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INDIAN TIMES NEWS
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- पटना राजधानी के भद्र घाट पर 25/6/26 को एकादशी का व्रत रखा गया था। पोस्ट लिखने वाले व्यक्ति ने भी इस व्रत को रखा था।1
- शनिवार को पटना के दनियावां स्थित प्रखंड कार्यालय परिसर में जमीन बचाओ संघर्ष मोर्चा के बैनर तले किसानों, ग्रामीणों और विभिन्न सामाजिक-राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने किसान नेता देवकुमार सिंह के नेतृत्व में एक विशाल धरना-प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन की अध्यक्षता अजय कुमार ने की, जहाँ भूमि सुरक्षा, उचित मुआवजे, तथा भूमि खरीद-बिक्री पर लगे प्रतिबंधों की समीक्षा जैसे अहम किसान हितैषी मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ जोरदार आवाज उठाई गई। धरना को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि खेती और जमीन ग्रामीण परिवारों की आजीविका का मुख्य आधार हैं, और किसानों की सहमति के बिना उनकी जमीन से जुड़े कोई भी निर्णय स्वीकार्य नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भूमि अधिग्रहण और खरीद-बिक्री संबंधी मामलों में किसानों की राय की लगातार अनदेखी की जा रही है, जिससे ग्रामीणों में गहरा असंतोष व्याप्त है। वक्ताओं ने पुरजोर ढंग से कहा कि किसानों की पुश्तैनी जमीन उनके पूर्वजों की मेहनत और संघर्ष की पहचान है, और किसी भी कीमत पर उनके अधिकारों से कोई समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने सरकार से मांग की कि प्रभावित परिवारों को समय पर न्याय मिले और भूमि अधिग्रहण से जुड़े सभी मामलों का निष्पक्ष समाधान सुनिश्चित किया जाए। इसके अतिरिक्त, वक्ताओं ने भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और गरीबों के लिए संचालित कल्याणकारी योजनाओं में कथित अनियमितताओं जैसे मुद्दों को भी उठाया। किसानों ने प्रशासन से इन सभी समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाने की अपील की। धरना के समापन पर, प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन अंचलाधिकारी के माध्यम से सरकार को सौंपा। इस प्रदर्शन में किसान नेता धर्मेंद्र चौहान, मनीष कुमार, कुणाल किशोर, अरविंद सिंह, देवेंद्र सिंह, पंकज सिंह, मनोज कुमार चंद्रवंशी सहित सैकड़ों किसान और ग्रामीण उपस्थित रहे।2
- भरत तिवारी भगवान बनकर आया था #bharattiwari #bharat #shorts #reels #news भरत तिवारी भगवान बनकर आया था #bharattiwari #bharat #shorts #reels #news1
- पटना में जदयू सांसद संजय झा ने पीएमसीएच (PMCH) के प्राचार्य पर हुई कार्रवाई को पूरी तरह से सही ठहराया है। उन्होंने अपने बयान में यह भी कहा कि निशांत कुमार बहुत अच्छा काम कर रहे हैं।1
- फतुहा स्थित कबीर मठ में संत कबीर प्रकटोत्सव को लेकर भव्य तैयारियां जोरों पर हैं। आयोजन को सफल बनाने के उद्देश्य से मठ परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है, और श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। यह भव्य आयोजन संत कबीर के मानवता, समरसता और भाईचारे के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। कार्यक्रम में देश के विभिन्न हिस्सों से संत-महात्माओं, विशिष्ट अतिथियों और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है, जिनके लिए भजन, सत्संग, प्रवचन और अन्य आध्यात्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।1
- वेनेज़ुएला में एक भीषण भूकंप ने सिर्फ 39 सेकंड के भीतर 10,000 लोगों की जान ले ली है। इस घटना को सदी का सबसे खतरनाक भूकंप बताया जा रहा है, जिसने इतनी कम अवधि में इतनी बड़ी तबाही मचाई है।1
- उदासीन संप्रदाय के प्रतिष्ठित संत श्री कृष्ण दास 'निक्कू बाबा' पंचतत्व में विलीन हो गए हैं। त्रिवेणी संगम तट पर हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं, संत-महात्माओं और अनुयायियों ने नम आँखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। उनकी अंतिम यात्रा के दौरान श्रद्धा, भक्ति और भावनाओं का एक अद्भुत संगम देखने को मिला। उपस्थित सभी श्रद्धालुओं ने बाबा के आध्यात्मिक योगदान और मानवता के प्रति उनके समर्पण को याद करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। पूरे वातावरण में भक्ति, श्रद्धा और शोक का गहरा भाव व्याप्त रहा।1
- मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पटना साइंस कॉलेज में अपने भ्रमण के दौरान विरोध का सामना करना पड़ा। कॉलेज में व्यवस्था को लेकर छात्रों ने मुख्यमंत्री की गाड़ी के सामने आकर उनका विरोध किया और उनसे शिकायत की। इस दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शालीनता से बच्चों की बातों को सुना और उन्हें आश्वासन दिया।1
- बिहार में बिहार सरकार के आदेशों की खुली धज्जियां उड़ाने का एक मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, ग्राम सभा का आयोजन किया गया, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि इस दौरान जनता मौके से पूरी तरह नदारद थी। इस घटना ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर जनता की अनुपस्थिति में ग्राम सभा का संचालन कैसे किया गया, जबकि सरकारी आदेशों के पालन की अपेक्षा की जाती है।1