राजपुर में नाली की ऊँचाई को लेकर नगरवासियों का एक बार फिर फूटा गुस्सा,किया एक्सक्यूटिव इंजीनियर का घेराव राजपुर। राष्ट्रीय राजमार्ग 343 में बन रहे नाली निर्माण की ऊँचाई को लेकर राजपुर नगरवासियों का एक बार फिर आक्रोश देखने को मिला। नगरवासियों को जैसे ही सूचना मिल की आरओ विभाग के एक्सक्यूटिव इंजीनियर राजपुर के रास्ते बलरामपुर जा रहे हैं तो उन्होंने महुआपारा में राम हॉस्पिटल के पास देखते ही देखते भारी भीड़ जमा हो गई। जैसे ही एक्सक्यूटिव इंजीनियर पहुँचे नगरवासियों ने उन्हें घेर लिया और सड़क पर दरी बिछाकर बैठ गए और जमकर नारे बाजी करने लगे। राजपुर में बन रहे नाली की ऊँचाई को लेकर नगरवासियों ने एक बार फिर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। नगरवासियों के जैसे ही सूचना मिला की रायपुर से आरओ डिपार्टमेंट में पदस्थ एक्सक्यूटिव इंजीनियर आ रहे हैं नगरवासियों की भीड़ राजपुर के महुआपारा राम हॉस्पिटल के पास जुटने लगे।देखते ही देखते नगरवासियों की भारी भीड़ जमा हो गया। जैसे ही एक्सक्यूटिव इंजीनियर पहुँचे लोग सड़कों और आ गए और उनके वाहन को रोक लिया। जिसके बाद नगरवासियों ने उन्हें वाहन से उतरकर बात करनी चाही परंतु काफी समय तक इंजीनियर वाहन में ही बैठे रहे जिसके बाद नगरवासी उग्र हो गए और सड़क पर दरी बिछाकर बैठ गए और एनएच के अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी करने लगे। नगरवासियों के उग्र रवैयेको देख इंजीनियर अपने वाहन से उतरकर राजपुर के नगरवासियों से बात की।नगरवासियों की एक ही माँग थी कि नगर में बन रहे नाली की ऊँचाई को कम किया जाए। नगरवासियों ने कहा कि वर्तमान सड़क के हिसाब से नाली का निर्माण कराया जाए सड़क को लेबल करने की वजह से कहीं कहीं नाली की ऊँचाई काफी ज्यादा हो रहा है जिससे आने वाले दिनों में शहरवासियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।काफी देर तक बातचीत के बाद अन्ततः एक्सक्यूटिव इंजीनियर ने आश्वासन दिया कि राजपुर में बन रहे नाली की ऊंचाई करीब आधा मीटर कम करने हेतु आरओ रायपुर से बात कर कराने की कोशिश करेंगे। आश्वसन के बाद नगरवासियों ने अपना आंदोलन समाप्त किया।
राजपुर में नाली की ऊँचाई को लेकर नगरवासियों का एक बार फिर फूटा गुस्सा,किया एक्सक्यूटिव इंजीनियर का घेराव राजपुर। राष्ट्रीय राजमार्ग 343 में बन रहे नाली निर्माण की ऊँचाई को लेकर राजपुर नगरवासियों का एक बार फिर आक्रोश देखने को मिला। नगरवासियों को जैसे ही सूचना मिल की आरओ विभाग के एक्सक्यूटिव इंजीनियर राजपुर के रास्ते बलरामपुर जा रहे हैं तो उन्होंने महुआपारा में राम हॉस्पिटल के पास देखते ही देखते भारी भीड़ जमा हो गई। जैसे ही एक्सक्यूटिव इंजीनियर पहुँचे नगरवासियों ने उन्हें घेर लिया और सड़क पर दरी बिछाकर बैठ गए और जमकर नारे बाजी करने लगे। राजपुर में बन रहे नाली की ऊँचाई को लेकर नगरवासियों ने एक बार फिर जमकर
विरोध प्रदर्शन किया। नगरवासियों के जैसे ही सूचना मिला की रायपुर से आरओ डिपार्टमेंट में पदस्थ एक्सक्यूटिव इंजीनियर आ रहे हैं नगरवासियों की भीड़ राजपुर के महुआपारा राम हॉस्पिटल के पास जुटने लगे।देखते ही देखते नगरवासियों की भारी भीड़ जमा हो गया। जैसे ही एक्सक्यूटिव इंजीनियर पहुँचे लोग सड़कों और आ गए और उनके वाहन को रोक लिया। जिसके बाद नगरवासियों ने उन्हें वाहन से उतरकर बात करनी चाही परंतु काफी समय तक इंजीनियर वाहन में ही बैठे रहे जिसके बाद नगरवासी उग्र हो गए और सड़क पर दरी बिछाकर बैठ गए और एनएच के अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी करने लगे। नगरवासियों के उग्र रवैयेको देख इंजीनियर अपने वाहन से उतरकर
