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जौनपुर जिले की मछलीशहर तहसील में अधिवक्ताओं ने एकजुट होकर जोरदार धरना प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के बाद उन्होंने उप जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा, जो मुख्यमंत्री को संबोधित था।
Dharmendra Giri
जौनपुर जिले की मछलीशहर तहसील में अधिवक्ताओं ने एकजुट होकर जोरदार धरना प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के बाद उन्होंने उप जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा, जो मुख्यमंत्री को संबोधित था।
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- जौनपुर जिले के मछली शहर स्थित बंधवा बाजार के ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है, जिससे भीषण गर्मी में लोगों का जीवन नारकीय हो गया है। बताया गया है कि बिजली कर्मचारियों की घोर लापरवाही के कारण बाजार के बाहर के इलाकों में बिजली की आपूर्ति बुरी तरह गड़बड़ा गई है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, सुबह से लेकर रात 10 बजे तक बिजली नहीं आती, जिसके कारण लोग पंखे झलते हुए रात बिताने को मजबूर हैं। इस अव्यवस्था के चलते सरकार द्वारा बिजली आपूर्ति को लेकर किए गए सभी दावे पूरी तरह से विफल साबित हो रहे हैं। कर्मचारियों की इस लापरवाही ने शासन की पूरी व्यवस्था पर पानी फेर दिया है।1
- जौनपुर के बदलापुर में भरत तिवारी के कथित एनकाउंटर को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज़ हो गई हैं। पूर्व विधायक बाबा दूबे ने इस मामले में बिहार पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाते हुए, इसकी निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। बाबा दूबे ने कहा कि भरत तिवारी के एनकाउंटर की कहानी कई सवाल खड़े करती है और आरोप लगाया कि मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए एक स्वतंत्र एजेंसी से जांच होनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस जांच से यह स्पष्ट होना चाहिए कि पुलिस कार्रवाई पूरी तरह नियमों और कानून के तहत हुई थी या नहीं। पूर्व विधायक ने यह भी रेखांकित किया कि किसी भी व्यक्ति को कानून से ऊपर नहीं माना जा सकता, और न्यायिक प्रक्रिया को दरकिनार कर की गई कार्रवाई की आशंकाओं की भी निष्पक्ष जांच ज़रूरी है। उनके अनुसार, यदि एनकाउंटर वास्तविक है तो सभी तथ्य सामने आने चाहिए, और यदि इसमें कोई अनियमितता हुई है तो जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। बाबा दूबे ने राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों से पूरे प्रकरण की पारदर्शी जांच कराने की अपील करते हुए कहा कि जनता के बीच उठ रहे सवालों का जवाब मिलना आवश्यक है। उन्होंने अंत में कहा कि लोकतंत्र में कानून का राज सर्वोपरि है और किसी भी विवादित मामले में सत्य सामने आना ही चाहिए।1
- बुलेट मोटरसाइकिल की दमदार आवाज़ और उसकी मज़बूत बनावट लोगों को ख़ास तौर पर आकर्षित करती है। जब कोई बुलेट सवार आम के बगीचों के बीच से गुज़रते हुए प्रकृति की ख़ूबसूरती का आनंद लेता है, तो उसे एक अलग ही सुकून और आत्मविश्वास का एहसास होता है। कई लोग इस सवारी को राजशाही बताते हैं और कहते हैं कि बुलेट पर बैठकर ऐसा लगता है मानो किसी विशाल हाथी की सवारी कर रहे हों। जौनपुर ज़िले सहित ग्रामीण युवाओं में बुलेट के प्रति विशेष आकर्षण देखा जाता है। उनका मानना है कि साधारण गाड़ियों की तुलना में बुलेट की सवारी उन्हें एक अलग पहचान और आनंद प्रदान करती है। प्रकृति के बीच, आम के बगीचों की ख़ुशबू और खुले वातावरण में बुलेट का यह सफ़र उनके जीवन के यादगार पलों में शामिल हो जाता है। गाँव की हरियाली, आम के बगीचों की ठंडी छाँव और कच्चे रास्तों पर दौड़ती बुलेट का यह संगम ग्रामीण संस्कृति और प्रकृति के साथ बुलेट की शान का एक विशेष अनुभव बनकर उभर रहा है।1
- आज जयपुर में बारिश होने से मौसम में बदलाव आया है, जिसके कारण लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है।1
- बदलापुर विकास खंड स्थित शाहपुर गौशाला में गुरुवार को भीमसैनी/निर्जला एकादशी व्रत के पावन अवसर पर गौसेवा का सराहनीय कार्य किया गया। इस दौरान अधिवक्ता उपेंद्रमणि त्रिपाठी गौशाला पहुंचे, जहां उन्होंने गायों को हरा चारा खिलाया और उनके संरक्षण एवं संवर्धन का महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने भारतीय संस्कृति में गौसेवा के विशेष महत्व पर जोर देते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक पर्वों पर किए गए सेवा कार्य समाज में सकारात्मक प्रेरणा प्रदान करते हैं। गौशाला प्रबंधन ने इस सहयोग के लिए अधिवक्ता उपेंद्रमणि त्रिपाठी के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में उपस्थित अन्य लोगों ने भी गौसेवा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए नियमित रूप से गौसंरक्षण में अपना योगदान देने का संकल्प लिया।1
- हडिया तहसील के प्यारेपुर गांव में राजस्व टीम द्वारा अभय नामक व्यक्ति की जमीन का नाप-जोख कर पथरगढ़ी कराई गई है। इस कार्रवाई के तहत जमीन को मापकर उसका सीमांकन किया गया और पत्थरों से चिह्नित कर अलग किया गया।2
- जनता के लिए समर्पित सत्ता का परिणाम दिखाते हुए, मालदा के कालीचक इलाके में TMC नेता मोहम्मद बाकुल शेख को आज बंगाल पुलिस ने उसी कालीचक की सड़कों पर हाथों में रस्सी बांधकर परेड कराई। मोहम्मद बाकुल शेख का कालीचक क्षेत्र में काफी दहशत था, और लोगों को परेशान करना तथा गरीबों से वसूली करना उसका धंधा बन गया था। यह घटना इस बात की पुष्टि करती है कि सत्ता अगर जनता के लिए समर्पित हो, तो उसका परिणाम ऐसा ही होता है।1