न्यूज़ हेडलाइंस: बिहार में अब खुला नहीं बिकेगा मांस विजय सिन्हा का सख्त निर्देश, यूपी की तर्ज पर मानक तय.. पढ़े पूरी डिटेल.. * न्यूज़ हेडलाइंस: बिहार में अब खुला नहीं बिकेगा मांस विजय सिन्हा का सख्त निर्देश, यूपी की तर्ज पर मानक तय.. पढ़े पूरी डिटेल.. * खबर विस्तार से.. *बिहार न्यूज़ :पटना: बिहार की नीतीश सरकार भी अब यूपी की राह पर चल पड़ी है। यूपी तरह बिहार में मांस की बिक्री को लेकर बेहद एनडीए सरकार ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। अब राज्य में सड़कों पर या खुले में मांस की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित होगी। इतना ही नहीं, यूपी की तर्ज पर बिहार में भी मांस बिक्री करने वाली दुकानों के लिए मानक तय किए गए हैं। बिहार के डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने इसके लिए निर्देश भी जारी कर दिए हैं। आइए जानते हैं डिटेल.. बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट किया कि मांस की बिक्री केवल नियमों के दायरे में रहकर ही की जा सकेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रशासन कठोर दंडात्मक कार्रवाई करेगा। भावनाओं को आहत करना बर्दाश्त नहीं: डिप्टी सीएम विधान परिषद की दूसरी पाली में राजस्व, भूमि सुधार और नगर विकास जैसे महत्वपूर्ण विभागों के बजट पर चर्चा का जवाब देते हुए विजय सिन्हा ने कहा, ‘सड़क पर कोई भी खुले में मांस बेचकर लोगों की भावनाओं को आहत नहीं करेगा।’ सरकार ने निर्देश दिया है कि जिनके पास लाइसेंस है, वे भी नियमों के अनुकूल ही व्यापार करेंगे। डिप्टी सीएम ने जोर देकर कहा कि यह सरकार ‘भौकाल’ नहीं बनाती, बल्कि ‘सरोकार’ से समस्याओं का समाधान करती है। विजय सिन्हा ने बताया- क्यों लिया मांस ब्रिकी पर ये फैसला? इस फैसले के पीछे की वजह बताते हुए विजय कुमार सिन्हा ने दरभंगा का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वहां एक जनसंवाद के दौरान यह बात सामने आई थी कि खुले में मांस बिकने के कारण लोगों ने उस रास्ते से गुजरना ही बंद कर दिया था। इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए विभाग की ओर से तुरंत पत्र जारी कर निर्देशित किया गया कि बिहार में अब किसी भी तरह की नियम विरुद्ध व्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दुकानों पर काला पर्दा या शीशा लगाना होगा अनिवार्य उत्तर प्रदेश की तर्ज पर अब बिहार में भी मांस की दुकानों के लिए मानक तय किए गए हैं। नए नियमों के मुताबिक- दुकान के बाहर मांस को लटकाना या प्रदर्शित करना पूरी तरह प्रतिबंधित है। दुकानदारों को सामने की तरफ काला शीशा या गहरा पर्दा लगाना अनिवार्य होगा। राहगीरों को दुकान के अंदर रखा मांस दिखाई नहीं देना चाहिए। पटना में व्यापारियों में हलचल डिप्टी सीएम की मांस की बिक्री पर सख्ती की खबर से व्यापारियों में हड़कंप मच गया है। माना जा रहा है कि पटना नगर निगम और स्थानीय प्रशासन जल्द ही सघन छापेमारी अभियान शुरू करेगा, जिसमें नियम तोड़ने वालों पर भारी जुर्माना और दुकान सील करने जैसी कार्रवाई हो सकती है।
