अमहट मंडी में सफाई टेंडर लटकने से जलभराव गंदे पानी में तैर रही सब्जियां, संचारी रोग अभियान की उड़ रही धज्जियां **अमहट मंडी में सफाई टेंडर लटकने से जलभराव* *गंदे पानी में तैर रही सब्जियां, संचारी रोग अभियान की उड़ रही धज्जियां** सुल्तानपुर:अमहट एक तरफ जहां शासन-प्रशासन संचारी रोगों पर प्रभावी नियंत्रण पाने के लिए विशेष "संचारी रोग नियंत्रण अभियान" चलाकर साफ-सफाई और जागरूकता का ढिंढोरा पीट रहा है, वहीं दूसरी ओर अमहट मंडी परिसर में घोर प्रशासनिक लापरवाही का नजारा देखने को मिल रहा है। मंडी समिति की घोर अनदेखी और अनियमितताओं के चलते पूरा मंडी परिसर जलमग्न हो चुका है। नाले-नालियों की सफाई का टेंडर महीनों से अटका पड़े होने के कारण नालियों का बदबूदार और दूषित पानी अब पूरी मंडी में भर गया है। मंडी परिसर में बारिश के कारण जलभराव के बीच सब्जियां गंदे पानी में तैरती नजर आई स्थिति इतनी भयावह है कि बिक्री के लिए रखी गई सब्जियां इसी दूषित और बदबूदार पानी में तैरती नजर आ रही हैं। दूषित पानी में डूबी सब्जियों की खुलेआम बिक्री से आम जनता के स्वास्थ्य पर सीधा खतरा मंडरा रहा है, जिससे संक्रामक बीमारियों का फैलाव तय माना जा रहा है। स्थानीय व्यापारियों का आरोप है कि मंडी परिसर में जल निकासी और साफ-सफाई की व्यवस्था लंबे समय से ध्वस्त है। मंडी प्रशासन की उदासीनता का आलम यह है कि नाले-नालियों की सफाई का टेंडर कागजों में ही महीनों से लटका हुआ है। बजट और कागजी लिखापढ़ी के खेल में सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप पड़ी है। पहली ही बारिश या नालियों के ओवरफ्लो होने से पूरी मंडी तालाब का रूप ले लेती है। प्रदेश भर में संचारी रोगों (जैसे डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और हैजा) से बचाव के लिए अभियान चलाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय निकाय जलजमाव रोकने तथा साफ-सफाई के बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं। ऐसे में अमहट मंडी की यह बदहाली प्रशासनिक दावों की पोल खोलने के लिए काफी है। मंडी जैसी जगह पर, जहां हजारों लोगों की आवाजाही होती है और पूरे क्षेत्र के लिए खान-पान की सामग्री सप्लाई होती है, वहां जमा यह दूषित पानी संक्रामक बीमारियों को सीधा आमंत्रण दे रहा है। हम हर महीने मंडी शुल्क और टैक्स देते हैं, लेकिन सुविधाओं के नाम पर हमें गंदगी और बीमारी मिल रही है। टेंडर प्रक्रिया कब पूरी होगी, इसका जवाब किसी अधिकारी के पास नहीं है। अगर जल्द ही जलभराव और गंदगी की समस्या से निजात नहीं मिली क्या जिम्मेदार अधिकारी किसी बड़ी बीमारी के फैलने का इंतजार कर रहे हैं? संचारी रोग अभियान के दौरान मंडी परिसर की यह दुर्दशा सीधे तौर पर संबंधित अधिकारियों की कार्यशैली और नीयत पर गंभीर सवाल खड़े करती है। जनता और व्यापारियों की मांग है कि तत्काल प्रभाव से वैकल्पिक व्यवस्था कर जल निकासी कराई जाए और लटके पड़े सफाई टेंडर को जल्द से जल्द हरी झंडी दी जाए।
