आठ साल से सड़क बदहाल, अब ग्रामीणों का ऐलान— "सड़क नहीं तो वोट नहीं" 🛣️❌🗳️ जिगनी खास उत्तर डेरा में फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, प्रदर्शन कर चुनाव बहिष्कार की दी चेतावनी 📍 गड़वार (बलिया): विकासखंड गड़वार की ग्राम पंचायत जिगनी खास के उत्तर डेरा में पिछले आठ वर्षों से सड़क की बदहाली ने ग्रामीणों का सब्र तोड़ दिया है। लगभग 700 की आबादी वाला यह गांव आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। बारिश होते ही सड़क कीचड़ और जलभराव में तब्दील हो जाती है, जिससे ग्रामीणों का आवागमन मुश्किल ही नहीं, बल्कि कई बार पूरी तरह ठप हो जाता है। 😡 जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की लगातार अनदेखी से नाराज ग्रामीण सड़क पर उतर आए और जोरदार प्रदर्शन करते हुए साफ शब्दों में ऐलान कर दिया— "सड़क नहीं तो वोट नहीं।" ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि चुनाव से पहले सड़क निर्माण शुरू नहीं हुआ तो पूरा गांव मतदान का पूर्ण बहिष्कार करेगा। 🌧️ ग्रामीणों के अनुसार हल्की बारिश भी सड़क को दलदल में बदल देती है। स्कूली बच्चों को रोजाना जान जोखिम में डालकर स्कूल जाना पड़ता है और कई बच्चे कीचड़ में गिरकर चोटिल हो चुके हैं। वहीं, बीमार और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाना बड़ी चुनौती बन जाता है, क्योंकि एम्बुलेंस तक गांव में प्रवेश नहीं कर पाती। 🗣️ ग्रामीणों ने बताया कि पिछले आठ वर्षों में उन्होंने ग्राम प्रधान, क्षेत्रीय विधायक और संबंधित अधिकारियों से कई बार सड़क निर्माण की मांग की, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। विकास के नाम पर गांव को आज तक कुछ भी नहीं मिला। 💬 प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने कहा, "क्या हम सिर्फ वोट देने के लिए बने हैं? जब गांव में विकास ही नहीं होना है, तो ऐसे जनप्रतिनिधियों को चुनने का क्या फायदा? अब सड़क बनेगी तभी वोट पड़ेगा।" 👥 प्रदर्शन में विदेशी यादव, भृगुनाथ यादव, अखिलेश यादव, विनोद यादव, रमाकांत यादव, हारीमंगल यादव, राजेंद्र यादव, चंद्रमा यादव, जयप्रकाश यादव, जगत यादव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। 👉 क्या आपके गांव की सड़क भी वर्षों से बदहाल है? अपनी समस्या हमें कमेंट, मैसेज या व्हाट्सएप के माध्यम से भेजें। आपकी आवाज़ को प्रमुखता से उठाया जाएगा। खबर को अधिक से अधिक शेयर करें ताकि जिम्मेदार अधिकारियों तक ग्रामीणों की आवाज़ पहुंच सके।
आठ साल से सड़क बदहाल, अब ग्रामीणों का ऐलान— "सड़क नहीं तो वोट नहीं" 🛣️❌🗳️ जिगनी खास उत्तर डेरा में फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, प्रदर्शन कर चुनाव बहिष्कार की दी चेतावनी 📍 गड़वार (बलिया): विकासखंड गड़वार की ग्राम पंचायत जिगनी खास के उत्तर डेरा में पिछले आठ वर्षों से सड़क की बदहाली ने ग्रामीणों का सब्र तोड़ दिया है। लगभग 700 की आबादी वाला यह गांव आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। बारिश होते ही सड़क कीचड़ और जलभराव में तब्दील हो जाती है, जिससे ग्रामीणों का आवागमन मुश्किल ही नहीं, बल्कि कई बार पूरी तरह ठप हो जाता है। 😡 जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की लगातार अनदेखी से नाराज ग्रामीण सड़क पर उतर आए और जोरदार प्रदर्शन करते हुए साफ शब्दों में
