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जनसंसद में कुछ दिनों पहले ग्रामीण बैंक के SC-ST Welfare Association के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात हुई। उनकी समस्याएं ध्यान से सुनीं तो वही बात स्थापित हुई जो मैं हमेशा से कहता आया हूँ - बहुजनों की हिस्सेदारी किसी भी संस्था के senior positions में है ही नहीं। प्रतिनिधिमंडल में आए साथियों ने बताया कि किस तरह नीतिगत तरीके से promotion के लिए roster का पालन करने का नियम होने के बावजूद उनके साथ इसमें भेदभाव किया जाता है। कभी performance, कभी merit के बहाने से उनकी तरक्की रोक दी जाती है। और तो और - अगर ये दलित-आदिवासी संगठन के पदाधिकारी आवाज़ उठाते हैं तो उन्हें बार-बार और सुदूर क्षेत्रों में transfer देकर इसकी सज़ा दी जाती है। आरक्षण के कारण इन समुदायों को entry level पदों की नौकरियां तो मिल जाती हैं, मगर उसके बाद इनके लिए बड़े पदों तक पहुंच पाना नीतिगत भेदभाव के कारण लगभग असंभव बना दिया जाता है। जानकर दुख तो हुआ, मगर आश्चर्य बिल्कुल नहीं कि इन बैंकों में शीर्ष पदों पर दलितों और आदिवासियों को कभी भी पहुंचने का मौका ही नहीं मिला। हर मंच से मैं यही सच्चाई दोहराता आया हूं। इसी भेदभाव, इसी अन्याय के खिलाफ हम लड़ रहे हैं - ये हालात हम मिलकर बदलेंगे, ताकि देश के हर वर्ग को हर संस्था में समान भागीदारी और हिस्सेदारी मिले। जनसंसद में कुछ दिनों पहले ग्रामीण बैंक के SC-ST Welfare Association के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात हुई। उनकी समस्याएं ध्यान से सुनीं तो वही बात स्थापित हुई जो मैं हमेशा से कहता आया हूँ - बहुजनों की हिस्सेदारी किसी भी संस्था के senior positions में है ही नहीं। प्रतिनिधिमंडल में आए साथियों ने बताया कि किस तरह नीतिगत तरीके से promotion के लिए roster का पालन करने का नियम होने के बावजूद उनके साथ इसमें भेदभाव किया जाता है। कभी performance, कभी merit के बहाने से उनकी तरक्की रोक दी जाती है। और तो और - अगर ये दलित-आदिवासी संगठन के पदाधिकारी आवाज़ उठाते हैं तो उन्हें बार-बार और सुदूर क्षेत्रों में transfer देकर इसकी सज़ा दी जाती है। आरक्षण के कारण इन समुदायों को entry level पदों की नौकरियां तो मिल जाती हैं, मगर उसके बाद इनके लिए बड़े पदों तक पहुंच पाना नीतिगत भेदभाव के कारण लगभग असंभव बना दिया जाता है। जानकर दुख तो हुआ, मगर आश्चर्य बिल्कुल नहीं कि इन बैंकों में शीर्ष पदों पर दलितों और आदिवासियों को कभी भी पहुंचने का मौका ही नहीं मिला। हर मंच से मैं यही सच्चाई दोहराता आया हूं। इसी भेदभाव, इसी अन्याय के खिलाफ हम लड़ रहे हैं - ये हालात हम मिलकर बदलेंगे, ताकि देश के हर वर्ग को हर संस्था में समान भागीदारी और हिस्सेदारी मिले।

10 hrs ago
user_Subodh kumar
Subodh kumar
Agricultural service गौतम बुद्ध नगर, गौतम बुद्ध नगर, उत्तर प्रदेश•
10 hrs ago

जनसंसद में कुछ दिनों पहले ग्रामीण बैंक के SC-ST Welfare Association के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात हुई। उनकी समस्याएं ध्यान से सुनीं तो वही बात स्थापित हुई जो मैं हमेशा से कहता आया हूँ - बहुजनों की हिस्सेदारी किसी भी संस्था के senior positions में है ही नहीं। प्रतिनिधिमंडल में आए साथियों ने बताया कि किस तरह नीतिगत तरीके से promotion के लिए roster का पालन करने का नियम होने के बावजूद उनके साथ इसमें भेदभाव किया जाता है। कभी