बलिया के नगरा-भीमपुरा मार्ग पर इंगिलिशिया चट्टी के पास तड़के एक पिकअप और ट्रेलर के बीच आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। इस भीषण सड़क हादसे में दोनों वाहनों के चालक और खलासी घायल हो गए। टक्कर के बाद आम से लदी पिकअप बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और बड़ी मात्रा में आम सड़क पर बिखर गए। हादसे की तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण और बच्चे तुरंत मौके पर पहुंच गए और सड़क पर फैले आमों को उठाने लगे। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस वर्ष आम की पैदावार कम होने के कारण अधिकांश गांवों के लोग आम के स्वाद से वंचित रहे हैं। हादसे के घायलों में पिकअप चालक गोरख मुहम्मद, सिकंदरपुर निवासी खलासी शिवशंकर और कानपुर निवासी ट्रेलर चालक बृजेश कुमार शामिल हैं। सभी घायलों को इलाज के लिए नगरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान ही ट्रेलर चालक बृजेश कुमार अस्पताल प्रशासन को चकमा देकर मौके से फरार हो गया। वहीं, स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि हाईवे और संपर्क मार्गों पर तेज रफ्तार से चलने वाले ट्रेलर लगातार छोटे वाहनों के लिए बड़ा खतरा बने हुए हैं।
बलिया के नगरा-भीमपुरा मार्ग पर इंगिलिशिया चट्टी के पास तड़के एक पिकअप और ट्रेलर के बीच आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। इस भीषण सड़क हादसे में दोनों वाहनों के चालक और खलासी घायल हो गए। टक्कर के बाद आम से लदी पिकअप बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और बड़ी मात्रा में आम सड़क पर बिखर गए। हादसे की तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण और बच्चे तुरंत मौके पर पहुंच गए और सड़क पर फैले आमों को उठाने लगे। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस वर्ष आम की पैदावार कम होने के कारण अधिकांश गांवों के लोग आम के स्वाद से वंचित रहे हैं। हादसे के घायलों में पिकअप चालक गोरख मुहम्मद, सिकंदरपुर निवासी खलासी शिवशंकर और कानपुर निवासी ट्रेलर चालक बृजेश कुमार शामिल हैं। सभी घायलों को इलाज के लिए नगरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान ही ट्रेलर चालक बृजेश कुमार अस्पताल प्रशासन को चकमा देकर मौके से फरार हो गया। वहीं, स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि हाईवे और संपर्क मार्गों पर तेज रफ्तार से चलने वाले ट्रेलर लगातार छोटे वाहनों के लिए बड़ा खतरा बने हुए हैं।
- बलिया जनपद के बैरिया तहसील अंतर्गत दियारा क्षेत्र के गोपालपुर ताड़ी गांव में घाघरा नदी के तेज कटान का एक लाइव वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में नदी के तेज कटान की वजह से एक मकान देखते ही देखते नदी में समाहित होता हुआ साफ दिखाई दे रहा है।1
- मऊ में परदहा मिल के पास स्थित कांशीराम आवास में फैली गंदगी और जाम नालियों का मुद्दा मीडिया में प्रमुखता से दिखाए जाने के बाद नगर पालिका प्रशासन पूरी तरह हरकत में आ गया है। इस आवास परिसर में लंबे समय से कचरे का अंबार लगा हुआ था और नालियां पूरी तरह चोक थीं। इस बदहाल सफाई व्यवस्था के कारण स्थानीय निवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था और क्षेत्र में संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी लगातार बना हुआ था। खबर प्रसारित होने के तुरंत बाद नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी (ईओ) ने स्वयं मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और तत्काल समस्या के समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने अपनी सीधी निगरानी में सफाई कर्मियों को लगाकर पूरे परिसर की सघन सफाई कराई। इसके साथ ही जाम पड़ी नालियों को पूरी तरह साफ कराकर जल निकासी को सुचारु