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नर्मदापुरम/नईदिल्ली सदन में उठाया गया आज सदन में रमज़ान के पावन माह को लेकर यह मुद्दा उठाया गया कि सहरी और इफ्तार के समय मस्जिदों से दी जाने वाली पारंपरिक समय-सूचना (ऐलान) सदियों पुरानी व्यवस्था है, और केवल रोज़ेदारों की सुविधा के लिए होती है, सरकार से मांग की गई कि इस पवित्र महीने में आवश्यक घोषणा ऐलान की अनुमति दी जाए, क्योंकि सभी धर्मों की आस्था और परंपराओं का सम्मान ही हमारी साझा संस्कृति की पहचान है.
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नर्मदापुरम/नईदिल्ली सदन में उठाया गया आज सदन में रमज़ान के पावन माह को लेकर यह मुद्दा उठाया गया कि सहरी और इफ्तार के समय मस्जिदों से दी जाने वाली पारंपरिक समय-सूचना (ऐलान) सदियों पुरानी व्यवस्था है, और केवल रोज़ेदारों की सुविधा के लिए होती है, सरकार से मांग की गई कि इस पवित्र महीने में आवश्यक घोषणा ऐलान की अनुमति दी जाए, क्योंकि सभी धर्मों की आस्था और परंपराओं का सम्मान ही हमारी साझा संस्कृति की पहचान है.
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- मुख्यमंत्री ने माफी मांग ली तो क्या हो गया..? वे हमारे कप्तान हैं... किसी ज्योतिष से पूछूंगा... जुबान पर शनि बैठा है या नहीं गुस्से का क्या है... कभी कभी आ जाता है पत्रकारों से चर्चा के दौरान बोले मंत्री कैलाश विजयवर्गीय...1
- खाली बोरियां और मिलावटी माल मिलने के बावजूद पुलिस कार्रवाई से बचती नजर चौलाचोन स्थित एकलव्य वेयरहाउस में करोड़ों रुपये की मूंग गायब होने के मामले में प्रशासन की कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन की जांच टीम ने भले ही 9,899 बोरियां मूंग गायब होने का खुलासा कर दिया हो, लेकिन देर रात तक इस मामले में प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज नहीं की जा सकी। गायब मूंग की कीमत लगभग 4 करोड़ 22 हजार रुपये आंकी गई है। खाली बोरियां और मिलावटी माल भी बरामद जांच के दौरान टीम ने गोदाम में मिट्टी और रेत मिली नॉन-फेयर एवरेज क्वालिटी (नॉन-एफएक्यू) मूंग के साथ-साथ कई खाली बोरियां भी बरामद की हैं। यह स्थिति साफ संकेत दे रही है कि रिकॉर्ड में दर्ज माल और वास्तविक स्टॉक में भारी गड़बड़ी है। सूत्रों के अनुसार, दस्तावेजों में हेराफेरी कर मूंग की निकासी की गई और उसके बदले खाली बोरियां और मिलावटी माल रख दिया गया। क्यों नहीं दर्ज हुई एफआईआर? सवाल यह उठता है कि जब इतनी बड़ी अनियमितता सामने आ चुकी है, तो अब तक प्राथमिकी क्यों दर्ज नहीं की गई? जानकारों का मानना है कि या तो प्रशासन उच्चाधिकारियों के आदेश का इंतजार कर रहा है या फिर आरोपियों को बचाने की मंशा से कार्रवाई में देरी की जा रही है। जांच टीम का गठन, रिपोर्ट सौंपी गई बता दें कि वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन ने मामले की जांच के लिए कृषि विभाग, विपणन संघ और जिला प्रशासन के अधिकारियों को शामिल करते हुए एक पांच सदस्यीय टीम का गठन किया था। टीम ने गोदाम में मौजूद भौतिक स्टॉक का स्टॉक रजिस्टर, परिवहन चालान, गुणवत्ता प्रमाणपत्र और आवक-जावक के सभी अभिलेखों से बारीकी से मिलान किया। जांच में दस्तावेजी रिकॉर्ड और वास्तविक भंडारण के बीच भारी अंतर पाए जाने पर टीम ने विस्तृत प्रतिवेदन तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेज दिया है। अन्य गोदामों की भी होगी जांच सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार वेयरहाउस के शाखा प्रबंधक की शिकायत के आधार पर अब जिले के अन्य गोदामों की भी जांच कराई जाएगी। प्रशासन का रुख केवल एक गोदाम तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे भंडारण तंत्र की पारदर्शिता की गहन पड़ताल की जाएगी। यदि अन्य स्थानों पर भी अनियमितताएं पाई गईं तो व्यापक स्तर पर कार्रवाई होने की संभावना है।2