performance, कभी merit के बहाने से उनकी तरक्की रोक दी जाती है। और तो और - अगर ये दलित-आदिवासी संगठन के पदाधिकारी आवाज़ उठाते हैं तो उन्हें बार-बार और सुदूर क्षेत्रों में transfer देकर इसकी सज़ा दी जाती है। आरक्षण के कारण इन समुदायों को entry level पदों की नौकरियां तो मिल जाती हैं, मगर उसके बाद इनके लिए बड़े पदों तक पहुंच पाना नीतिगत भेदभाव के कारण लगभग असंभव बना दिया जाता है। जानकर दुख तो हुआ, मगर आश्चर्य बिल्कुल नहीं कि इन बैंकों में शीर्ष पदों पर दलितों और आदिवासियों को कभी भी पहुंचने का मौका ही नहीं मिला। हर मंच से मैं यही सच्चाई दोहराता आया हूं। इसी भेदभाव, इसी अन्याय के खिलाफ हम लड़ रहे हैं - ये हालात हम मिलकर बदलेंगे, ताकि देश के हर वर्ग को हर संस्था में समान भागीदारी और हिस्सेदारी मिले। जनसंसद में कुछ दिनों पहले ग्रामीण बैंक के SC-ST Welfare Association के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात हुई। उनकी समस्याएं ध्यान से सुनीं तो वही बात स्थापित हुई जो मैं हमेशा से कहता आया हूँ - बहुजनों की हिस्सेदारी किसी भी संस्था के senior positions में है ही नहीं। प्रतिनिधिमंडल में आए साथियों ने बताया कि किस तरह नीतिगत तरीके से promotion के लिए roster का पालन करने का नियम होने के बावजूद उनके साथ इसमें भेदभाव किया जाता है। कभी performance, कभी merit के बहाने से उनकी तरक्की रोक दी जाती है। और तो और - अगर ये दलित-आदिवासी संगठन के पदाधिकारी आवाज़ उठाते हैं तो उन्हें बार-बार और सुदूर क्षेत्रों में transfer देकर इसकी सज़ा दी जाती है। आरक्षण के कारण इन समुदायों को entry level पदों की नौकरियां तो मिल जाती हैं, मगर उसके बाद इनके लिए बड़े पदों तक पहुंच पाना नीतिगत भेदभाव के कारण लगभग असंभव बना दिया जाता है। जानकर दुख तो हुआ, मगर आश्चर्य बिल्कुल नहीं कि इन बैंकों में शीर्ष पदों पर दलितों और आदिवासियों को कभी भी पहुंचने का मौका ही नहीं मिला। हर मंच से मैं यही सच्चाई दोहराता आया हूं। इसी भेदभाव, इसी अन्याय के खिलाफ हम लड़ रहे हैं - ये हालात हम मिलकर बदलेंगे, ताकि देश के हर वर्ग को हर संस्था में समान भागीदारी और हिस्सेदारी मिले।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • Post by PANKAJ KUMAR
    2
    Post by PANKAJ KUMAR
    user_PANKAJ KUMAR
    PANKAJ KUMAR
    Journalist गौतम बुद्ध नगर, गौतम बुद्ध नगर, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • जनसंसद में कुछ दिनों पहले ग्रामीण बैंक के SC-ST Welfare Association के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात हुई। उनकी समस्याएं ध्यान से सुनीं तो वही बात स्थापित हुई जो मैं हमेशा से कहता आया हूँ - बहुजनों की हिस्सेदारी किसी भी संस्था के senior positions में है ही नहीं। प्रतिनिधिमंडल में आए साथियों ने बताया कि किस तरह नीतिगत तरीके से promotion के लिए roster का पालन करने का नियम होने के बावजूद उनके साथ इसमें भेदभाव किया जाता है। कभी performance, कभी merit के बहाने से उनकी तरक्की रोक दी जाती है। और तो और - अगर ये दलित-आदिवासी संगठन के पदाधिकारी आवाज़ उठाते हैं तो उन्हें बार-बार और सुदूर क्षेत्रों में transfer देकर इसकी सज़ा दी जाती है। आरक्षण के कारण इन समुदायों को entry level पदों की नौकरियां तो मिल जाती हैं, मगर उसके बाद इनके लिए बड़े पदों तक पहुंच पाना नीतिगत भेदभाव के कारण लगभग असंभव बना दिया जाता है। जानकर दुख तो हुआ, मगर आश्चर्य बिल्कुल नहीं कि इन बैंकों में शीर्ष पदों पर दलितों और आदिवासियों को कभी भी पहुंचने का मौका ही नहीं मिला। हर मंच से मैं यही सच्चाई दोहराता आया हूं। इसी भेदभाव, इसी अन्याय के खिलाफ हम लड़ रहे हैं - ये हालात हम मिलकर बदलेंगे, ताकि देश के हर वर्ग को हर संस्था में समान भागीदारी और हिस्सेदारी मिले।
