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दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने E20 पेट्रोल को लेकर सरकार पर साधा निशाना मोदी सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

4 hrs ago
user_ATISH KUMAR
ATISH KUMAR
वसंत विहार, नई दिल्ली, दिल्ली•
4 hrs ago

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने E20 पेट्रोल को लेकर सरकार पर साधा निशाना मोदी सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

More news from दिल्ली and nearby areas
  • पीएम मोदी ने Commonwealth Games 2026 के पदक विजेता भारतीय खिलाड़ियों से की मुलाकात, शेयर की खास रील दिल्ली/नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अपने आवास 7 लोक कल्याण मार्ग पर Commonwealth Games 2026 में शानदार प्रदर्शन करने वाले भारतीय खिलाड़ियों से मुलाकात की। इस दौरान प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों के साथ बातचीत की और उनके प्रदर्शन की सराहना की। भारत ने Commonwealth Games 2026 में कुल 39 पदक जीतकर पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया। भारतीय खिलाड़ियों ने 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य पदक अपने नाम किए। प्रधानमंत्री मोदी ने खिलाड़ियों के साथ मुलाकात की एक खास रील भी इंस्टाग्राम पर साझा की। इस मुलाकात को भारतीय खिलाड़ियों की उपलब्धियों के सम्मान और उनका उत्साह बढ़ाने के रूप में देखा जा रहा है।
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    पीएम मोदी ने Commonwealth Games 2026 के पदक विजेता भारतीय खिलाड़ियों से की मुलाकात, शेयर की खास रील
दिल्ली/नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अपने आवास 7 लोक कल्याण मार्ग पर Commonwealth Games 2026 में शानदार प्रदर्शन करने वाले भारतीय खिलाड़ियों से मुलाकात की। इस दौरान प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों के साथ बातचीत की और उनके प्रदर्शन की सराहना की।
भारत ने Commonwealth Games 2026 में कुल 39 पदक जीतकर पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया। भारतीय खिलाड़ियों ने 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य पदक अपने नाम किए।
प्रधानमंत्री मोदी ने खिलाड़ियों के साथ मुलाकात की एक खास रील भी इंस्टाग्राम पर साझा की। इस मुलाकात को भारतीय खिलाड़ियों की उपलब्धियों के सम्मान और उनका उत्साह बढ़ाने के रूप में देखा जा रहा है।
    user_पब्लिक मीडिया न्यूज़ चैनल
    पब्लिक मीडिया न्यूज़ चैनल
    Court reporter द्वारका, दक्षिण पश्चिम दिल्ली, दिल्ली•
    7 hrs ago
  • कांवड़ यात्रियों को ट्रेन में चढ़ने से मना कर दिया टीटीई ने कहा - 500 रुपए जुर्माना और किराया भी लगेगा कांवड़ यात्रियों को ट्रेन में चढ़ने से मना कर दिया टीटीई ने कहा - 500 रुपए जुर्माना और किराया भी लगेगा कांवड़ियों ने कहा- योगी सरकार ने फ्री किया है उत्तर प्रदेश, आजमगढ़ रेलवे स्टेशन की घटना
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    कांवड़ यात्रियों को ट्रेन में चढ़ने से मना कर दिया

