनी पड़ती और इनकी जड़ें कमजोर हो जातीं, इसलिए अब महिला आरक्षण की आड़ मंे परिसीमन और सीटों के बढ़ाने का नया ढोंग रचा गया, जिसे देश की जनता ने एक सिरे से नकार दिया है। संदीप सांख्यान ने कहा कि राज्यों से दलगत राजनीति के चलते भेदभाव करने वाली भाजपा की केंद्र सरकार आम जनता से जुड़े मसलों से कन्नी काट रही है तथा जनता को अन्य बातों में उलझाने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में देश रसोई गैस की किल्लत से परेशान हैं, पैट्रो पदार्थों पर राशनिंग हो रही है। पैट्रो पदार्थों के दाम उछाल मार रहे हैं, मंहगाई बढ़ रही है, जिसका सीधा असर आम आदमी पर पड़ रहा है। ताजा प्रकरण में सूरत से लाखों मजदूरों का पलायन के पीछे के कारणों का भी यदि पीएम श्री खुलासा करते तो बेहतर होते, सुलग रहे पूर्वी भारत पर भी कुछ बयान आता तो राहत के साथ न्याय की उम्मीद बंधती लेकिन ऐसा हो न सका। संदीप सांख्यान ने कहा कि ऐसे बदतर हालातों मंे बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, कानून व्यवस्था, अभिव्यक्ति की आजादी और त्वरित न्याय आदि मसले गौण हो गए हैं। लेकिन वक्त आने पर देश की जनता पाई पाई का हिसाब चुकता करेगी, अगर वोट की कीमत तय न हुई तो।1
- 50 साल तक टालती रही कांग्रेस, मोदी सरकार ने दिया 33% आरक्षण का रास्ता : डॉ जितेंद्र सिंह महिलाओं के मुद्दे पर विपक्ष ने किया विश्वासघात—INDI गठबंधन ने रोका ऐतिहासिक कानून : डॉ जितेंद्र सिंह “‘लड़की हूं लड़ सकती हूं’ कहने वाली प्रियंका गांधी ने महिलाओं के अधिकारों की लड़ाई क्यों छोड़ी?” : सरोज पांडे शिमला, 18 अप्रैल 2026: केंद्रीय मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर कांग्रेस और INDI गठबंधन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह केवल एक विधेयक नहीं, बल्कि भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विज़न और देश में महिलाओं के समग्र सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने महिलाओं को केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि विकास यात्रा का नेतृत्व करने वाला बनाया है। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में सत्ता संभालते ही यह स्पष्ट कर दिया था कि उनकी सरकार गरीब, महिला, युवा और किसान को केंद्र में रखकर कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण मोदी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में रहा है और पिछले एक दशक में जो परिवर्तन देखने को मिला है, वह अभूतपूर्व है। उन्होंने 15 अगस्त 2014 के प्रधानमंत्री के संबोधन का उल्लेख करते हुए कहा कि लाल किले से शौचालय निर्माण की बात करना एक क्रांतिकारी सोच थी, जिसने महिलाओं के स्वास्थ्य, गरिमा और सुरक्षा को राष्ट्रीय विमर्श का हिस्सा बनाया। स्वच्छ भारत मिशन के तहत बड़े पैमाने पर शौचालयों का निर्माण हुआ, जिससे बालिकाओं की शिक्षा में निरंतरता आई और महिलाओं को सम्मानजनक जीवन मिला। डॉ. जितेंद्र सिंह ने उज्ज्वला योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इस योजना ने करोड़ों महिलाओं को धुएं से मुक्ति दिलाई और उनके स्वास्थ्य के साथ-साथ जीवन की गुणवत्ता में सुधार किया। उन्होंने कहा कि पहले महिलाएं घंटों चूल्हे के धुएं में काम करती थीं, जबकि अब वे समय बचाकर स्वरोजगार और अन्य गतिविधियों में भागीदारी कर रही हैं। उन्होंने कहा कि यह बदलाव केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर महिलाओं के जीवन में वास्तविक परिवर्तन का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि देश में महिलाओं की क्षमता पहले भी मौजूद थी, लेकिन उन्हें उचित अवसर नहीं मिल पाए थे। मोदी सरकार ने नीतियों और योजनाओं के माध्यम से वह अवसर प्रदान किया, जिसका परिणाम आज सिविल सेवाओं, तकनीकी शिक्षा, शोध और रक्षा सेवाओं में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी के रूप में सामने आ रहा है। उन्होंने कहा कि अब महिलाएं केवल भागीदारी नहीं कर रही हैं, बल्कि नेतृत्व कर रही हैं। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के संदर्भ में उन्होंने कहा कि यह कानून महिलाओं को नीति निर्माण और निर्णय प्रक्रिया में सशक्त भागीदारी सुनिश्चित करने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि यह समय की मांग थी और मोदी सरकार ने इसे गंभीरता से आगे बढ़ाया, लेकिन कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने राजनीतिक स्वार्थ के कारण इस ऐतिहासिक पहल को बाधित करने का काम किया। उन्होंने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि पिछले 50 वर्षों से महिला आरक्षण की बात करने वाली पार्टी ने कभी इसे लागू करने का साहस नहीं दिखाया। उन्होंने कहा कि जब भाजपा सरकार ने ठोस समाधान प्रस्तुत किया, तब विपक्ष ने विभिन्न बहानों और तकनीकी मुद्दों का सहारा लेकर इस प्रक्रिया को रोकने का प्रयास किया। उन्होंने इसे महिलाओं के अधिकारों के साथ विश्वासघात करार दिया। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भाजपा ने अपने संगठन में पहले ही महिलाओं को 33 प्रतिशत से अधिक भागीदारी दी है, जबकि कांग्रेस आज तक अपने संगठन में भी इसे लागू नहीं कर पाई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में महिलाओं को अवसर नहीं, बल्कि परिवारवाद के आधार पर सीमित स्थान मिलता है, जबकि भाजपा में मेरिट के आधार पर महिलाओं को आगे बढ़ाया जाता है। उन्होंने विश्वास जताया कि देश की महिलाएं इस मुद्दे को लेकर जागरूक हैं और आने वाले समय में यह एक बड़े जनआंदोलन का रूप लेगा। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति अब अपने अधिकारों के प्रति सजग है और वह किसी भी प्रकार के राजनीतिक छल को स्वीकार नहीं करेगी। इस अवसर पर भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद सरोज पांडे ने भी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि महिलाओं को लंबे समय तक केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया गया, लेकिन जब उन्हें अधिकार देने का अवसर आया, तो कांग्रेस पीछे हट गई। उन्होंने प्रियंका गांधी के “लड़की हूं, लड़ सकती हूं” नारे पर सवाल उठाते हुए कहा कि महिलाओं के अधिकारों की सबसे बड़ी लड़ाई के समय यह नारा कहीं नजर नहीं आया। उन्होंने कहा कि संसद में बिल गिरने के बाद विपक्ष का रवैया महिलाओं के प्रति असंवेदनशीलता को दर्शाता है और यह पूरे देश की महिलाओं का अपमान है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने हमेशा महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए ठोस कदम उठाए हैं और आगे भी इस दिशा में कार्य करती रहेगी। अंत में भाजपा नेताओं ने कहा कि एक ओर मोदी सरकार है, जिसने महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए ठोस नीतियां और अवसर दिए, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस है, जिसने हर बार महिलाओं के अधिकारों को टालने और रोकने का काम किया। उन्होंने कहा कि देश की महिलाएं इस अंतर को समझती हैं और आने वाले समय में इसका लोकतांत्रिक जवाब देंगी।2