राजपुर के नगरवासियों से बात की।नगरवासियों की एक ही माँग थी कि नगर में बन रहे नाली की ऊँचाई को कम किया जाए। नगरवासियों ने कहा कि वर्तमान सड़क के हिसाब से नाली का निर्माण कराया जाए सड़क को लेबल करने की वजह से कहीं कहीं नाली की ऊँचाई काफी ज्यादा हो रहा है जिससे आने वाले दिनों में शहरवासियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।काफी देर तक बातचीत के बाद अन्ततः एक्सक्यूटिव इंजीनियर ने आश्वासन दिया कि राजपुर में बन रहे नाली की ऊंचाई करीब आधा मीटर कम करने हेतु आरओ रायपुर से बात कर कराने की कोशिश करेंगे। आश्वसन के बाद नगरवासियों ने अपना आंदोलन समाप्त किया।
- जनगणना 2027 स्व-गणना प्रक्रिया शुरू कलेक्टर श्री कटारा ने स्वयं भरा जनगणना पत्रक नागरिकों से कलेक्टर ने किया सहयोग की अपील स्व-गणना की प्रक्रिया 16 से 30 अप्रैल तक बलरामपुर, छत्तीसगढ़ राज्य में जनगणना 2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य 01 मई से 30 मई 2026 तक किया जाएगा। इसके पूर्व स्व-गणना की प्रक्रिया 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक संचालित की जा रही है। बलरामपुर-रामानुजगंज कलेक्टर श्री राजेन्द्र कटारा ने स्वगणना के माध्यम से स्वयं जनगणना में रजिस्टर किया है। कलेक्टर श्री कटारा ने नागरिकों से अपील की है कि वे स्व-गणना प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाएं और सही एवं पूर्ण जानकारी दर्ज कर जनगणना कार्य को सफल बनाने में सहयोग प्रदान करें। उन्होंने बताया कि नागरिक निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर अपने परिवार एवं मकान से संबंधित जानकारी स्वयं दर्ज कर सकते हैं। स्व-गणना के दौरान दर्ज की गई जानकारी को सबमिट करने से पहले संशोधित किया जा सकता है, लेकिन एक बार जानकारी सबमिट होने के बाद उसमें कोई परिवर्तन संभव नहीं होगा। स्व-गणना पूर्ण करने वाले प्रत्येक परिवार को एक विशेष स्व-गणना आईडी प्रदान की जाएगी, जिसे सुरक्षित रखना आवश्यक होगा। 01 मई से 30 मई 2026 के बीच जब प्रगणक घर-घर जाकर जानकारी का सत्यापन करेंगे, तब संबंधित परिवारों को यह आईडी साझा करनी होगी। इसके आधार पर प्रगणक दर्ज जानकारी की पुष्टि कर उसे अंतिम रूप देंगे। किसी भी प्रकार की जानकारी या सहायता के लिए जनगणना विभाग द्वारा टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1855 जारी किया गया है।2
- राजपुर। राष्ट्रीय राजमार्ग 343 में बन रहे नाली निर्माण की ऊँचाई को लेकर राजपुर नगरवासियों का एक बार फिर आक्रोश देखने को मिला। नगरवासियों को जैसे ही सूचना मिल की आरओ विभाग के एक्सक्यूटिव इंजीनियर राजपुर के रास्ते बलरामपुर जा रहे हैं तो उन्होंने महुआपारा में राम हॉस्पिटल के पास देखते ही देखते भारी भीड़ जमा हो गई। जैसे ही एक्सक्यूटिव इंजीनियर पहुँचे नगरवासियों ने उन्हें घेर लिया और सड़क पर दरी बिछाकर बैठ गए और जमकर नारे बाजी करने लगे। राजपुर में बन रहे नाली की ऊँचाई को लेकर नगरवासियों ने एक बार फिर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। नगरवासियों के जैसे ही सूचना मिला की रायपुर से आरओ डिपार्टमेंट में पदस्थ एक्सक्यूटिव इंजीनियर आ रहे हैं नगरवासियों की भीड़ राजपुर के महुआपारा राम हॉस्पिटल के पास जुटने लगे।