अमरोहा जिले में तांत्रिक विद्या और पैसे डबल करने का झांसा देकर लाखों रुपये की कथित ठगी के दो अलग-अलग मामले सामने आए हैं, जिनमें जाने आलम नामक व्यक्ति पर कुल 29 लाख रुपये हड़पने का आरोप लगा है। बछरायूं थाना क्षेत्र के मोहल्ला पीरजादगान निवासी हाशम अली ने आरोप लगाया है कि जाने आलम ने तांत्रिक विद्या से रुपये कई गुना करने का लालच देकर उनसे धीरे-धीरे करीब 20 लाख रुपये ऐंठ लिए। हाशम अली के अनुसार, यह सिलसिला मात्र 41 हजार रुपये से शुरू हुआ था। जब उन्होंने अपनी रकम वापस मांगी, तो आरोपी ने कथित रूप से जान से मारने की धमकी देना शुरू कर दिया। हाशम अली का कहना है कि मुकदमा दर्ज होने के बावजूद उन्हें अब तक न्याय नहीं मिला है और रुपये न मिलने के कारण कर्जदारों ने उनके मकान पर कब्जा कर लिया है, जिससे वे बेघर होकर दर-दर भटकने को मजबूर हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हस्तक्षेप कर अपनी रकम वापस दिलाने और न्याय सुनिश्चित करने की गुहार लगाई है, साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो वह अपने परिवार सहित आत्मदाह जैसा कदम उठाने को विवश होंगे। गजरौला के मोहल्ला अतरपुरा निवासी नवाब भी इसी मामले में एक और पीड़ित बनकर सामने आए हैं। नवाब ने जाने आलम पर 9 लाख रुपये उधार लेकर वापस न करने का आरोप लगाया है। उनके मुताबिक, जाने आलम ने 11 दिन में रुपये लौटाने का वादा किया था, लेकिन 22 महीने बीत जाने के बाद भी पूरी रकम वापस नहीं की गई। उनका दावा है कि अब तक केवल लगभग 1 लाख 70 हजार रुपये ही लौटाए गए हैं, और शेष रकम देने से आरोपी इनकार कर रहा है। नवाब ने यह भी आरोप लगाया है कि रुपये मांगने पर जाने आलम और उसके भाई उन्हें जान से मारने की धमकी देते हैं। नवाब ने गजरौला थाने में तहरीर देकर मामले की जांच और उचित कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और उत्तर प्रदेश के डीजीपी से भी हाथ जोड़कर न्याय दिलाने की अपील की है। फिलहाल, दोनों मामलों में लगाए गए इन गंभीर आरोपों पर आरोपी पक्ष का कोई बयान सामने नहीं आया है। पुलिस द्वारा शिकायतों के आधार पर मामले की जांच की जा रही है, और आरोपी का पक्ष मिलने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित करने की बात कही गई है।
अमरोहा जिले में तांत्रिक विद्या और पैसे डबल करने का झांसा देकर लाखों रुपये की कथित ठगी के दो अलग-अलग मामले सामने आए हैं, जिनमें जाने आलम नामक व्यक्ति पर कुल 29 लाख रुपये हड़पने का आरोप लगा है। बछरायूं थाना क्षेत्र के मोहल्ला पीरजादगान निवासी हाशम अली ने आरोप लगाया है कि जाने आलम ने तांत्रिक विद्या से रुपये कई गुना करने का लालच देकर उनसे धीरे-धीरे करीब 20 लाख रुपये ऐंठ लिए। हाशम अली के अनुसार, यह सिलसिला मात्र 41 हजार रुपये से शुरू हुआ था। जब उन्होंने अपनी रकम वापस मांगी, तो आरोपी ने कथित रूप से जान से मारने की धमकी देना शुरू कर दिया। हाशम अली का कहना है कि मुकदमा दर्ज होने के बावजूद उन्हें अब तक न्याय नहीं मिला है और रुपये न मिलने के कारण कर्जदारों ने उनके मकान पर कब्जा कर लिया है, जिससे वे बेघर होकर दर-दर भटकने को मजबूर हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हस्तक्षेप कर अपनी रकम वापस दिलाने और न्याय सुनिश्चित करने की गुहार लगाई है, साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो वह अपने परिवार सहित आत्मदाह जैसा कदम उठाने को विवश होंगे। गजरौला के मोहल्ला अतरपुरा निवासी नवाब भी इसी मामले में एक और पीड़ित बनकर सामने आए हैं। नवाब ने जाने आलम पर 9 लाख रुपये उधार लेकर वापस न करने का आरोप लगाया है। उनके मुताबिक, जाने आलम ने 11 दिन में रुपये लौटाने का वादा किया था, लेकिन 22 महीने बीत जाने के बाद भी पूरी रकम वापस नहीं की गई। उनका दावा है कि अब तक केवल लगभग 1 लाख 70 हजार रुपये ही लौटाए गए हैं, और शेष रकम देने से आरोपी इनकार कर रहा है। नवाब ने यह भी आरोप लगाया है कि रुपये मांगने