न्यूज़ हेडलाइंस: बिहार में अब खुला नहीं बिकेगा मांस विजय सिन्हा का सख्त निर्देश, यूपी की तर्ज पर मानक तय.. पढ़े पूरी डिटेल.. * न्यूज़ हेडलाइंस: बिहार में अब खुला नहीं बिकेगा मांस विजय सिन्हा का सख्त निर्देश, यूपी की तर्ज पर मानक तय.. पढ़े पूरी डिटेल.. * खबर विस्तार से.. *बिहार न्यूज़ :पटना: बिहार की नीतीश सरकार भी अब यूपी की राह पर चल पड़ी है। यूपी तरह बिहार में मांस की बिक्री को लेकर बेहद एनडीए सरकार ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। अब राज्य में सड़कों पर या खुले में मांस की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित होगी। इतना ही नहीं, यूपी की तर्ज पर बिहार में भी मांस बिक्री करने वाली दुकानों के लिए मानक तय किए गए हैं। बिहार के डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने इसके लिए निर्देश भी जारी कर दिए हैं। आइए जानते हैं डिटेल.. बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट किया कि मांस की बिक्री केवल नियमों के दायरे में रहकर ही की जा सकेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रशासन कठोर दंडात्मक कार्रवाई करेगा। भावनाओं को आहत करना बर्दाश्त नहीं: डिप्टी सीएम विधान परिषद की दूसरी पाली में राजस्व, भूमि सुधार और नगर विकास जैसे महत्वपूर्ण विभागों के बजट पर चर्चा का जवाब देते हुए विजय सिन्हा ने कहा, ‘सड़क पर कोई भी खुले में मांस बेचकर लोगों की भावनाओं को आहत नहीं करेगा।’ सरकार ने निर्देश दिया है कि जिनके पास लाइसेंस है, वे भी नियमों के अनुकूल ही व्यापार करेंगे। डिप्टी सीएम ने जोर देकर कहा कि यह सरकार ‘भौकाल’ नहीं बनाती, बल्कि ‘सरोकार’ से समस्याओं का समाधान करती है। विजय सिन्हा ने बताया- क्यों लिया मांस ब्रिकी पर ये फैसला? इस फैसले के पीछे की वजह बताते हुए विजय कुमार सिन्हा ने दरभंगा का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वहां एक जनसंवाद के दौरान यह बात सामने आई थी कि खुले में मांस बिकने के कारण लोगों ने उस रास्ते से गुजरना ही बंद कर दिया था। इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए विभाग की ओर से तुरंत पत्र जारी कर निर्देशित किया गया कि बिहार में अब किसी भी तरह की नियम विरुद्ध व्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दुकानों पर काला पर्दा या शीशा लगाना होगा अनिवार्य उत्तर प्रदेश की तर्ज पर अब बिहार में भी मांस की दुकानों के लिए मानक तय किए गए हैं। नए नियमों के मुताबिक- दुकान के बाहर मांस को लटकाना या प्रदर्शित करना पूरी तरह प्रतिबंधित है। दुकानदारों को सामने की तरफ काला शीशा या गहरा पर्दा लगाना अनिवार्य होगा। राहगीरों को दुकान के अंदर रखा मांस दिखाई नहीं देना चाहिए। पटना में व्यापारियों में हलचल डिप्टी सीएम की मांस की बिक्री पर सख्ती की खबर से व्यापारियों में हड़कंप मच गया है। माना जा रहा है कि पटना नगर निगम और स्थानीय प्रशासन जल्द ही सघन छापेमारी अभियान शुरू करेगा, जिसमें नियम तोड़ने वालों पर भारी जुर्माना और दुकान सील करने जैसी कार्रवाई हो सकती है।
- भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के शताब्दी वर्ष समारोह सह सदस्यता नवीकरण 2026 समारोह राज्य सचिव के रामनरेश पांडेय के द्वारा पार्टी के झंडा तोलनकार शेखपुरा प्रखंड के कैथमा शाखा की शुरुआत किया गया व कैलाश दास अध्यक्षता किये। समारोह को संबोधित करते हुए भाकपा के राज्य सचिव रामनरेश पाण्डेय ने कहा कि आज देश संकट के दौर से गुजर रही है, एनडीए की नेतृत्व वाली भाजपा सरकार देश के किसान मजदूर के हित न देखकर साम्राज्यवादी और पूंजीवादी देश अमेरिका के हाथ के खिलौना बन गई है। अमेरिका से सामान जो आयात होगा उसमें कोई भी टैक्स न लगा करके भारत देश के लिए मोदी सरकार आहितकर साबित हो रही है। वहीं बिहार सरकार के द्वारा लगातार जन- विरोधी नीतियों से जनता टंग और तवाह हो चुकी है। इसीलिए हमारी पार्टी ने राज्यव्यापी आंदोलन के तहत देश के सभी प्रखंड मुख्यलियों पर 26 27 और 28 फरवरी को आंदोलन रखी है। आप सभी से आग्रह कि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी को मजबूत करते हुए आंदोलन में अच्छी भागीदारी देखकर अपने हक और अधिकार की लड़ाई को आगे बढ़ावे। राज्य सचिव मंडल सदस्य इरफान अहमद फातिमी ने कहा कि देश की भाजपा सरकार पूंजीपतियों और इजरे दरों के हाथ में चली गई है इन्हें किसान मजदूरो की हिट नहीं जानता है इसीलिए अब किसानों और मजदूरों को एकताबध्द होकर आंदोलन की धार को तेज करना होगा। इस मौके पर भाकपा जिला सचिव प्रभात कुमार पाण्डेय ,अंचल निधीश कुमार गोलू ने बताया कि संपूर्ण बिहार के रास्ते शेखपुरा प्रखंड के कई गांव मे भी सरकार ने बिना वैकल्पिक व्यवस्था किया घर उजाड़ने का नोटिस जारी कर दिया है साथ ही साथ गरीबों के राशन कार्ड से नाम गरीबों का काटा जा रहा है ,बुढ़वा बुढ़िया और विधवा का पेंशन एवं गरीबों के पक्का मकान में भी कई अनियमित बङती जा रही है। इसीलिए शेखपुरा प्रखंड कार्यालय सह अंचल कार्यालय का घेराव 27 फरवरी को रखी गई है। आप सभी लोग बड़ी संख्या में जुट कर आए और आंदोलन को सफल बनावे। समारोह मे पूर्व मुखिया महादेव दास,दुर्गा मांझी, किरण मांझी, कमलेश दास ,संजय दास, चुनचुन सिंह समेत बड़ी संख्या मे औरत , मर्द और युवा शामिल हुए।4
- जाति का, का मतलब जानवर होता है,, धरम एक, भरम,, है,, इंसान जोड़ो यात्रा,, BLCP ITS ASHOK SAMRAT RAJ KUMAR PRINCE SSDBIHARCOD1081
- भारत सरकार द्वारा देश को वर्ष 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाने के उद्देश्य से विभिन्न योजनाओं और नीतियों को लागू किया जा रहा है। इसी कड़ी में प्रस्तावित “विकसित भारत जी राम जी अधिनियम 2025” का उद्देश्य समग्र विकास, सुशासन और आम नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार लाना है। अधिनियम का मुख्य उद्देश्य इस अधिनियम का लक्ष्य भारत को आर्थिक, सामाजिक और तकनीकी रूप से मजबूत बनाना है। इसके तहत ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में संतुलित विकास, रोजगार सृजन, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार तथा आधारभूत संरचना को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। प्रमुख प्रावधान देश में उद्योग, कृषि और सेवा क्षेत्र को बढ़ावा देना युवाओं के लिए कौशल विकास और रोजगार के अवसर बढ़ाना डिजिटल और तकनीकी विकास को गति देना महिलाओं, किसानों और कमजोर वर्गों के लिए विशेष योजनाएँ पारदर्शी प्रशासन और भ्रष्टाचार पर नियंत्रण ग्रामीण विकास पर विशेष फोकस अधिनियम के तहत गाँवों में सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य केंद्र और स्कूल जैसी मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाया जाएगा। साथ ही किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को आधुनिक बनाने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। सामाजिक सुरक्षा और जनकल्याण गरीब, बुजुर्ग, दिव्यांग और वंचित वर्गों के लिए सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को मजबूत किया जाएगा, ताकि विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुँच सके। देश को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में कदम विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस अधिनियम के प्रावधान प्रभावी रूप से लागू होते हैं, तो भारत तेजी से आर्थिक प्रगति करेगा और वैश्विक स्तर पर एक मजबूत शक्ति के रूप में उभरेगा। निष्कर्ष “विकसित भारत जी राम जी अधिनियम 2025” देश के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। इसका उद्देश्य केवल आर्थिक वृद्धि नहीं, बल्कि नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता में व्यापक सुधार लाना है।1