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    जनसंसद में कुछ दिनों पहले ग्रामीण बैंक के SC-ST Welfare Association के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात हुई। उनकी समस्याएं ध्यान से सुनीं तो वही बात स्थापित हुई जो मैं हमेशा से कहता आया हूँ - बहुजनों की हिस्सेदारी किसी भी संस्था के senior positions में है ही नहीं।
प्रतिनिधिमंडल में आए साथियों ने बताया कि किस तरह नीतिगत तरीके से promotion के लिए roster का पालन करने का नियम होने के बावजूद उनके साथ इसमें भेदभाव किया जाता है। कभी performance, कभी merit के बहाने से उनकी तरक्की रोक दी जाती है।
और तो और - अगर ये दलित-आदिवासी संगठन के पदाधिकारी आवाज़ उठाते हैं तो उन्हें बार-बार और सुदूर क्षेत्रों में transfer देकर इसकी सज़ा दी जाती है।
आरक्षण के कारण इन समुदायों को entry level पदों की नौकरियां तो मिल जाती हैं, मगर उसके बाद इनके लिए बड़े पदों तक पहुंच पाना नीतिगत भेदभाव के कारण लगभग असंभव बना दिया जाता है।
जानकर दुख तो हुआ, मगर आश्चर्य बिल्कुल नहीं कि इन बैंकों में शीर्ष पदों पर दलितों और आदिवासियों को कभी भी पहुंचने का मौका ही नहीं मिला। हर मंच से मैं यही सच्चाई दोहराता आया हूं।
इसी भेदभाव, इसी अन्याय के खिलाफ हम लड़ रहे हैं - ये हालात हम मिलकर बदलेंगे, ताकि देश के हर वर्ग को हर संस्था में समान भागीदारी और हिस्सेदारी मिले।
    user_Subodh kumar
    Subodh kumar
    Agricultural service गौतम बुद्ध नगर, गौतम बुद्ध नगर, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • ​गांव में नाली निर्माण को लेकर विवाद: दबंग पड़ोसी पर गाली-गलौज और काम रोकने का आरोप ​बुलंदशहर: जनपद के थाना चोला क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम रसूलपुर रिठोरी में नाली और खड़ंजा निर्माण के दौरान दो पक्षों में विवाद का मामला सामने आया है। इस संबंध में पीड़ित ग्रामीण ने थाने में लिखित शिकायत देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। ​मुख्य घटनाक्रम ​शिकायतकर्ता: सुशील कुमार (पुत्र सूरजपाल), निवासी ग्राम रसूलपुर पिरौठी। ​आरोपी: पड़ोसी सुरेश (पुत्र रामचंद्र)। ​विवाद का कारण: गांव में सरकारी नाली और खड़ंजे का निर्माण कार्य चल रहा है। पीड़ित का आरोप है कि नाली सीधी बननी चाहिए थी, लेकिन पड़ोसी सुरेश ने उसे जानबूझकर टेढ़ा (तिरछा) करवा दिया है। ​गाली-गलौज और पुलिस की मौजूदगी ​पीड़ित सुशील कुमार के अनुसार, जब उन्होंने नाली को गलत तरीके से बनाए जाने का विरोध किया, तो आरोपी सुरेश गाली-गलौज और झगड़े पर उतारू हो गया। स्थिति को बिगड़ता देख मामले की सूचना 112 नंबर पर पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस और गांव के अन्य गणमान्य लोगों ने आरोपी को समझाने का प्रयास किया, लेकिन आरोप है कि वह किसी की बात मानने को तैयार नहीं है। ​कार्यवाही की मांग ​पीड़ित ने थाना अध्यक्ष बलराम सिंह सेंगर को प्रार्थना पत्र सौंपते हुए बताया है कि आरोपी की हठधर्मी के कारण निर्माण कार्य में बाधा आ रही है। सुशील कुमार ने पुलिस से रिपोर्ट दर्ज कर उचित कानूनी कार्यवाही करने की गुहार लगाई है
