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दिल्ली उत्तम नगर विजय विहार रोड दीपक औहरा जी के आफिस मीटिंग आम आदमी पार्टी निगम पार्षद अच्छा नेता सबके साथ आज तक बहुत अच्छा काम किया है हमारा निगम पार्षद
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दिल्ली उत्तम नगर विजय विहार रोड दीपक औहरा जी के आफिस मीटिंग आम आदमी पार्टी निगम पार्षद अच्छा नेता सबके साथ आज तक बहुत अच्छा काम किया है हमारा निगम पार्षद
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- तेजी से बदलती दुनिया में जो सीखेगा, वही जीतेगा: मोदी 🇮🇳 तेजी से बदलती दुनिया में जो सीखेगा, वही जीतेगा: मोदी 🇮🇳 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बदलती दुनिया और सीखने की जरूरत पर महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में वही आगे बढ़ेगा और जीतेगा, जो समय के साथ नई चीजें सीखने और खुद को बदलने के लिए तैयार रहेगा। यह संदेश युवाओं, विद्यार्थियों और हर उस व्यक्ति के लिए महत्वपूर्ण है जो सफलता की राह पर आगे बढ़ना चाहता है। 👍 वीडियो पसंद आए तो Like करें 🔄 Share जरूर करें 🔔 SBharat News को Subscribe करें 💬 अपनी राय Comment में जरूर बताएं।1
- भोले के भक्ति नन्हे नन्हे कांवरिया भी आ रहे हैं कावड़ लेकर भोले की भक्ति में दिन नन्हे नन्हे कांवरिया भी लेकर आ रहे हैं कावड़ भोलेनाथ इन पर विशेष कृपा करें और उनकी सभी मनोकामना पूरी करें1
- कांवड़ यात्रियों को ट्रेन में चढ़ने से मना कर दिया टीटीई ने कहा - 500 रुपए जुर्माना और किराया भी लगेगा कांवड़ यात्रियों को ट्रेन में चढ़ने से मना कर दिया टीटीई ने कहा - 500 रुपए जुर्माना और किराया भी लगेगा कांवड़ियों ने कहा- योगी सरकार ने फ्री किया है उत्तर प्रदेश, आजमगढ़ रेलवे स्टेशन की घटना1
- जॉब करना चाहते हैं तो आप ही जुड़े अपना बायोडाटा नाम फोटो वोटर आईडी कार्ड हमारे व्हाट्सऐप नंबर 9355637235 पर भेजे पार्ट एंड फुल्ल टाइम जॉब करने के लिए मौका ना जाने दें सिर्फ 9 दिन ही भर्ती होने का मौका है जय हिन्द जय भारत वंदेमातरम1
- हर घर तिरंगा’ अभियान को भव्य रूप से मनाया जा रहा है।और पूरे देश में गूंजे - हर घर तिरंगा, हर दिल तिरंगा1
- आस्था और भक्ति की अनोखी मिसाल: 72 दिनों में दंडवत प्रणाम करते हुए हरिद्वार से गाजियाबाद पहुंचा शिवभक्त कहते हैं कि जब दिल में भगवान भोलेनाथ के प्रति सच्ची श्रद्धा और अटूट विश्वास हो, तो इंसान के भीतर ऐसी शक्ति जाग जाती है, जिसका उसे खुद भी अंदाजा नहीं होता। सावन के पवित्र महीने में ऐसी ही आस्था और भक्ति की अनोखी तस्वीर देखने को मिल रही है। शाहदरा निवासी हिमांशु प्रजापति भगवान भोलेनाथ के प्रति अपनी गहरी आस्था के चलते हरिद्वार की हर की पौड़ी से गंगाजल लेकर गाजियाबाद के लिए निकले। खास बात यह है कि हिमांशु ने यह यात्रा पैदल चलकर नहीं, बल्कि दंडवत प्रणाम करते हुए पूरी की। हर कुछ कदम आगे बढ़ने के बाद वह जमीन पर दंडवत प्रणाम करते हैं और फिर उसी तरह अपनी यात्रा को आगे बढ़ाते हैं। इस कठिन और लंबी यात्रा को पूरा करने में उन्हें करीब 72 दिन लगे। रास्ते की तमाम मुश्किलों, थकान और मौसम की चुनौतियों के बावजूद हिमांशु की आस्था उनके कदमों को लगातार आगे बढ़ाती रही। हिमांशु की यह यात्रा अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। उनकी भक्ति और संकल्प को देखकर लोग इसे भगवान शिव के प्रति अटूट श्रद्धा की मिसाल बता रहे हैं। तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह हिमांशु दंडवत प्रणाम करते हुए अपने कंधे पर भगवान भोलेनाथ की कांवड़ लेकर आगे बढ़ रहे हैं। उनकी इस कठिन यात्रा का उद्देश्य भगवान भोलेनाथ के प्रति अपनी श्रद्धा अर्पित करना और गंगाजल लेकर अपने गंतव्य तक पहुंचना है। हिमांशु की भक्ति यह संदेश देती है कि जब संकल्प मजबूत हो और मन में भोलेनाथ के प्रति अटूट विश्वास हो, तो कठिन से कठिन रास्ता भी आसान लगने लगता है। कहते हैं कि जब दिल में भगवान भोलेनाथ के प्रति सच्ची श्रद्धा और अटूट विश्वास हो, तो इंसान के भीतर ऐसी शक्ति जाग जाती है, जिसका उसे खुद भी अंदाजा नहीं होता। सावन के पवित्र महीने में ऐसी ही आस्था और भक्ति की अनोखी तस्वीर देखने को मिल रही है। शाहदरा निवासी हिमांशु प्रजापति भगवान भोलेनाथ के प्रति अपनी गहरी आस्था के चलते हरिद्वार की हर की पौड़ी से गंगाजल लेकर गाजियाबाद के लिए निकले। खास बात यह है कि हिमांशु ने यह यात्रा पैदल चलकर नहीं, बल्कि दंडवत प्रणाम करते हुए पूरी की। हर कुछ कदम आगे बढ़ने के बाद वह जमीन पर दंडवत प्रणाम करते हैं और फिर उसी तरह अपनी यात्रा को आगे बढ़ाते हैं। इस कठिन और लंबी यात्रा को पूरा करने में उन्हें करीब 72 दिन लगे। रास्ते की तमाम मुश्किलों, थकान और मौसम की चुनौतियों के बावजूद हिमांशु की आस्था उनके कदमों को लगातार आगे बढ़ाती रही। हिमांशु की यह यात्रा अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। उनकी भक्ति और संकल्प को देखकर लोग इसे भगवान शिव के प्रति अटूट श्रद्धा की मिसाल बता रहे हैं। तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह हिमांशु दंडवत प्रणाम करते हुए अपने कंधे पर भगवान भोलेनाथ की कांवड़ लेकर आगे बढ़ रहे हैं। उनकी इस कठिन यात्रा का उद्देश्य भगवान भोलेनाथ के प्रति अपनी श्रद्धा अर्पित करना और गंगाजल लेकर अपने गंतव्य तक पहुंचना है। हिमांशु की भक्ति यह संदेश देती है कि जब संकल्प मजबूत हो और मन में भोलेनाथ के प्रति अटूट विश्वास हो, तो कठिन से कठिन रास्ता भी आसान लगने लगता है।1