ऐलान कर दिया— "सड़क नहीं तो वोट नहीं।" ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि चुनाव से पहले सड़क निर्माण शुरू नहीं हुआ तो पूरा गांव मतदान का पूर्ण बहिष्कार करेगा। 🌧️ ग्रामीणों के अनुसार हल्की बारिश भी सड़क को दलदल में बदल देती है। स्कूली बच्चों को रोजाना जान जोखिम में डालकर स्कूल जाना पड़ता है और कई बच्चे कीचड़ में गिरकर चोटिल हो चुके हैं। वहीं, बीमार और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाना बड़ी चुनौती बन जाता है, क्योंकि एम्बुलेंस तक गांव में प्रवेश नहीं कर पाती। 🗣️ ग्रामीणों ने बताया कि पिछले आठ वर्षों में उन्होंने ग्राम प्रधान, क्षेत्रीय विधायक और संबंधित अधिकारियों से कई बार सड़क निर्माण की मांग की, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। विकास के नाम
पर गांव को आज तक कुछ भी नहीं मिला। 💬 प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने कहा, "क्या हम सिर्फ वोट देने के लिए बने हैं? जब गांव में विकास ही नहीं होना है, तो ऐसे जनप्रतिनिधियों को चुनने का क्या फायदा? अब सड़क बनेगी तभी वोट पड़ेगा।" 👥 प्रदर्शन में विदेशी यादव, भृगुनाथ यादव, अखिलेश यादव, विनोद यादव, रमाकांत यादव, हारीमंगल यादव, राजेंद्र यादव, चंद्रमा यादव, जयप्रकाश यादव, जगत यादव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। 👉 क्या आपके गांव की सड़क भी वर्षों से बदहाल है? अपनी समस्या हमें कमेंट, मैसेज या व्हाट्सएप के माध्यम से भेजें। आपकी आवाज़ को प्रमुखता से उठाया जाएगा। खबर को अधिक से अधिक शेयर करें ताकि जिम्मेदार अधिकारियों तक ग्रामीणों की आवाज़ पहुंच सके।
- बलिया: जिले के नगरा क्षेत्र के हैदरपुर तियरा निवासी 82 वर्षीय हरिशंकर तिवारी ने अपनी पुश्तैनी जमीन पर कब्जा दिलाने की मांग को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि वह पिछले 32 वर्षों से न्याय के लिए दर-दर भटक रहे हैं, लेकिन आज तक उन्हें अपनी जमीन पर कब्जा नहीं मिल सका। हरिशंकर तिवारी ने कहा कि उनकी उम्र 82 वर्ष हो चुकी है और किसी भी समय उनका जीवन समाप्त हो सकता है। उन्होंने भावुक अपील करते हुए कहा कि "जीते जी हमें न्याय मिल जाए, ताकि मैं चैन से मर सकूं। मेरे बाद परिवार में कोई मुकदमा लड़ने वाला नहीं है।" उन्होंने आरोप लगाया कि 29 दिसंबर 1996 को उनकी जमीन की गलत चकबंदी किए जाने के मामले में तत्कालीन चकबंदी अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए थे, लेकिन इसके बजाय उन्हें ही मुकदमों में उलझा दिया गया। तिवारी के अनुसार, आराजी संख्या 735, कुल 22 डिसमिल भूमि है, जिसमें 12 डिसमिल आबादी और 11 डिसमिल उनकी चक की भूमि है। उनका आरोप है कि उनकी 11 डिसमिल जमीन पर कूटरचित तरीके से अमलदरामद कर दिया गया। उनका कहना है कि कमिश्नरी, जिला न्यायालय और जिलाधिकारी तक से उनके पक्ष में आदेश होने के बावजूद आज तक उन्हें अपनी जमीन पर कब्जा नहीं मिल सका। उन्होंने बताया कि वह अपनी पुश्तैनी जमीन पर मकान बनाना चाहते हैं। वहां पहले कच्चा मकान था, जो अब गिर चुका है और टीन शेड आज भी मौजूद है। आरोप है कि गांव के कुछ दबंग उन्हें निर्माण कार्य नहीं करने दे रहे हैं और आए दिन जान से मारने की धमकी भी देते हैं। हरिशंकर तिवारी का कहना है कि जिलाधिकारी ने तहसीलदार को मौके पर जांच कर कब्जा दिलाने और बाधा उत्पन्न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश भी दिए थे, लेकिन आज तक आदेशों का पालन नहीं हुआ। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से फर्जी मुकदमों से मुक्ति दिलाने, अपनी 11 डिसमिल पुश्तैनी जमीन पर कब्जा दिलाने और न्यायोचित कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।1
- आठ साल से सड़क बदहाल, अब ग्रामीणों का ऐलान— "सड़क नहीं तो वोट नहीं" 🛣️❌🗳️ जिगनी खास उत्तर डेरा में फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, प्रदर्शन कर चुनाव बहिष्कार की दी चेतावनी 📍 गड़वार (बलिया): विकासखंड गड़वार की ग्राम पंचायत जिगनी खास के उत्तर डेरा में पिछले आठ वर्षों से सड़क की बदहाली ने ग्रामीणों का सब्र तोड़ दिया है। लगभग 700 की आबादी वाला यह गांव आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। बारिश होते ही सड़क कीचड़ और जलभराव में तब्दील हो जाती है, जिससे ग्रामीणों का आवागमन मुश्किल ही नहीं, बल्कि कई बार पूरी तरह ठप हो जाता है। 😡 जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की लगातार अनदेखी से नाराज ग्रामीण सड़क पर उतर आए और जोरदार प्रदर्शन करते हुए साफ शब्दों में ऐलान कर दिया— "सड़क नहीं तो वोट नहीं।" ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि चुनाव से पहले सड़क निर्माण शुरू नहीं हुआ तो पूरा गांव मतदान का पूर्ण बहिष्कार करेगा। 🌧️ ग्रामीणों के अनुसार हल्की बारिश भी सड़क को दलदल में बदल देती है। स्कूली बच्चों को रोजाना जान जोखिम में डालकर स्कूल जाना पड़ता है और कई बच्चे कीचड़ में गिरकर चोटिल हो चुके हैं। वहीं, बीमार और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाना बड़ी चुनौती बन जाता है, क्योंकि एम्बुलेंस तक गांव में प्रवेश नहीं कर पाती। 🗣️ ग्रामीणों ने बताया कि पिछले आठ वर्षों में उन्होंने ग्राम प्रधान, क्षेत्रीय विधायक और संबंधित अधिकारियों से कई बार सड़क निर्माण की मांग की, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। विकास के नाम पर गांव को आज तक कुछ भी नहीं मिला। 💬 प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने कहा, "क्या हम सिर्फ वोट देने के लिए बने हैं? जब गांव में विकास ही नहीं होना है, तो ऐसे जनप्रतिनिधियों को चुनने का क्या फायदा? अब सड़क बनेगी तभी वोट पड़ेगा।" 👥 प्रदर्शन में विदेशी यादव, भृगुनाथ यादव, अखिलेश यादव, विनोद यादव, रमाकांत यादव, हारीमंगल यादव, राजेंद्र यादव, चंद्रमा यादव, जयप्रकाश यादव, जगत यादव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। 👉 क्या आपके गांव की सड़क भी वर्षों से बदहाल है? अपनी समस्या हमें कमेंट, मैसेज या व्हाट्सएप के माध्यम से भेजें। आपकी आवाज़ को प्रमुखता से उठाया जाएगा। खबर को अधिक से अधिक शेयर करें ताकि जिम्मेदार अधिकारियों तक ग्रामीणों की आवाज़ पहुंच सके।3