- 1 फरवरी से बंद पुराने बस स्टैंड की समस्या को लेकर बस मालिक कंडक्टर और ड्राइवर पहुंचे थे बस स्टैंड के पास दुकानदारों के साथ गजानन तिवारी के निवास पर लगाई थी मदद की गुहार फिर क्या था कि तिवारी ने कमर कसी और एसडीएम, आरटीओ, सहित कमिश्नर तक लिखा पड़ी कर ज्ञापन दिया सभी के साथ मिलकर , और आंदोलन की रणनीति बनाई, कांग्रेस ने हस्ताक्षर अभियान भी चलाया जिसके बाद एक बैठक रेस्ट हाउस में कोई धरने की घोषणा होने के बाद लेकिन वह धरना एसडीएम के आश्वासन पर नहीं किया क्योंकि उन्होंने कहा था कि मांगे मान ली जाएगी और बस का संचालन शुरू कर दिया जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ फिर 20 दिन के संघर्ष के बाद से प्रारंभ हुई भूख हड़ताल जिससे शासन प्रशासन ने उनकी मांगे स्वीकार करके बस का संचालन शुरू कर दिया और फोन पर एसडीएम महोदय ने तिवारी को बताया कि आपका ज्ञापन में जो आपकी मांगे थी उसी अनुसार हमने बस का संचालन चालू कर दिया है, आप अपना अनशन तोड़ दें तो तिवारी ने कहा कि मैं जिनके लिए लड़ाई लड़ रहा था उन्हीं के हाथों अपना अनशन तोडूंगा तभी बड़ी संख्या में बस के मालिक बस के कंडक्टर और बस के ड्राइवर सहित बस स्टैंड के दुकानदार और व्यापारी संगठनों ने गजानन तिवारी का धरना स्थल जय स्तंभ चौक पर फूल माला पहनकर स्वागत किया धन्यवाद दिया और जूस पिलाकर किया तुड़वाया अनशन और बस स्टैंड से आए सभी ने कहा कि आपने और आपके साथियों ने हमारी लड़ाई लड़ी और भूख हड़ताल कर आप डटे रहे, उन्होंने यह भी कहा कि अगर आप भूख हड़ताल नहीं करते तो हमारी समस्याएं नहीं सुलझती जिस पर तिवारी ने कहा कि यह समस्या कोई राजनीतिक नहीं थी जन भावनाओं से जुड़ी थी इसके समर्थन में पूरा सेवादल और कांग्रेस परिवार आपके साथ खड़ा है इटारसी शहर का हर नागरिक खड़ा है और तिवारी ने शासन प्रशासन सहित हर व्यक्ति का धन्यवाद दिया जिन्होंने उनके साथ इस संघर्ष में इस समस्या को सुलझाने में सहयोग किया क्योंकि समस्या ग्रामीण महिलाओं बच्चों स्कूल के छात्रों मजदूरों सहित बस मालिक और इटारसी के व्यापारियों की थी जो इटारसी में एकदम से भूचाल बनकर उभर गई थी लेकिन अंत भला तो सब भला कहकर तिवारी ने सभी का अभिवादन किया क्योंकि दिनभर बड़ी संख्या में भूख हड़ताल को सभी ने समर्थन दिया1
- गुरुवार का दिन शहर के असामाजिक तत्वों के लिए निराशा जनक रहा क्योंकि पिपरिया मंगलवारा थाना निरीक्षक की टीम ने सुबह से शाम 7:30 बजे तक ही यातायात एवं अन्य विभिन्न गतिविधियों पर अंकुश लगाने ताबड़तोड़ जन सुरक्षा अभियान चलाकर शहर में सनसनी फैला दी सुबह से ही वाहन चैकिंग अभियान चलाया गया जिसमे क्षमता से अधिक लोड वाहन, बिना सीट बेल्ट और अन्य धाराओं मे mv act के तहत चलानी कार्यवाही कर 4600 रु का जुर्माना लगाया गया वही शाम होते होते बस स्टैंड पर शराबियों को दौड़ाया गया एवं सार्वजनिक स्थलों पर शराब नहीं पीने की हिदायत दी है वही बस स्टैंड डार्क प्लेस मंडी क्षेत्र में पहुंच असामाजिक तत्वों को भी सुधार लाने कार्रवाई की गई । मंगलवारा थाना पुलिस की दिनभर चली यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में रही वही इसकी काफी लोगो ने सराहना भी की1