अमहट मंडी में सफाई टेंडर लटकने से जलभराव गंदे पानी में तैर रही सब्जियां, संचारी रोग अभियान की उड़ रही धज्जियां **अमहट मंडी में सफाई टेंडर लटकने से जलभराव* *गंदे पानी में तैर रही सब्जियां, संचारी रोग अभियान की उड़ रही धज्जियां** सुल्तानपुर:अमहट एक तरफ जहां शासन-प्रशासन संचारी रोगों पर प्रभावी नियंत्रण पाने के लिए विशेष "संचारी रोग नियंत्रण अभियान" चलाकर साफ-सफाई और जागरूकता का ढिंढोरा पीट रहा है, वहीं दूसरी ओर अमहट मंडी परिसर में घोर प्रशासनिक लापरवाही का नजारा देखने को मिल रहा है। मंडी समिति की घोर अनदेखी और अनियमितताओं के चलते पूरा मंडी परिसर जलमग्न हो चुका है। नाले-नालियों की सफाई का टेंडर महीनों से अटका पड़े होने के कारण नालियों का बदबूदार और दूषित पानी अब पूरी मंडी में भर गया है। मंडी परिसर में बारिश के कारण जलभराव के बीच सब्जियां गंदे पानी में तैरती नजर आई स्थिति इतनी भयावह है कि बिक्री के लिए रखी गई सब्जियां इसी दूषित और बदबूदार पानी में तैरती नजर आ रही हैं। दूषित पानी में डूबी सब्जियों की खुलेआम बिक्री से आम जनता के स्वास्थ्य पर सीधा खतरा मंडरा रहा है, जिससे संक्रामक बीमारियों का फैलाव तय माना जा रहा है। स्थानीय व्यापारियों का आरोप है कि मंडी परिसर में जल निकासी और साफ-सफाई की व्यवस्था लंबे समय से ध्वस्त है। मंडी प्रशासन की उदासीनता का आलम यह है कि नाले-नालियों की सफाई का टेंडर कागजों में ही महीनों से लटका हुआ है। बजट और कागजी लिखापढ़ी के खेल में सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप पड़ी है। पहली ही बारिश या नालियों के ओवरफ्लो होने से पूरी मंडी तालाब का रूप ले लेती है। प्रदेश भर में संचारी रोगों (जैसे डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और हैजा) से बचाव के लिए अभियान चलाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय निकाय जलजमाव रोकने तथा साफ-सफाई के बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं। ऐसे में अमहट मंडी की यह बदहाली प्रशासनिक दावों की पोल खोलने के लिए काफी है। मंडी जैसी जगह पर, जहां हजारों लोगों की आवाजाही होती है और पूरे क्षेत्र के लिए खान-पान की सामग्री सप्लाई होती है, वहां जमा यह दूषित पानी संक्रामक बीमारियों को सीधा आमंत्रण दे रहा है। हम हर महीने मंडी शुल्क और टैक्स देते हैं, लेकिन सुविधाओं के नाम पर हमें गंदगी और बीमारी मिल रही है। टेंडर प्रक्रिया कब पूरी होगी, इसका जवाब किसी अधिकारी के पास नहीं है। अगर जल्द ही जलभराव और गंदगी की समस्या से निजात नहीं मिली क्या जिम्मेदार अधिकारी किसी बड़ी बीमारी के फैलने का इंतजार कर रहे हैं? संचारी रोग अभियान के दौरान मंडी परिसर की यह दुर्दशा सीधे तौर पर संबंधित अधिकारियों की कार्यशैली और नीयत पर गंभीर सवाल खड़े करती है। जनता और व्यापारियों की मांग है कि तत्काल प्रभाव से वैकल्पिक व्यवस्था कर जल निकासी कराई जाए और लटके पड़े सफाई टेंडर को जल्द से जल्द हरी झंडी दी जाए।