पर जाने आलम और उसके भाई उन्हें जान से मारने की धमकी देते हैं। नवाब ने गजरौला थाने में तहरीर देकर मामले की जांच और उचित कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और उत्तर प्रदेश के डीजीपी से भी हाथ जोड़कर न्याय दिलाने की अपील की है। फिलहाल, दोनों मामलों में लगाए गए इन गंभीर आरोपों पर आरोपी पक्ष का कोई बयान सामने नहीं आया है। पुलिस द्वारा शिकायतों के आधार पर मामले की जांच की जा रही है, और आरोपी का पक्ष मिलने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित करने की बात कही गई है।
- अमरोहा के धनौरा में डिजिटल रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में चल रहे अधिवक्ता समाज के आंदोलन को भीम आर्मी भारत एकता मिशन, जिला अमरोहा ने अपना नैतिक समर्थन दिया है। इस संबंध में भीम आर्मी के जिला अध्यक्ष विकेश कुमार ने तहसील बार एसोसिएशन, धनौरा के अध्यक्ष को एक समर्थन पत्र प्रेषित किया। पत्र में कहा गया है कि भीम आर्मी भारत एकता मिशन संविधान के मूल्यों, सामाजिक न्याय और नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध है। संगठन का यह मानना है कि न्याय व्यवस्था में किसी भी महत्वपूर्ण परिवर्तन को लागू करने से पहले अधिवक्ताओं, न्यायिक अधिकारियों और आम नागरिकों सहित सभी संबंधित पक्षों से व्यापक संवाद और सहमति प्राप्त करना अत्यंत आवश्यक है। भीम आर्मी ने उत्तर प्रदेश सरकार और संबंधित अधिकारियों से अपील की है कि वे अधिवक्ता समाज की मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार करें तथा संवाद के माध्यम से एक ऐसा समाधान निकालें, जिससे न्याय व्यवस्था की पारदर्शिता, सुगमता और आम नागरिकों के हित सुरक्षित रह सकें। पत्र के अंत में, भीम आर्मी भारत एकता मिशन ने अधिवक्ता समाज के साथ एकजुटता व्यक्त करते हुए उनके संविधान सम्मत एवं शांतिपूर्ण आंदोलन में हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन भी दिया है। यह समर्थन पत्र जिला अध्यक्ष विकेश कुमार की ओर से जारी किया गया।1
- उत्तर प्रदेश के अमरोहा में संज्ञेय अपराध की आशंका के चलते दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इन दोनों आरोपियों को एसडीएम कोर्ट में पेश किया गया और वहाँ भेज दिया गया।1
- अमरोहा जिले में तांत्रिक विद्या और पैसे डबल करने का झांसा देकर लाखों रुपये की कथित ठगी के दो अलग-अलग मामले सामने आए हैं, जिनमें जाने आलम नामक व्यक्ति पर कुल 29 लाख रुपये हड़पने का आरोप लगा है। बछरायूं थाना क्षेत्र के मोहल्ला पीरजादगान निवासी हाशम अली ने आरोप लगाया है कि जाने आलम ने तांत्रिक विद्या से रुपये कई गुना करने का लालच देकर उनसे धीरे-धीरे करीब 20 लाख रुपये ऐंठ लिए। हाशम अली के अनुसार, यह सिलसिला मात्र 41 हजार रुपये से शुरू हुआ था। जब उन्होंने अपनी रकम वापस मांगी, तो आरोपी ने कथित रूप से जान से मारने की धमकी देना शुरू कर दिया। हाशम अली का कहना है कि मुकदमा दर्ज होने के बावजूद उन्हें अब तक न्याय नहीं मिला है और रुपये न मिलने के कारण कर्जदारों ने उनके मकान पर कब्जा कर लिया है, जिससे वे बेघर होकर दर-दर भटकने को मजबूर हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हस्तक्षेप कर अपनी रकम वापस दिलाने और न्याय सुनिश्चित करने की गुहार लगाई है, साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो वह अपने परिवार सहित आत्मदाह जैसा कदम उठाने को विवश होंगे। गजरौला के मोहल्ला अतरपुरा निवासी नवाब भी इसी मामले में एक और पीड़ित बनकर सामने आए हैं। नवाब ने जाने आलम पर 9 लाख रुपये उधार लेकर वापस न करने का आरोप लगाया है। उनके मुताबिक, जाने आलम ने 11 दिन में रुपये लौटाने का वादा किया था, लेकिन 22 महीने बीत जाने के बाद भी पूरी रकम वापस नहीं की गई। उनका दावा है कि अब तक केवल लगभग 1 लाख 70 हजार रुपये ही लौटाए गए हैं, और शेष रकम देने से आरोपी इनकार कर रहा है। नवाब ने यह भी आरोप लगाया है कि रुपये मांगने पर जाने आलम और उसके भाई उन्हें जान से मारने की धमकी देते हैं। नवाब ने गजरौला थाने में तहरीर देकर मामले की जांच और उचित कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और उत्तर प्रदेश के डीजीपी से भी हाथ जोड़कर न्याय दिलाने की अपील की है। फिलहाल, दोनों मामलों में लगाए गए इन गंभीर आरोपों पर आरोपी पक्ष का कोई बयान सामने नहीं आया है। पुलिस द्वारा शिकायतों के आधार पर मामले की जांच की जा रही है, और आरोपी का पक्ष मिलने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित करने की बात कही गई है।