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    ​गांव में नाली निर्माण को लेकर विवाद: दबंग पड़ोसी पर गाली-गलौज और काम रोकने का आरोप
​बुलंदशहर: जनपद के थाना चोला क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम रसूलपुर रिठोरी में नाली और खड़ंजा निर्माण के दौरान दो पक्षों में विवाद का मामला सामने आया है। इस संबंध में पीड़ित ग्रामीण ने थाने में लिखित शिकायत देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
​मुख्य घटनाक्रम
​शिकायतकर्ता: सुशील कुमार (पुत्र सूरजपाल), निवासी ग्राम रसूलपुर पिरौठी।
​आरोपी: पड़ोसी सुरेश (पुत्र रामचंद्र)।
​विवाद का कारण: गांव में सरकारी नाली और खड़ंजे का निर्माण कार्य चल रहा है। पीड़ित का आरोप है कि नाली सीधी बननी चाहिए थी, लेकिन पड़ोसी सुरेश ने उसे जानबूझकर टेढ़ा (तिरछा) करवा दिया है।
​गाली-गलौज और पुलिस की मौजूदगी
​पीड़ित सुशील कुमार के अनुसार, जब उन्होंने नाली को गलत तरीके से बनाए जाने का विरोध किया, तो आरोपी सुरेश गाली-गलौज और झगड़े पर उतारू हो गया। स्थिति को बिगड़ता देख मामले की सूचना 112 नंबर पर पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस और गांव के अन्य गणमान्य लोगों ने आरोपी को समझाने का प्रयास किया, लेकिन आरोप है कि वह किसी की बात मानने को तैयार नहीं है।
​कार्यवाही की मांग
​पीड़ित ने थाना अध्यक्ष बलराम सिंह सेंगर 
को प्रार्थना पत्र सौंपते हुए बताया है कि आरोपी की हठधर्मी के कारण निर्माण कार्य में बाधा आ रही है। सुशील कुमार ने पुलिस से रिपोर्ट दर्ज कर उचित कानूनी कार्यवाही करने की गुहार लगाई है
    user_कपिल कुमार दैनिक भास्कर
    कपिल कुमार दैनिक भास्कर
    सिकंदराबाद, बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • ​बुलंदशहर के सिकंदराबाद तहसील क्षेत्र के पीरबयानी गाँव से एक गंभीर मामला सामने आया है। स्थानीय निवासी अजय कुमार ने ग्राम प्रधान और सचिव पर गौशाला के नाम पर करोड़ों के घोटाले का आरोप लगाया है। ​क्या है पूरा मामला? ​गाँव में वर्षों से पड़ी पट्टे की भूमि को पहले 'बंजर' घोषित कराया गया और फिर उसे ग्राम प्रधान की सुपुर्दगी में दे दिया गया। आरोप है कि प्रधान और सचिव ने बिना किसी सार्वजनिक सूचना के एक फर्जी प्रस्ताव तैयार किया, जिसमें इस भूमि पर गौशाला के लिए चारा उगाने की बात कही गई थी। ​अजय कुमार का कहना है कि पिछले दो वर्षों से इस भूमि पर फसल उगाई जा रही है, लेकिन गौशाला को फूटी कौड़ी का भी लाभ नहीं हुआ। प्रधान ने फसल बाजार में बेचकर सारा पैसा खुद डकार लिया है। ​प्रशासनिक उदासीनता? ​शिकायतकर्ता का कहना है कि बार-बार शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। लेखपाल और कानूनगो ने कार्रवाई करने के बजाय गेंद ब्लॉक प्रशासन के पाले में डाल दी है। ​ ​अजय कुमार ने वीडियो जारी कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस मामले में संज्ञान लेने और दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की अपील की है, ताकि गौमाता के नाम पर हो रहे इस भ्रष्टाचार पर लगाम लग सके
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    ​बुलंदशहर के सिकंदराबाद तहसील क्षेत्र के पीरबयानी गाँव से एक गंभीर मामला सामने आया है। स्थानीय निवासी अजय कुमार ने ग्राम प्रधान और सचिव पर गौशाला के नाम पर करोड़ों के घोटाले का आरोप लगाया है।
​क्या है पूरा मामला?
