गांव के दबंगों ने घर में घुसकर महिलाओं के साथ की बदसलूकी, पीड़ित ने पुलिस से लगाई न्याय की गुहार गांव के दबंगों ने घर में घुसकर महिलाओं के साथ की बदसलूकी, पीड़ित ने पुलिस से लगाई न्याय की गुहार बुलंदशहर (उत्तर प्रदेश): जनपद के थाना चोला क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव खानपुर में दबंगों के हौसले बुलंद हैं। घर में पुरुष की अनुपस्थिति का फायदा उठाकर गांव के ही कुछ लोगों ने घर में घुसकर महिलाओं के साथ गाली-गलौज और अभद्रता की। पीड़ित ने इस मामले में पुलिस को लिखित तहरीर देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। घटना का विवरण प्राप्त जानकारी के अनुसार, खानपुर निवासी योगेश पुत्र शिवचरण ने थाना प्रभारी को सौंपे गए शिकायती पत्र में बताया कि घटना 29 मार्च 2026 की रात करीब 11 बजे की है। योगेश उस समय किसी काम से घर से बाहर गया हुआ था। उसकी अनुपस्थिति में गांव के ही रहने वाले सुंदर सिंह डाकिया और प्रिंस पुत्र पूरन सिंह अचानक उसके घर में घुस आए। आरोप है कि इन लोगों ने योगेश की माता और पत्नी के साथ न केवल गाली-गलौज की, बल्कि उनके साथ बेहद अभद्र व्यवहार (बदसलूकी) भी किया। पुलिस को दी सूचना योगेश ने बताया कि वह उस समय घर पर नहीं था और उसका घर गांव की मुख्य बस्ती से कुछ दूरी पर स्थित है। घटना की जानकारी मिलते ही उसने तुरंत 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी। पीड़ित का कहना है कि उसे अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि इन लोगों ने किस रंजिश या कारण से इस हरकत को अंजाम दिया। कार्रवाई की मांग आज, 30 मार्च 2026 को पीड़ित योगेश ने थाने पहुंचकर लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई है। पत्र के माध्यम से उसने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि उसके परिवार को न्याय मिल सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर अंकुश लग सके।
गांव के दबंगों ने घर में घुसकर महिलाओं के साथ की बदसलूकी, पीड़ित ने पुलिस से लगाई न्याय की गुहार गांव के दबंगों ने घर में घुसकर महिलाओं के साथ की बदसलूकी, पीड़ित ने पुलिस से लगाई न्याय की गुहार बुलंदशहर (उत्तर प्रदेश): जनपद के थाना चोला क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव खानपुर में दबंगों के हौसले बुलंद हैं। घर में पुरुष की अनुपस्थिति का फायदा उठाकर गांव के ही कुछ लोगों ने घर में घुसकर महिलाओं के साथ गाली-गलौज और अभद्रता की। पीड़ित ने इस मामले में पुलिस को लिखित तहरीर देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। घटना का विवरण प्राप्त जानकारी के अनुसार, खानपुर निवासी योगेश पुत्र शिवचरण ने थाना प्रभारी को सौंपे गए शिकायती पत्र में बताया कि घटना 29 मार्च 2026 की रात करीब 11 बजे की है। योगेश उस समय किसी काम से घर से बाहर गया हुआ था। उसकी अनुपस्थिति में गांव के ही रहने वाले सुंदर सिंह डाकिया और प्रिंस पुत्र पूरन सिंह अचानक उसके घर में घुस आए। आरोप है कि इन लोगों ने योगेश की माता और पत्नी के साथ न केवल गाली-गलौज की, बल्कि उनके साथ बेहद अभद्र व्यवहार (बदसलूकी) भी किया। पुलिस को दी