1
- अमरोहा जिले के मंडी धनौरा थाना क्षेत्र अंतर्गत शाहपुर रझेड़ा गाँव में एक गरीब व्यक्ति के पुत्र का मोबाइल दबंगों ने छीन लिया, और जब पीड़ित ने उसे वापस मांगा तो आरोपी युवकों ने माँ-बेटे के साथ मारपीट की तथा झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दी। प्रार्थी रामकिशन पुत्र नेतराम, जिसने खुद को 'बहुत गरीब व कमजोर व्यक्ति' बताया है, ने अपनी शिकायत में कहा कि यह घटना 22 जून, 2026 को सुबह लगभग 11:30 बजे की है, जब उनका पुत्र नीरज घर के बाहर गेट पर बैठकर लगभग 8000 रुपये कीमत का POCO X3 मोबाइल चला रहा था। तभी गाँव के मुल्जिमान सूरज पुत्र बलराम, शिवा पुत्र बलराम और विवेक पुत्र परवीन एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल से आए और नीरज का मोबाइल छीनकर ले गए, जिसमें सिम नंबर 6396815489 और 9286415459 पड़े हुए थे। जब रामकिशन और उनके पुत्र नीरज, मुल्जिमानों के घर अपनी शिकायत करने और मोबाइल वापस मांगने पहुँचे, तो इन मुल्जिमानों ने अपने अन्य साथियों बलराम पुत्र नामालूम, अजय पुत्र गंगादास और अशोक पुत्र भोजराज के साथ मिलकर उन्हें घेर लिया। इसके बाद, मुल्जिमानों ने माँ-बहन की गन्दी गन्दी गालियाँ देते हुए रामकिशन और उनके पुत्र के साथ लात घूसों से मारपीट करना शुरू कर दिया। इस दौरान, उन्होंने कहा कि "सालो तुम्हारी इतनी हिम्मत हो गई कि हमारे घर तक आ गए" और धमकी दी कि "सालो यहाँ दोबारा आए तो तुम्हे किसी झूठे मुकदमे में फंसा दोनों को जेल भिजवा देंगे।" प्रार्थी ने बड़ी मुश्किल से खुद को और अपने पुत्र को उनसे छुड़ाया। आरोप है कि मुल्जिमान, प्रार्थी के पुत्र को बदनाम करने की नीयत से उसके मोबाइल से अश्लील फोटो और अन्य युवतियों के फोटो सोशल मीडिया पर अपलोड कर रहे हैं। रामकिशन ने इस पूरी घटना के संबंध में थाना मंडी धनौरा में शिकायती प्रार्थना पत्र दिया है, लेकिन उनकी शिकायत के बावजूद अभी तक इस मामले में कोई कार्यवाही नहीं हुई है।1
- किसान यूनियन बी.आर. अंबेडकर के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय भारती को जिले से बाहर कर दिया गया है। अमरोहा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने स्वयं इस कार्रवाई की जानकारी दी है, जिसके तहत दिग्विजय भारती को छह महीने की अवधि के लिए जिला बदर किया गया है।1
- महाराष्ट्र में हुए टीईटी (TET) पेपर लीक मामले को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला गया है। आरोप लगाया गया है कि यह घटना साबित करती है कि भाजपा सरकार एक भी परीक्षा ठीक से आयोजित नहीं करा सकती। पोस्ट में तीखी टिप्पणी करते हुए यह भी कहा गया है कि सरकार केवल राजनीतिक दलों को तोड़ने और विधायकों व सांसदों को अपने पाले में करने में ही कुशल है।1
- महाराष्ट्र TET परीक्षा से ठीक एक दिन पहले कथित पेपर लीक की खबर सामने आने से लाखों अभ्यर्थियों को गहरा झटका लगा है। इस 'बड़े खुलासे' ने लाखों छात्रों के भविष्य को खतरे में डाल दिया है। यह पूरा मामला पुलिस जाँच के दायरे में आ गया है, और इसका सीधा असर आगामी परीक्षा पर पड़ने की आशंका है।1
- उत्तर प्रदेश के अमरोहा में स्थानीय पालिका ने कार्रवाई करते हुए एक अवैध साप्ताहिक बाजार को हटवा दिया है। इस दौरान पालिका ने अतिक्रमण करने वाले सभी लोगों को भविष्य में सख्त कार्रवाई का सामना करने की चेतावनी भी जारी की है।1