​गाँव में वर्षों से पड़ी पट्टे की भूमि को पहले 'बंजर' घोषित कराया गया और फिर उसे ग्राम प्रधान की सुपुर्दगी में दे दिया गया।
आरोप है कि प्रधान और सचिव ने बिना किसी सार्वजनिक सूचना के एक फर्जी प्रस्ताव तैयार किया, जिसमें इस भूमि पर गौशाला के लिए चारा उगाने की बात कही गई थी।
​अजय कुमार का कहना है कि पिछले दो वर्षों से इस भूमि पर फसल उगाई जा रही है, लेकिन गौशाला को फूटी कौड़ी का भी लाभ नहीं हुआ। प्रधान ने फसल बाजार में बेचकर सारा पैसा खुद डकार लिया है।
​प्रशासनिक उदासीनता?
​शिकायतकर्ता का कहना है कि बार-बार शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। लेखपाल और कानूनगो ने कार्रवाई करने के बजाय गेंद ब्लॉक प्रशासन के पाले में डाल दी है।
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​अजय कुमार ने वीडियो जारी कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस मामले में संज्ञान लेने और दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की अपील की है, ताकि गौमाता के नाम पर हो रहे इस भ्रष्टाचार पर लगाम लग सके
    user_Bulandshahr Times News
    Bulandshahr Times News
    Local News Reporter बुलंदशहर, बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश•
    25 min ago
  • ​ आपको बता दे कि जनपद बुलंदशहर के यमुनापुरम निवासी प्राची ने uppsc परीक्षा 2024 में 36 वीं रैंक हासिल कर जनपद का नाम रोशन किया है, प्राची के पिता विनय कुमार उत्तर प्रदेश पुलिस में इंस्पेक्टर है और मुरादाबाद में तैनात है, मूल रूप से बुलंदशहर जनपद के प्राची ने बताया कि पहले 4 गवर्नमेंट जॉब छोड़ने के बाद वर्तमान में पंजाब नेशनल बैंक दिल्ली में सीडीपीसी ब्रांच में डिप्टी मैनेजर के पद पर तैनात है, और अब uppsc परीक्षा 2024 में 36 में रैंक प्राची द्वारा हासिल की गई है, अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता पति और सास ससुर को दिया है, प्राची ने बताया कि उनकी एक 7 वर्ष की छोटी बच्ची भी है परीक्षा की तैयारी के दौरान उनके सास ससुर ने बच्ची को संभाला परीक्षा की तैयारी करने में पूरा सहयोग दिया, प्राची के पति अश्वनी वर्मा वर्तमान में दिल्ली पंजाब नेशनल बैंक में ब्रांच मैनेजर के पद पर तैनात है, प्राची की सफलता से क्षेत्र में खुशी का माहौल है, लोग इस कामयाबी पर शुभकामनाएं प्रेषित कर रहे हैं।
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    ​ 
आपको बता दे कि जनपद बुलंदशहर के यमुनापुरम निवासी प्राची ने uppsc परीक्षा 2024 में 36 वीं रैंक हासिल कर जनपद का नाम रोशन किया है,
प्राची के पिता विनय कुमार उत्तर प्रदेश पुलिस में इंस्पेक्टर है और मुरादाबाद में तैनात है, मूल रूप से बुलंदशहर जनपद के प्राची ने बताया कि पहले 4 गवर्नमेंट जॉब छोड़ने के बाद वर्तमान में पंजाब नेशनल बैंक दिल्ली में सीडीपीसी ब्रांच में डिप्टी मैनेजर के पद पर तैनात है, और अब uppsc परीक्षा 2024 में 36 में रैंक प्राची द्वारा हासिल की गई है, अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता पति और सास ससुर को दिया है, प्राची ने बताया कि उनकी एक 7 वर्ष की छोटी बच्ची भी है परीक्षा की तैयारी के दौरान उनके सास ससुर ने बच्ची को संभाला परीक्षा की तैयारी करने में पूरा सहयोग दिया, प्राची के पति अश्वनी वर्मा वर्तमान में दिल्ली पंजाब नेशनल बैंक में ब्रांच मैनेजर के पद पर तैनात है, प्राची की सफलता से क्षेत्र में खुशी का माहौल है, लोग इस कामयाबी पर शुभकामनाएं प्रेषित कर रहे हैं।