देखते ही देखते नगरवासियों की भारी भीड़ जमा हो गया। जैसे ही एक्सक्यूटिव इंजीनियर पहुँचे लोग सड़कों और आ गए और उनके वाहन को रोक लिया। जिसके बाद नगरवासियों ने उन्हें वाहन से उतरकर बात करनी चाही परंतु काफी समय तक इंजीनियर वाहन में ही बैठे रहे जिसके बाद नगरवासी उग्र हो गए और सड़क पर दरी बिछाकर बैठ गए और एनएच के अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी करने लगे। नगरवासियों के उग्र रवैयेको देख इंजीनियर अपने वाहन से उतरकर राजपुर के नगरवासियों से बात की।नगरवासियों की एक ही माँग थी कि नगर में बन रहे नाली की ऊँचाई को कम किया जाए। नगरवासियों ने कहा कि वर्तमान सड़क के हिसाब से नाली का निर्माण कराया जाए सड़क को लेबल करने की वजह से कहीं कहीं नाली की ऊँचाई काफी ज्यादा हो रहा है जिससे आने वाले दिनों में शहरवासियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।काफी देर तक बातचीत के बाद अन्ततः एक्सक्यूटिव इंजीनियर ने आश्वासन दिया कि राजपुर में बन रहे नाली की ऊंचाई करीब आधा मीटर कम करने हेतु आरओ रायपुर से बात कर कराने की कोशिश करेंगे। आश्वसन के बाद नगरवासियों ने अपना आंदोलन समाप्त किया।3
- *✰बाबा मस्तनाथ vs संत गरीबदास जी महाराज✰* कौन हैं शक्तिशाली? अवश्य देखिए स्पेशल *AI वीडियो* 18 अप्रैल 2026 शनिवार दोपहर 12:00 बजे सिर्फ *Sant Rampal Ji Maharaj* Youtube Channel पर1
- Post by Ashish parihar Parihar1
- बालोद में सदर बाजार अतिक्रमण पर तीखा विवाद! नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिभा चौधरी बोलीं – “जो कार्रवाई हो रही है, वो जिला प्रशासन के निर्देश पर”; प्रदर्शनकारियों ने दिया एक हफ्ते का अल्टीमेटम, नहीं तो जिला बंद की चेतावनी बालोद जिले में सदर बाजार को अतिक्रमण मुक्त कराने के मुद्दे पर अब तनाव बढ़ता जा रहा है। नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिभा चौधरी ने स्पष्ट कहा है कि जो भी कार्रवाई हो रही है, वह पूरी तरह जिला प्रशासन के निर्देश पर की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि व्यावहारिक रूप से जो संभव है, वही किया जा रहा है और इसके लिए वे व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार नहीं हैं। इस बयान के बाद स्थानीय नेताओं और विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने कड़ा विरोध जताया। क्रांति सेना के प्रदेश सचिव शशि भूषण चंद्राकर, जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के जिला अध्यक्ष गंगा निषाद, उपाध्यक्ष दानी साहू सहित कई अन्य पदाधिकारी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों से जवाब-तलब किया और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर तीखा विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को सख्त अल्टीमेटम देते हुए कहा कि एक हफ्ते के अंदर सदर बाजार को पूर्ण रूप से अतिक्रमण मुक्त कराया जाए। अगर तय समयसीमा में ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो वे सरकारी जमीन पर कब्जा करने और पूरे बालोद जिले में बंद का आह्वान करने जैसे कदम उठाने को मजबूर होंगे। मौके पर पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में रहा। सीएमओ ने प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन उनकी समझाइश बेअसर रही। प्रदर्शनकारियों ने अपना रुख नहीं बदला और अल्टीमेटम देकर प्रदर्शन समाप्त किया। फिलहाल स्थिति शांत