सूचना योगेश ने बताया कि वह उस समय घर पर नहीं था और उसका घर गांव की मुख्य बस्ती से कुछ दूरी पर स्थित है। घटना की जानकारी मिलते ही उसने तुरंत 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी। पीड़ित का कहना है कि उसे अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि इन लोगों ने किस रंजिश या कारण से इस हरकत को अंजाम दिया। कार्रवाई की मांग आज, 30 मार्च 2026 को पीड़ित योगेश ने थाने पहुंचकर लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई है। पत्र के माध्यम से उसने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि उसके परिवार को न्याय मिल सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर अंकुश लग सके।
- गांव में नाली निर्माण को लेकर विवाद: दबंग पड़ोसी पर गाली-गलौज और काम रोकने का आरोप बुलंदशहर: जनपद के थाना चोला क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम रसूलपुर रिठोरी में नाली और खड़ंजा निर्माण के दौरान दो पक्षों में विवाद का मामला सामने आया है। इस संबंध में पीड़ित ग्रामीण ने थाने में लिखित शिकायत देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। मुख्य घटनाक्रम शिकायतकर्ता: सुशील कुमार (पुत्र सूरजपाल), निवासी ग्राम रसूलपुर पिरौठी। आरोपी: पड़ोसी सुरेश (पुत्र रामचंद्र)। विवाद का कारण: गांव में सरकारी नाली और खड़ंजे का निर्माण कार्य चल रहा है। पीड़ित का आरोप है कि नाली सीधी बननी चाहिए थी, लेकिन पड़ोसी सुरेश ने उसे जानबूझकर टेढ़ा (तिरछा) करवा दिया है। गाली-गलौज और पुलिस की मौजूदगी पीड़ित सुशील कुमार के अनुसार, जब उन्होंने नाली को गलत तरीके से बनाए जाने का विरोध किया, तो आरोपी सुरेश गाली-गलौज और झगड़े पर उतारू हो गया। स्थिति को बिगड़ता देख मामले की सूचना 112 नंबर पर पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस और गांव के अन्य गणमान्य लोगों ने आरोपी को समझाने का प्रयास किया, लेकिन आरोप है कि वह किसी की बात मानने को तैयार नहीं है। कार्यवाही की मांग पीड़ित ने थाना अध्यक्ष बलराम सिंह सेंगर को प्रार्थना पत्र सौंपते हुए बताया है कि आरोपी की हठधर्मी के कारण निर्माण कार्य में बाधा आ रही है। सुशील कुमार ने पुलिस से रिपोर्ट दर्ज कर उचित कानूनी कार्यवाही करने की गुहार लगाई है2
- बुलंदशहर (उत्तर प्रदेश): कहते हैं कि अगर इरादे मजबूत हों और मेहनत में ईमानदारी हो, तो किस्मत की लकीरें खुद-ब-खुद बदल जाती हैं। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है बुलंदशहर की गायत्री वर्मा ने, जिन्होंने अभावों के बीच रहकर UPPCS परीक्षा में 210वीं रैंक हासिल कर सफलता का परचम लहराया है। बुलंदशहर के शिकारपुर रोड की रहने वाली गायत्री के पिता राजकुमार वर्मा एक छोटी सी दुकान चलाते हैं, जहाँ वह टायरों में पंक्चर लगाने और चाय बेचने का काम करते हैं। आर्थिक तंगी के बावजूद उन्होंने अपनी बेटी की पढ़ाई में कभी कोई कमी नहीं आने दी। सफलता का यह रास्ता इतना आसान नहीं था। गायत्री अपने पहले प्रयास में प्रीलिम्स (Prelims) परीक्षा भी पास नहीं कर पाई थीं। लेकिन उन्होंने हार मानने के बजाय अपनी गलतियों से सीखा और निरंतर मेहनत जारी रखी। आज अपने तीसरे प्रयास में उन्होंने सीधे अधिकारी बनकर अपने पिता और पूरे जनपद का नाम रोशन कर दिया है। जैसे ही गायत्री के चयन की खबर मिली, परिवार और आसपास के इलाके में जश्न का माहौल छा गया। अपनी बेटी की इस ऐतिहासिक सफलता पर पिता राजकुमार वर्मा की आँखों में गर्व के आँसू हैं। बुलंदशहर टाइम्स न्यूज के लिए मनोज गिरी की रिपोर्ट ✍️1