- गैंगस्टर को 4 साल की कैद:5 साल काट चुका है जेल; जुर्माना न देने पर एक महीने की अतिरिक्त कैद सुलतानपुर में गैंगस्टर राजेश शुक्ला को गैंगस्टर एक्ट के एक मामले में विशेष न्यायाधीश राकेश यादव ने चार वर्ष के कठोर कारावास और पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अदालत ने यह भी आदेश दिया कि जुर्माना जमा नहीं करने पर दोषी को एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। यह मामला गैंगस्टर एक्ट के तहत जेल में रहते हुए मुकदमे की पैरवी न करने की धमकी देने से जुड़ा है। न्यायालय में राजेश शुक्ला ने अपना अपराध स्वीकार करते हुए दंडित किए जाने की प्रार्थना की, जिसके आधार पर अदालत ने फैसला सुनाया। बताया गया कि वह इस मामले में पहले ही करीब पांच वर्ष जेल में बिता चुका है। विशेष लोक अभियोजक अलका सिंह के अनुसार, इस मामले की एफआईआर 6 जनवरी 2002 को करौदीकला थाने में तारकेश्वर सिंह निवासी गोवा पट्टी बांगरकला की तहरीर पर दर्ज हुई थी। शिकायत के अनुसार, 8 अक्टूबर 2000 की सुबह करीब 9:30 बजे परशुराम विद्यालय परिसर में शहाबुद्दीनपुर निवासी जयहिंद सिंह, बबलू सिंह और शुकुलपुर निवासी राजेश शुक्ला ने जानलेवा हमला किया था। घटना के बाद तीनों आरोपी जेल भेजे गए थे। बाद में जयहिंद सिंह और बबलू सिंह जमानत पर रिहा हो गए। आरोप है कि 5 अक्टूबर को दोनों ने वादी तारकेश्वर सिंह से मिलकर कहा कि राजेश शुक्ला ने जेल से संदेश भेजा है कि मुकदमे की पैरवी छोड़ दें, अन्यथा उन्हें जान से मार दिया जाएगा। मामले की विवेचना एबी सिंह ने की और तीनों आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। विचारण के दौरान सह-आरोपी जयहिंद सिंह और बबलू सिंह की मृत्यु हो गई। इसके बाद राजेश शुक्ला ने अदालत में अपना जुर्म स्वीकार कर लिया, जिसके आधार पर विशेष अदालत ने उसे दोषी ठहराते हुए चार वर्ष की सजा सुनाई।1
- अमहट मंडी में सफाई टेंडर लटकने से जलभराव गंदे पानी में तैर रही सब्जियां, संचारी रोग अभियान की उड़ रही धज्जियां **अमहट मंडी में सफाई टेंडर लटकने से जलभराव* *गंदे पानी में तैर रही सब्जियां, संचारी रोग अभियान की उड़ रही धज्जियां** सुल्तानपुर:अमहट एक तरफ जहां शासन-प्रशासन संचारी रोगों पर प्रभावी नियंत्रण पाने के लिए विशेष "संचारी रोग नियंत्रण अभियान" चलाकर साफ-सफाई और जागरूकता का ढिंढोरा पीट रहा है, वहीं दूसरी ओर अमहट मंडी परिसर में घोर प्रशासनिक लापरवाही का नजारा देखने को मिल रहा है। मंडी समिति की घोर अनदेखी और अनियमितताओं के चलते पूरा मंडी परिसर जलमग्न हो चुका है। नाले-नालियों की सफाई का टेंडर महीनों से अटका पड़े होने के कारण नालियों का बदबूदार और दूषित पानी अब पूरी मंडी में भर गया है। मंडी परिसर में बारिश के कारण जलभराव के बीच सब्जियां गंदे पानी में तैरती नजर आई स्थिति इतनी भयावह है कि बिक्री के लिए रखी गई सब्जियां इसी दूषित और बदबूदार पानी में तैरती नजर आ रही हैं। दूषित पानी में डूबी सब्जियों की खुलेआम बिक्री से आम जनता के स्वास्थ्य पर सीधा खतरा मंडरा रहा है, जिससे संक्रामक बीमारियों का फैलाव तय माना जा रहा है। स्थानीय व्यापारियों का आरोप है कि मंडी परिसर में जल निकासी और साफ-सफाई की व्यवस्था लंबे समय से ध्वस्त है। मंडी प्रशासन की उदासीनता का आलम यह है कि नाले-नालियों की सफाई का टेंडर कागजों में ही महीनों से लटका हुआ है। बजट और कागजी लिखापढ़ी के खेल में सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप पड़ी है। पहली ही बारिश या नालियों के ओवरफ्लो होने से पूरी मंडी