- जिले के इटारसी रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 4 पर आई 18 फरवरी बुधवार को सुबह साढ़े दस बजे मुंबई हावड़ा मेले के स्लीपर कोच से एक महिला चलती ट्रेन से उतरने रही थी।महिला को ट्रेन से उतरता देख ड्यूटी पर तैनात आरपीएफ जवान ने दौड़ते हुये महिला का हाथ पकड़कर सुरक्षित ट्रेन से उतार लिया।महिला चलती ट्रेन में गेट पर खड़े होकर ट्रेन रोकने के लिये चिल्ला रही है। समय रहते अगर आरपीएफ के जवान उसे ट्रेन से उतरते समय सहारा नहीं देते तो महिला के साथ बड़ी घटना हो सकती थी।महिला की ट्रेन से उतरते समय जान भी जा सकती थी।इस घटना का वीडियों सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।1
- सोहागपुर (होशंगाबाद)-जरूरतमंद लोगों को प्रतिदिन नि:शुल्क भोजन कराने वाली संस्था राम रहीम रोटी बैंक को कोई सरकारी मदद नहीं मिलती परंतु संस्था द्वारा विगत कई वर्षों से फुटपाथ पर रहने वाले भूखे वृद्ध एवं बेसहारा लोगों को शुद्ध शाकाहारी ताजा भोजन प्रतिदिन कराया जाता है। इस पुण्य कार्य में नगरवासी, ग्रामीणजन एवं दूर दराज से भी सेवाभावी दानदाता बंधु मदद पहुंचाते हैं कोई खाद्यान्न के रूप में, कोई भोजन बनाकर या कोई नगद राशि भेजकर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं। आप लोग भी व्यर्थ खर्च न करके अपनी आमदनी का कुछ अंश इन वृद्ध बेसहारा गरीब लोगों की भूख मिटाने हेतु दान अवश्य कीजिए। नर सेवा ही नारायण सेवा है। सहयोग प्रदान करने हेतु फोन पे नंबर-97537517331
- बाड़ी के पास बाबई जोड़ स्थित राइस मिल से जुड़ा मामला अब प्रशासनिक तंत्र की गंभीर परीक्षा बन चुका है। किसानों के खेतों में गंदा काला पानी, बॉयलर की राख और भूसी छोड़े जाने के आरोपों ने पूरे क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी है। खबर सामने आने के बाद मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का निरीक्षण किया। जांच के दौरान खेतों में जा रहे दूषित पानी और आसपास की हवा के सैंपल लिए गए, साथ ही बॉयलर से निकलने वाली राख को नियंत्रित कराने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण में राइस मिल के पास संचालित गुरुकुल स्कूल की स्थिति भी सामने आई, जहां बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रदूषण के असर की शिकायतें मिलीं। स्कूल संचालक ने एलर्जी, सांस लेने में दिक्कत और आंखों में जलन की बात कही। अब सवाल यह है कि क्या नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई होगी या मामला औपचारिकताओं में सिमट कर रह जाएगा। क्योंकि यह सिर्फ एक मिल की कहानी नहीं, बल्कि किसानों की फसल, बच्चों की सेहत और प्रशासन की विश्वसनीयता से जुड़ा मामला है। । अब देखते रहे रायसेन (बाड़ी) की खबरें सबसे पहले | सबसे आगे 📺 साधना न्यूज़ (MP/CG/RAJASTHAN) रितिक जैन रिपोर्टर –बाडी रायसेन एवं जिला ब्यूरो चीफ न्यूज़ इंडिया 24 📡 Tata Play 1168 | Digiana 363 | Hathway 218 📱 ZEE5 | MX Player | YouTube Live मध्य प्रदेश | छत्तीसगढ़ | राजस्थान 📺 साधना न्यूज़ – बदलते वक्त का गवाह1
- आज सदन में रमज़ान के पावन माह को लेकर यह मुद्दा उठाया गया कि सहरी और इफ्तार के समय मस्जिदों से दी जाने वाली पारंपरिक समय-सूचना (ऐलान) सदियों पुरानी व्यवस्था है, और केवल रोज़ेदारों की सुविधा के लिए होती है, सरकार से मांग की गई कि इस पवित्र महीने में आवश्यक घोषणा ऐलान की अनुमति दी जाए, क्योंकि सभी धर्मों की आस्था और परंपराओं का सम्मान ही हमारी साझा संस्कृति की पहचान है.1