बनाया गया और बीमारियों के संक्रमण को रोकने के लिए परिसर में दवा का छिड़काव भी कराया गया। नगर पालिका प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई से कांशीराम आवास के स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिली है। निवासियों ने प्रशासन के इस कदम का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि आगे भी यहाँ नियमित रूप से सफाई व्यवस्था बनाए रखी जाएगी, ताकि दोबारा ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो। इस तरह मीडिया में खबर दिखाए जाने का बेहद सकारात्मक और सीधा असर धरातल पर देखने को मिला है।1
- उत्तर प्रदेश के घोसी सांसद राजीव राय मानसून सत्र से पहले जंतर-मंतर पहुंचे। उन्होंने वहाँ पेपर लीक के खिलाफ चल रहे अनशन को अपना समर्थन दिया है।1
- देवरिया के बरियारपुर थाना क्षेत्र में महुआनी से सोनूघाट जाने वाले मुख्य मार्ग पर सोमवार तड़के मूसलाधार बारिश के दौरान एक विशाल बबूल का पेड़ बीच सड़क पर गिर गया। पेड़ गिरने के कारण सुबह करीब चार बजे से ही यह मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बड़े वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद होने से मौके पर जाम की स्थिति बन गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सुबह आठ बजे तक न तो प्रशासन की कोई टीम मौके पर पहुंची और न ही वन विभाग का कोई अधिकारी या कर्मचारी पेड़ हटाने के लिए वहां दिखाई दिया। इसके चलते ड्यूटी पर जाने वाले कर्मचारी, स्कूली छात्र-छात्राएं और अन्य राहगीर घंटों फंसे रहे। कई लोगों को मजबूरी में गांव के भीतर से होकर गुजरने वाले कच्चे रास्तों का सहारा लेना पड़ा, जहां बारिश का पानी भरा होने के कारण आवागमन काफी जोखिम भरा रहा। ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से तत्काल जेसीबी और कर्मचारियों को भेजकर सड़क से पेड़ हटाने और यातायात सुचारु करने की मांग की है। साथ ही, भविष्य की समस्याओं से निपटने के लिए संवेदनशील मार्गों पर त्वरित राहत टीमों की तैनाती सुनिश्चित करने की भी अपील की गई है।4
- देवरिया सदर सरकारी अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में रात के समय बड़ी लापरवाही सामने आई है। रात के करीब 3:00 बजे के एक वीडियो में दिख रहा है कि अपनी शिफ्ट बदलने के बाद इमरजेंसी में तैनात तीन लोग सोए हुए थे। इसके साथ ही, अस्पताल की सुरक्षा के लिए तैनात गार्ड भी रात के 3:00 बजे सो जाता है।1
- देवरिया के बरहज विधानसभा क्षेत्र में जर्जर सड़कों और अधूरे विकास कार्यों के विरोध में सपा नेता विजय रावत के नेतृत्व में प्रदर्शन किया गया। बरहज सोनू घाट मार्ग पर गड्ढे पाटने की माँग को लेकर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सोनू घाट पर एकत्रित होकर अपना विरोध दर्ज कराया। इस दौरान सपा नेता विजय रावत ने भाजपा सरकार और उनके जनप्रतिनिधियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार को जनता से कोई सरोकार नहीं है और बरहज की जनता को विकास के नाम पर सिर्फ धोखा मिला है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले दस सालों से बरहज सोनू घाट मार्ग जर्जर पड़ा है, जिसके कारण आए दिन इस सड़क पर दुर्घटनाएँ हो रही हैं। इसके अलावा क्षेत्र में बिजली क्षमता बढ़ाने के लिए कोई काम नहीं किया गया, जिससे लोगों को बिजली नहीं मिल पा रही है। वहीं सरयू नदी पर बन रहे मोहन सेतु का काम भी आज तक अधूरा पड़ा है और बरहज विधानसभा विकास से कोसों दूर चली गई है। इन सभी जनहित के मुद्दों और सड़क के गड्ढे पाटे जाने की माँग को लेकर विजय रावत ने आगामी 21 तारीख से बरहज सोनू घाट मार्ग काली मंदिर पर भूख हड़ताल पर बैठने का एलान किया है। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान मुख्य रूप से विरेंद्र यादव, अजीत प्रसाद, विवेक मिश्र, राम प्रसाद मिश्र, राजू सिंह, विकास यादव, ललित कुमार, सज्जन कुमार और तारकेश्वर सिंह सहित कई लोग उपस्थित रहे।1