तालाब का रूप ले लेती है। प्रदेश भर में संचारी रोगों (जैसे डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और हैजा) से बचाव के लिए अभियान चलाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय निकाय जलजमाव रोकने तथा साफ-सफाई के बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं। ऐसे में अमहट मंडी की यह बदहाली प्रशासनिक दावों की पोल खोलने के लिए काफी है। मंडी जैसी जगह पर, जहां हजारों लोगों की आवाजाही होती है और पूरे क्षेत्र के लिए खान-पान की सामग्री सप्लाई होती है, वहां जमा यह दूषित पानी संक्रामक बीमारियों को सीधा आमंत्रण दे रहा है। हम हर महीने मंडी शुल्क और टैक्स देते हैं, लेकिन सुविधाओं के नाम पर हमें गंदगी और बीमारी मिल रही है। टेंडर प्रक्रिया कब पूरी होगी, इसका जवाब किसी अधिकारी के पास नहीं है। अगर जल्द ही जलभराव और गंदगी की समस्या से निजात नहीं मिली क्या जिम्मेदार अधिकारी किसी बड़ी बीमारी के फैलने का इंतजार कर रहे हैं? संचारी रोग अभियान के दौरान मंडी परिसर की यह दुर्दशा सीधे तौर पर संबंधित अधिकारियों की कार्यशैली और नीयत पर गंभीर सवाल खड़े करती है। जनता और व्यापारियों की मांग है कि तत्काल प्रभाव से वैकल्पिक व्यवस्था कर जल निकासी कराई जाए और लटके पड़े सफाई टेंडर को जल्द से जल्द हरी झंडी दी जाए।1
- झमाझम बारिश से खिल उठे किसानों के चेहरे, धान की फसल को मिलेगा भरपूर लाभ सुल्तानपुर (कूरेभार/गुप्तारगंज)। जनपद सुल्तानपुर के कूरेभार ब्लॉक अंतर्गत गुप्तारगंज क्षेत्र में पिछले लगभग 24 घंटों से रुक-रुक कर हो रही बूंदाबांदी और झमाझम बारिश ने मौसम को पूरी तरह सुहावना बना दिया है। लगातार हो रही वर्षा से ग्रामीण अंचलों में खेतों में पर्याप्त पानी भर गया है, जिससे किसानों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दे रही है। क्षेत्रीय किसानों का कहना है कि यह बारिश धान की फसल के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। समय पर हुई अच्छी वर्षा से धान की बढ़वार बेहतर होगी, सिंचाई पर होने वाला अतिरिक्त खर्च भी कम होगा तथा फसल की गुणवत्ता और उत्पादन बढ़ने की उम्मीद है। बारिश के चलते मौसम में ठंडक घुल गई है और लोगों को उमस भरी गर्मी से भी राहत मिली है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, यदि आने वाले दिनों में भी इसी प्रकार संतुलित वर्षा होती रही तो खरीफ फसलों, विशेष रूप से धान की पैदावार पर इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।4
- सुल्तानपुर में मूसलाधार बारिश से किसानों के चेहरे खिले सुल्तानपुर में मंगलवार की सुबह से ही जबरदस्त बारिश हो रही है जिससे किसान काफी प्रसन्न दिखाई दे रहे हैं धान की फसल को सीधे तौर पर फायदा होता दिखाई दे रहा है इस मूसलाधार बारिश से किसानों ने राहत की सांस ली है परंतु अभी भी खाद की समस्या किसानों को बनी हुई है जिस पर शासन प्रशासन की तरफ से कोई भी व्यापक प्रबंध नहीं होता दिखाई दे रहा खाद की किल्लत से जिले का किसान परेशान है जिम्मेदार मौन है जवाब कौन देगा यह बड़ा सवाल बना हुआ है1