टीटीई ने कहा - 500 रुपए जुर्माना और किराया भी लगेगा
कांवड़ यात्रियों को ट्रेन में चढ़ने से मना कर दिया
टीटीई ने कहा - 500 रुपए जुर्माना और किराया भी लगेगा
कांवड़ियों ने कहा- योगी सरकार ने फ्री किया है
उत्तर प्रदेश, आजमगढ़ रेलवे स्टेशन की घटना
    user_Yogesh jangar
    Yogesh jangar
    Voice of people गुरुग्राम, गुरुग्राम, हरियाणा•
    7 hrs ago
  • स्वतंत्रता दिवस पर यमुना पुत्रबबाबा हरिदास जी का पैगाम देश पहले धर्म बाद में
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    स्वतंत्रता दिवस पर यमुना पुत्रबबाबा हरिदास जी का पैगाम देश पहले धर्म बाद में
    user_Baba Hari Das
    Baba Hari Das
    Astrologer गांधी नगर, पूर्वी दिल्ली, दिल्ली•
    8 hrs ago
  • दिल्ली उत्तम नगर विजय विहार रोड दीपक औहरा जी के आफिस मीटिंग आम आदमी पार्टी निगम पार्षद अच्छा नेता सबके साथ आज तक बहुत अच्छा काम किया है हमारा निगम पार्षद
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    दिल्ली उत्तम नगर विजय विहार रोड दीपक औहरा जी के आफिस मीटिंग  आम आदमी पार्टी निगम पार्षद अच्छा नेता सबके साथ  
आज तक बहुत अच्छा काम किया है हमारा निगम पार्षद
    user_पब्लिक मीडिया न्यूज़ चैनल
    पब्लिक मीडिया न्यूज़ चैनल
    Court reporter द्वारका, दक्षिण पश्चिम दिल्ली, दिल्ली•
    7 hrs ago
  • आस्था और भक्ति की अनोखी मिसाल: 72 दिनों में दंडवत प्रणाम करते हुए हरिद्वार से गाजियाबाद पहुंचा शिवभक्त कहते हैं कि जब दिल में भगवान भोलेनाथ के प्रति सच्ची श्रद्धा और अटूट विश्वास हो, तो इंसान के भीतर ऐसी शक्ति जाग जाती है, जिसका उसे खुद भी अंदाजा नहीं होता। सावन के पवित्र महीने में ऐसी ही आस्था और भक्ति की अनोखी तस्वीर देखने को मिल रही है। शाहदरा निवासी हिमांशु प्रजापति भगवान भोलेनाथ के प्रति अपनी गहरी आस्था के चलते हरिद्वार की हर की पौड़ी से गंगाजल लेकर गाजियाबाद के लिए निकले। खास बात यह है कि हिमांशु ने यह यात्रा पैदल चलकर नहीं, बल्कि दंडवत प्रणाम करते हुए पूरी की। हर कुछ कदम आगे बढ़ने के बाद वह जमीन पर दंडवत प्रणाम करते हैं और फिर उसी तरह अपनी यात्रा को आगे बढ़ाते हैं। इस कठिन और लंबी यात्रा को पूरा करने में उन्हें करीब 72 दिन लगे। रास्ते की तमाम मुश्किलों, थकान और मौसम की चुनौतियों के बावजूद हिमांशु की आस्था उनके कदमों को लगातार आगे बढ़ाती रही। हिमांशु की यह यात्रा अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। उनकी भक्ति और संकल्प को देखकर लोग इसे भगवान शिव के प्रति अटूट श्रद्धा की मिसाल बता रहे हैं। तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह हिमांशु दंडवत प्रणाम करते हुए अपने कंधे पर भगवान भोलेनाथ की कांवड़ लेकर आगे बढ़ रहे हैं। उनकी इस कठिन यात्रा का उद्देश्य भगवान भोलेनाथ के प्रति अपनी श्रद्धा अर्पित करना और गंगाजल लेकर अपने गंतव्य तक पहुंचना है। हिमांशु की भक्ति यह संदेश देती है कि जब संकल्प मजबूत हो और मन में भोलेनाथ के प्रति अटूट विश्वास हो, तो कठिन से कठिन रास्ता भी आसान लगने लगता है। कहते हैं कि जब दिल में भगवान भोलेनाथ के प्रति सच्ची श्रद्धा और अटूट विश्वास हो, तो इंसान के भीतर ऐसी शक्ति जाग जाती है, जिसका उसे खुद भी अंदाजा नहीं होता। सावन के पवित्र महीने में ऐसी ही आस्था और भक्ति की अनोखी तस्वीर देखने को मिल रही है। शाहदरा निवासी हिमांशु प्रजापति भगवान भोलेनाथ के प्रति अपनी गहरी आस्था के चलते हरिद्वार की हर की पौड़ी से गंगाजल लेकर गाजियाबाद के लिए निकले। खास बात यह है कि हिमांशु ने यह यात्रा पैदल चलकर नहीं, बल्कि दंडवत प्रणाम करते हुए पूरी की। हर कुछ कदम आगे बढ़ने के बाद वह जमीन पर दंडवत प्रणाम करते हैं और फिर उसी तरह अपनी यात्रा को आगे बढ़ाते हैं। इस कठिन और लंबी यात्रा को पूरा करने में उन्हें करीब 72 दिन लगे। रास्ते की तमाम मुश्किलों, थकान और मौसम की चुनौतियों के बावजूद हिमांशु की आस्था उनके कदमों को लगातार आगे बढ़ाती रही। हिमांशु की यह यात्रा अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। उनकी भक्ति और संकल्प को देखकर लोग इसे भगवान शिव के प्रति अटूट श्रद्धा की मिसाल बता रहे हैं। तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह हिमांशु दंडवत प्रणाम करते हुए अपने कंधे पर भगवान भोलेनाथ की कांवड़ लेकर आगे बढ़ रहे हैं। उनकी इस कठिन यात्रा का उद्देश्य भगवान भोलेनाथ के प्रति अपनी श्रद्धा अर्पित करना और गंगाजल लेकर अपने गंतव्य तक पहुंचना है। हिमांशु की भक्ति यह संदेश देती है कि जब संकल्प मजबूत हो और मन में भोलेनाथ के प्रति अटूट विश्वास हो, तो कठिन से कठिन रास्ता भी आसान लगने लगता है।
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    आस्था और भक्ति की अनोखी मिसाल: 72 दिनों में दंडवत प्रणाम करते हुए हरिद्वार से गाजियाबाद पहुंचा शिवभक्त 