- बदलते मौसम के दौरान छोटे बच्चों में सर्दी, खांसी, बुखार और संक्रमण का खतरा काफी बढ़ जाता है। इसे लेकर डॉक्टर राजकुमार सिंह ने अभिभावकों को जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी है। उन्होंने बताया कि बदलते मौसम में बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है, जिससे वे जल्दी बीमार पड़ने लगते हैं। ऐसे में थोड़ी सी भी लापरवाही बच्चों में सर्दी-जुकाम, वायरल फीवर, निमोनिया और पेट के संक्रमण जैसी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकती है। डॉक्टर राजकुमार सिंह ने बच्चों को इन गंभीर बीमारियों से सुरक्षित रखने के उपाय साझा किए हैं। उन्होंने अभिभावकों को सलाह दी कि बच्चों को हमेशा मौसम के अनुसार ही कपड़े पहनाएं। इसके साथ ही बच्चों को ठंडी हवा, धूल-मिट्टी और अचानक होने वाले तापमान बदलाव से बचाकर रखना जरूरी है। डॉक्टर ने साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने, बच्चों के हाथ बार-बार धुलवाने और उन्हें बाहर का खुला या बासी भोजन न देने की हिदायत दी है। बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाए रखने के लिए उन्होंने पर्याप्त पानी, पौष्टिक आहार और ताजे फल देने की सलाह दी है। डॉक्टर ने अभिभावकों से अपील की है कि वे मौसम बदलते ही बच्चों की सेहत के प्रति सतर्क रहें। यदि बच्चे में लगातार बुखार, सांस लेने में तकलीफ, खांसी या कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो किसी भी स्थिति को हल्के में न लेते हुए तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।1
- उत्तर प्रदेश के मऊ में सांसद राजीव द्वारा एफआईआर (FIR) दर्ज कराए जाने पर भाजपा नेता झब्बू सिंह ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। अपने खिलाफ मामला दर्ज होने पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा नेता झब्बू सिंह ने दोटूक कहा है कि वह इस मुकदमे से बिल्कुल भी डरने वाले नहीं हैं।1
- उत्तर प्रदेश के देवरिया में मिशन शक्ति फेज-5.0 के द्वितीय चरण के तहत पुलिस ने रविवार को पूरे जनपद में बड़े स्तर पर "बहू-बेटी अभियान" चलाया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य परित्यक्ता, तलाकशुदा, निराश्रित और दहेज उत्पीड़न से पीड़ित महिलाओं व बालिकाओं को जागरूक कर आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना है। पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर के निर्देशन में जिले के सभी थानों की मिशन शक्ति और एंटी रोमियो टीमों ने गांवों और कस्बों में चौपाल एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। थाना तरकुलवा, रुद्रपुर, मदनपुर, लार, भाटपार रानी, श्रीरामपुर, बरहज, मईल और भलुअनी सहित जनपद के सभी थानों में पुलिस ने महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा तथा साइबर अपराध से बचाव के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इस अभियान के दौरान महिलाओं को नए आपराधिक कानूनों, जिनमें भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए)-2023 शामिल हैं, के प्रति जागरूक किया गया। इसके साथ ही पीड़ित-केंद्रित न्याय व्यवस्था, घरेलू हिंसा और दहेज उत्पीड़न के मामलों में कानूनी प्रक्रिया की जानकारी दी गई। त्वरित सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबरों (112, 181, 1090, 1098, 102, 108, 1076 और 1930) के साथ ही निराश्रित महिला पेंशन, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह, प्रधानमंत्री उज्ज्वला और कन्या सुमंगला जैसी विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए भी प्रेरित किया गया।5