बताई जा रही है, लेकिन अल्टीमेटम और चेतावनी को देखते हुए आने वाले दिनों में यह विवाद और उग्र रूप ले सकता है। अब सभी की नजरें जिला प्रशासन पर टिकी हुई हैं कि वह अगले एक हफ्ते में सदर बाजार के अतिक्रमण को हटाने के लिए क्या ठोस कदम उठाता है। दोस्तों, विकास और सुव्यवस्था दोनों जरूरी हैं, लेकिन किसी भी मुद्दे पर आंदोलन से पहले संवाद का रास्ता अपनाया जाना चाहिए। नगर पालिका और जिला प्रशासन से अपील है कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पारदर्शी और संवेदनशील तरीके से करें, ताकि आम व्यापारियों और दुकानदारों को अनावश्यक परेशानी न हो। वहीं प्रदर्शनकारियों से भी निवेदन है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखें और प्रशासन को समय दें, ताकि बिना किसी विवाद के सदर बाजार को व्यवस्थित किया जा सके। शांति और समाधान ही सबसे अच्छा रास्ता है। द छत्तीसगढ़ – सच्ची खबर, सही समय पर। अगली खबर तक, सतर्क रहिए, शांत रहिए।1
- फरसगांव में सीएमओ सहित नगर पंचायत कर्मचारियों ने किया स्वगणना कार्य प्रारंभ _जनगणना 2027 के तहत 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक चलेगा स्वगणना अभियान कोंडागांव :- भारत सरकार द्वारा प्रस्तावित जनगणना 2027 के अंतर्गत स्वगणना का कार्य 16 अप्रैल से प्रारंभ हो गया है। इसी कड़ी में फरसगांव नगर पंचायत के मुख्य नगर पालिका अधिकारी मयंक बसंतवानी ने स्वयं अपनी स्वगणना पूर्ण की तथा नगर पंचायत के सभी कर्मचारियों का भी स्वगणना कार्य संपन्न कराया। इस अवसर पर मयंक बसंतवानी ने नगर पंचायत फरसगांव के नगरवासियों से अपील करते हुए कहा कि वे भी इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि नागरिक पोर्टल पर जाकर आसानी से अपना स्वगणना फॉर्म भर सकते हैं। यह प्रक्रिया 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक संचालित की जाएगी। उन्होंने कहा कि जनगणना देश के विकास, योजनाओं के निर्माण और संसाधनों के बेहतर वितरण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। इसलिए प्रत्येक नागरिक का यह कर्तव्य है कि वह सही और सटीक जानकारी प्रदान कर इस अभियान को सफल बनाए। सीएमओ मयंक बसंतवानी ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि स्वगणना की अवधि समाप्त होने के बाद 1 मई से 30 मई 2026 तक प्रगणक घर-घर जाकर जानकारी एकत्रित करेंगे। इस दौरान नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि वे प्रगणकों को सही एवं पूर्ण जानकारी देकर सहयोग करें। नगर पंचायत प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे जागरूकता दिखाते हुए समय पर स्वगणना पूर्ण करें और एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में देश के विकास में अपनी भागीदारी निभाएं।4
- छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जो बदलाव की नई कहानी लिख रही है। आज़ादी के 78 साल बाद पहली बार अबूझमाड़ के अंतिम छोर पर बसे गांव आलबेड़ा में प्रशासन की दस्तक हुई है। नारायणपुर कलेक्टर नम्रता जैन ने दुर्गम पहाड़ी रास्तों, नालों और पगडंडियों को पार कर बाइक से गांव तक का सफर तय किया। कभी नक्सलियों की समानांतर सरकार का गढ़ रहा यह इलाका अब विकास की मुख्यधारा से जुड़ने को बेताब है।1
- *✰ऐतिहासिक महम चौबीसी सर्वखाप द्वारा संत रामपाल जी महाराज जी को पगड़ी पहना के सम्मानित किया गया✰* पूरी वीडियो अवश्य देखिए *SANT RAMPAL JI MAHARAJ* YouTube Channel पर1