- साइबर ठगी के 15 हजार रुपये पीड़िता के खाते में लौटे, नरही पुलिस की कार्रवाई बलिया। थाना नरही पुलिस की साइबर हेल्पडेस्क टीम ने साइबर ठगी की शिकार महिला को बड़ी राहत दिलाते हुए उसके बैंक खाते से धोखाधड़ी कर निकाले गए 15 हजार रुपये न्यायालय के आदेश के क्रम में वापस उसके खाते में जमा करा दिए। जानकारी के अनुसार, थाना नरही क्षेत्र के अंजोरपुर निवासी कुमारी बिनती पत्नी लक्ष्मण के बैंक खाते से 9 अक्टूबर 2025 को अज्ञात साइबर ठगों ने 15 हजार रुपये निकाल लिए थे। घटना की जानकारी होने पर पीड़िता ने एनसीआरपी (NCRP) पोर्टल और स्थानीय थाना नरही में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक (दक्षिणी) एवं नोडल साइबर सेल संजय वर्मा के पर्यवेक्षण, क्षेत्राधिकारी सदर अक्षय कुमार के मार्गदर्शन तथा प्रभारी निरीक्षक हरिशंकर सिंह के नेतृत्व में थाना नरही की साइबर हेल्पडेस्क टीम ने संबंधित बैंकिंग संस्थाओं और तकनीकी माध्यमों की सहायता से धोखाधड़ी की गई राशि को होल्ड कराया। इसके बाद माननीय न्यायालय के आदेश के अनुपालन में 6 अगस्त 2026 को पूरी 15 हजार रुपये की धनराशि पीड़िता के बैंक खाते में वापस करा दी गई। धनराशि वापस मिलने पर पीड़िता ने बलिया पुलिस एवं थाना नरही पुलिस की सराहना करते हुए टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। धनराशि वापस कराने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक महेंद्र रावत (प्रभारी साइबर हेल्पडेस्क), मुख्य आरक्षी ग्रेड-बी धर्मेंद्र मौर्य, मुख्य आरक्षी इंद्रजीत यादव, आरक्षी सुनील यादव तथा महिला आरक्षी अंकिता द्विवेदी शामिल रहीं।1
- बलिया: जनसेवा के प्रतीक लोकप्रिय विधायक उमाशंकर सिंह का निधन लोगो ने खोया अपना जननेता शोक की लहर उत्तर प्रदेश की राजनीति के वरिष्ठ नेता एवं रसड़ा विधानसभा से विधायक उमाशंकर सिंह जी का 5 अगस्त 2026 को निधन हो गया। वे लंबे समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे और दिल्ली के एक अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। उमाशंकर सिंह जी अपने सरल, सौम्य एवं जनसेवा के प्रति समर्पित व्यक्तित्व के लिए सदैव याद किए जाएंगे। उन्होंने क्षेत्र के विकास और जनता की सेवा को अपना सर्वोच्च दायित्व माना। उनका निधन उत्तर प्रदेश की राजनीति तथा बलिया जनपद के लिए एक अपूरणीय क्षति है।1
- पूरे श्रावण माह के लिए सहयोग शिविर का आयोजन किया सिसवन प्रखंड के प्रसिद्ध बाबा महेंद्र नाथ धाम पर सामाजिक संगठन के सहयोग से पूरे श्रावण माह के लिए सहयोग शिविर का आयोजन किया गया है।इस संबंध में सामाजिक कार्यकर्ता विकास सिंह ने जानकारी दी कि शिविर में दूर-दराज से आने वाले कांवड़ियों और श्रद्धालुओं के लिए भोजन, पीने का पानी, रहने और प्राथमिक उपचार की निशुल्क व्यवस्था की गई है।2
- हेलो दोस्तों ये वही सक्स है जो गलती पर गलती कर रहा है फिर फिर भी इन लोगो पर कोई करवाई नहीं होती है क्यों की सरकार को कुछ सुनाई और दिखाई नहीं दे रहा है पता नहीं क्या हो रहा है हमारे बिहार मे कब लोग शांति के एक निवाला खाये गा ये वीडियो बक्सर पाण्डेय पट्टी का है जो जमीन के लेकर लड़ाई करता है जोकि इन लोगोका का जमीन है ही नहीं फिर भी जबरजस्ती रहता है और नहीं तो काटा पिस्टल दिखा कर धमकी भी देता है आपही लोग बताइये ऐसे लोगो के साथ क्या होना चाहिए कमेंट मे बताइये थैंक्यू 🙏🙏🙏🙏🙏1