    user_Mehboob  ALi
    Mehboob ALi
    Reporter बुलंदशहर, बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • Post by Ranjana rathor
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    Post by Ranjana rathor
    user_Ranjana rathor
    Ranjana rathor
    फरीदाबाद, फरीदाबाद, हरियाणा•
    2 hrs ago
  • जनपद बुलंदशहर में बीते दिनों भी सिकंदराबाद तहसील क्षेत्र के थाना चोला के अन्य गांवों से कुछ दिन पहले अनिल सोलंकी दाउदपुर समाज सेवक द्वारा कुछ महिलाओं ओर बच्चों को लोकल पुलिस की मदद से मां माधुरी वारिस सेवा सदन अपना घर आश्रम संस्था भरतपुर से संपर्क किया और महिला टीम बुला कर उनको मां माधुरी वारिस सेवा सदन अपना घर आश्रम संस्था भरतपुर में पहुंचवाने जैसे नेक काम कर चुके है। जहां से महिलाओं ओर बच्चों की पहचान कर उनको उनके घर तक पहुंचाने का नेक काम मां माधुरी वारिस सेवा सदन अपना घर आश्रम संस्था भरतपुर द्वारा किया जाता है। दिनांक 29 मार्च 2026 को एक महिला चोला थाना क्षेत्र के गांव चोला के मंदिर के समीप असहाय अवस्था में घूमती नजर आई। जिसकी सूचना राहगीरों ने अनिल सोलंकी दाउदपुर समाज सेवक को दी गई। समाज सेवक अनिल सोलंकी दाउदपुर द्वारा मौके पर जा कर देखा तो महिला माइंड की स्थिति ठीक नहीं थी। ओर ठीक से अपना पता भी नहीं बता पा रही थी। महिला द्वारा अपना नाम सिर्फ सिराज निशा निवासी जगदीशपुर बताया जा रहा था। अनिल सोलंकी दाउदपुर समाज सेवक द्वारा तुरंत से अपना घर आश्रम शुक्रताल मुजफ्फरनगर को सूचना दी। टीम द्वारा मौके पर आकर महिला को थाना पुलिस ओर समाज सेवक अनिल सोलंकी दाउदपुर की मदद से गाड़ी में बैठा कर मां माधुरी वारिस सेवा सदन अपना घर आश्रम संस्था भरतपुर के लिए रवाना हो गई। मां माधुरी वारिस सेवा सदन अपना घर आश्रम संस्था भरतपुर की इंचार्ज बबीता द्वारा बताया गया कि महिला का पहले ठीक से इलाज कराया जाएगा। उसके बाद महिला के परिवार के बारे में जानकारी निकाल कर उनको उनके घर तक पहुंचाया जाएगा।
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    जनपद बुलंदशहर में बीते दिनों भी सिकंदराबाद तहसील क्षेत्र के थाना चोला के अन्य गांवों से कुछ दिन पहले अनिल सोलंकी दाउदपुर समाज सेवक द्वारा  कुछ महिलाओं ओर बच्चों को लोकल पुलिस की मदद से  मां माधुरी वारिस सेवा सदन अपना घर आश्रम  संस्था भरतपुर से संपर्क किया और महिला टीम बुला कर उनको मां माधुरी वारिस सेवा सदन अपना घर आश्रम  संस्था भरतपुर में पहुंचवाने जैसे नेक काम कर चुके है। जहां से महिलाओं ओर बच्चों की पहचान कर उनको उनके घर तक पहुंचाने का नेक काम  मां माधुरी वारिस सेवा सदन अपना घर आश्रम  संस्था भरतपुर  द्वारा किया जाता है। दिनांक 29 मार्च 2026 को एक महिला चोला थाना क्षेत्र के गांव चोला के मंदिर के समीप असहाय अवस्था में घूमती नजर आई। जिसकी सूचना राहगीरों ने अनिल सोलंकी दाउदपुर समाज सेवक को दी गई। समाज सेवक