- सफाई टेंडर अटकने से अमहट मंडी जलमग्न, गंदे पानी में तैरती दिखीं सब्जियां सुल्तानपुर। अमहट मंडी परिसर में जलभराव और गंदगी की समस्या ने व्यापारियों व आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय व्यापारियों का आरोप है कि नाले-नालियों की सफाई का टेंडर लंबे समय से लंबित होने के कारण बारिश के बाद पूरे मंडी परिसर में दूषित पानी भर गया है। कई स्थानों पर बिक्री के लिए रखी सब्जियां भी गंदे पानी के बीच नजर आईं, जिससे खाद्य सुरक्षा और जनस्वास्थ्य को लेकर सवाल उठ रहे हैं। प्रदेश में संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलाए जाने के बीच मंडी की यह स्थिति अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी सवाल खड़े कर रही है। व्यापारियों का कहना है कि वे नियमित रूप से मंडी शुल्क और अन्य शुल्क जमा करते हैं, लेकिन जल निकासी और सफाई जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। उनका आरोप है कि पहली ही बारिश में मंडी परिसर जलमग्न हो जाता है। हालांकि, इस संबंध में मंडी प्रशासन का पक्ष सामने नहीं आ सका है। व्यापारियों ने मांग की है कि तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था कर जल निकासी कराई जाए तथा लंबित सफाई टेंडर की प्रक्रिया शीघ्र पूरी कर नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए, ताकि संभावित संक्रामक बीमारियों के खतरे को रोका जा सके।1
- सीसीटीवी खराब मिलने पर एसपी से जवाब तलब बकरी चोरी के आरोपी की रिमांड पर सुनवाई के दौरान मामला सामने आया सुलतानपुर में बकरी चोरी के एक मामले में आरोपी की रिमांड पर बहस के दौरान यह खुलासा हुआ कि थाना और पुलिस चौकी के सीसीटीवी कैमरे खराब हैं। इस पर एसीजेएम मयूरेश श्रीवास्तव ने पुलिस अधीक्षक से स्पष्टीकरण मांगा है। मामले में रिमांड पर अगली सुनवाई सात अगस्त को होगी। यह मामला गोशाईगंज थाना क्षेत्र के इनायतपुर निवासी सलाहुद्दीन द्वारा 30 जुलाई को दर्ज कराई गई एक एफआईआर से संबंधित है। सलाहुद्दीन ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ तीन दिन पहले हुई बकरी चोरी का आरोप लगाया था। पुलिस ने इस मामले में मुनव्वर नामक व्यक्ति को गांव से कुछ दूरी पर स्थित पेट्रोल पंप के पास से गिरफ्तार किया। पुलिस ने 31 जुलाई को मुनव्वर को गिरफ्तार दिखाकर कोर्ट में पेश किया, जिसकी रिमांड पर आपत्ति जताई गई। बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि मुनव्वर को 30 जुलाई की दोपहर में गिरफ्तार किया गया था और उसे 24 घंटे से अधिक समय तक पुलिस चौकी और थाने में रखा गया, जिसके कारण उसकी रिमांड खारिज करने की मांग की गई। एसीजेएम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना और पुलिस चौकी के सीसीटीवी फुटेज तलब किए थे और मंगलवार को सुनवाई तय की थी। मंगलवार को जब विवेचक आरोपी की रिमांड लेने आए, तो उन्होंने बताया कि थाना गोशाईगंज और पुलिस चौकी द्वारिकागंज में लगे सीसीटीवी कैमरे खराब हैं। इस पर मजिस्ट्रेट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।1
- सुल्तानपुर उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री वर्तमान बीजेपी विधायक विनोद सिंह के ऊपर महिला ने लगाया बलात्कार एवं छेड़छाड़ का गंभीर रूप!1