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एक नागरिक ने अधिकारियों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है, क्योंकि उन्हें अपने आरटीआई आवेदन का जवाब एक माह से भी अधिक समय बीत जाने के बाद भी नहीं मिला है। शिकायतकर्ता के अनुसार, प्रथम अपील दायर करने के बाद भी इस मामले में कोई प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने इस स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा है कि क्या उच्च अधिकारियों को यह स्पष्ट लापरवाही दिखाई नहीं दे रही है। इसके साथ ही, उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे इस मुद्दे को समर्थन देने के लिए वीडियो साझा करें और अपने-अपने शहरों में अधिकारियों की ऐसी ही लापरवाहियों को उजागर करें।
Shahdol news
एक नागरिक ने अधिकारियों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है, क्योंकि उन्हें अपने आरटीआई आवेदन का जवाब एक माह से भी अधिक समय बीत जाने के बाद भी नहीं मिला है। शिकायतकर्ता के अनुसार, प्रथम अपील दायर करने के बाद भी इस मामले में कोई प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने इस स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा है कि क्या उच्च अधिकारियों को यह स्पष्ट लापरवाही दिखाई नहीं दे रही है। इसके साथ ही, उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे इस मुद्दे को समर्थन देने के लिए वीडियो साझा करें और अपने-अपने शहरों में अधिकारियों की ऐसी ही लापरवाहियों को उजागर करें।
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- शहडोल के सिगुड़ी गांव के ग्रामीण सोमवार को लगभग 3:00 बजे पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक को एक शिकायत पत्र और ज्ञापन सौंपा, जिसमें कहा गया है कि गांव के ही रहने वाले उदयभान सिंह द्वारा आए दिन गांव में लोगों से विवाद और मारपीट की जाती है। ग्रामीणों ने उदयभान सिंह के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की मांग करते हुए कार्रवाई की बात कही।1
- एक नागरिक ने अधिकारियों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है, क्योंकि उन्हें अपने आरटीआई आवेदन का जवाब एक माह से भी अधिक समय बीत जाने के बाद भी नहीं मिला है। शिकायतकर्ता के अनुसार, प्रथम अपील दायर करने के बाद भी इस मामले में कोई प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने इस स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा है कि क्या उच्च अधिकारियों को यह स्पष्ट लापरवाही दिखाई नहीं दे रही है। इसके साथ ही, उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे इस मुद्दे को समर्थन देने के लिए वीडियो साझा करें और अपने-अपने शहरों में अधिकारियों की ऐसी ही लापरवाहियों को उजागर करें।1
- केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत पात्रता संबंधी कई नियमों को शिथिल कर ग्रामीण गरीबों को बड़ी राहत प्रदान की है। इन नियमों में किए गए बदलावों के बाद देशभर के राज्यों में लाखों नए हितग्राहियों के नाम सर्वे सूची में शामिल हो गए हैं, जिससे पक्के आवास का सपना देख रहे जरूरतमंद परिवारों में नई उम्मीद जगी है। सरकार के अनुसार, योजना के अगले महत्वपूर्ण चरण में अब चयनित हितग्राहियों का भौतिक सत्यापन किया जा रहा है। सत्यापन प्रक्रिया के बाद पात्र हितग्राहियों की अंतिम सूची तैयार की जाएगी, जिसके आधार पर आवास स्वीकृति की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। जानकारी दी गई है कि कई राज्यों में यह प्रक्रिया पूरी कर ली गई है, जबकि कुछ राज्यों में सत्यापन कार्य अभी जारी है। केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को निर्देश दिए हैं कि पोस्ट-डिलीशन प्रक्रिया और भौतिक सत्यापन का कार्य 10 जुलाई तक अनिवार्य रूप से पूरा कर लिया जाए, ताकि पात्र लाभार्थियों की अंतिम सूची समय पर तैयार हो सके। सरकार का मानना है कि इस पहल से उन परिवारों को भी योजना का लाभ मिलेगा, जो पूर्व की पात्रता शर्तों के कारण सूची से बाहर रह गए थे। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सत्यापन प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरी की जाए, जिससे वास्तविक जरूरतमंदों तक योजना का लाभ पहुंच सके। सरकार ने कहा, "हर गरीब परिवार को पक्का घर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। समयबद्ध सत्यापन से पात्र हितग्राहियों को जल्द योजना का लाभ मिल सकेगा।"1
- बिरसिंहपुर पाली के एनएच 43 पर जोहिला पुल के पास आदित्य इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड कंपनी द्वारा अवैध रूप से मुरूम मिट्टी का उत्खनन किया जा रहा है। यह कंपनी नौरोजाबाद से डिंडोरी तक सड़क निर्माण कर रही है, जो एमपीआरडीसी के अंतर्गत आता है। कंपनी सड़क की फीलिंग भरने के लिए जोहिला पुल के समीप से अवैध तरीके से मुरूम निकालकर उपयोग कर रही है। जब इस अवैध उत्खनन की सूचना खनिज विभाग को दी गई, तो विभाग के अमले के पहुंचने से पहले ही कंपनी ने उत्खनन कर मुरूम ले जा रहे ट्रकों को आवागमन के लिए रोक दिया। खनिज विभाग की टीम के चले जाने के बाद, विभाग को दोबारा सूचित किया गया कि सड़क बनाने वाली कंपनी शाम ढलते ही फिर से उत्खनन का काम कर रही है। इसके बाद, कंपनी ने रात करीब 11 बजे उत्खनन कर रही मशीनों को मौके से हटाकर अपने कैंप में खड़ी कर लिया। अब यह देखना बाकी है कि कंपनी फिर से कब इस तरह का अवैध उत्खनन शुरू करेगी और इस मामले में खनिज विभाग क्या कार्रवाई करता है। बिरसिंहपुर पाली से ओम प्रकाश अग्रवाल इस पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।1
- मुख्यमंत्री कन्या विवाह, निकाह सम्मेलन उमरिया जिले की मानपुर और करकेली जनपद पंचायतों में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इन आयोजनों में कुल 168 जोड़ों ने एक-दूसरे के साथ सात फेरे लिए और विवाह बंधन में बंधे। मानपुर जनपद पंचायत में 78 जोड़ों का विवाह हुआ, जबकि करकेली जनपद पंचायत में 90 जोड़ों ने अपने नए जीवन की शुरुआत की। मानपुर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक मानपुर, सुश्री मीना सिंह ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह, निकाह योजना को एक "मील का पत्थर" बताया। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि यह योजना बेटियों के विवाह को घर जैसे वातावरण में संपन्न करा रही है, और प्रदेश सरकार द्वारा उन्हें खुशहाल गृहस्थ जीवन के लिए 49 हजार रुपये का चेक भी प्रदान किया जा रहा है। इस अवसर पर नवविवाहित जोड़ों को चेक वितरित कर उनके सुखमय जीवन की कामना की गई। कार्यक्रम में जनपद पंचायत मानपुर अध्यक्ष ममता सिंह, नगर परिषद मानपुर की अध्यक्ष भारती सोनी, पार्षद सीईओ मानपुर सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे। इसी प्रकार, करकेली में आयोजित मुख्यमंत्री कन्या विवाह कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक बांधवगढ़, शिवनारायण सिंह ने इस योजना को प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी और अनूठी योजनाओं में से एक बताया। उन्होंने कहा कि यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों का विवाह सम्मानपूर्वक और धूमधाम से करा रही है। योजना के अंतर्गत सामूहिक विवाह समारोहों के माध्यम से बेटियों का नया जीवन शुरू होता है, वहीं दूसरी ओर प्रदेश सरकार गृहस्थ जीवन की शुरुआत के लिए आर्थिक सहायता भी प्रदान करती है। इससे गरीब और जरूरतमंद परिवारों को काफी राहत मिल रही है और माता-पिता बेटी के विवाह की चिंता से मुक्त हो रहे हैं। इस अवसर पर जनपद पंचायत अध्यक्ष करकेली प्रियंका मून सिंह, श्री आशुतोष अग्रवाल, मिथिलेश मिश्रा, जिला पंचायत सदस्य बेला अर्जुन सिंह सैययाम सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे। दोनों स्थानों पर हुए मुख्यमंत्री कन्या विवाह, निकाह सम्मेलन में जिला प्रशासन द्वारा दूल्हों की बारात की आगवानी की गई, और दोनों विधायकों ने भी इन बारात में भाग लिया। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सशक्त करने और उनकी बेटियों के विवाह को गरिमापूर्ण तरीके से संपन्न कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।3
- मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत सोमवार को मानपुर में एक भव्य सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें 78 जोड़ों का वैदिक रीति-रिवाज और मंत्रोच्चार के साथ विवाह संपन्न कराया गया, जबकि एक जोड़े का निकाह हुआ। जनपद पंचायत मानपुर और नगर परिषद मानपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह कार्यक्रम सामाजिक समरसता और जनकल्याण की भावना को प्रदर्शित करता है। समारोह की मुख्य अतिथि मानपुर विधानसभा क्षेत्र की विधायक सुश्री मीना सिंह जी और जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती अनुजा पटेल रहीं, जबकि जनपद पंचायत मानपुर की अध्यक्ष श्रीमती ममता सिंह तथा नगर परिषद मानपुर की अध्यक्ष श्रीमती भारती सतीश सोनी ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इस विशाल आयोजन का सफल संचालन जनपद पंचायत मानपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अंकित सिरोठिया और नगर परिषद मानपुर की मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्रीमती रुचिता अवस्थी के नेतृत्व में किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी, भाजपा जिला महामंत्री हरीश विश्वकर्मा सहित अन्य प्रमुख लोग और आम नागरिक उपस्थित रहे। अपने संबोधन में विधायक सुश्री मीना सिंह जी ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना को प्रदेश सरकार की जनहितैषी और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी एक महत्वपूर्ण योजना बताया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए निरंतर कार्यरत है और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने नवविवाहित दंपतियों को सुखद एवं समृद्ध वैवाहिक जीवन के लिए शुभकामनाएँ दीं। यह सामूहिक विवाह समारोह सामाजिक सहयोग, पारिवारिक मूल्यों और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का एक सफल उदाहरण बनकर सामने आया।1
- प्रदेश के प्रमुख धार्मिक और आध्यात्मिक तीर्थस्थल अमरकंटक में ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष पूर्णिमा, मूल नक्षत्र के पावन अवसर पर, सोमवार 29 जून 2026 को, लगभग 10 हजार श्रद्धालुओं ने पवित्र नगरी में पहुंचकर पुण्यसलिला मां नर्मदा में आस्था की डुबकी लगाई और पुण्य लाभ अर्जित किया। इन श्रद्धालुओं ने रामघाट, कोटितीर्थ कुंड और आरंडी संगम तट पर पवित्र स्नान करने के बाद मां नर्मदा उद्गम मंदिर में दर्शन-पूजन, जलाभिषेक एवं आरती में सहभागिता की। सुबह से ही नर्मदा उद्गम मंदिर, रामघाट, कोटितीर्थ कुंड और अन्य प्रमुख घाटों पर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। भक्तों ने विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि, आरोग्य, शांति और मंगलमय जीवन की कामना की। दिनभर मंदिर परिसर और घाटों पर एक गहरा धार्मिक वातावरण बना रहा, और स्नान एवं दर्शन का यह क्रम देर शाम तक अनवरत जारी रहा। स्नान-दान व्रत पूर्णिमा और वट पूर्णिमा के इस विशेष महत्व वाले अवसर पर, कोटितीर्थ कुंड में कई पूजा-पाठी पुरोहित और साधक मां नर्मदा के पवित्र जल में खड़े होकर जप, तप और साधना में लीन रहे। श्रद्धालुओं ने भी माला जाप, ध्यान और ईश्वर उपासना करके आध्यात्मिक साधना का पुण्य लाभ प्राप्त किया। अनेक भक्तों ने दान-पुण्य करके धर्मलाभ अर्जित किया और पूर्णिमा के व्रत का पालन किया। शाम को हुई रिमझिम वर्षा ने अमरकंटक के मौसम को अत्यंत सुहावना बना दिया, जिससे श्रद्धालुओं को गर्मी से राहत मिली और प्राकृतिक सौंदर्य के बीच धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण और भी मनोहारी हो गया। मां नर्मदा की पावन धारा, हरियाली से आच्छादित पर्वतीय परिवेश और श्रद्धालुओं की भक्ति ने अमरकंटक की आध्यात्मिक गरिमा को और अधिक आलोकित कर दिया।1
- मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा साइबर अपराधों की रोकथाम और जन जागरूकता हेतु 'सेफ क्लिक 2.0' अभियान पूरे राज्य में 24 जून 2026 से 08 जुलाई 2026 तक चलाया जा रहा है। इसी क्रम में, अनूपपुर पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराब के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जगन्नाथ मरकाम और एसडीओपी नवीन तिवारी के मार्गदर्शन में, कोतवाली अनूपपुर पुलिस द्वारा साइबर अपराधों से बचाव के लिए विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इस अभियान के तहत, शनिवार को शासकीय नर्सिंग महाविद्यालय अनूपपुर में सिविल सर्जन डॉ. एससी राय, सिस्टर ट्यूटर कविता राठौर, तरुणा मराबी, कृष्णा सिंह, ज्योति मिश्रा और शीजा थॉमस की उपस्थिति में करीब 100 छात्राओं को साइबर अपराधों से बचाव के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। इसी दिन, ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (RSETI) परसबार, अनूपपुर में लगभग 50 छात्राओं को भी जागरूक किया गया। रविवार को शासकीय जिला चिकित्सालय अनूपपुर में विभिन्न डॉक्टरों, नर्सिंग एवं मेडिकल स्टाफ और सुरक्षा गार्ड सहित कुल करीब 100 लोगों को साइबर अपराधों से बचाव हेतु जागरूक किया गया। इन सभी कार्यक्रमों में टी.आई. कोतवाली अरविंद जैन के साथ उपनिरीक्षक सरिता लकड़ा, प्रधान आरक्षक महेंद्र सिंह और आरक्षक प्रकाश तिवारी की टीम द्वारा जानकारी दी गई। पुलिस टीम ने नागरिकों को विशेष रूप से आगाह किया कि अनजान व्यक्ति द्वारा मोबाइल फोन पर कॉल या एसएमएस के माध्यम से मांगे जाने पर ओटीपी बिल्कुल न दें, न ही अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक को क्लिक करें, और अनजान नंबरों से आने वाली वीडियो कॉल को अटेंड न करें। सोशल मीडिया जैसे फेसबुक और इंस्टाग्राम पर प्राइवेसी फीचर को पूर्णतः सक्रिय रखने की सलाह दी गई, साथ ही लॉटरी, इनाम, कैशबैक, केबीसी लकी ड्रा, नौकरी, लोन और बीमा जैसे लुभावने ऑफर्स से सावधान रहने को कहा गया। साइबर सुरक्षा के लिए सभी सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स, व्हाट्सएप और टेलीग्राम पर टू-स्टेप वेरिफिकेशन विकल्प को ऑन रखने, अनजान ईमेल या लिंक खोलने से पहले उनकी प्रामाणिकता जांचने और सिम खरीदने के लिए संबंधित कंपनी के आधिकारिक स्टोर पर ही जाने पर जोर दिया गया। यदि कोई व्यक्ति स्वयं को बैंक कर्मचारी बताकर फोन पर जानकारी मांगता है, तो तत्काल अपने बैंक के अधिकारी या कर्मचारी से संपर्क करने की सलाह दी गई। शेयर मार्केट, क्रिप्टो करेंसी और म्युचुअल फंड में निवेश पर बहुत कम समय में अधिक रिटर्न के प्रलोभन में पड़कर फर्जी शेयर ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म ऐप में ट्रेडिंग न करने और किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर .APK फाइल डाउनलोड या इंस्टॉल न करने की चेतावनी भी दी गई। पुलिस ने यह भी बताया कि यदि कोई व्यक्ति साइबर अपराध का शिकार हो जाता है, तो तत्काल गोल्डन आवर में 1930 राष्ट्रीय साइबर क्राइम टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर अथवा संबंधित वेबसाइट पर या नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत अवश्य दर्ज कराए, ताकि ट्रांसफर की गई रकम को खातों से निकाले जाने से पहले फ्रीज कराकर धनराशि वापस दिलाई जा सके। कोतवाली पुलिस का 'ऑपरेशन सेफ क्लिक' अंतर्गत साइबर अपराधों की रोकथाम हेतु जागरूकता अभियान जारी रहेगा।1