मैनपाट क्षेत्र में जंगली हाथियों के हमले में ग्रामीण घायल, विभागीय सूचना के बाद भी जंगल जाने से परहेज़ नहीं कर रहे ग्रामीण अंबिकापुर/मैनपाट, 29 अप्रैल 2026। मैनपाट क्षेत्र में जंगली हाथियों की मौजूदगी के बीच एक ग्रामीण महिला हाथियों के हमले में घायल हो गई। हाथ पांव पर चोट के निशान तो है ही साथ ही साथ उसका एक हाथ भी फ्रैक्चर हो गया है।घायल महिला की पहचान शांति पति मुन्ना, जाति मांझी, उम्र लगभग 45 वर्ष, निवासी खालपारा (नर्मदापुर) के रूप में हुई है। घटना पी 2382 क्षेत्र, स्थानीय नाम जग्गूपोखरी (जोबलापानी) में सुबह लगभग 11 बजे घटित हुई। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि समय पर सूचना नहीं दी जाती और क्षेत्र में वाहन की भी कमी है, जिससे आपात स्थिति में त्वरित सहायता नहीं मिल पाती। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते मुनादी या अलर्ट जारी किया जाता, तो इस प्रकार की घटना टाली जा सकती थी। इस मामले में मैनपाट के रेंजर ने विभाग का पक्ष रखते हुए कहा कि वन विभाग का स्टाफ पूरी रात ड्यूटी करता है और लगातार मुनादी भी कराई जाती है। उन्होंने कहा कि “हाथी पिछले 5-6 दिनों से उसी क्षेत्र में विचरण कर रहा था, जिसकी जानकारी आसपास के गांव वालों को थी। इसके बावजूद लोग लापरवाही करते हैं।” वन विभाग का कहना है कि लोगों को हाथी प्रभावित क्षेत्रों में सतर्क रहना चाहिए तथा बिना आवश्यकता जंगल या प्रभावित क्षेत्रों में नहीं जाना चाहिए। घटना के बाद घायल महिला को उपचार के लिए नर्मदापुर शासकीय अस्पताल भेजा गया । जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।वहीं ग्रामीणों ने हाथी प्रभावित क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने, पर्याप्त वाहन उपलब्ध कराने और समय पर सूचना तंत्र मजबूत करने की मांग की है। सीतापुर से सुनील गुप्ता की रिपोर्ट
मैनपाट क्षेत्र में जंगली हाथियों के हमले में ग्रामीण घायल, विभागीय सूचना के बाद भी जंगल जाने से परहेज़ नहीं कर रहे ग्रामीण अंबिकापुर/मैनपाट, 29 अप्रैल 2026। मैनपाट क्षेत्र में जंगली हाथियों की मौजूदगी के बीच एक ग्रामीण महिला हाथियों के हमले में घायल हो गई। हाथ पांव पर चोट के निशान तो है ही साथ ही साथ उसका एक हाथ भी फ्रैक्चर हो गया है।घायल महिला की पहचान शांति पति मुन्ना, जाति मांझी, उम्र लगभग
45 वर्ष, निवासी खालपारा (नर्मदापुर) के रूप में हुई है। घटना पी 2382 क्षेत्र, स्थानीय नाम जग्गूपोखरी (जोबलापानी) में सुबह लगभग 11 बजे घटित हुई। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि समय पर सूचना नहीं दी जाती और क्षेत्र में वाहन की भी कमी है, जिससे आपात स्थिति में त्वरित सहायता नहीं मिल पाती। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते मुनादी
या अलर्ट जारी किया जाता, तो इस प्रकार की घटना टाली जा सकती थी। इस मामले में मैनपाट के रेंजर ने विभाग का पक्ष रखते हुए कहा कि वन विभाग का स्टाफ पूरी रात ड्यूटी करता है और लगातार मुनादी भी कराई जाती है। उन्होंने कहा कि “हाथी पिछले 5-6 दिनों से उसी क्षेत्र में विचरण कर रहा था, जिसकी जानकारी आसपास के गांव वालों को थी। इसके बावजूद लोग लापरवाही करते हैं।” वन विभाग का कहना है