- जिंदगी का मज़ा तो खट्टे मे ही है!....पूर्व DGP गुजरात के निजी सचिव विनय बिहारी ने दिल्ली जाने से पूर्व ससुराल मे रंग ग़ुलाल से खेलते हुए...1
- मोदी राज में इन्साफ कैसे मिलेगा1
- 1 साल पुराना कोई सुधार नहीं है वारसलीगंज सांबे1
- बाढ़ में नल जल अनुरक्षक संघ की बैठक, मानदेय और सरकारी दर्जे की मांग उठी बाढ़ कचहरी स्थित एक निजी भवन के प्रेक्षागृह में नल जल अनुरक्षक संघ की बैठक आयोजित की गई। बैठक में संघ के प्रदेश प्रधान महासचिव निखिल सिंह मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इस दौरान प्रदेशभर के नल-जल अनुरक्षकों से जुड़े विभिन्न मुद्दों और मांगों पर चर्चा की गई। बैठक को संबोधित करते हुए निखिल सिंह ने कहा कि पूरे प्रदेश में कार्यरत नल-जल अनुरक्षक वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उन्हें अब तक न्यायसंगत मानदेय और सरकारी कर्मी का दर्जा नहीं मिला है। उन्होंने मांग की कि अनुरक्षकों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए, क्योंकि वे इसके हकदार हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने योजना के लिए जमीन दी है और जिन्होंने नहीं भी दी है, सभी अनुरक्षक सालों भर नियमित रूप से काम करते हैं। ऐसे में सभी को अनुरक्षण कर्मी के रूप में मान्यता और उचित सुविधा मिलनी चाहिए। प्रधान महासचिव ने कहा कि सरकार का एजेंडा लाखों लोगों को रोजगार देने का है, लेकिन जब तक लाखों घरों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित नहीं होगी, तब तक जनस्वास्थ्य बेहतर नहीं हो सकता। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि जनता ही बीमार रहेगी तो सरकार स्वस्थ समाज का लक्ष्य कैसे पूरा करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि नल-जल योजना में किसी प्रकार की तकनीकी खराबी—जैसे पाइप टूटना, गंदा पानी आना या नियमित जलापूर्ति बाधित होना—की स्थिति में लोगों की नाराजगी अनुरक्षकों को ही झेलनी पड़ती है। उन्हें दुत्कार और फटकार का सामना करना पड़ता है, जबकि संसाधनों और अधिकारों की कमी बनी रहती है। बैठक के अंत में संघ ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक वे सरकार से लगातार अपनी आवाज उठाते रहेंगे।1
- अरारी गांव में 11 उपभोक्ताओं का बिजली कनेक्शन कटा, 13,460 रुपये की वसूली लोहान पंचायत अंतर्गत अरारी गांव में बिजली विभाग द्वारा बकाया राशि को लेकर सख्ती बरती गई। मंगलवार को चलाए गए विशेष अभियान के तहत कुल 11 उपभोक्ताओं का बिजली कनेक्शन काट दिया गया। इस दौरान विभाग ने बकाया धारकों से 13,460 रुपये की वसूली भी की। इस संबंध में जानकारी देते हुए विभाग के कनीय अभियंता (जेई) राजकुमार प्रसाद ने बताया कि लंबे समय से बकाया राशि का भुगतान नहीं करने वाले उपभोक्ताओं के विरुद्ध यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा पूर्व में भी नोटिस जारी कर उपभोक्ताओं से समय पर बिजली बिल जमा करने की अपील की गई थी, बावजूद इसके भुगतान नहीं होने पर कनेक्शन विच्छेद की कार्रवाई की गई। अभियान मंगलवार की शाम लगभग 5 बजे तक चला। इस दौरान विभागीय कर्मियों की टीम गांव में मौजूद रही और बकाया उपभोक्ताओं से संपर्क कर राशि जमा कराने का प्रयास किया गया। जेई ने स्पष्ट किया कि जो उपभोक्ता अपना बकाया शीघ्र जमा कर देंगे, उनका कनेक्शन नियमानुसार पुनः बहाल कर दिया जाएगा। बिजली विभाग ने सभी उपभोक्ताओं से समय पर बिल भुगतान करने की अपील की है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की कार्रवाई से बचा जा सके।1