- आपको बता दे कि जनपद बुलंदशहर के यमुनापुरम निवासी प्राची ने uppsc परीक्षा 2024 में 36 वीं रैंक हासिल कर जनपद का नाम रोशन किया है, प्राची के पिता विनय कुमार उत्तर प्रदेश पुलिस में इंस्पेक्टर है और मुरादाबाद में तैनात है, मूल रूप से बुलंदशहर जनपद के प्राची ने बताया कि पहले 4 गवर्नमेंट जॉब छोड़ने के बाद वर्तमान में पंजाब नेशनल बैंक दिल्ली में सीडीपीसी ब्रांच में डिप्टी मैनेजर के पद पर तैनात है, और अब uppsc परीक्षा 2024 में 36 में रैंक प्राची द्वारा हासिल की गई है, अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता पति और सास ससुर को दिया है, प्राची ने बताया कि उनकी एक 7 वर्ष की छोटी बच्ची भी है परीक्षा की तैयारी के दौरान उनके सास ससुर ने बच्ची को संभाला परीक्षा की तैयारी करने में पूरा सहयोग दिया, प्राची के पति अश्वनी वर्मा वर्तमान में दिल्ली पंजाब नेशनल बैंक में ब्रांच मैनेजर के पद पर तैनात है, प्राची की सफलता से क्षेत्र में खुशी का माहौल है, लोग इस कामयाबी पर शुभकामनाएं प्रेषित कर रहे हैं।1
- जनपद बुलंदशहर में बीते दिनों भी सिकंदराबाद तहसील क्षेत्र के थाना चोला के अन्य गांवों से कुछ दिन पहले अनिल सोलंकी दाउदपुर समाज सेवक द्वारा कुछ महिलाओं ओर बच्चों को लोकल पुलिस की मदद से मां माधुरी वारिस सेवा सदन अपना घर आश्रम संस्था भरतपुर से संपर्क किया और महिला टीम बुला कर उनको मां माधुरी वारिस सेवा सदन अपना घर आश्रम संस्था भरतपुर में पहुंचवाने जैसे नेक काम कर चुके है। जहां से महिलाओं ओर बच्चों की पहचान कर उनको उनके घर तक पहुंचाने का नेक काम मां माधुरी वारिस सेवा सदन अपना घर आश्रम संस्था भरतपुर द्वारा किया जाता है। दिनांक 29 मार्च 2026 को एक महिला चोला थाना क्षेत्र के गांव चोला के मंदिर के समीप असहाय अवस्था में घूमती नजर आई। जिसकी सूचना राहगीरों ने अनिल सोलंकी दाउदपुर समाज सेवक को दी गई। समाज सेवक अनिल सोलंकी दाउदपुर द्वारा मौके पर जा कर देखा तो महिला माइंड की स्थिति ठीक नहीं थी। ओर ठीक से अपना पता भी नहीं बता पा रही थी। महिला द्वारा अपना नाम सिर्फ सिराज निशा निवासी जगदीशपुर बताया जा रहा था। अनिल सोलंकी दाउदपुर समाज सेवक द्वारा तुरंत से अपना घर आश्रम शुक्रताल मुजफ्फरनगर को सूचना दी। टीम द्वारा मौके पर आकर महिला को थाना पुलिस ओर समाज सेवक अनिल सोलंकी दाउदपुर की मदद से गाड़ी में बैठा कर मां माधुरी वारिस सेवा सदन अपना घर आश्रम संस्था भरतपुर के लिए रवाना हो गई। मां माधुरी वारिस सेवा सदन अपना घर आश्रम संस्था भरतपुर की इंचार्ज बबीता द्वारा बताया गया कि महिला का पहले ठीक से इलाज कराया जाएगा। उसके बाद महिला के परिवार के बारे में जानकारी निकाल कर उनको उनके घर तक पहुंचाया जाएगा।2
- Post by PANKAJ KUMAR2