कि लोगों को हाथी प्रभावित क्षेत्रों में सतर्क रहना चाहिए तथा बिना आवश्यकता जंगल या प्रभावित क्षेत्रों में नहीं जाना चाहिए। घटना के बाद घायल महिला को उपचार के लिए नर्मदापुर शासकीय अस्पताल भेजा गया । जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।वहीं ग्रामीणों ने हाथी प्रभावित क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने, पर्याप्त वाहन उपलब्ध कराने और समय पर सूचना तंत्र मजबूत करने की मांग की है। सीतापुर से सुनील गुप्ता की रिपोर्ट
- अंबिकापुर/मैनपाट, 29 अप्रैल 2026। मैनपाट क्षेत्र में जंगली हाथियों की मौजूदगी के बीच एक ग्रामीण महिला हाथियों के हमले में घायल हो गई। हाथ पांव पर चोट के निशान तो है ही साथ ही साथ उसका एक हाथ भी फ्रैक्चर हो गया है।घायल महिला की पहचान शांति पति मुन्ना, जाति मांझी, उम्र लगभग 45 वर्ष, निवासी खालपारा (नर्मदापुर) के रूप में हुई है। घटना पी 2382 क्षेत्र, स्थानीय नाम जग्गूपोखरी (जोबलापानी) में सुबह लगभग 11 बजे घटित हुई। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि समय पर सूचना नहीं दी जाती और क्षेत्र में वाहन की भी कमी है, जिससे आपात स्थिति में त्वरित सहायता नहीं मिल पाती। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते मुनादी या अलर्ट जारी किया जाता, तो इस प्रकार की घटना टाली जा सकती थी। इस मामले में मैनपाट के रेंजर ने विभाग का पक्ष रखते हुए कहा कि वन विभाग का स्टाफ पूरी रात ड्यूटी करता है और लगातार मुनादी भी कराई जाती है। उन्होंने कहा कि “हाथी पिछले 5-6 दिनों से उसी क्षेत्र में विचरण कर रहा था, जिसकी जानकारी आसपास के गांव वालों को थी। इसके बावजूद लोग लापरवाही करते हैं।” वन विभाग का कहना है कि लोगों को हाथी प्रभावित क्षेत्रों में सतर्क रहना चाहिए तथा बिना आवश्यकता जंगल या प्रभावित क्षेत्रों में नहीं जाना चाहिए। घटना के बाद घायल महिला को उपचार के लिए नर्मदापुर शासकीय अस्पताल भेजा गया । जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।वहीं ग्रामीणों ने हाथी प्रभावित क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने, पर्याप्त वाहन उपलब्ध कराने और समय पर सूचना तंत्र मजबूत करने की मांग की है। सीतापुर से सुनील गुप्ता की रिपोर्ट4
- कब्रिस्तान में तंत्र क्रिया का वायरल वीडियो, ताराकृत रेखाएं और जलती मोमबत्ती सहित नींबू-चाकू देख सहमे वार्डवासी… सरगुजा जिले के लखनपुर नगर पंचायत अंतर्गत वार्ड क्रमांक 06 स्थित बोहिता तालाब कब्रिस्तान में तंत्र-मंत्र किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, जिसने स्थानीय लोगों के बीच हड़कंप मचा दिया है। कब्रिस्तान के भीतर जमीन पर बनाई गई ताराकृत रेखाओं के बीच कटे हुए नींबू, चाकू, जली हुई मोमबत्ती सहित अन्य तांत्रिक सामग्री बिखरी हुई पाई गई है। सुबह जब स्थानीय लोगों ने यह नजारा देखा तो पूरे इलाके में भय और असुरक्षा का माहौल व्याप्त हो गया। इस घटना के बाद से यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। वीडियो वायरल होने के बाद लोग तरह-तरह की आशंकाएं जता रहे हैं। सरगुजा जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में तंत्र-मंत्र का प्रचलन आज भी देखा जा रहा है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि समाज का एक बड़ा हिस्सा अब भी अंधविश्वास के दायरे से मुक्त नहीं हो सका है। झाड़-फूंक और टोना-टोटका जैसी घटनाएं अक्सर सुनने को मिलती रहती हैं, और तंत्र-मंत्र में विश्वास रखने वाले लोग इस तरह की तांत्रिक क्रियाओं को अंजाम देकर आम जनमानस में डर पैदा कर रहे हैं। स्थानीय निवासियों ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की है. लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे असामाजिक तत्वों की पहचान की जाए जो रात के अंधेरे में इस तरह की गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।1