अनिल सोलंकी दाउदपुर द्वारा मौके पर जा कर देखा तो महिला माइंड की स्थिति ठीक नहीं थी। ओर ठीक से अपना पता भी नहीं बता पा रही थी। महिला द्वारा अपना नाम सिर्फ सिराज निशा निवासी जगदीशपुर बताया जा रहा था। अनिल सोलंकी दाउदपुर समाज सेवक द्वारा तुरंत से अपना घर आश्रम शुक्रताल मुजफ्फरनगर को सूचना दी। टीम द्वारा मौके पर आकर महिला को थाना पुलिस ओर समाज सेवक अनिल सोलंकी दाउदपुर की मदद से गाड़ी में बैठा कर  मां माधुरी वारिस सेवा सदन अपना घर आश्रम  संस्था भरतपुर के लिए रवाना हो गई।  मां माधुरी वारिस सेवा सदन अपना घर आश्रम  संस्था भरतपुर की इंचार्ज बबीता द्वारा बताया गया कि महिला का पहले ठीक से इलाज कराया जाएगा। उसके बाद महिला के परिवार के बारे में जानकारी निकाल कर उनको उनके घर तक पहुंचाया जाएगा।
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    Photographer बुलंदशहर, बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • ​ओडिशा में किसान नेता राकेश टिकैत और सैकड़ों किसानों की गिरफ्तारी के विरोध में अब उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में भी आंदोलन की चिंगारी भड़क उठी है। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने इस कार्रवाई के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए आज खुर्जा नगर कोतवाली का जोरदार घेराव किया। ​ ​जिला अध्यक्ष चौधरी अरब सिंह के नेतृत्व में काफ़ी मात्रा मेरी किसान एकजुट हुए। भाकियू नेताओं ने ओडिशा सरकार की इस कार्रवाई को 'लोकतंत्र की हत्या' और 'तानाशाही' करार दिया है। ​किसानों का साफ कहना है कि जब तक राकेश टिकैत और अन्य किसानों की ससम्मान रिहाई नहीं होती, तब तक देश भर के थानों पर इसी तरह प्रदर्शन जारी रहेगा। ​कोतवाली पर भारी संख्या में किसानों के जमावड़े को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहा। ​रिपोर्ट: मनोज गिरी,बुलन्दशहर टाइम्स न्यूज 🎥📰
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    ​ओडिशा में किसान नेता राकेश टिकैत और सैकड़ों किसानों की गिरफ्तारी के विरोध में अब उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में भी आंदोलन की चिंगारी भड़क उठी है। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने इस कार्रवाई के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए आज खुर्जा नगर कोतवाली का जोरदार घेराव किया।
​
​जिला अध्यक्ष चौधरी अरब सिंह के नेतृत्व में काफ़ी मात्रा मेरी किसान एकजुट हुए।
भाकियू नेताओं ने ओडिशा सरकार की इस कार्रवाई को 'लोकतंत्र की हत्या' और 'तानाशाही' करार दिया है।
​किसानों का साफ कहना है कि जब तक राकेश टिकैत और अन्य किसानों की ससम्मान रिहाई नहीं होती, तब तक देश भर के थानों पर इसी तरह प्रदर्शन जारी रहेगा।
​कोतवाली पर भारी संख्या में किसानों के जमावड़े को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहा।
​रिपोर्ट: मनोज गिरी,बुलन्दशहर टाइम्स न्यूज 🎥📰
    user_Bulandshahr Times News
    Bulandshahr Times News
    Local News Reporter बुलंदशहर, बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश•
    57 min ago
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