- जनसंसद में कुछ दिनों पहले ग्रामीण बैंक के SC-ST Welfare Association के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात हुई। उनकी समस्याएं ध्यान से सुनीं तो वही बात स्थापित हुई जो मैं हमेशा से कहता आया हूँ - बहुजनों की हिस्सेदारी किसी भी संस्था के senior positions में है ही नहीं। प्रतिनिधिमंडल में आए साथियों ने बताया कि किस तरह नीतिगत तरीके से promotion के लिए roster का पालन करने का नियम होने के बावजूद उनके साथ इसमें भेदभाव किया जाता है। कभी performance, कभी merit के बहाने से उनकी तरक्की रोक दी जाती है। और तो और - अगर ये दलित-आदिवासी संगठन के पदाधिकारी आवाज़ उठाते हैं तो उन्हें बार-बार और सुदूर क्षेत्रों में transfer देकर इसकी सज़ा दी जाती है। आरक्षण के कारण इन समुदायों को entry level पदों की नौकरियां तो मिल जाती हैं, मगर उसके बाद इनके लिए बड़े पदों तक पहुंच पाना नीतिगत भेदभाव के कारण लगभग असंभव बना दिया जाता है। जानकर दुख तो हुआ, मगर आश्चर्य बिल्कुल नहीं कि इन बैंकों में शीर्ष पदों पर दलितों और आदिवासियों को कभी भी पहुंचने का मौका ही नहीं मिला। हर मंच से मैं यही सच्चाई दोहराता आया हूं। इसी भेदभाव, इसी अन्याय के खिलाफ हम लड़ रहे हैं - ये हालात हम मिलकर बदलेंगे, ताकि देश के हर वर्ग को हर संस्था में समान भागीदारी और हिस्सेदारी मिले।1
- गौतम बुद्ध नगर ग्रेटर नोएडा तहसील कार्यालय दादरी तिलपता गाँव मे एक नाले मे गाँव के लोग कुमार कचरा फेंकते है तो नाले इतनी गंदगी फैली हुई है की कोई जानवर या कोई बच्चा गीर जाये तो उसको मौत नीसचित है क्रिया कर इस नाले को साफ कराया जाए और गाँव के लोगो को कचरा इस नाले मे ना डालने दे1
- "अपनों को छोड़कर जिसे अपना बनाया, उसी ने जिंदगी नर्क बना दी।" उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से एक ऐसी खबर सामने आई है जो समाज और युवाओं के लिए एक बड़ा सबक है। करीब 6 महीने पहले जिस युवती ने अपने परिवार के खिलाफ जाकर, माता-पिता से जान का खतरा बताते हुए एक मुस्लिम युवक से प्रेम विवाह किया था, आज वही युवती न्याय के लिए दर-दर भटक रही है। पीड़िता का आरोप है कि निकाह के कुछ समय बाद ही उस पर इस्लाम अपनाने और नमाज पढ़ने के लिए दबाव बनाया जाने लगा। युवती के अनुसार उसे घर में बंधक बनाकर रखा गया। विरोध करने पर उसके साथ बुरी तरह मारपीट की गई। आरोपी पति ने अब उसे बेसहारा छोड़ दिया है। शादी के वक्त इसी युवती ने पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई थी और अपने ही माता-पिता को खुद का दुश्मन बताया था। लेकिन 6 महीने बीतते-बीतते हकीकत सामने आ गई। आज पीड़िता उसी मोड़ पर खड़ी है जहाँ न घर वालों का साथ है और न ही उस 'प्रेम' का वजूद जिसके लिए उसने सब कुछ दांव पर लगा दिया था। यह घटना उन सभी के लिए चेतावनी है जो भावनाओं में बहकर अपनों का साथ छोड़ देते हैं। याद रखिए, दुनिया के हर रिश्ते में स्वार्थ हो सकता है, लेकिन माता-पिता का प्यार निस्वार्थ होता है। आपकी क्या राय है? कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं और इस जानकारी को अधिक से अधिक शेयर करें रिपोर्ट: अमित तोमर, बुलन्दशहर टाइम्स न्यूज1