कहते हैं कि जब दिल में भगवान भोलेनाथ के प्रति सच्ची श्रद्धा और अटूट विश्वास हो, तो इंसान के भीतर ऐसी शक्ति जाग जाती है, जिसका उसे खुद भी अंदाजा नहीं होता। सावन के पवित्र महीने में ऐसी ही आस्था और भक्ति की अनोखी तस्वीर देखने को मिल रही है।

शाहदरा निवासी हिमांशु प्रजापति भगवान भोलेनाथ के प्रति अपनी गहरी आस्था के चलते हरिद्वार की हर की पौड़ी से गंगाजल लेकर गाजियाबाद के लिए निकले। खास बात यह है कि हिमांशु ने यह यात्रा पैदल चलकर नहीं, बल्कि दंडवत प्रणाम करते हुए पूरी की।

हर कुछ कदम आगे बढ़ने के बाद वह जमीन पर दंडवत प्रणाम करते हैं और फिर उसी तरह अपनी यात्रा को आगे बढ़ाते हैं। इस कठिन और लंबी यात्रा को पूरा करने में उन्हें करीब 72 दिन लगे। रास्ते की तमाम मुश्किलों, थकान और मौसम की चुनौतियों के बावजूद हिमांशु की आस्था उनके कदमों को लगातार आगे बढ़ाती रही।

हिमांशु की यह यात्रा अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। उनकी भक्ति और संकल्प को देखकर लोग इसे भगवान शिव के प्रति अटूट श्रद्धा की मिसाल बता रहे हैं। तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह हिमांशु दंडवत प्रणाम करते हुए अपने कंधे पर भगवान भोलेनाथ की कांवड़ लेकर आगे बढ़ रहे हैं।

उनकी इस कठिन यात्रा का उद्देश्य भगवान भोलेनाथ के प्रति अपनी श्रद्धा अर्पित करना और गंगाजल लेकर अपने गंतव्य तक पहुंचना है। हिमांशु की भक्ति यह संदेश देती है कि जब संकल्प मजबूत हो और मन में भोलेनाथ के प्रति अटूट विश्वास हो, तो कठिन से कठिन रास्ता भी आसान लगने लगता है।
कहते हैं कि जब दिल में भगवान भोलेनाथ के प्रति सच्ची श्रद्धा और अटूट विश्वास हो, तो इंसान के भीतर ऐसी शक्ति जाग जाती है, जिसका उसे खुद भी अंदाजा नहीं होता। सावन के पवित्र महीने में ऐसी ही आस्था और भक्ति की अनोखी तस्वीर देखने को मिल रही है।
शाहदरा निवासी हिमांशु प्रजापति भगवान भोलेनाथ के प्रति अपनी गहरी आस्था के चलते हरिद्वार की हर की पौड़ी से गंगाजल लेकर गाजियाबाद के लिए निकले। खास बात यह है कि हिमांशु ने यह यात्रा पैदल चलकर नहीं, बल्कि दंडवत प्रणाम करते हुए पूरी की।
हर कुछ कदम आगे बढ़ने के बाद वह जमीन पर दंडवत प्रणाम करते हैं और फिर उसी तरह अपनी यात्रा को आगे बढ़ाते हैं। इस कठिन और लंबी यात्रा को पूरा करने में उन्हें करीब 72 दिन लगे। रास्ते की तमाम मुश्किलों, थकान और मौसम की चुनौतियों के बावजूद हिमांशु की आस्था उनके कदमों को लगातार आगे बढ़ाती रही।
हिमांशु की यह यात्रा अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। उनकी भक्ति और संकल्प को देखकर लोग इसे भगवान शिव के प्रति अटूट श्रद्धा की मिसाल बता रहे हैं। तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह हिमांशु दंडवत प्रणाम करते हुए अपने कंधे पर भगवान भोलेनाथ की कांवड़ लेकर आगे बढ़ रहे हैं।
उनकी इस कठिन यात्रा का उद्देश्य भगवान भोलेनाथ के प्रति अपनी श्रद्धा अर्पित करना और गंगाजल लेकर अपने गंतव्य तक पहुंचना है। हिमांशु की भक्ति यह संदेश देती है कि जब संकल्प मजबूत हो और मन में भोलेनाथ के प्रति अटूट विश्वास हो, तो कठिन से कठिन रास्ता भी आसान लगने लगता है।
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    BHARAT TODAY NEWS
    Media house Saraswati Vihar, North West Delhi•
    4 hrs ago
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