- 🌸 मथुरा में श्रीमद् भागवत कथा का भव्य समापन 🌸 मथुरा में राधेश्याम चौधरी एवं उनके समस्त परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत कथा का आज श्रद्धा और भक्ति के साथ समापन हुआ। 🙏 परिवार की मनोकामना पूर्ण होने पर इस पावन कथा का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धर्म लाभ प्राप्त किया। 📿 29 अप्रैल को विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सभी श्रद्धालुओं को सादर आमंत्रित किया गया है। ✨ धर्म, आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। 📍 रिपोर्ट: राहुल शर्मा1
- Post by Laxman Singh Rathor1
- Post by Dhananajy jangde1
- स्लग: BGN24 India News | सरगुजा ब्यूरो: सरगुजा संभागीय ब्यूरो चीफ – शिव नाथ बघेल रिपोर्ट: सरगुजा जिले में माजा मोड़ से लेकर तेजपुर तक चल रहे पीएमजी सड़क निर्माण कार्य पर गंभीर लापरवाही के आरोप सामने आए हैं। स्थानीय स्तर पर यह शिकायत की जा रही है कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है, जिससे भविष्य में सड़क की मजबूती पर सवाल खड़े हो सकते हैं। मिली जानकारी के अनुसार निर्माण कार्य में उपयोग की जा रही गिट्टी और डामर की गुणवत्ता बेहद खराब बताई जा रही है। आरोप है कि डामर की मात्रा निर्धारित मानकों से काफी कम रखी जा रही है, जिससे सड़क जल्दी खराब होने की आशंका बढ़ गई है। इसके अलावा तकनीकी मानकों की भी अनदेखी किए जाने की बात सामने आई है। सड़क की मोटाई डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) के अनुरूप नहीं बनाई जा रही है। पुरानी सड़क के ऊपर सीधे गिट्टी और डस्ट बिछाकर निर्माण किया जा रहा है, जो नियमों के विपरीत माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि यह कार्य ठेकेदार अशोक जायसवाल द्वारा कराया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि आम जनता को बेहतर और टिकाऊ सड़क सुविधा मिल सके। BGN24 India News सरगुजा संभागीय ब्यूरो चीफ – शिव नाथ बघेल1
- गुमला:- उपायुक्त का पदभार ग्रहण करने बाद दिलेश्वर महतो पहली बार घाघरा प्रखण्ड के कतरी और मसरिया का दौरा किया।सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने को लेकर मसरिया और कतरी डैम का निरीक्षण किया। निरीक्षण के उन्होंने अनेक त्रुटियां देखी। देखा कि नहर कई जगहों से टूट गया है जिससे नहर का पानी खेतों तक नहीं पहुंच पा रहा है। और पानी अनावश्य रूप से बर्बाद हो रहा है। इतना ही नहीं टोटांबी, दोदाग और बेलागाड़ा में नहरों की स्थिति काफी खराब पाई गई। उपायुक्त ने संबंधित विभाग के अधिकारी को तुंरत निर्देश देते हुए कहा कि नहर की मरम्मत जल्द कराई जाए।ताकि किसानों को समय पर अपने फसल के लिए पानी मिल सके। इसके बाद उपायुक्त ने मसरीया डैम का निरीक्षण कर जल प्रबंधन प्रणाली का आकलन किया। इसे और बेहतर बनाने का निर्देश दिया। अन्त में वे आरोग्य भवन पहुंच स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली ।इस दौरान बीडीओ दिनेश कुमार सहित विभिन्न विभागों के कर्मी उपस्थित थे।1
- वाराणसी में महिला आरक्षण को लेकर प्रदर्शन, 33% हिस्सेदारी की मांग ने पकड़ा जोर1